अंतरराष्ट्रीय
दूसरा टी20 : भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया, सीरीज में बनाई 2-0 की अजेय बढ़त
केएल राहुल (65) की ताबड़तोड़ पारी की बदौलत यहां जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार को खेले जा रहे टी20 दूसरे मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी। इसी जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए कीवी टीम ने 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 153 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम रनों का पीछा करने उतरी 17.2 ओवरों में ही 155 बनाकर लक्ष्य को पूरा कर लिया। टीम की ओर से सलामी बल्लेबाज कप्तान रोहित शर्मा और राहुल के बीच 80 गेंदों में 117 रनों की साझेदारी हुई।
न्यूजीलैंड की ओर से कप्तान टिम साउदी ने तीन विकेट झटके।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की और पावरप्ले में बिना किसी नुकसान के 45 रन बनाए। इस दौरान, कप्तान शर्मा और राहुल ने शानदार बल्लेबाजी की और तेज गति से रन जोड़े। इस बीच, सातवें ओवर में भारत का स्कोर 50 के पार हो गया। वहीं, सेंटनर के 10वें ओवर में कप्तान रोहित ने दो जबरदस्त छक्के लगाए, जिससे टीम का स्कोर 79 रन पर पहुंच गया।
इस दौरान, राहुल ने 40 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जिससे 11.2 ओवर में भारत का रन 100 के पार हो गया। इसी के साथ ही कप्तान शर्मा और राहुल के बीच 70 गेंदों में 100 रनों की साझेदारी संपन्न हुई। फिर भी दोनों ने धुआंधार बल्लेबाजी जारी रखी और कीवी गेंदबाजों पर हावी होते रहे।
लेकिन, 14वें ओवर में राहुल छह चौके और दो छक्कों की मदद से 49 गेंदों में 65 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए वेंकटेश अय्यर ने कप्तान शर्मा के साथ पारी को आगे बढ़ाया। इस बीच, भारत को जीतने के लिए 36 गेंदों में 32 रन चाहिए थे।
इस बीच, कप्तान शर्मा ने भी छक्का जड़कर 35 गेंदों में अर्धशतक ठोका। लेकिन, कप्तान साउदी की गेंद पर गलत शॉट खेलकर कप्तान शर्मा एक चौका और पांच छक्कों की मदद से 36 गेंदों में 55 रन बनाकर आउट हो गए। चौथे नंबर आए पिछले मैच के हीरो सूर्यकुमार यादव भी बिना खाता खोले की कप्तान साउदी के शिकार बन गए।
पांचवें नंबर पर आए ऋषभ पंत और अय्यर ने मिलकर भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया। इसके बाद, पंत ने लगातार दो छक्के लगाकर 16 गेंदें शेष रहते 155 रन बना दिए। पंत और अय्यर 12-12 नाबाद रन बनाकर भारत को जीत दिलाई।
इससे पहले, बल्लेबाजी के लिए उतरी कीवी टीम की शुरुआत बेहतर रही। उनके सलामी बल्लेबाजों ने धुआंधार बल्लेबाजी की और टीम का स्कोर पांच ओवरों में 50 के पार पहुंचा दिया। इस तरह से पावरप्ले में उन्होंने एक विकेट गंवाकर 64 जोड़ दिए। इस दौरान, मार्टिन गुप्टिल तीन चौके दो छक्कों की मदद से 15 गेंदों में 31 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
तीसरे नंबर पर आए मार्क चैपमैन ने डेरिल मिशेल के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया, लेकिन चैपमैन (21) ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए और अक्षर की गेंद पर आउट हो गए, जिससे न्यूजीलैंड ने 10 ओवरों में दो विकेट के नुकसान पर 80 से ऊपर रन बनाए। चौथे स्थान पर आए ग्लेन फिलिप्स ने मिशेल के साथ मिलकर बीच के ओवरों में संभलकर खेला। इस दौरान, भारतीय गेंदबाजों ने कीवियों को तेज गति से रन नहीं बनाने दिया।
टी20 में डेब्यू करने वाले हर्षल पटेल ने मिशेल (31) को अपना पहला शिकार बनाया। पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए टिम सीफर्ट ने फिलिप्स के साथ टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया, जिससे टीम का स्कोर 15 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 125 रन पहुंच गया। लेकिन, 16वें ओवर में सीफर्ट ने एक चौके की मदद से 15 गेंदों में 13 रन बनाकर अश्विन को अपनी विकेट झोली में दे दी।
छठे स्थान पर बल्लेबाजी करने आए जेम्स नीशम ने फिलिप्स का साथ दिया, जिसके बाद फिलिप्स ने कुछ अच्छे शॉट लगाए। लेकिन, 17वें ओवर में फिलिप्स एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 21 गेंदों में 34 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद, आठवें नंबर पर आए बल्लेबाज मिशेल सेंटनर और नीशम ने बेहद धीमी बल्लेबाजी की। वहीं, 18वें ओवर में नीशम (3) को भुवनेश्वर ने चलता किया।
इसके साथ ही सेंटनर (8) और एडम मिल्ने (5) के नाबाद रनों की बदौलत न्यूजीलैंड का स्कोर छह विकेट के नुकसान पर 153 रन पहुंच सका। वहीं, भारत की ओर से हर्षल पटेल ने सबसे ज्यादा दो विकेट चटकाए। भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, अक्षर पटेल और आर अश्विन ने एक-एक विकेट लिया।
अंतरराष्ट्रीय
अंतरिक्ष विभाग में उप सचिव सहित 60 पदों पर निकली भर्ती, 56 वर्ष के उम्मीदवार भी पात्र, तुरंत करें आवेदन

भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक सुनहरा मौका सामने आया है। दरअसल, बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष विभाग सचिवालय ने प्रतिनियुक्ति के आधार पर ग्रुप-ए और ग्रुप-बी के विभिन्न 60 पदों को भरने के लिए उम्मीदवारों से आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन आमंत्रित किए हैं।
अंतरिक्ष विभाग सचिवालय की ओर से जारी 60 रिक्तियों में सीनियर हेड-ऑडिट का 1, प्रधान वेतन एवं लेखा अधिकारी का 1, उप सचिव के 2, अवर सचिव के 11, सीनियर ऑडिट ऑफिसर के 4, प्रधान लेखा अधिकारी का 1, लेखापरीक्षा अधिकारी के 5, लेखा अधिकारी का 1, प्रधान कर्मचारी अधिकारी का 1, वरिष्ठ प्रधान निजी सचिव का 1, प्रमुख निजी सचिव के 3, सहायक निदेशक (राजभाषा) का 1, सहायक अनुभाग अधिकारी के 17, निजी सचिव के 6, पर्सनल असिस्टेंट के 3 और वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी के 2 पद शामिल हैं।
इन सभी पोस्ट के लिए ऑफलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 9 अक्टूबर से जारी है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि संबंधित रिक्तियों के लिए विज्ञापन जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर यानी 8 नवंबर तक तय की गई है। ऐसे में जो पात्र और इच्छुक उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, उन्हें तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जाती है।
आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को पद से संबंधित क्षेत्र में नियमित आधार पर समकक्ष पद पर कार्यरत होना चाहिए। इसके अलावा, कैंडिडेट्स के पास प्रासंगिक क्षेत्र में तय वर्षों का अनुभव होना भी जरूरी है। आवेदकों की अधिकतम आयु 56 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि के आधार पर की जाएगी।
प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों के चयन के लिए विभाग में गठित एक चयन समिति द्वारा पात्र उम्मीदवारों के सेवा रिकॉर्ड का मूल्यांकन और उनके पिछले प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को एक पैनल में शामिल किया जाएगा और यह पैनल शामिल किए जाने की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए मान्य होगा। वहीं, चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी पोस्ट के अनुसार वेतन स्तर-7 से 13 के बीच प्रति माह होगी।
आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले इसरो की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां संबंधित पदों के लिए दिए गए एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट निकाल लें। फिर फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियों को दर्ज करें। संबंधित सभी डॉक्यूमेंट्स को आवेदन के साथ अटैच करें। इसके बाद सभी को एक लिफाफे में डालकर उसे ‘निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन), अंतरिक्ष विभाग, अंतरिक्ष भवन, न्यू बीईएल रोड, बेंगलुरु – 560 094’ पते पर तय समय सीमा के अंदर डाक के माध्यम से पहुंचा दें।
कैंडिडेट्स ध्यान दें कि यह नियुक्ति प्रतिनियुक्ति के आधार पर पांच वर्षों की अवधि के लिए की जाएगी, जिसे विभाग की आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया या घटाया जा सकता है। वहीं, अभ्यर्थियों को रिक्तियों से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए इसरो की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित पदों के लिए जारी विस्तृत विज्ञापन को चेक करने की सलाह दी जाती है।
अंतरराष्ट्रीय
कुवैत ने नेतन्याहू की सीरिया यात्रा को बताया ‘संप्रभुता का उल्लंघन’

कुवैत ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीरिया दौरे पर घोर आपत्ति की है। कड़ी निंदा करते हुए इसे “अवैध प्रवेश” करार दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सीरिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह “अपने भाई सीरियाई अरब गणराज्य की भूमि में इजरायली प्रधानमंत्री के अवैध प्रवेश” की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
बयान में कहा गया कि नेतन्याहू का सीरिया में प्रवेश देश की संप्रभुता और उसकी भूमि की अखंडता का “घोर उल्लंघन” है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन बताया।
कुवैत ने सीरिया में इजरायल की लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाइयों पर भी चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं और सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर कर रही हैं।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में इजरायल की लगातार कार्रवाइयां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों के खिलाफ रुख अपनाने और सीरिया की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां सीरिया में इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर अरब देशों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आती रही हैं। कुवैत ने अपने बयान में सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान को अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
दरअसल, नेतन्याहू रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और आईडीएफ के डिप्टी चीफ-ऑफ-स्टाफ मेजर-जनरल तामिर यदाई के साथ बुधवार को इजरायली कब्जे वाले दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अपने दम के बल पर इजरायल ने रणनीतिक रूप से अहम स्थलों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रखा है। दक्षिणी सीरिया में, इजरायली सैनिक एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं; वे दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासक रहे बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों में आगे बढ़े थे।
इजरायल उस इलाके में मौजूद है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था; यह जोन 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स में इजरायली और सीरियाई सेनाओं को अलग करता था।।
अंतरराष्ट्रीय
मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।
गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”
गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”
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