अंतरराष्ट्रीय
दूसरा वनडे : भारत ने वेस्टइंडीज को 44 रनों से दी मात, सीरीज में बनाई 2-0 की अजेय बढ़त
प्रसिद्ध कृष्णा (4/12) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत यहां नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बुधवार को खेले गए तीन मैचों की सीरीज के दूसरे वनडे में भारत वेस्टइंडीज के खिलाफ छोटे स्कोर को भी बचाने में कामयाब रहा और 44 रनों से मुकाबला जीत लिया। इसी के साथ भारतीय टीम ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। भारत के 237 रनों के जवाव में वेस्टइंडीज टीम 46 ओवरों में 193 रनों पर सिमट गई। टीम की ओर से सबसे ज्यादा शमरह ब्रूक्स 44 और अकील हुसैन ने 34 रन बनाए।
भारत की ओर से सबसे ज्यादा प्रसिद्ध कृष्णा ने चार विकेट अपने नाम किए। वहीं, शार्दुल ठाकुर ने दो विकेट चटकाए, जबकि युजवेंद्र चहल, मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर और दीपक हुड्डा ने एक-एक विकेट लिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज टीम को 38 रनों पर ही दो झटके लगे, क्योंकि ब्रैंडन किंग (18) और डैरेन ब्रावो (1) प्रसिद्ध कृष्णा के शिकार बने। दूसरी छोर पर सलामी बल्लेबाज शाई होप शानदार टच में दिख रहे थे, लेकिन वह तीन चौके की मदद से 27 रन बनाकर चहल की गेंद पर सूर्यकुमार यादव के हाथों कैच आउट हो गए।
इसके बाद, मैदान पर कप्तान निकोलस पूरन और शमरह ब्रूक्स ने लड़खड़ाती पारी को संभाला और लक्ष्य का पीछा करने का प्रयास किया। इस बीच, 17वें ओवर में चहल की गेंद पर पूरन ने छक्का जड़ा। लेकिन कप्तान पूरन ज्यादा देर टिक न सके और 9 रन बनाकर प्रसिद्ध की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। 20 ओवरों के बाद टीम का स्कोर चार विकेट के नुकसान पर 66 रन बन गए थे, जीतने के लिए अभी भी 172 रनों की जरूरत थी।
छठे स्थान पर आए इनफॉर्म बल्लेबाज जेसन होल्डर (2) भी शार्दुल ठाकुर की गेंद पर कैच आउट हो गए। इसके बाद अकील हुसैन ने ब्रूक्स के साथ मिलकर 54 गेंदों में 41 रनों की साझेदारी की, लेकिन दीपक हुड्डा ने इस साझेदारी को ज्यादा देर तक जमने नहीं दिया और ब्रूक्स को 44 रनों पर पवेलियन भेज दिया। 31 ओवरों के बाद टीम का स्कोर छह विकेट के नुकसान पर 117 रन हो चुका था। अभी भी वेस्टइंडीज को 121 रनों की आवश्यकता थी।
आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए फैबियन एलेन ने हुसैन के साथ मिलकर लक्ष्य का पीछा करने की कोशिश की। दोनों ने मिलकर 49 गेंदों में 42 रनों की सबसे बड़ी साझेदारी की। लेकिन सिराज ने एलेन (13) को पंत के हाथों कैच आउट करा दिया। इस समय तक टीम का स्कोर 39वें ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 159 रन हो चुके थे। अब वेस्टइंडीज को जीतने के लिए 66 गेंदों में 79 रनों की जरूरत थी।
इसके बाद, वेस्टइंडीज को आठवां झटका शार्दुल ने दिया, जब हुसैन (34) को पंत के हाथों कैच करवाकर वापस भेज दिया। नौवें नंबर आए ओडियन स्मिथ ने शार्दुल को दो गेंदों में दो छक्के लगाकर लक्ष्य को कम करने की कोशिश की। लेकिन वह 24 रन बनाकर सुंदर की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद केमार रोच (0) को प्रसिद्ध ने एलबीडब्ल्यू आउट कर चौथा शिकार अपने नाम किया। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम 46 ओवरों में 193 रनों पर ढेर हो गई, जिससे यह मैच भारत 44 रनों से जीत गया और सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही, क्योंकि वेस्टइंडीज ने 43 रनों के अंदर ही भारत को तीन झटके दिए। इस दौरान, सलामी बल्लेबाज कप्तान रोहित शर्मा (5), ऋषभ पंत (18) और विराट कोहली (18) जल्द ही पवेलियन लौट गए। भारत की लड़खड़ाती पारी को एक बार फिर सूर्यकुमार यादव ने केएल राहुल के साथ मिलकर संभाला और स्कोर 100 रनों के पार पहुंचा दिया।
29 ओवरों के बाद भारत का स्कोर तीन विकेट के नुकसान पर 130 रन बन गए थे। लेकिन अगले ही ओवर में राहुल चार चौके और दो छक्के की मदद से 49 रन बनाकर आउट हो गए और इसी के साथ सूर्यकुमार के साथ उनकी 90 रनों की साझेदारी का अंत हो गया। इसके बाद, छठे नंबर पर आए वाशिंगटन सुंदर ने सूर्यकुमार के साथ मिलकर स्कोर बोर्ड को आगे बढ़ाया।
इस बीच, सूर्यकुमार ने 70 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जिससे 37 ओवरों में भारत का स्कोर चार विकेट के नुकसान पर 165 रन हो गया। लेकिन तेज गति से रन बनाने के चक्कर में सूर्यकुमार (64) फैबियन एलेन की गेंद पर अल्जारी जोसेफ को कैच दे बैठे। भारत को 39वें ओवर में 177 रनों पर पांचवां झटका लगा। इसके बाद सुंदर (24) भी अकील हुसैन के शिकार बन गए।
47वें ओवर में शार्दुल ठाकुर (8) को जोसेफ ने कैच आउट कराया, जिससे भारत को 212 रनों पर सातवां झटका लगा। एक छोर पर भारत के विकेट गिरते चले गए। वहीं, दूसरी छोर पर दीपक हुड्डा भारत के लिए महत्वपूर्ण रन जोड़ रहे थे। मोहम्मद सिराज (3) जोसेफ ने शाई होप के हाथों कैच आउट कराया। आखिरकार हुड्डा 29 रन बनाकर होल्डर को अपना विकेट थमा बैठे। इसके बाद युजवेंद्र चहल (11 नाबाद) और प्रसिद्ध कृष्णा (0 नाबाद) ने भारत के स्कोर को 50 ओवरों में नौ विकेट के नुकसान पर 237 रन पहुंच दिया।
वेस्टइंडीज की ओर से ओडियन स्मिथ और अल्जारी जोसेफ ने दो-दो विकेट चटकाए। वहीं केमार रोच, जेसन होल्डर, फैबियन एलेन और अकील हुसैन ने एक-एक विकेट लिया।
अंतरराष्ट्रीय
अंतरिक्ष विभाग में उप सचिव सहित 60 पदों पर निकली भर्ती, 56 वर्ष के उम्मीदवार भी पात्र, तुरंत करें आवेदन

भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक सुनहरा मौका सामने आया है। दरअसल, बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष विभाग सचिवालय ने प्रतिनियुक्ति के आधार पर ग्रुप-ए और ग्रुप-बी के विभिन्न 60 पदों को भरने के लिए उम्मीदवारों से आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन आमंत्रित किए हैं।
अंतरिक्ष विभाग सचिवालय की ओर से जारी 60 रिक्तियों में सीनियर हेड-ऑडिट का 1, प्रधान वेतन एवं लेखा अधिकारी का 1, उप सचिव के 2, अवर सचिव के 11, सीनियर ऑडिट ऑफिसर के 4, प्रधान लेखा अधिकारी का 1, लेखापरीक्षा अधिकारी के 5, लेखा अधिकारी का 1, प्रधान कर्मचारी अधिकारी का 1, वरिष्ठ प्रधान निजी सचिव का 1, प्रमुख निजी सचिव के 3, सहायक निदेशक (राजभाषा) का 1, सहायक अनुभाग अधिकारी के 17, निजी सचिव के 6, पर्सनल असिस्टेंट के 3 और वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी के 2 पद शामिल हैं।
इन सभी पोस्ट के लिए ऑफलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 9 अक्टूबर से जारी है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि संबंधित रिक्तियों के लिए विज्ञापन जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर यानी 8 नवंबर तक तय की गई है। ऐसे में जो पात्र और इच्छुक उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, उन्हें तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जाती है।
आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को पद से संबंधित क्षेत्र में नियमित आधार पर समकक्ष पद पर कार्यरत होना चाहिए। इसके अलावा, कैंडिडेट्स के पास प्रासंगिक क्षेत्र में तय वर्षों का अनुभव होना भी जरूरी है। आवेदकों की अधिकतम आयु 56 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि के आधार पर की जाएगी।
प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों के चयन के लिए विभाग में गठित एक चयन समिति द्वारा पात्र उम्मीदवारों के सेवा रिकॉर्ड का मूल्यांकन और उनके पिछले प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को एक पैनल में शामिल किया जाएगा और यह पैनल शामिल किए जाने की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए मान्य होगा। वहीं, चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी पोस्ट के अनुसार वेतन स्तर-7 से 13 के बीच प्रति माह होगी।
आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले इसरो की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां संबंधित पदों के लिए दिए गए एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट निकाल लें। फिर फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियों को दर्ज करें। संबंधित सभी डॉक्यूमेंट्स को आवेदन के साथ अटैच करें। इसके बाद सभी को एक लिफाफे में डालकर उसे ‘निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन), अंतरिक्ष विभाग, अंतरिक्ष भवन, न्यू बीईएल रोड, बेंगलुरु – 560 094’ पते पर तय समय सीमा के अंदर डाक के माध्यम से पहुंचा दें।
कैंडिडेट्स ध्यान दें कि यह नियुक्ति प्रतिनियुक्ति के आधार पर पांच वर्षों की अवधि के लिए की जाएगी, जिसे विभाग की आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया या घटाया जा सकता है। वहीं, अभ्यर्थियों को रिक्तियों से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए इसरो की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित पदों के लिए जारी विस्तृत विज्ञापन को चेक करने की सलाह दी जाती है।
अंतरराष्ट्रीय
कुवैत ने नेतन्याहू की सीरिया यात्रा को बताया ‘संप्रभुता का उल्लंघन’

कुवैत ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीरिया दौरे पर घोर आपत्ति की है। कड़ी निंदा करते हुए इसे “अवैध प्रवेश” करार दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सीरिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह “अपने भाई सीरियाई अरब गणराज्य की भूमि में इजरायली प्रधानमंत्री के अवैध प्रवेश” की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
बयान में कहा गया कि नेतन्याहू का सीरिया में प्रवेश देश की संप्रभुता और उसकी भूमि की अखंडता का “घोर उल्लंघन” है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन बताया।
कुवैत ने सीरिया में इजरायल की लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाइयों पर भी चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं और सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर कर रही हैं।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में इजरायल की लगातार कार्रवाइयां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों के खिलाफ रुख अपनाने और सीरिया की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां सीरिया में इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर अरब देशों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आती रही हैं। कुवैत ने अपने बयान में सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान को अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
दरअसल, नेतन्याहू रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और आईडीएफ के डिप्टी चीफ-ऑफ-स्टाफ मेजर-जनरल तामिर यदाई के साथ बुधवार को इजरायली कब्जे वाले दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अपने दम के बल पर इजरायल ने रणनीतिक रूप से अहम स्थलों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रखा है। दक्षिणी सीरिया में, इजरायली सैनिक एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं; वे दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासक रहे बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों में आगे बढ़े थे।
इजरायल उस इलाके में मौजूद है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था; यह जोन 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स में इजरायली और सीरियाई सेनाओं को अलग करता था।।
अंतरराष्ट्रीय
मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।
गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”
गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”
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