राष्ट्रीय
ग्रेटर नोएडा में 26,530 करोड़ रुपए का हुआ निवेश
यूपी के शो विंडो कहे जाने वाले गौतमबुद्धनगर जिले में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में इंवेस्टर फ्रेंडली नीतियों से प्रभावित होकर देश और विदेश के 391 बड़े निवेशकों ने ग्रेटर नोएडा में अपनी फैक्ट्री स्थापित करने के लिए जमीन ली है। ये निवेशक 26,530 करोड़ रुपए का निवेश कर ग्रेटर नोएडा में अपनी फैक्ट्री लगा रहे हैं। इन निवेशकों की फैक्ट्रियों में 71,501 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा। 40 प्रतिशत से अधिक लोग स्थानीय युवाओं को इन फैक्ट्रियों में रोजगार मिलेगा। कोरोना संकट के दौरान भी 46 निवेशकों ने अपनी फैक्ट्री लगाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से भूमि खरीदी है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उनकी मांग पूरी करने के लिये आठ नए औद्योगिक सेक्टर बसा रहा है। इसके लिए करीब 900 हेक्टेयर जमीन प्राधिकरण खरीद रहा है।
सूबे की आईटी तथा मैन्युफैक्च रिंग पालिसी, फूड प्रोसेसिंग नीति और सौर ऊर्जा सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए दी गई रियायतों के चलते तमाम बड़े निवेश राज्य में अपनी यूनिट लगाने को महत्व दे रहे हैं। इसके तहत ही बीते साढ़े चार वर्षों में देश एवं विदेश के 391 बड़े निवशक 26,530 करोड़ रुपए का निवेश कर ग्रेटर नोएडा में अपनी फैक्ट्री लगा रहे हैं। चीन की विख्यात कंपनी ओप्पो और विवो भी ग्रेटर नोएडा में निवेश कर रही हैं। इसके अलावा हिरानादानी ग्रुप, ड्रीम्सटच इलेक्ट्रानिक्स, इनोक्स एयर, लेमी प्लास्टिक मैन्युफैक्च रिंग जैसी कंपनियों ने अपना उद्यम स्थापित करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जमीन खरीदी है।
अधिकारियों के अनुसार बीते एक साल में ग्रेटर नोएडा में फैक्ट्री लगाने के इच्छुक 46 निवेशकों को 1000 वर्ग मीटर से 20 एकड़ तक के भूखंड प्राधिकरण ने उपलब्ध कराए गए। ये 48 निवेशक 2000 करोड़ रुपये का निवेश कर यहां पानी फैक्ट्री लगाएंगे जिसमें करीब 8,200 लोगों को रोजगार मिलेगा। कई और बड़ी कंपनियां भी ग्रेटर नोएडा में निवेश के लिए जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह कर रही हैं। नोएडा में निवेश के इच्छुक इन निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराने ले लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब आठ नए औद्योगिक सेक्टर बसा रहा है। इसके लिए करीब 900 हेक्टेयर जमीन प्राधिकरण खरीद रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, जेवर में एयरपोर्ट को हरी झंडी मिलने के बाद से ही इस क्षेत्र में बड़ी कंपनियों का रुझान बढ़ता जा रहा है। बड़ी -बड़ी कंपनियां यहां निवेश को लगातार उत्सुक हैं। इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और डीएमआईसी के संयुक्त उपक्रम आईआईटीजीएनएल की तरफ से करीब 750 एकड़ में इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप बसाई जा रही है। इसमें हायर इलेक्ट्रॉनिक्स, फोर्मे मोबाइल, सत्कृति इंफोटेनमेंट, चेनफेंग (एलईडी कंपनी) और जे वल्र्ड इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं। हायर कंपनी 3069 करोड़, फोर्मे मोबाइल 100 करोड़, सत्कृति इंफोटेनमेंट 235 करोड़, चेनफेंग (एलईडी) 206 करोड़ और जे वल्र्ड इलेक्ट्रॉनिक्स 100 करोड़ रुपए का निवेश कर ग्रेटर नोएडा में अपनी फैक्ट्री लगाएंगी। इन पांच कंपनियों द्वारा ग्रेटर नोएडा में किए जाने वाले निवेश से 9225 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा।
अपर मुख्य सचिव का कहना है कि ग्रेटर नोएडा में निवेश आने का क्रम लगातार जारी है। इससे आने वाले समय मे अच्छा रोजगार उत्पन्न होगा। युवाओं को अवसर मिलेंगे।
राजनीति
यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में सीएम योगी बोले- उत्तर प्रदेश अब माफिया नहीं, निवेश और रोजगार की पहचान

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के मंच से प्रदेश की बदली तस्वीर और सरकार की आर्थिक नीति का सियासी खाका पेश किया।
लखनऊ में मंगलवार को यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन करते हुए सीएम योगी ने एक ओर उत्तर प्रदेश की हजारों वर्ष पुरानी वस्त्र परंपरा को वैश्विक बाजार से जोड़ने का संकल्प जताया, तो दूसरी ओर 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था और निवेश के माहौल पर विपक्ष को घेरा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब दंगा, माफिया और वसूली से नहीं, बल्कि निवेश, रोजगार और विकास से हो रही है। प्रदेश में आज कानून का राज है और अपराध तथा अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है। पहले निवेशक कारोबार की उम्मीद लेकर आते थे और वसूली की पर्ची लेकर लौटते थे, लेकिन अब व्यापारी और निवेशक सुरक्षित माहौल में कारोबार कर सकते हैं।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में आए दिन दंगे होते थे और माफिया सत्ता के समानांतर अपनी व्यवस्था चलाते थे। यूपी के नागरिकों को दूसरे राज्यों में किराए का मकान और होटल में कमरा तक मिलने में दिक्कत होती थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में उद्योग लगाने की कल्पना करना भी मुश्किल था, जबकि आज यूपी दंगा और कर्फ्यू मुक्त प्रदेश है।
उन्होंने टेक्सटाइल क्षेत्र को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा आधार बताते हुए कहा कि प्रदेश के पास विरासत, हुनर, मानव संसाधन और देश का बड़ा बाजार मौजूद है। बनारस के रेशम से लेकर भदोही के कालीन और कानपुर के औद्योगिक आधार तक प्रदेश की अपनी मजबूत टेक्सटाइल पहचान है। वैदिक साहित्य, रामायण और महाभारत में भी काशी के वस्त्रों का उल्लेख मिलता है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई पहचान मिल चुकी है और करीब पांच लाख बुनकर इस क्षेत्र से जुड़े हैं। देश के कुल फैब्रिक उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत है। सरकार का लक्ष्य फाइबर से लेकर तैयार उत्पाद और वैश्विक बाजार तक पूरी मूल्य श्रृंखला प्रदेश में विकसित करना है। उत्तर प्रदेश को केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाना है।
उन्होंने एमएसएमई को उप-ठेकेदार से निर्यातक और बुनकरों को सप्लायर से ब्रांड मालिक बनाने पर जोर दिया। प्रदेश में 36 सेक्टर आधारित नीतियां और करीब 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए ऑनलाइन प्रोत्साहन वितरण और योजनाओं की मुख्यमंत्री कार्यालय से निगरानी की व्यवस्था है।
उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है। टेक्सटाइल क्षेत्र में करीब 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। संत कबीर टेक्सटाइल पार्क के तहत 10 पार्क विकसित करने की योजना है, जिनमें पांच पर काम शुरू हो चुका है।
कॉन्क्लेव में उद्योग जगत ने भी यूपी में निवेश की संभावनाओं को स्वीकार किया। साथ ही कुशल श्रमशक्ति, प्रसंस्करण इकाइयों, टेक्सटाइल मशीनरी और तकनीकी वस्त्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस तरह टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के जरिए योगी सरकार ने विकास और निवेश के साथ अपनी कानून-व्यवस्था की उपलब्धियों को भी चुनावी विमर्श के केंद्र में रखने का संकेत दिया।
राजनीति
राहुल गांधी को हाईकोर्ट से झटका, ‘चौकीदार चोर है’ वाले मामले को रद्द करने से अदालत ने किया इनकार

बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित ‘चौकीदार चोर है’ की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ा झटका लगा है। उनकी इस टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि केस रद्द करने से हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया है।
इस मामले में राहुल गांधी ने मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से जारी समन को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। उनकी ओर से तर्क दिया गया था कि शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है। उनकी ओर से कहा गया था कि कथित बयान में किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया था और न ही किसी ‘पहचाने जा सकने वाले या निश्चित वर्ग’ को निशाना बनाया था।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस नितिन बोरकर की सिंगल बेंच ने राहुल गांधी की दलील को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा एक पंजीकृत राष्ट्रीय राजनीतिक दल है और इसलिए वह निश्चित रूप से एक पहचान योग्य संस्था है। कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता का दावा है कि वह दो दशक से भाजपा का सक्रिय सदस्य रहा है। पहली नजर में प्रधानमंत्री को, जो भाजपा के सदस्य हैं, ‘कमांडर-इन-थीफ’ बताने वाले बयान को सिर्फ पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व तक सीमित नहीं माना जा सकता। कोर्ट के मुताबिक, इस बयान का वास्तविक आशय क्या था और इसका पार्टी के सदस्यों पर क्या प्रभाव पड़ा, यह सवाल मुकदमे के दौरान विचार किया जाना है।
राहुल गांधी के वकील सुदीप पासबोला ने हाईकोर्ट में दलील दी कि कथित ट्वीट में राहुल गांधी ने भाजपा या किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया था। उन्होंने कहा कि किसी ‘पहचाने जा सकने वाले या निश्चित वर्ग’ को निशाना नहीं बनाया गया है। ऐसे में कोई स्पष्ट रूप से पीड़ित व्यक्ति या समूह मौजूद नहीं है, इसलिए शिकायतकर्ता के पास आपराधिक मानहानि का मामला चलाने का अधिकार नहीं है।
राहुल गांधी की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से भी विरोध किया गया। महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल की ओर से कहा गया कि कोर्ट को यह देखना होगा कि मानहानि के अपराध के लिए जरूरी तत्व मौजूद हैं या नहीं। साथ ही यह भी देखना होगा कि क्या टिप्पणी किसी निश्चित एवं पहचान योग्य समूह से संबंधित थी।
राजनीति
पीएम मोदी ने वडोदरा में 35 हजार करोड़ की परियोजनाओं का किया शिलान्यास और लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में करीब 35 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित किया।
पीएम मोदी ने कहा, “महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी का ये मैदान, अलग-अलग फील्ड में काम करने वाले सभी साथियों का साथ और विकास का ये उत्सव, यहां सब कुछ एक साथ हो रहा है।”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में गुजरात के लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “आज मैं विकसित भारत की यात्रा को और गति देने के लिए आपके बीच आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां देश के विकास से जुड़े हजारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है।”
पीएम मोदी ने वडोदरा के लोगों की तारीफ करते हुए कहा, “इस विकास पर्व में आप सभी ने जिस सेवाभाव से पूरे वडोदरा शहर में स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया है, इसके लिए मैं वडोदरा के हर एक नागरिक को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं और उनकी सराहना करता हूं।”
उन्होंने कहा, “जिस तरह से आपने ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान चलाया है, उसके लिए भी मैं आपको बधाई देता हूं।” पीएम मोदी ने कहा कि हर परिवार में स्वच्छता का वातावरण बन गया है। उन्होंने कहा, “इस बार जब गणेश जी पधारेंगे तो सारे आशीर्वाद बरसेंगे।”
उन्होंने कहा, “इस वर्ष लाल किले से मैंने विकसित भारत के लिए संकल्प की सप्तधारा का आह्वान किया है। इस सप्तधारा में एक धारा गतिशक्ति की भी है। विकसित भारत के लिए हमें ऐसी कनेक्टिविटी चाहिए, जो सुगम भी हो और जमाने के हिसाब से जरा तेज भी हो।”
वडोदरा को गतिशक्ति यूनिवर्सिटी का शहर बताते हुए पीएम ने कहा, “आज यहां से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गई हैं। आज 2,800 किमी से अधिक का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। ये 21वीं सदी के भारत के लिए बहुत ऐतिहासिक कार्य संपन्न हुआ है।”
इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई सांसद और नेता मौजूद रहे।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
