महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में सितंबर के बाद शुक्रवार को कोरोना से 103 लोगों की मौत
महाराष्ट्र में लगभग पांच महीनों के बाद कोरोना मामलों से होने वाली मौतों में इजाफा हुआ है और शुक्रवार को यहां 103 लोगों की मौत हुई । राज्य में इस समय ओमिक्रोन थोड़ा नियंत्रण में दिखाई पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को 103 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इससे पहले गुरूवार को 42 लोगों की मौत हुई थी। इस समय राज्य में मृत्यु दर 1.86 प्रतिशत बनी हुई है। इससे पहले राज्य में एक सितंबर को एक ही दिन में 183 लोगों की मौत हुई थी।
राज्य में 22 जनवरी को ओमिक्रोन के 416 मामले सामने आए थे और आज 110 मामले दर्ज किए गए है और शुक्रवार तक ऐसे कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3040 हो गई है। यह संक्रमण अब राज्य के कई जिलों में फैल गया है, और अब तक के 3,040 मामलों में से 1,603 ठीक हो चुके हैं। लगभग 6,605 पाजिटिव नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं, जिनमें से 187 परिणामों की प्रतीक्षा है।
गुरूवार को होम क्वारंटाइन में भेजे गए लोगों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है और इनकी संख्या बुधवार के 15,31,108 से गिरकर अब 14,61,370 हो गई है। इनके अलावा 3,200 को संस्थागत संगरोध में भेज दिया गया है।
पुणे, नागपुर, ठाणे, नासिक और मुंबई वर्तमान में राज्य में सबसे अधिक ‘सक्रिय मामलों’ के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। राज्य में मरीजों के ठीक होने की दर 94.32 प्रतिशत से बढ़कर 94.61 प्रतिशत हो गई है। राज्य में मार्च 2020 में महामारी की शुरूआत के बाद से कोविड -19 के के कुल आंकड़े अब 76,55,554 हो गए हैं और मृतकों की संख्या 142,461 हो गई है जबकि शुक्रवार तक कुल 72,42,649 मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं।
महाराष्ट्र
मुंबई: सलीम डोला की कस्टडी के लिए क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में दाखिल की अर्जी, ड्रग्स केस में करेगी जांच

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी माने जाने वाले सलीम डोला की कस्टडी लेने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच ने विशेष एनडीपीएस कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। कोर्ट से कस्टडी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच सांगली ड्रग्स केस समेत विभिन्न मामलों के पूछताछ करेगी।
क्राइम ब्रांच द्वारा दायर की अर्जी पर एनडीपीएस कोर्ट की अनुमति मिलने और डोला की एनसीबी कस्टडी मिलने के बाद ही मुंबई क्राइम ब्रांच को उसकी कस्टडी मिलेगी। फिलहाल सलीम डोला 8 मई तक एनसीबी की हिरासत में है, जहां उससे ड्रग्स से जुड़े मामलों में पूछताछ जारी है।
क्राइम ब्रांच ने अर्जी दायर करके अदालत से प्रोडक्शन वारंट जारी करने की मांग की है, ताकि एनसीबी की रिमांड खत्म होने के बाद डोला को उनकी कस्टडी में लिया जा सके। कानूनी प्रक्रिया के तहत क्राइम ब्रांच को पहले कोर्ट में यह बताना होता है कि आरोपी की कस्टडी क्यों जरूरी है। यदि कोर्ट को लगता है कि अन्य मामलों में पूछताछ जरूरी है, तो वह प्रोडक्शन वारंट जारी कर देती है। इसके बाद संबंधित एजेंसी आरोपी को अपनी हिरासत में ले सकती है।
क्राइम ब्रांच पहले सांगली ड्रग्स केस, उसके बाद मैसूर ड्रग्स केस और उसके बाद तेलंगाना ड्रग्स केस समेत कई अन्य मामलों में लगातार कस्टडी लेगी ।
मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार, सलीम डोला कई बड़े ड्रग्स नेटवर्क का अहम हिस्सा रहा है। जांच में सामने आया है कि सांगली, मैसूर और तेलंगाना में सामने आए ड्रग्स फैक्ट्री मामलों में उसकी भूमिका संदिग्ध है। इसके अलावा, 2024 में 4 किलो एमडी ड्रग्स जब्ती मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
क्राइम ब्रांच का मानना है कि डोला से पूछताछ के जरिए ड्रग्स नेटवर्क के बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है। अब इस मामले में अंतिम फैसला एनडीपीएस कोर्ट को करना है। अदालत की मंजूरी मिलने के बाद ही डोला को एनसीबी से मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपा जाएगा।
महाराष्ट्र
मुंबई में सनसनीखेज घटना: सायन अस्पताल के आईसीयू के बाहर सिर में चाकू धंसा व्यक्ति, इलाज में लापरवाही के आरोप

मुंबई से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोकमान्य तिलक नगर निगम सामान्य अस्पताल (सायन अस्पताल) के ट्रॉमा इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) के बाहर एक व्यक्ति सिर में चाकू धंसे हुए अवस्था में खड़ा दिखाई दिया। इस भयावह दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल था, लेकिन कुछ समय तक उसे तुरंत आपातकालीन उपचार नहीं मिला। आरोप है कि वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था, लेकिन किसी भी डॉक्टर ने उसे तत्काल इमरजेंसी केस के रूप में नहीं देखा और कथित रूप से उसे नजरअंदाज किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद घायल व्यक्ति को आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर उसकी जान बचाने के प्रयास कर रहे हैं।
इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर उचित उपचार मिल जाता, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
महाराष्ट्र
धुलिया मुस्लिम बस्ती के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह से गलत है, अबू आसिम आज़मी ने माइनॉरिटी कमीशन को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई और नोटिस पर रोक लगाने की मांग की

मुंबई महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आज़मी ने माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन प्यारे खान से धुलेया में मुस्लिम बस्तियों से गैर-कानूनी तरीके से घर खाली कराने और तोड़फोड़ की कार्रवाई के नोटिस पर रोक लगाने की मांग की है। अनहुसन ने कहा कि धुलेया में 275 मुसलमानों को बेदखल करना पूरी तरह से गलत है, जबकि सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के ज़रिए उनके पुनर्वास के लिए GR भी जारी किया था। यह परिवार धुलेया लाल सरदारनगर चींटी बत्ती इलाके में 40 से 50 साल से रह रहा था, लेकिन प्रशासन ने अचानक तोड़फोड़ की कार्रवाई करके उन्हें बेदखल कर दिया है। उन्हें 21 अप्रैल को गैर-कानूनी तरीके से नोटिस दिया गया था। राज्य सरकार ने 26 मार्च, 2026 के GR के संबंध में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निवासियों के पुनर्वास के लिए एक योजना भी तैयार की थी। प्रशासन की अचानक की गई कार्रवाई अमानवीय और गैर-कानूनी है, इसलिए माइनॉरिटी कमीशन से अनुरोध है कि इस गैर-कानूनी नोटिस पर रोक लगाई जाए और निवासियों को न्याय दिलाया जाए। इस बारे में धुले के एडवोकेट जुबैर और वहां के लोगों ने रिक्वेस्ट की है कि उन्हें इंसाफ मिले और गैर-कानूनी तोड़-फोड़ के नोटिस पर स्टे लगाया जाए। अबू आसिम आज़मी ने वहां के लोगों की मांग पर माइनॉरिटी कमीशन को लेटर भेजकर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र10 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
