राजनीति
योगी आदित्यनाथ ने कार्यकारिणी की बैठक में पेश किया राजनीतिक प्रस्ताव, 18 महत्वपूर्ण विषयों का जिक्र
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को नई दिल्ली में चल रहे भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया। योगी द्वारा पेश किए गए राजनीतिक प्रस्ताव में 18 महत्वपूर्ण विषयों का जिक्र किया गया । तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने राजनीतिक प्रस्ताव का समर्थन किया। कार्यकारिणी की बैठक में पारित हुए राजनीतिक प्रस्ताव के बारे में मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए राजनीतिक प्रस्ताव में 18 महत्वपूर्ण विषयों का जिक्र किया गया, जिसका समर्थन पार्टी के तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष ने किया।
राजनीतिक प्रस्ताव पेश करने के लिए योगी आदित्यनाथ का चयन क्यों किया गया, इसके बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि योगी आदित्यनाथ हमारी पार्टी के वरिष्ठ सदस्य हैं। देश के सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री हैं, लोकसभा सांसद रहे हैं और उन्होंने कोरोना काल में लोगों की मदद के लिए शानदार काम किया है तो राजनीतिक प्रस्ताव पेश करने के लिए उनको क्यों नहीं बुलाना चाहिए ?
निर्मला सीतारमण ने बताया कि किशन रेड्डी, अनुराग ठाकुर, प्रमोद सावंत, एन बीरेन सिंह , पुष्कर धामी और अश्विनी वैष्णव ने भी योगी द्वारा पेश किए गए राजनीतिक प्रस्ताव पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा लिखित में भी कई सदस्यों ने राजनीतिक प्रस्ताव पर अपनी-अपनी बात रखी।
राजनीतिक प्रस्ताव में आए 18 महत्वपूर्ण विषयों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता निर्मला सीतारमण ने कहा टीकाकरण के मामले में वैश्विक स्तर पर भारत की इमेज मजबूत हुई लेकिन देश के अंदर सिर्फ विपक्षी दलों ने इस पर सवाल खड़ा किया। 100 करोड़ टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने को लेकर प्रस्ताव में सरकार की प्रशंसा की गई है। विदेश में पर्यावरण को लेकर भारत की प्रतिबद्धता को पीएम द्वारा पंचामृत के तौर पर रखने के पीएम की पहल की जमकर तारीफ प्रस्ताव में की गई है।
योगी द्वारा पेश किए गए राजनीतिक प्रस्ताव में वन नेशन वन राशन कार्ड और 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में तेजी से हो रहे विकास की रफ्तार और नतीजों का भी जिक्र किया गया है। कोरोना काल में देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त में अनाज दिए जाने के पीएम अन्न योजना का भी जिक्र राजनीतिक प्रस्ताव में है।
भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं की वजह से कैसे युवाओं को रोजगार मिल रहा है । पीएम मोदी की अगुवाई में डिजिटल और डीबीटी के जरिए कैसे भ्रष्टाचार को खत्म किया जा रहा है और सभी घरों में शौचालय एवं स्वच्छ भारत अभियान का महिलाओं पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों का जिक्र भी राजनीतिक प्रस्ताव में किया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 1.53 लाख करोड़ रुपये की धनराशि सीधे किसानों के खाते में भेजी जा चुकी है। एमएसपी को डेढ़ गुना बढ़ाया गया , किसान क्रेडिट कार्ड बांटा गया, हर खेत तक सिंचाई सुविधा पहुंचाई गई। गांवों में इंफ्रास्ट्रक्च र को बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसान के हितों में उठाए गए कदमों का जिक्र भी राजनीतिक प्रस्ताव में किया गया।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैठक में आने वाले राज्यों के चुनाव को लेकर चर्चा हुई। बूथ स्तर तक काम करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही हाल ही में हुए केरल, असम और पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई।
प्रस्ताव में बंगाल हिंसा का पुरजोर खंडन करते हुए कहा गया है कि पार्टी हर कार्यकर्ता के साथ खड़ी है और पार्टी अदालत के माध्यम से हर पीड़ित को न्याय दिलाएगी।
निर्मला सीतारमण ने बताया कि राजनीतिक प्रस्ताव में आत्मनिर्भर पैकेज और आजादी के अमृत महोत्सव का भी जिक्र किया गया।
सरकार की उपलब्धियों और विपक्ष के रवैये को लेकर सवाल उठाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष ने लोगों के बीच काम करने की बजाय ट्विटर के जरिए माहौल को खराब करने का काम किया है। प्रधानमंत्री विदेश में भारत की छवि बनाने का काम कर रहे हैं जबकि विपक्ष उसे खराब करने में लगा है।
महिला आरक्षण को लेकर राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2014 से पहले 10 साल तक वो ही सत्ता में थे , तब उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया।
किसान आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम लगातार पूछ रहे हैं कि वो बताएं इसमें कमी कहां है ? हमने तो उनसे बातचीत भी की है और हमेशा करने को तैयार हैं।
महाराष्ट्र
मुंबई BMC चुनाव: 1,700 उम्मीदवार मैदान में, नॉमिनेशन बंद होने के बाद 453 उम्मीदवारों ने पर्चा वापस लिया

मुंबई: मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि 167 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र गलत होने के कारण अवैध घोषित कर दिए गए। 2,231 नामांकन पत्र वैध पाए गए और 453 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए, इसलिए अब 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं। आज उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न भी वितरित किए गए। चुनाव प्रक्रिया के दौरान, 11,000 फॉर्म वितरित किए गए और 2,000 से अधिक उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए। इतना ही नहीं, सत्यापन पोर्टल के बाद 167 उम्मीदवारों को अवैध घोषित कर दिया गया। उनके नामांकन पत्रों में खामियों के कारण उन्हें अवैध घोषित किया गया। BMC की 227 सीटों पर 15 जनवरी को मतदान होगा और अगले दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। आमिर कबीर। BMC का मेयर कौन होगा, इसीलिए राजनीतिक दलों के बीच रस्साकशी चल रही है।
राजनीति
ईसीआईनेट ऐप को बेहतर बनाने के लिए चुनाव आयोग ने नागरिकों से मांगे सुझाव, 10 जनवरी आखिरी दिन

नई दिल्ली, 3 जनवरी: भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और चुनावी सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम पहल की है। आयोग ने देश के सभी नागरिकों से नई ईसीआईनेट ऐप को बेहतर बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं।
नागरिक 10 जनवरी तक ऐप में उपलब्ध ‘एक सुझाव सबमिट करें’ टैब के माध्यम से अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, ईसीआईनेट ऐप का ट्रायल वर्जन मतदाताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है। इसके जरिए मतदान प्रतिशत से जुड़े रुझान पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से उपलब्ध हो रहे हैं। इतना ही नहीं, मतदान समाप्त होने के 72 घंटे के भीतर इंडेक्स कार्ड प्रकाशित किए जा रहे हैं, जबकि पहले यही प्रक्रिया पूरी होने में कई हफ्तों या महीनों का समय लग जाता था। इस ऐप का सफल परीक्षण बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और विभिन्न उपचुनावों के दौरान किया जा चुका है।
आयोग ने बताया कि ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। इसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ), जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ), पर्यवेक्षकों और मैदानी अधिकारियों से मिले फीडबैक को शामिल किया जा रहा है। अब नागरिकों से मिलने वाले सुझावों की भी समीक्षा की जाएगी ताकि ऐप को और अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाया जा सके। ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म को इसी महीने आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जाना प्रस्तावित है।
ईसीआईनेट निर्वाचन आयोग की प्रमुख पहलों में से एक है, जिसे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के नेतृत्व में विकसित किया गया है। इस ऐप के विकास कार्य की शुरुआत 4 मई 2025 को इसकी घोषणा के बाद की गई थी।
यह ऐप नागरिकों के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें पहले मौजूद लगभग 40 अलग-अलग चुनाव संबंधी ऐप और वेबसाइटों को एक ही इंटरफेस में शामिल किया गया है। इनमें वोटर हेल्पलाइन ऐप (वीएचए), सीविजिल, सक्षम, पोलिंग ट्रेंड्स (वोटर टर्नआउट ऐप), और अपने उम्मीदवार को जानें (केवाईसी) जैसे महत्वपूर्ण ऑप्शन शामिल हैं।
ईसीआईनेट ऐप को गूगल प्लेस्टोर और ऐपल ऐप स्टोर दोनों से डाउनलोड किया जा सकता है। निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐप डाउनलोड करें और अपने सुझाव देकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ज्यादा मजबूत बनाने में सहयोग करें।
राजनीति
सरकार पर वोट चोरी के आरोप लगाकर विपक्ष को कोई फायदा नहीं मिलने वाला: मनोहर लाल

करनाल, 3 जनवरी: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने विपक्ष की तरफ से लगाए गए वोट चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इनमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। यह आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर लगाए गए हैं और इससे विपक्ष को कोई फायदा होने वाला नहीं है।
मनोहर लाल ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पता नहीं ये लोग वोट चोरी और ईवीएम में खराबी जैसे मुद्दों का जिक्र करके हम पर क्यों आरोप लगा रहे हैं, जबकि हाल ही में कर्नाटक में सर्वे हुआ है। इस सर्वे में 91 फीसदी लोगों ने कहा है कि उन्हें ईवीएम से कोई शिकायत नहीं है। वोट चोरी की बात भ्रामक है। अफसोस की बात यह है कि ये लोग राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित होकर ये आरोप लगा रहे हैं। इस सर्वे ने इन लोगों की पोल खोलकर रख दी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में कोई भी चुनाव आने से पहले ये लोग कभी ईवीएम, तो कभी वोट चोरी का जिक्र करने लग जाते हैं। ऐसा ये लोग राजनीतिक फायदा प्राप्त करने के मकसद से करते हैं। हम लोगों को पता ही है कि बिहार में चुनावी बिगुल बजने से पहले भी इन लोगों ने इसी तरह के आरोप लगाए थे, लेकिन बाद में क्या हुआ, हम सभी को पता है। अब तो देश की जनता भी इस बात से वाकिफ हो चुकी है कि इनके आरोपों में किसी भी प्रकार की सत्यता नहीं है।
घुसपैठियों को लेकर भी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लगातार घुसपैठियों के खिलाफ कदम उठा रही है। यहां पर अवैध रूप से रह रहे लोगों को चिन्हित करके उन्हें बाहर का रास्ता दिखा रही है, तो इन लोगों को मिर्ची लग रही है। इस देश में भला हम किसी दूसरे देश के नागरिक को अवैध रूप से क्यों रहने देंगे? विपक्ष के लोग चाहते हैं कि वे रहते रहें, ताकि इन्हें इससे राजनीतिक फायदा मिलता रहे।
मनोहर लाल ने कहा कि विपक्ष के लोग घुसपैठियों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करना चाहते हैं। सही मायने में तो वोट चोरी विपक्ष के लोग कर रहे थे। अब इस पर रोक लगाने की प्रक्रिया हमारी सरकार ने शुरू की है। हमारी सरकार ने फर्जी मतदाताओं को चिन्हित करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत अवैध रूप से भारत में रहने वाले लोगों को चिन्हित करके उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। इस तरह के लोगों को भला हम अपने देश में कैसे स्वीकार कर सकते हैं?
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