खेल
डब्ल्यूपीएल 2025 : गुजरात जायंट्स ने यूपी वॉरियर्स को 81 रनों से हराया
लखनऊ, 4 मार्च। लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में सोमवार को गुजरात जायंट्स ने महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2025 के 15वें मैच में यूपी वॉरियर्स पर 81 रनों से हरा दिया।
बेथ मूनी के नाबाद 96 रनों की बदौलत जायंट्स ने 5 विकेट खोकर 186 रन बनाए। 187 रनों का पीछा करने उतरी यूपी की टीम को अपने सलामी बल्लेबाजों से उम्मीद थी कि अच्छी शुरुआत देंगे। लेकिन, यूपी को शुरुआती झटकों ने मैच से काफी दूर कर दिया।
गुजरात के लिए डिएंड्रा डॉटिन, काशवी गौतम और मेघना सिंह ने लगातार विकेट चटकाए। शुरुआती झटकों के कारण यूपी की पूरी टीम 105 रनों पर ऑल आउट हो गई।
यूपी के लिए ग्रेस हैरिस ने 10वें ओवर तक एक छोर संभाले रखा। जबकि चिनेल हेनरी ने आक्रामक पारी खेली। हालांकि, आवश्यक रन गति बढ़ने के कारण बल्लेबाजों पर दबाव अधिक था।
यूपी को पहला झटका मैच के दूसरी गेंद पर लगा। टीम का स्कोर अभी एक रन ही था। डिएंड्रा डोटिन ने लगातार दो विकेट लिए, किरण नवगिरे को शून्य पर आउट किया तथा डेब्यू कर रही जॉर्जिया वोल को भी शून्य पर आउट किया।
दूसरे एंड से काशवी गौतम ने भी दबाव बनाए रखा, वृंदा दिनेश (1) को एक तेज इनस्विंगर से बोल्ड किया जो मिडिल स्टंप पर जा लगी। यूपी का स्कोर भी 14 रन था और तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ग्रेस हैरिस जो रिव्यू पर शुरुआती एलबीडब्लू कॉल से बच गई। उन्होंने कुछ अच्छी बाउंड्री लगाकर पारी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। लेकिन, मेघना सिंह ने यूपी को अगला झटका दिया, कप्तान दीप्ति शर्मा (6) रन बनाकर पवेलियन लौटीं।
ग्रेस हैरिस जिन्होंने 30 गेंदों में 25 रन बनाए। एक छोर पर गुजरात के गेंदबाजों का डटकर सामना कर रही थीं। लेकिन, दूसरे एंड पर उन्हें अन्य बल्लबाजों से सहयोग नहीं मिला। यूपी के तीन खिलाड़ी बिना खाता खोले ही पवेलियन लौटे। टीम पूरा 20 ओवर भी नहीं खेल पाई।
संक्षिप्त स्कोर:
गुजरात जायंट्स ने 20 ओवर में 186/5 (बेथ मूनी 96 नाबाद, हरलीन देओल 45; सोफी एक्लेस्टोन 2-34, चिनेल हेनरी 1-31) ने यूपी वॉरियर्स को 17.1 ओवर में 105 ऑल आउट (चिनेल हेनरी 28, ग्रेस हैरिस 25; काशवी गौतम 3-11, तनुजा कंवर 3-17)
अंतरराष्ट्रीय
राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायली पीएम नेतन्याहू से ईरान संग युद्धविराम पर की बात : व्हाइट हाउस

वाशिंगटन, 8 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के युद्धविराम पर सहमति बनी है। इजरायल ने भी इस फैसले का समर्थन किया है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की थी, जिसके बाद ईरान के साथ युद्धविराम ढांचे पर समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया।
ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया, “राष्ट्रपति ने डील पक्की करने के लिए पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। उन्होंने युद्धविराम पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से भी बात की थी।”
यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने से जुड़ी वार्ताओं के लिए दो सप्ताह का समय देने का निर्णय लिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह दो हफ्ते के लिए हमले रोक देंगे, बशर्ते ईरान इस अहम समुद्री रास्ते को पूरी तरह तुरंत और सुरक्षित तरीके से फिर से खोलने पर सहमत हो जाए।
ईरान ने इस रोक को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी और कहा कि अगर हमले रुक जाते हैं, तो वह भी अपनी गतिविधियां रोक देगा और इस दौरान स्ट्रेट से सीमित और सुरक्षित आवाजाही की इजाजत देगा।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि इजरायल भी दो हफ्ते की इस रोक पर सहमत हो गया है। यह अमेरिका के रुख के मुताबिक ही है, क्योंकि हालात को स्थिर करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
ट्रंप प्रशासन ने इस युद्धविराम को सैन्य अभियानों के बाद अपनाई गई एक बड़ी रणनीति का हिस्सा बताया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यह अमेरिका की जीत है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और हमारी शानदार सेना ने मुमकिन बनाया है।”
फिलहाल, दो हफ्ते का यह युद्धविराम इसलिए रखा गया है, ताकि बातचीत जारी रहने के दौरान एक व्यापक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस अभियान और बातचीत के बारे में विस्तृत जानकारी अलग से साझा की जाएगी।
राष्ट्रीय
महाराष्ट्र में इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और एआई का नया विभाग बनाने को कैबिनेट की मंजूरी

मुंबई, 7 अप्रैल : विकसित भारत 2047 के विजन के तहत ‘विकसित महाराष्ट्र’ का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए एक नया स्वतंत्र विभाग बनाने की मंजूरी दे दी।
सूचना प्रौद्योगिकी निदेशालय को अब इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और एआई निदेशालय में बदल दिया जाएगा। राज्य में आईटी, एआई और डिजिटल गवर्नेंस को तेज करने के लिए एक नया आईटी कैडर बनाया जाएगा, जिसमें मंत्रालयी विभागों, कमिश्नर के दफ्तर और सभी जिलों के लिए स्थायी पद शामिल होंगे।
राज्य कैबिनेट का यह कदम उस समय आया है, जब सीएम देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में राज्य विधानसभा में बताया कि महाराष्ट्र एआई स्टार्टअप्स के क्षेत्र में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फिनटेक और एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, क्योंकि वह राज्य को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी इस आर्थिक विकास की नींव का काम करेगी और सरकार राज्य को स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी सेक्टर में लीडर के रूप में स्थापित कर रही है।
राज्य कैबिनेट ने राज्य की बिजली वितरण कंपनी महावितरण के वित्तीय पुनर्गठन को भी मंजूरी दी। इसके तहत 32,679 करोड़ के राज्य-गारंटी वाले कर्ज के लिए सरकारी बॉन्ड जारी किए जाएंगे।
इसके अलावा, कृषि वितरण कारोबार का डीमर्जर किया जाएगा और महावितरण को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाएगा। कैबिनेट ने भू-स्थानिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके प्रशासन में तेजी और कुशलता लाने के लिए महाराष्ट्र जियो टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन सेंटर बनाने की भी मंजूरी दी।
यह केंद्र आधुनिक टेक्नोलॉजी, रिसर्च, भू-स्थानिक इनोवेशन और उद्यमिता पर ध्यान देगा, जिससे छात्रों, पेशेवरों और शोधकर्ताओं के लिए शैक्षिक कार्यक्रम संचालित करना संभव होगा।
राज्य कैबिनेट ने महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के पुनर्गठन को भी मंज़ूरी दे दी है। अब यह एक कंपनी के रूप में स्थापित होगा। इसके तहत 1860 के सोसायटीज एक्ट के तहत इसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा और इसे कंपनी एक्ट, 2013 की धारा 8 के तहत एक कंपनी के रूप में पंजीकृत किया जाएगा।
इस फैसले से सड़क सूचना प्रणालियों, शहरी नियोजन, जलयुक्त शिवार (वॉटरशेड) विकास, पहाड़ी क्षेत्र विकास, ई-पंचनामा, महा एग्री टेक, मैंग्रोव अध्ययन, भूजल प्रबंधन और खनिज/खनन अध्ययन से जुड़े प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी।
इसके अलावा राज्य कैबिनेट ने महाराष्ट्र रेजिलियंस डेवलपमेंट प्रोग्राम को लागू करने की भी मंज़ूरी दी है। इस कार्यक्रम का मकसद निजी पूंजी की मदद से आपदा प्रबंधन कोष जुटाना है।
इसमें विश्व बैंक से मिलने वाला 165 करोड़ रुपए का कोष भी शामिल है। यह प्रोग्राम आपदा प्रभावित नागरिकों को होम लोन पर राहत, और एमएसएमई (लघु और मध्यम उद्यमों) को ऋण रियायतें और बीमा सुरक्षा प्रदान करेगा।
बाढ़ के जोखिम को कम करने के लिए, कृष्णा बेसिन—जिसमें कोल्हापुर, सांगली और इचलकरंजी शहर शामिल हैं, के लिए रोकथाम की योजनाएं तैयार की जाएंगी।
राजनीति
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा घर पर नहीं हैं, हम उन्हें जल्द ट्रेस करेंगे : असम पुलिस

नई दिल्ली, 7 अप्रैल : कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को लेकर सियासी और कानूनी हलचल तेज हो गई है। असम पुलिस मंगलवार को उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची लेकिन वे घर पर नहीं मिले। पुलिस ने साफ कहा है कि फिलहाल उनके ठिकाने की जानकारी नहीं है और उन्हें जल्द ‘ट्रेस’ किया जाएगा।
यह पूरा मामला उस विवाद से जुड़ा है, जिसमें पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर तीन देशों के पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था। इसी मामले में रिनिकी सरमा ने सोमवार को एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद असम पुलिस कार्रवाई करते हुए दिल्ली पहुंची।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम पवन खेड़ा से पूछताछ करना चाहते थे, लेकिन वे घर पर नहीं मिले। घर में कुछ चीजें मिली हैं, लेकिन फिलहाल उनके बारे में जानकारी साझा नहीं की जा सकती। हमें नहीं पता कि वे कहां हैं, लेकिन हम उन्हें जल्द ढूंढ निकालेंगे।”
इस दौरान पवन खेड़ा के घर पर मौजूद गार्ड ने भी पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी बात रखी। उसने बताया कि पुलिस ऊपर गई थी और उसे भी अपने साथ ऊपर ले गई। गार्ड के मुताबिक, उसे दवा लेने जाना था लेकिन पुलिस ने जाने नहीं दिया और उससे कोई पूछताछ भी नहीं की।
वहीं, पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने भी दावा किया कि उसे अपने दो साल के बच्चे के लिए दवा लेना था, लेकिन पुलिस ने उसे बाहर नहीं जाने दिया और गार्ड से फोन पर बात करने की भी अनुमति नहीं दी।
इस पूरे घटनाक्रम पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पवन खेड़ा के आरोपों को पूरी तरह झूठा करार दिया और कहा कि जिन तीन देशों का जिक्र किया गया था, उन सभी ने इन दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के झूठ अब पूरी तरह सामने आ चुके हैं।”
सीएम सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि पवन खेड़ा पूछताछ से बचने के लिए ‘भाग गए’ हैं। उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक खेड़ा फरार हो चुके हैं और संभवतः हैदराबाद चले गए हैं।
मुख्यमंत्री ने इस मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि चुनाव से पहले उनकी और उनके परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मामले को कानूनी तरीके से आगे बढ़ाएगी और गलत जानकारी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगी।
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