खेल
हमने शायद रोहित को टेस्ट क्रिकेट में आखिरी बार देखा है: गावस्कर
सिडनी, 3 जनवरी। दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर को लगता है कि भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के पांचवें टेस्ट के लिए आराम करने का फैसला करने के बाद मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर टीम के लिए अपना आखिरी टेस्ट खेला है।
गुरुवार को प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य कोच गौतम गंभीर के कप्तान को प्लेइंग 11 में शामिल किए जाने पर अजीबोगरीब जवाब के बाद सीरीज के अंतिम मैच में रोहित की भागीदारी अनिश्चित थी।
हालांकि, गुरुवार की शाम को यह स्पष्ट हो गया कि रोहित मैच में नहीं खेलेंगे। टॉस के समय, जसप्रीत बुमराह ने कप्तान की टोपी पहनी, जबकि शुभमन गिल ने रोहित की जगह प्लेइंग 11 में जगह बनाई। भारत की टीम में दूसरा बदलाव यह था कि चोटिल आकाश दीप की जगह प्रसिद्ध कृष्णा को शामिल किया गया।
रोहित के बल्ले से संघर्ष ने उन्हें युवा खिलाड़ी के लिए जगह छोड़ने के लिए मजबूर किया। उन्होंने तीन टेस्ट मैचों की पांच पारियों में सिर्फ 31 रन बनाए, जो उनके सामान्य फॉर्म से काफी अलग था और अपने खास शॉट को भी आजमाने में संघर्ष करते दिखे, जिसमें उनका ट्रेडमार्क फ्रंट पुल भी शामिल है। रोहित के लिए टेस्ट क्रिकेट में 2024 का साल खास तौर पर चुनौतीपूर्ण रहा। 14 मैचों और 26 पारियों में, वह 24.76 की औसत से 619 रन बनाने में सफल रहे, जिसमें उनके नाम पर सिर्फ दो शतक और एक अर्धशतक दर्ज है।
ऑस्ट्रेलिया दौरे के साथ भारत के लिए मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) चक्र के समापन के साथ, गावस्कर को लगता है कि आगामी चक्र पर ध्यान देने का यह सही समय है।
गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा, “मुझे लगता है कि इसका मतलब यह है कि भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाएगा। मुझे लगता है कि मेलबर्न टेस्ट रोहित शर्मा का आखिरी मैच होगा। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का नया चक्र इंग्लैंड सीरीज से शुरू होगा, इसलिए वे किसी ऐसे खिलाड़ी की तलाश करेंगे जो 2027 के फाइनल के लिए उपलब्ध हो। भारत फाइनल में पहुंचता है या नहीं, यह अलग बात है, लेकिन मुझे लगता है कि चयन समिति यही करेगी। इसलिए शायद हमने रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट में आखिरी बार देखा है। ”
इस दिग्गज ने सुझाव दिया कि चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने सीरीज के अंतिम टेस्ट के लिए रोहित को आराम देने के फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सिडनी टेस्ट से पहले भारत 1-2 से पिछड़ रहा था, इसलिए अंतिम मैच में जीत डब्ल्यूटीसी फाइनल में जगह बनाने की उनकी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए महत्वपूर्ण थी।
गावस्कर ने कहा, “आखिरकार वह चयन समिति का भी हिस्सा हैं। भारतीय क्रिकेट में ऐसा होता है कि एक चयन समिति होती है जो विदेश जाने के लिए टीम का चयन करती है। फिर जब आप विदेश जाते हैं, तो कप्तान, कोच और मुझे लगता है कि अगर कोई एक चयनकर्ता होता है, तो वे आम तौर पर चयन समिति बनाते हैं। मेरा मानना है कि चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर यहां शहर में हैं, इसलिए उन्हें भी उस फैसले का हिस्सा होना चाहिए था। शायद टीम के कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों से पूछा गया होगा।”
टॉस जीतने के बाद रवि शास्त्री द्वारा रोहित के बारे में पूछे जाने पर बुमराह ने कहा, “हमारे कप्तान ने नेतृत्व दिखाया है; उन्होंने आराम करने का विकल्प चुना है। यह हमारी एकता को दर्शाता है। हमने दो बदलाव किए हैं। रोहित ने बाहर होने का विकल्प चुना है और चोटिल आकाश दीप की जगह प्रसिद्ध को शामिल किया गया है।”
राजनीति
असम में कांग्रेस अपना आधार खो चुकी है: मुख्यमंत्री सरमा

गुवाहाटी, 1 अप्रैल : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि पार्टी राज्य में अपना सांगठनिक आधार खो चुकी है। और आगामी विधानसभा चुनावों में उसकी चुनावी सफलता की संभावना बहुत कम है।
टोंगला में चुनाव प्रचार के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि कांग्रेस अब एक अस्तित्वहीन पार्टी बन चुकी है। असम में अब उसका कोई आधार नहीं बचा है। पार्टी चुनावों में सफलता हासिल नहीं कर पाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पूरे राज्य में जमीनी स्तर पर मजबूत समर्थन मिलना जारी है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की इस बात के लिए भी आलोचना की कि उसने अपने चुनावी घोषणापत्र में मशहूर असमिया गायक ज़ुबीन गर्ग का जिक्र किया है। उन्होंने इस कदम को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि किसी सांस्कृतिक हस्ती को राजनीतिक बहसों में घसीटना खराब सोच को दिखाता है और जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के असम दौरे के प्रस्ताव पर सरमा ने कहा कि उन्हें इसके राजनीतिक असर की कोई चिंता नहीं है। सरमा ने कहा कि ओवैसी सिर्फ उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे जहां भाजपा मजबूत नहीं है। वे उन इलाकों में प्रचार करेंगे जहां कांग्रेस का अभी भी कुछ आधार है। यह इशारा करते हुए कि ऐसे कदमों से भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सरमा ने आगे भरोसा जताया कि भाजपा 2026 के विधानसभा चुनावों में निर्णायक जनादेश हासिल करेगी। उन्होंने सरकार के विकास एजेंडे और जन कल्याणकारी योजनाओं को मतदाताओं का समर्थन हासिल करने वाले मुख्य कारक बताया।
असम विधानसभा चुनावों में कई पार्टियों के बीच मुकाबला होने की उम्मीद है। जहां एक तरफ भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय
ऑस्ट्रेलिया के पीएम की चेतावनी ‘आने वाले महीने आसान नहीं’, जनता से अपील ‘फ्यूल बचाएं’

कैनबरा, 1 अप्रैल : ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने जनता से खास अपील की है। चेतावनी भी दी कि मिडिल ईस्ट के वर्तमान हालात की वजह से तेल संकट गहराएगा और आने वाले महीने “आसान नहीं रहने वाले” हैं।
उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, “आने वाले महीने आसान नहीं हो सकते। मैं इस बारे में साफ-साफ कहना चाहता हूं। कोई भी सरकार इस युद्ध से पैदा हो रहे दबाव को खत्म करने का वादा नहीं कर सकती।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि वह देश से सीधे बात करना चाहते हैं कि सरकार “इस मुश्किल समय में ऑस्ट्रेलिया को बचाने के लिए” क्या कर रही है, और वे (जनता) देश की मदद के लिए क्या कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा, “पक्ष-विपक्ष सभी ऑस्ट्रेलिया को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। ताकि अगर दुनिया भर में हालात और खराब होते हैं और लंबे समय में हमारी फ्यूल सप्लाई में बहुत ज्यादा रुकावट आती है, तो हम अगले कदम मिलकर तय कर सकें।
अल्बनीज ने जनता को बताया कि वर्तमान स्थिति को ध्यान में रख फ्यूल एक्साइज आधा कर दिया गया है और अगले तीन महीनों के लिए हेवी रोड यूजर चार्ज जीरो कर दिया गया है। पीएम ने भरोसा दिलाया, “हम फ्यूल की कीमत कम करने के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही यहां अधिक ईंधन लाने और अपने मजबूत ट्रेडिंग रिश्तों का इस्तेमाल कर ऑस्ट्रेलिया में ज्यादा पेट्रोल, डीजल और फर्टिलाइजर लाने के लिए काम कर रहे हैं।
3 मिनट 17 सेकंड के संबोधन में अल्बनीज ने आगे कहा, “मैं वादा कर सकता हूं कि हम ऑस्ट्रेलिया को इसके सबसे बुरे असर से बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे।” उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई लोगों से अपील की कि वे घबराकर फ्यूल न खरीदें और जहां तक हो सके, कार की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
उन्होंने कहा, “अगर आप सड़क पर निकल रहे हैं, तो जरूरत से ज्यादा फ्यूल न लें—बस वैसे ही भरवाएं जैसे आप आम तौर पर भरवाते हैं। अपने समुदाय, दूरदराज के इलाके में रहने वाले लोग और जरूरी इंडस्ट्रीज से वास्ता रखने वालों के बारे में सोचें।
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिकी पत्रकार का बगदाद में अपहरण, यूएस विदेश मंत्रालय बोला ‘रिहाई की कोशिश जारी’

वाशिंगटन/बगदाद, 1 अप्रैल : अमेरिकी पत्रकार शेली किटल्सन का मंगलवार को इराक की राजधानी बगदाद में अपहरण कर लिया गया। सूत्रों और उनके मीडिया आउटलेट ने बताया कि शेली को अगवा किया गया है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि वो उनकी रिहाई की कोशिश में जुटा है।
सउदी अरब के चैनल अल-अरबिया ने कथित अपहरण का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। बताया कि अज्ञात हमलावरों ने पत्रकार को अल-सादून स्ट्रीट स्थित बगदाद होटल के पास से अगवा किया, जिसमें एक वाहन में पत्रकार को जबरदस्ती गाड़ी में खींचकर बैठाया जा रहा है।
अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री डायलन जॉनसन ने एक्स पोस्ट में कहा कि “ईरानी-गठबंधन वाले मिलिशिया ग्रुप कताइब हिजबुल्लाह से जुड़े एक व्यक्ति को इराकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है, जिसके किडनैपिंग में शामिल होने का शक है।”
अमेरिकी मीडिया सीएनएन के अनुसार, कताइब हिजबुल्लाह एक ईरानी-समर्थित मिलिशिया ग्रुप है जो कई बार अमेरिकियों को निशाना बनाता आया है। शेली को मिडिल ईस्ट और अफगानिस्तान की रिपोर्टिंग का काफी अनुभव प्राप्त है। उनकी रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय, अमेरिकी और इतालवी आउटलेट्स में प्रकाशित हुई हैं।
इराक के गृह मंत्रालय ने भी घटना की पुष्टि की है, हालांकि उसने पत्रकार की पहचान सार्वजनिक नहीं की। वहीं अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री डायलन ने अपनी पोस्ट में दावा किया है कि स्टेट डिपार्टमेंट ने पहले ही उन्हें खतरों की चेतावनी देकर अपनी ड्यूटी पूरी की, साथ ही कहा कि मंत्रालय एफबीआई के साथ कोऑर्डिनेट करते रहेगा ताकि उनकी जल्द से जल्द रिहाई पक्की हो सके।
डायलन के अनुसार, “इराक अभी भी लेवल 4 ट्रेवल एडवाइजरी पर है और अमेरिकियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी वजह से इराक न जाएं और अभी इराक छोड़ दें।”
स्टेट डिपार्टमेंट सभी अमेरिकियों को, प्रेस के सदस्यों सहित, सभी ट्रैवल एडवाइजरी का पालन करने की पक्की सलाह देता है।
वहीं, बतौर स्वतंत्र पत्रकार न्यूज वेबसाइट अल-मॉनिटर ने बयान जारी कर अपनी फिक्र जाहिर की और उनके ‘जल्द और सुरक्षित वापसी’ की उम्मीद जताई।
बयान में आगे कहा गया, “हम उनकी सुरक्षित और तुरंत रिहाई की मांग करते हैं। हम उनकी रिपोर्टिंग के कायल हैं और उनके उनकी जल्द वापसी की मांग करते हैं।”
सोशल मीडिया प्रोफाइल के अनुसार शेली किटल्सन दुनिया के सबसे खतरनाक संघर्ष क्षेत्रों से ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मिडिल ईस्ट खासकर इराक और सीरिया पर बहुत काम किया है। रिपोर्टिंग का मुख्य विषय युद्ध और संघर्ष, मिलिशिया समूह, स्थानीय आबादी पर असर और मानवीय संकट रहा है।
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