Connect with us
Sunday,09-August-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय

10 दिन की जंग में अमेरिका ने ईरान के 5,000 ठिकानों पर किए हमले : सेंटकॉम

Published

on

वाशिंगटन, 10 मार्च : अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक, अमेरिका ने युद्ध के पहले 10 दिनों में ईरान के 5,000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है। यह हमला ईरान की सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए चलाए जा रहे बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा है।

अमेरिकी सेना के अनुसार, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम का यह सैन्य अभियान 28 फरवरी को सुबह 1:15 बजे शुरू किया गया था। इस अभियान में अमेरिका की वायु सेना, नौसेना और मिसाइल सिस्टम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

सेंटकॉम ने बताया कि यह अभियान अमेरिका के राष्ट्रपति के निर्देश पर शुरू किया गया। इसमें उन सभी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है जो ईरान के सुरक्षा तंत्र से जुड़े हैं या जिनसे तत्काल खतरा पैदा होने की आशंका है।

सैन्य ऑपरेशन की जानकारी के मुताबिक, अब तक ईरान के 5,000 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं। वहीं, युद्ध के पहले दस दिनों में ईरान के करीब 50 नौसैनिक जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया है या नष्ट कर दिया गया है।

इस बड़े अभियान में अमेरिका के कई अत्याधुनिक हथियार और विमान शामिल हैं। लंबी दूरी तक मार करने वाले बी-1, बी-2 स्टेल्थ और बी-52 बमवर्षक विमान लगातार हमले कर रहे हैं। इसके साथ एफ-15, एफ-16, एफ-18, एफ-22 स्टेल्थ फाइटर और एफ-35 स्टेल्थ फाइटर जेट भी मिशन में तैनात हैं।

इसके अलावा, ए-10 अटैक एयरक्राफ्ट और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए इस्तेमाल होने वाला ईए-18जी इलेक्ट्रॉनिक अटैक एयरक्राफ्ट भी इस अभियान का हिस्सा हैं।

अमेरिका के कई खुफिया और निगरानी विमान भी इस ऑपरेशन को समर्थन दे रहे हैं। इनमें यू-2 ड्रैगन लेडी, आरसी-135 रिकॉनिसेंस विमान और पी-8 मैरिटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट शामिल हैं। ये विमान ईरान की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखते हुए संभावित लक्ष्यों की जानकारी दे रहे हैं।

ड्रोन भी इस अभियान में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिका एमक्यू-9 रीपर ड्रोन और एलयूसीएएस (कम लागत वाली मानवरहित लड़ाकू हमला प्रणाली) ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और हमले दोनों के लिए कर रहा है।

अमेरिकी सेना ने अपने ठिकानों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल सिस्टम और टीएचएएडी (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम भी तैनात किए हैं।

नौसैनिक ताकत भी इस ऑपरेशन का अहम हिस्सा है। न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर समुद्र से इस अभियान को समर्थन दे रहे हैं, जबकि ईंधन और रसद पहुंचाने वाले जहाज लंबी दूरी के अभियानों को जारी रखने में मदद कर रहे हैं।

लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर और सी-130 कार्गो विमान लगातार हथियार, उपकरण और जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं, जिससे यह बड़ा सैन्य अभियान जारी रह सके।

सेंटकॉम के मुताबिक जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया है उनमें कमांड और कंट्रोल सेंटर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के मुख्यालय, खुफिया ठिकाने और इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं।

इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइल साइट, एंटी-शिप मिसाइल लोकेशन, ईरानी नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां, सैन्य संचार नेटवर्क तथा बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन निर्माण से जुड़े ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं।

अमेरिकी सेना ने यह भी बताया कि इस अभियान में काउंटर-ड्रोन सिस्टम, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट, कम्युनिकेशन रिले प्लेटफॉर्म और काउंटर रॉकेट, आर्टिलरी और मोर्टार डिफेंस सिस्टम भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जो इस ऑपरेशन के बड़े पैमाने को दर्शाते हैं।

सेंटकॉम के ऑपरेशनल सार में यह भी कहा गया है कि मिशन में कुछ ऐसी विशेष क्षमताएं भी इस्तेमाल की जा रही हैं जिनकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती, जिससे संकेत मिलता है कि कुछ गुप्त तकनीकों और सिस्टम का भी उपयोग किया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय

ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

Published

on

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।

इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।

ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।

हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

Published

on

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।

फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।

ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।

इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।

ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”

आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।

वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।

इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

Published

on

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।

इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।

अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”

वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।

उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।

विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।

सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार55 seconds ago

भारतीय शेयर बाजार की शीर्ष 10 में से चार कंपनियों का मार्केटकैप 1.43 लाख करोड़ रुपए बढ़ा

खेल2 hours ago

बार्सिलोना ने जॉर्ज मेसी के निधन पर शोक जताया, लियोनेल के पिता को दी श्रद्धांजलि

अपराध3 hours ago

नागपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन यात्री से 3 करोड़ रुपए का सोना जब्त, गिरफ्तार

राजनीति3 hours ago

विश्व आदिवासी दिवस पर केजरीवाल का संदेश, आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लड़ रही है आप

राजनीति3 hours ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

व्यापार3 hours ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

पश्चिमी कनाडा में तेजी से फैल रही जंगल की आग, 20,000 से ज्यादा लोगों को खाली करने पड़े घर

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

हर घर तिरंगा अभियान के तहत रांची में मोरहाबादी से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाला मार्च

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद : अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो की तबीयत बिगड़ी

महाराष्ट्र20 hours ago

लोकमान्य तिलक जनरल हॉस्पिटल में डिजिटल पेमेंट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर ने दिए निर्देश

अपराध2 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

खेल4 weeks ago

मिकेल मेरिनो ने रचा इतिहास, फीफा वर्ल्ड कप में यह कारनामा करने वाले बने विश्व के पहले खिलाड़ी

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र: वर्धा जिले में सड़क हादसे में छह की मौत, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जताई संवेदना

मनोरंजन3 weeks ago

रणदीप हुड्डा की बेटी न्योमिका की पहली चावल रस्म, परिवार के साथ मनाया खास जश्न

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

महाराष्ट्र1 week ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

ई20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश

राजनीति3 weeks ago

टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाने पर भड़का विपक्ष, सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस, सपा और ‘आप’ का वॉकआउट

मनोरंजन1 week ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

राजनीति3 weeks ago

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन यूरोपीय देशों के दौरे पर हुईं रवाना, भारत के साथ संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार

रुझान