अंतरराष्ट्रीय
ईरान के खिलाफ सैन्य संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है : ट्रंप
वाशिंगटन, 10 मार्च : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में अमेरिका और इजराइल को “निर्णायक बढ़त” मिल रही है। उन्होंने संकेत दिया कि यह संघर्ष कुछ ही दिनों में समाप्त हो सकता है। साथ ही ट्रंप ने हाल के हमलों का बचाव करते हुए ईरान को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित करने की कोशिश न करने की चेतावनी दी।
मियामी में ट्रंप नेशनल डोराल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजरायल का संयुक्त सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” हाल के वर्षों के सबसे बड़े सैन्य अभियानों में से एक है।
ट्रंप ने कहा, “पिछले नौ दिनों में हमने दुनिया के सबसे शक्तिशाली और जटिल सैन्य हमलों और अभियानों में से कुछ को अंजाम दिया है।”
उन्होंने दावा किया कि इस अभियान से ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है। इसमें उसकी नौसेना, ड्रोन ढांचा और मिसाइल लॉन्च सिस्टम शामिल हैं।
ट्रंप ने कहा, “हमने ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह कमजोर कर दिया है। उसकी नौसेना का बड़ा हिस्सा समुद्र में डुबो दिया गया है।”
उन्होंने बताया कि ईरान के लगभग 50 नौसैनिक जहाज नष्ट कर दिए गए हैं। ट्रंप ने कहा, “करीब 50 जहाज थे। मुझे अभी जानकारी दी गई है कि कुल 51 जहाज नष्ट हुए हैं।”
राष्ट्रपति के अनुसार लगातार किए गए हमलों के कारण ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता में भी भारी कमी आई है।
उन्होंने कहा, “उनकी मिसाइल क्षमता अब करीब 10 प्रतिशत या उससे भी कम रह गई है।” ट्रंप ने यह भी बताया कि अब ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “हमें पता है कि वे ड्रोन कहां बनाते हैं और उन सभी ठिकानों पर एक-एक करके हमले किए जा रहे हैं।”
ट्रंप के मुताबिक इस अभियान के दौरान अब तक 5,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इनमें हथियार भंडार, मिसाइल लॉन्चर और उत्पादन केंद्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “अब तक 5,000 से ज्यादा लक्ष्यों पर हमला किया जा चुका है, जिनमें कई बहुत बड़े सैन्य ठिकाने भी शामिल हैं।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि लंबी दूरी के बी-2 बमवर्षक विमानों ने कई महत्वपूर्ण हथियार प्रणालियों को नष्ट किया है।
उन्होंने बताया, “हमारे बी-2 बमवर्षकों ने हाल ही में 2,000 पाउंड के कई बम गिराए, जिससे ईरान के अलग-अलग हिस्सों में मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए गए, जो जमीन के काफी नीचे छिपाए गए थे।”
ट्रंप का कहना था कि इस अभियान ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोक दिया है। उन्होंने पहले किए गए हमलों का जिक्र करते हुए “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, “अगर हमने मिडनाइट हैमर अभियान के तहत कार्रवाई नहीं की होती, तो ईरान के पास परमाणु हथियार होता और वह उसे बहुत पहले इस्तेमाल कर चुका होता।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान ने नागरिक उपयोग के लिए परमाणु ऊर्जा से जुड़ा एक कूटनीतिक प्रस्ताव भी ठुकरा दिया था।
उन्होंने कहा, “उन्हें नागरिक उपयोग के लिए हमेशा के लिए मुफ्त परमाणु ईंधन देने का प्रस्ताव भी दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे भी ठुकरा दिया।”
ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि वह होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही में बाधा डालने की कोशिश न करे। यह दुनिया के लिए ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
उन्होंने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित रहेगा। अगर ईरान ने वहां किसी तरह की बाधा डालने की कोशिश की, तो उसे और भी कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में चलने वाले वाणिज्यिक तेल टैंकरों को पॉलिटिकल रिस्क इंश्योरेंस उपलब्ध कराएगा। जब ट्रंप से पूछा गया कि यह संघर्ष कितने समय तक चल सकता है, तो उन्होंने संकेत दिया कि सैन्य कार्रवाई जल्द समाप्त हो सकती है।
उन्होंने कहा, “कुछ ही दिन लग सकते हैं। मुझे लगता है कि यह जल्द खत्म हो सकता है।”
ट्रंप ने यह भी बताया कि उनकी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत हुई है।उन्होंने कहा, “मेरी राष्ट्रपति पुतिन से अच्छी बातचीत हुई। हमने यूक्रेन और मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा की।”
पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम में अमेरिका के आठ सैनिकों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों के परिवारों ने उनसे अभियान जारी रखने की अपील की है।
अमेरिका ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हमले तब शुरू किए, जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया था। वाशिंगटन का कहना है कि यह स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए खतरा बन रही थी।
ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी तरह की बाधा अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन सकती है।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।
फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।
इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”
आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।
इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
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