राजनीति
ईडी के दुरुपयोग को लेकर कांग्रेस सांसदों का हंगामा, लोक सभा की कार्यवाही बाधित
नेशनल हेराल्ड अखबार के कार्यालय पर ईडी के छापे के खिलाफ बुधवार को कांग्रेस सांसदों ने लोक सभा में जमकर हंगामा किया। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही बाधित रही। ईडी और अन्य जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सांसदों द्वारा की जा रही लगातार नारेबाजी और हंगामे की वजह से लोक सभा की कार्यवाही को पहले 12 बजे तक और फिर दोपहर बाद 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने नेशनल हेराल्ड के कार्यालय पर ईडी द्वारा की गई छापेमारी पर चर्चा के लिए लोक सभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था। बुधवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस सांसदों ने ईडी और अन्य जांच एजेंसियो के दुरुपयोग को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामे के बीच लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में प्रश्नकाल को चलाने का प्रयास किया लेकिन आखिरकार उन्हें सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित करना ही पड़ा।
दोपहर 12 बजे लोक सभा की कार्यवाही शुरू होने पर भी कांग्रेस से सांसदों की नारेबाजी जारी रही। हंगामे के बीच पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने सदन की कार्यवाही को चलाने की कोशिश की। वो लगातार हंगामा कर रहे सांसदों से अपनी-अपनी सीट पर जाने की अपील करते रहे। हंगामे के बीच ही सदन में ऊर्जा सरंक्षण (संशोधन) विधेयक , 2022 को पेश किया गया। लेकिन इसके बाद भी हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही को दोपहर बाद 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
राष्ट्रीय समाचार
दिल्ली: मंगोलपुरी में एक जूता फैक्ट्री में आग लगने से चार की मौत, सीएम रेखा गुप्ता ने जताया दुख

दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। इस घटना पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दुख जताया है। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार, प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता और राहत कार्यों में तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक जूता फैक्ट्री में शुक्रवार रात करीब 9.30 बजे आग लगी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिसकर्मी व दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया।
अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए दमकल की कई टीमों ने घंटों तक मशक्कत की। इस दौरान कुल 6 लोगों को बाहर निकाला गया, जो फैक्ट्री के अंदर बेहोश पाए गए थे। इन सभी को इलाज के लिए तुरंत मंगोलपुरी के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। इन 6 लोगों में से 4 को मृत घोषित कर दिया गया है, जबकि बाकी 2 लोगों का इलाज चल रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि बचाव और तलाशी अभियान अभी भी जारी है। कानून के अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फेज-1 के डीसीपी (बाहरी जिला) विक्रम सिंह ने बताया कि कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा, “आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। हम जांच कर रहे हैं कि आग कैसे लगी। अभी तक बस इतना पता चला है कि आग बेसमेंट में लगी थी। जांच के बाद ही असली कारण पता चल पाएगा।”
सेंट्रल एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विस (सीएटीएस) के अधिकारी राकेश भारद्वाज ने बताया कि उन्हें रात 9.50 बजे इस इलाके में आग लगने की सूचना मिली थी। उन्होंने पत्रकारों को बताया, “हमारी पांच एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंचीं, जो पांच से सात मिनट के भीतर वहां पहुंच गईं। हमारे स्टाफ और टीम के सदस्यों ने लगभग छह मरीजों को संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया और वहां भर्ती कराया था।”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “मंगोलपुरी में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। इस कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। राहत व बचाव कार्य में सभी संबंधित एजेंसियां जुटी हुई हैं। अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार, प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता और राहत कार्यों में तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पूरी स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।”
महाराष्ट्र
मुंबई: अंधेरी एमआईडीसी में 66 लाख रुपए का हाइड्रो गांजा बरामद, तस्करी के दो आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस के एमआईडीसी (महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) पुलिस थाने की एंटी नारकोटिक्स टीम ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 1 किलो 896 ग्राम हाइड्रो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत 66 लाख 36 हजार रुपए बताई जा रही है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, पुलिस उपनिरीक्षक रणजीत गोंदकुपसे और उनकी टीम गुरुवार को शाम 7:50 बजे गश्त पर थी। इसी दौरान जे.के. इंडस्ट्रियल इस्टेट, पेपर बॉक्स रोड, एमआईडीसी, अंधेरी (पूर्व) में दो युवक संदिग्ध हालत में घूमते दिखे।
पुलिस को देखकर दोनों ने हाथ में मौजूद लाल रंग की प्लास्टिक बैग छिपाने की कोशिश की और वहां से भागने लगे। शक होने पर पुलिस ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने पहले टालमटोल जवाब दिए, लेकिन सख्ती से पूछने पर उन्होंने बताया कि बैग में हाइड्रो गांजा है।
तलाशी में उनके पास से 1 किलो 896 ग्राम हाइड्रो गांजा बरामद हुआ। दोनों आरोपियों की पहचान ओंकार राजेंद्र पवार (उम्र 28 वर्ष, निवासी – भाकरवाडी, ता. कोरेगांव, जिला सतारा) और पियुष मधुकर घोंगडे (उम्र 22 वर्ष, निवासी – वाठार स्टेशन, ता. कोरेगांव, जिला सतारा) के रूप में हुई है।
दोनों के खिलाफ एमआईडीसी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी सतारा जिले से मुंबई में हाइड्रो गांजा बेचने के लिए आए थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के आगे के लिंक की जांच कर रही है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवन भारती, सह आयुक्त (का. व सु.) डॉ. मनोजकुमार शर्मा, अपर आयुक्त (पश्चिम प्रादेशिक विभाग) डॉ. अभिनव देशमुख, पुलिस उप आयुक्त (परिमंडल-3) दत्ता नलावडे, सहायक आयुक्त (अंधेरी विभाग) योगेश शिंदे के मार्गदर्शन में वरिष्ठ निरीक्षक धनंजय नायर और निरीक्षक सुनील कांडे के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रणजीत गोंदकुपसे, पुलिस हवलदार गौतम बडे, पुलिस हवलदार बाबू येडगे, पुलिस हवलदार सचिन थोंबरे, पुलिस कांस्टेबल लोखंडे और पुलिस कांस्टेबल बिनल शिंगणे की टीम ने की।
राष्ट्रीय समाचार
हरियाणा पुलिस की समीक्षा बैठक, डीजीपी ने सीसीटीवी और फेस रिकग्निशन सिस्टम पर दिया जोर

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में प्रदेशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
बैठक में सीसीटीवी निगरानी, फेस रिकग्निशन सिस्टम, सक्रिय अपराधियों के सत्यापन, रात्रि नाकाबंदी, बिना नंबर प्लेट और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तथा इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा के 24 जिलों में मौजूद 389 पुलिस थानों और 327 पुलिस चौकियों में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा कुल 6,644 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। डीजीपी ने निर्देश दिए कि सभी कैमरे पूरी तरह कार्यशील स्थिति में हों और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कैमरों की स्थिति, तकनीकी खामियों और नेटवर्क संबंधी समस्याओं की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश भी दिए।
अपराधियों के डेटा सत्यापन और फेस रिकग्निशन सिस्टम की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 29 अक्टूबर तक प्रदेश में 47,124 सक्रिय अपराधियों का भौतिक सत्यापन पूरा किया जा चुका है। वहीं, 29,416 अपराधियों की तस्वीरें फेस रिकग्निशन सिस्टम में अपलोड की गई हैं। राज्य के 11 जिलों में सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा कर लिया गया है। डीजीपी ने अधिकारियों को घोषित अपराधियों, बेल जंपर्स और मोस्ट वांटेड अपराधियों का डेटा भी अगले दो सप्ताह में सिस्टम पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
बैठक में रात्रि नाकाबंदी की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि अंतरराज्यीय और अंतरजिला नाकाबंदी से अपराध नियंत्रण में सकारात्मक परिणाम मिले हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को नाकों की नियमित निगरानी करने और वहां सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रदेश में फिलहाल 40 संवेदनशील स्थानों और सीमा क्षेत्रों में नियमित नाके लगाए जा रहे हैं, जबकि 250 स्थायी नाकों के अलावा 288 अतिरिक्त नाका प्वाइंट भी चिन्हित किए गए हैं।
बिना नंबर प्लेट और बिना एचएसआरपी वाले वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा में बताया गया कि 1 जून 2026 से 28 अक्टूबर 2026 तक 31.22 लाख से अधिक वाहनों की जांच की गई। इस दौरान बिना नंबर प्लेट के 1.14 लाख से अधिक और बिना एचएसआरपी के 1.57 लाख से अधिक वाहनों के चालान किए गए। इसी अवधि में 22,269 वाहन जब्त भी किए गए। कुल मिलाकर 2.72 लाख से अधिक चालान किए गए हैं।
इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी) की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने कहा कि आपात स्थिति में पुलिस का त्वरित पहुंचना नागरिकों के विश्वास और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को तकनीकी विश्लेषण के आधार पर ईआरवी का रिस्पॉन्स टाइम कम करने और इसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग, सतत निगरानी और जवाबदेही के साथ काम करना आवश्यक है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और नियमित समीक्षा जारी रखने के निर्देश दिए।
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