राजनीति
यूपी विधानसभा सत्र : सीएम योगी का सपा पर हमला – हर मुद्दे का राजनीतिकरण करके समाज में अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश
उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन डेंगू पर विपक्ष के सवालों का सीएम योगी आदित्यनाथ ने जवाब दिया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि समस्या इस बात की नहीं है कि हम समस्या के समाधान की ओर जाएं, समस्या केवल हर मुद्दे का राजनीतिकरण करके समाज में अव्यवस्था पैदा करना है।
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि सरकारी अस्पतालों में लोगों को डेंगू का इलाज नहीं मिल रहा और लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए मजबूर हैं। नेता प्रतिपक्ष और सपा विधायकों के सवालों का जवाब डिप्टी सीएम और हेल्थ मिनिस्टर ब्रजेश पाठक दे रहे थे। विपक्षी विधायकों के शोर-शराबे के बीच सीएम योगी खड़े हुए और उन्होंने चुन-चुनकर सारे आरोपों का जवाब दिया।
योगी ने कहा कि लोगों में असंतोष पैदा करने का जो कुत्सित प्रयास किया जाता है, वो तो कोरोना कालखंड में भी लोगों ने देख लिया था, जब आप लोगों को बहका रहे थे कि वैक्सीन मत लगवाना, ये तो मोदी वैक्सीन है। परिणाम क्या है, मोदी जी के शासनकाल में, उनके मार्गदर्शन में हमारे वैज्ञानिकों द्वारा बनाई गई दोनों वैक्सीन दुनिया की सबसे प्रभावी वैक्सीन हैं। दुनिया के तमाम देशों में कोरोना महामारी के मामले बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। भारत और उत्तर प्रदेश में कोरोना कंट्रोल में है। प्रदेश में कहीं कोई समस्या नहीं है। सरकार आपके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर पूरी तरह सतर्क है। अब तो वैसे भी डेंगू के मामले समाप्ति की ओर हैं।
सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष ने डेंगू पर जैसा प्रश्न किया, वैसा ही उसका उन्हें उत्तर मिल रहा है। जब प्रश्न ही उल्टा था तो उस उल्टे प्रश्न को सही करने का प्रयास था। अभी आपने आधा ही जवाब सुना है, पूरा सुनेंगे तो संभवतः पुराना इतिहास याद आने लगेगा। डेंगू को लेकर सरकार पहले से ही अवेयर थी। अंतरविभागीय समन्वय से संचारी रोग नियंत्रण के लिए सरकार ने गंभीर प्रयास किया है। आपने सिर्फ डेंगू की बात की है, लेकिन जब वेक्टर बांड डिजीज की बात करते हैं तो उसमें डेंगू के साथ मलेरिया, चिकनगुनिया, कालाजार भी आती हैं। इनके उपचार के लिए समन्वित प्रयास किया गया है।
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में क्षेत्रवार बीमारियों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश 25 करोड़ आबादी का राज्य है और स्वाभाविक रूप से अलग-अलग क्लाइमेटिक जोन होने के नाते अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग बीमारियां देखने को मिलती हैं। आपने सिर्फ डेंगू की चिंता की, डेंगू पूरी तरह से नियंत्रण में हैं जो सरकार के द्वारा समय से उठाए गए कदमों का परिणाम है।
सीएम योगी ने डेंगू के विषय में कहा कि यह एक प्रकार का फ्लू है। इसका अपना एक साइकिल होता है। मुझे आश्चर्य होता है कि जो सदस्य यह विषय उठा रहे थे वो जब चिल्ला रहे थे तो मुझे उनके स्वास्थ्य की भी चिंता हो रही थी। आपने जो बात कही है, वो ब्लड ट्रिप नहीं है उसको प्लेटलेट्स कहते हैं। वह पर्याप्त मात्रा में हर जनपद में उपलब्ध है। प्रदेश के अंदर 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए सालाना स्वास्थ्य बीमा का कवर भी ये सरकार उपलब्ध करा रही है।
राजनीति
टीवीके ने तमिलनाडु उपचुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों के नामों की घोषणा की

मदुरंतकम और धारापुरम की आरक्षित विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की अंतिम सूची शनिवार को जारी की जाएगी। इसके साथ ही 6 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए जोरदार प्रचार अभियान औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।
शनिवार उम्मीदवारों के लिए अपना नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारी अंतिम सूची जारी करेंगे और निर्दलीय उम्मीदवारों तथा गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित करेंगे।
चेंगलपट्टू जिले में स्थित मदुरंतकम सीट के लिए 48 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच के बाद 28 उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार किए गए, जिससे नामांकन वापसी की समय-सीमा से पहले मैदान में काफी उम्मीदवार बने हुए हैं।
प्रमुख उम्मीदवारों में टीएमसी की मरगथम कुमारवेल, डीएमके के परंथमन, एआईए़डीएमके की गनिथा संपत, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) की सुगंधि और नाम तमिलर काची के जानकीरमन शामिल हैं। चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की सही संख्या शनिवार को अधिकारियों द्वारा नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
धारापुरम निर्वाचन क्षेत्र में, चुनाव अधिकारियों ने जांच के बाद 22 नामांकन पत्र स्वीकार किए। यहां भी, अंतिम मुकाबले की तस्वीर तभी साफ होगी जब जो उम्मीदवार दौड़ में बने नहीं रहना चाहते, वे औपचारिक रूप से अपना नामांकन वापस ले लेंगे।
इन उपचुनावों ने काफी राजनीतिक ध्यान खींचा है, क्योंकि पार्टियां इन मुकाबलों को अपनी संगठनात्मक ताकत और जनता के समर्थन की एक अहम परीक्षा मान रही हैं। कई उम्मीदवार पहले ही मतदाताओं से मिलना, नुक्कड़ सभाएं करना और स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं को एकजुट करना शुरू कर चुके हैं। उम्मीद है कि उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होने के बाद चुनाव प्रचार में तेजी आएगी।
राजनीतिक पार्टियां प्रचार के बचे हुए समय में जनसभाएं, घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने के कार्यक्रम और वरिष्ठ नेताओं की रैलियां आयोजित करने की तैयारी कर रही हैं।
इस बीच, टीवीके ने दो उपचुनावों के लिए 40 स्टार प्रचारकों के नामों की घोषणा की है। पार्टी द्वारा घोषित प्रमुख प्रचारकों में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी शामिल हैं। स्टार प्रचारकों की सूची में कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर, वीसीके अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन, एमडीएमके महासचिव वाइको, दुरई वाइको और कादर मोहिदीन के नाम भी शामिल हैं।
चुनाव अधिकारी दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग और वोटों की गिनती बिना किसी रुकावट के, सुचारू और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए पोलिंग स्टेशन तैयार करने, स्टाफ तैनात करने और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने जैसे काम कर रहे हैं।
दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में गठबंधन के बड़े नेताओं की भागीदारी से राजनीतिक मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है। वोटिंग के दिन से पहले मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की कोशिश में पार्टियां अपने प्रचार अभियान को स्थानीय विकास के मुद्दों और राज्य-स्तर के बड़े राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित कर सकती हैं।
राष्ट्रीय समाचार
लिस्टिंग से पहले ठंडी पड़ी एनएसई आईपोओ की ग्रे मार्केट चमक, जीएमपी 60 प्रतिशत से ज्यादा टूटा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) लिस्टिंग से पहले तेज गिरावट का शिकार हुआ है।
ग्रे मार्केट को कवर करने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, शनिवार को 218 रुपए के उच्चतम स्तर पर पहुंचा जीएमपी शुक्रवार दोपहर तक घटकर 84 रुपए रह गया, जो अपने उच्चतम स्तर से करीब 61.46 प्रतिशत कम है।
हालांकि ग्रे मार्केट में उत्साह कमजोर पड़ा है, इसके बावजूद 22,569 करोड़ रुपए के एनएसई आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। शुक्रवार को बोली के दूसरे दिन यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 10.28 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) आधारित है, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री कर रहे हैं। इसका मतलब है कि शेयर बिक्री से प्राप्त राशि सीधे एनएसई के पास नहीं जाएगी।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 1,700 रुपए से 1,785 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर एनएसई का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) लगभग 4.42 लाख करोड़ रुपए बैठता है।
यह सार्वजनिक निर्गम 21 सितंबर को बंद होगा, जबकि कंपनी के शेयरों के 24 सितंबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल एक अनौपचारिक संकेतक होता है, जो यह दर्शाता है कि निवेशक सूचीबद्ध होने से पहले इश्यू मूल्य के ऊपर कितनी अतिरिक्त कीमत चुकाने को तैयार हैं। जीएमपी किसी भी तरह से यह सुनिश्चित नहीं करता कि शेयर प्रीमियम पर ही सूचीबद्ध होगा।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो एनएसई का वित्त वर्ष 2025-26 में संचालन से राजस्व 16,601.31 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 17,140.67 करोड़ रुपए की तुलना में तीन प्रतिशत से अधिक कम है।
इसी अवधि में एक्सचेंज की आय का प्रमुख स्रोत माने जाने वाले ट्रांजैक्शन शुल्क से राजस्व में भी गिरावट दर्ज की गई। यह वित्त वर्ष 2024-25 के 13,635.76 करोड़ रुपए से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में 13,057.01 करोड़ रुपए रह गया, जो लगभग 4 प्रतिशत की सालाना कमी को दर्शाता है।
बाजार की नजर अब आईपीओ के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और 24 सितंबर को होने वाली संभावित लिस्टिंग पर रहेगी, जहां निवेशकों की वास्तविक प्रतिक्रिया एनएसई के शेयर के प्रदर्शन को तय करेगी।
अपराध
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में खाली घर से मिला नाबालिग लड़की का शव, परिवार ने जताया हत्या का शक

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में शनिवार सुबह एक खाली घर से 16 साल की लड़की का शव मिला है। परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या एक नाबालिग लड़के और उसके परिवार वालों ने की है। बताया जा रहा है कि लड़की उस लड़के के साथ रिलेशनशिप में थी। लड़की के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
लड़की का शव पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन इलाके में एक खाली घर से मिला। लड़की के जीजा ने स्थानीय मीडिया को बताया कि वह शुक्रवार रात से लापता थी। हमने पूरी रात उसे ढूंढा लेकिन वह नहीं मिली। आज सुबह वह मृत पाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमें पता चला कि लड़की का एक स्थानीय लड़के के साथ संबंध था। वह ट्यूशन के लिए उनके घर जाती थी लेकिन बाद में उसने वहां ट्यूशन जाने से मना कर दिया। हमें शक है कि लड़की की हत्या की गई है। हमने सरकार से अपील की है कि उसे उचित न्याय मिले।
शनिवार सुबह लड़की का शव परिवार के ही एक खाली घर के अंदर मिला। उसके गले पर उसका स्कार्फ बंधा हुआ था।पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पुरुलिया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा। अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। पुरुलिया जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शव बरामद कर लिया गया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। लड़की के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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