राजनीति
यूपी विधानसभा बजट सत्र: राज्यपाल ने हंगामे के बीच दिया भाषण, सपा ने लगाए ‘गो बैक’ के नारे
लखनऊ, 9 फरवरी : उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र की सोमवार को औपचारिक शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार हंगामा किया, हालांकि विरोध के बीच भी राज्यपाल ने अपना अभिभाषण निर्विघ्न रूप से जारी रखा।
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा विधायक हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां लेकर सदन में खड़े हो गए और ‘राज्यपाल गो बैक’ के नारे लगाए। हंगामे के बीच सपा विधायक पल्लवी पटेल अपनी सीट पर बैठी रहीं। पार्टी के अन्य सदस्यों द्वारा बुलाए जाने के बावजूद उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने से परहेज किया। इस दौरान सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान ने अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा से जुड़े मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया।
वहीं सपा विधायकों की तख्तियों पर “विकास के नाम पर विनाश, ”अस्पतालों में न दवा, न सुविधा,” “गरीबों की सुनवाई नहीं”, “पीडीए खत्म करेगा भाजपा का राज” और “एसआईआर एक साजिश है” जैसे नारे लिखे हुए थे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सदन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लगातार “गो-बैक, गो-बैक” के नारे लगाए।
विपक्ष के शोर-शराबे के बावजूद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने अभिभाषण में कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में करीब छह करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
इधर, सपा विधायक जाहिद बेग एसआईआर और फार्म-7 के मुद्दे को लेकर नारे लिखी तख्ती के साथ विधानसभा पहुंचे और विरोध जताया।
बजट सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि राज्यपाल के अभिभाषण के उपरांत प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण सदन के पटल पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर है जब कोई राज्य सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों को इस तरह प्रस्तुत कर रही है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश को पिछड़ेपन से बाहर निकालकर भारतीय अर्थव्यवस्था में एक मजबूत भूमिका में स्थापित किया गया है। वहीं बजट सत्र से पहले समाजवादी पार्टी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने विधानसभा परिसर में स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
राजनीति
प्रधानमंत्री मोदी ने एवियन में वर्ल्ड लीडर्स से मुलाकात की दिखाई झलक

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 समिट में हिस्सा लिया और मेहमान सदस्य के तौर पर अपनी बात मजबूती से इस वैश्विक प्लेटफॉर्म पर रखी। एवियन में वर्ल्ड लीडर्स के साथ हुई मुलाकात के दौरान हुई बातचीत के कुछ अंश भी साझा किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से इस दौरे की झलकी दिखाई। इसमें फ्रेंच राष्ट्रपति और मेजबान इमैनुएल मैक्रों, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर, इतालवी पीएम जॉर्जिया मेलोनी, यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन समेत देश दुनिया के कई नामचीन राजनेता देखे जा सकते हैं।
खास पलों को पोस्ट करते हुए पीएम ने लिखा, “जी7 समिट के एक सफल सत्र के कुछ मुख्य बिंदु साझा कर रहा हूं, जो एवियन-लेस-बेंस में आयोजित हुआ था, जहां विश्व नेताओं ने एक साथ आकर विचारों का आदान-प्रदान किया और हमारे ग्रह के सामने मौजूद प्रमुख मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा की।”
1 मिनट 52 सेकंड की इस क्लिप में प्रधानमंत्री का स्विट्जरलैंड के एयरपोर्ट पर उतरना, राष्ट्रपति पारमेलिन का गर्मजोशी से भरा स्वागत और फिर हेलिकॉप्टर से एवियन स्थित जी7 आयोजन स्थल पर पहुंचना शामिल है।
आयोजन स्थल में दुनिया भर से आए नेताओं से मुलाकात और फिर उनके साथ फोटो सेशन का दृश्य है। ट्रंप के साथ बिताए कुछ खास पल और द्विपक्षीय बातचीत के कुछ अंश भी इसका हिस्सा हैं।
बतौर अतिथि सदस्य आमंत्रित पीएम मोदी हाई लेवल वर्किंग सेशन में भी शामिल हुए। इसकी थीम ‘नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करना’ थी। इस सेशन में जी7 देशों के नेता, सहयोगी देशों के नेता, और वर्ल्ड बैंक और अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में संवाद और शांति को दुनिया के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “हम पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष की वजह से क्षेत्र के हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले समुद्री व्यापार में रुकावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है।”
उन्होंने भारतीय नाविकों की मौत का भी जिक्र किया। बोले, “कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है। वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखना जरूरी है ताकि नाविक बिना किसी डर के अपना काम कर सकें।”
राष्ट्रीय समाचार
बैंक ऑफ बड़ौदा में 65 प्रोफेशनल्स पदों पर आवेदन शुरू, 6 जुलाई तक आवेदन का अवसर

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए एक शानदार मौका सामने आया है। बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने अपने कॉर्पोरेट और इंस्टीट्यूशनल क्रेडिट (सी एंडआईसी) विभाग में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर तय समय के लिए प्रोफेशनल्स की विभिन्न 65 पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।
बीओबी की ओर से जारी 65 रिक्तियों में वाइस प्रेसिडेंट (वीपी) – रिलेशनशिप हेड- रियल एस्टेट का 1, वाइस प्रेसिडेंट (वीपी) – रिलेशनशिप हेड-एमएनसी का 1, वाइस प्रेसिडेंट (वीपी) – रिलेशनशिप हेड-क्रेडिट लाइट क्लाइंट्स का 1, डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (डीवीपी) – हेड मार्केट इंटेलिजेंस यूनिट का 1, डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (डीवीपी) – हेड प्रोडक्ट सेल्स – ट्रांज़ैक्शन बैंकिंग का 1, डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (डीवीपी) – सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर – क्रेडिट लाइट/कॉन्गलोमरेट/एमएनसी/रियल एस्टेट/कॉर्पोरेट बैंकिंग के 12, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (एवीपी) II- कॉन्गलोमरेट/रियल एस्टेट के 2, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट II (एवीपी II) – प्रोडक्ट मैनेजर – कॉर्पोरेट बैंकिंग के 3, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (एवीपी) II- सीनियर प्रोडक्ट सेल्स मैनेजर (एसपीएसएम) – ट्रांजैक्शन बैंकिंग के 2, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट II (एवीपी II) – रिलेशनशिप मैनेजर- क्रेडिट लाइट/कॉन्गलोमरेट/एमएनसी/कॉर्पोरेट बैंकिंग/रियल एस्टेट के 30, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट I (एवीपी I) – प्रोडक्ट सेल्स मैनेजर (पीएसएम)- ट्रांजैक्शन बैंकिंग के 4 और असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट I (एवीपी I) – क्रेडिट लाइट/एमएनसी/रियल एस्टेट/कॉन्गलोमरेट के 7 पद शामिल हैं।
इन सभी पोस्ट के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 16 जून से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 6 जुलाई तय की गई है। ऐसे में जो पात्र उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे बीओबी के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपना रजिस्ट्रेशन फॉर्म जमा कर सकते हैं।
अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से सभी पोस्ट के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएशन और एमबीए/पीजीडीएम या चार्टर्ड अकाउंटेंट या फाइनेंस में स्पेशलाइजेशन के साथ पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री/डिप्लोमा या सीए/सीएमए/सीएफए होना चाहिए। इसी के साथ कैंडिडेट्स के पास प्रासंगिक क्षेत्र में पद के अनुसार निर्धारित 5 से 15 वर्षों का अनुभव होना भी अनिवार्य है।
आवेदकों की न्यूनतम आयु पद के अनुसार 28 से 36 वर्ष और अधिकतम आयु 38 से 52 वर्ष के बीच तय की गई है, जिसकी गणना 1 जून के आधार पर की जाएगी। आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदन की जांच, ऑनलाइन टेस्ट, शॉर्टलिस्टिंग, साइकोमेट्रिक टेस्ट या कोई अन्य टेस्ट, पर्सनल इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, आदि चरणों के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी बीओबी के वेतनमान नियमों के अनुसार होगी।
फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को अपने वर्ग के अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो सामान्य/ईडब्ल्यूएस/ओबीसी के लिए 850 रुपए के साथ जीएसी और पेमेंट गेटवे शुल्क। वहीं, एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी/ईएसएम/डीईएसएम और महिलाओं के लिए 175 रुपए के साथ जीएसी और पेमेंट गेटवे शुल्क तय किया गया है।
राजनीति
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव: निष्कासित भाजपा विधायकों ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान की पुष्टि की

कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए गुरुवार को मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग की अटकलों के बीच भाजपा से निष्कासित विधायक एस.टी. सोमशेखर और शिवराम हेब्बार ने खुलकर कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की पुष्टि की। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व ने उनका समर्थन मांगने के लिए औपचारिक संपर्क तक नहीं किया।
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एस.टी. सोमशेखर ने कहा कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस के पक्ष में वोट दिया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्होंने तय नहीं किया था कि किस उम्मीदवार का समर्थन करेंगे, लेकिन उनके अनुसार जो दल संपर्क करता है, उसी पर विचार किया जाता है।
सोमशेखर ने कहा कि न तो भाजपा और न ही जेडी(एस) ने उनसे समर्थन मांगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने उन्हें फोन कर बैठक में बुलाया और क्षेत्र के विकास के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। इसी भरोसे के आधार पर उन्होंने अंतरात्मा की आवाज पर कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा उनकी तरह के नेताओं के समर्थन से सत्ता में आई थी और अब उन्हें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार उनके क्षेत्र के विकास के लिए चरणबद्ध तरीके से काम करेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के सभी पांच उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे।
दूसरी ओर, निष्कासित भाजपा विधायक शिवराम हेब्बार ने भी कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा अपने निर्वाचन क्षेत्र का विकास है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेताओं के साथ विकास संबंधी मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में मतदान किया।
हेब्बार ने कहा कि भाजपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया, लेकिन विधान परिषद चुनाव में समर्थन मांगने के लिए कम से कम औपचारिक बातचीत की उम्मीद थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का मुख्य उद्देश्य जेडी(एस) उम्मीदवार को हराना था, इसलिए पार्टी नेतृत्व ने उनसे संपर्क नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्रियों ने उनसे समर्थन मांगा और उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
वहीं, उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी विधायक तय रणनीति के अनुसार मतदान करेंगे। उन्होंने दावा किया कि यदि कहीं क्रॉस वोटिंग की संभावना है तो वह भाजपा या जेडी(एस) खेमे में है।
भाजपा विधायक अरविंद बेल्लद ने विश्वास जताया कि पार्टी के सभी उम्मीदवार जीतेंगे। उन्होंने माना कि एस.टी. सोमशेखर और शिवराम हेब्बार के वोट कांग्रेस को जा सकते हैं, लेकिन बाकी सभी भाजपा विधायक पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार लिंगराज पाटिल और रघु कौटिल्य की जीत का भी भरोसा जताया।
जेडी(एस) के एनडीए समर्थित उम्मीदवार के. गोविंदराजू की संभावनाओं पर बेल्लद ने कहा कि वोटों की कमी जरूर है, लेकिन उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
कांग्रेस विधायक कोनारेड्डी ने भी दावा किया कि पार्टी के सभी पांच उम्मीदवार जीतेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उम्मीदवार को लगभग 28 से 29 वोट आवंटित किए गए हैं और सभी विधायक तय योजना के तहत मतदान करेंगे। उनके अनुसार अन्य दलों के कुछ उम्मीदवारों का समर्थन भी कांग्रेस को मिलने की संभावना है।
भाजपा विधायक एस.आर. विश्वनाथ ने दावा किया कि एनडीए के तीनों उम्मीदवार जीतेंगे और भाजपा में किसी तरह की क्रॉस वोटिंग नहीं होगी। उन्होंने कहा कि असंतोष कांग्रेस के भीतर है, जहां मंत्रिमंडल विस्तार और गुटबाजी के मुद्दे मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि तीसरे एनडीए उम्मीदवार के लिए तीन वोटों की कमी है, जबकि कांग्रेस को अपने पांचवें उम्मीदवार की जीत के लिए पांच अतिरिक्त वोटों की जरूरत है।
कांग्रेस विधायक और कांग्रेस विधायक दल के सचिव अल्लामप्रभु पाटिल ने कहा कि सभी विधायक पार्टी हाईकमान की रणनीति के अनुसार मतदान करेंगे।
पूर्व मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी ने खरीद-फरोख्त के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास लगभग 140 वोट हैं, जो पांचों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास पर्याप्त द्वितीय वरीयता मत भी हैं और कांग्रेस में किसी तरह की क्रॉस वोटिंग नहीं होगी।
-
दुर्घटना10 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र12 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
