राजनीति
केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर का कांग्रेस पर प्रहार, कहा-उल्टा चोर कोतवाल को डांटे
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संसद से पास हुए किसानों से जुड़े बिलों का विरोध करने पर कांग्रेस को निशाने पर लिया है। उन्होंने दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास एक-एक मिनट में बिल पास करने का रहा है, जबकि हमने तो चर्चा के बाद किसानों और मजदूरों से जुड़े बिल पास किए हैं। ऐसे में कांग्रेस का यह रवैया ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ जैसा है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री जावड़ेकर ने किसानों से जुड़े बिलों पर कांग्रेस के लगाए सभी आरोपों को एक-एक कर खारिज किया। उन्होंने शुक्रवार को तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस जब करे तो अच्छा है हम करें तो बुरा है। जावडेकर ने राज्यसभा में हुए हंगामे पर अहम प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अगर विपक्षी दलों के सदस्य अपनी निर्धारित जगह पर होते तो उन्हें डिवीजन जरूर मिलता। उस दिन कई बार उपसभापति ने सीट पर जाकर डिवीजन मांगने को कहा था, लेकिन किसी ने कुछ सुना नहीं। डिवीजन होता तो भी वोट हमारे पक्ष में थे।” दरअसल जावड़ेकर का यह जवाब, उस आरोप को लेकर आया है, जिसमें विपक्ष का कहना है कि मांग के बावजूद कृषि बिलों पर मतदान नहीं कराया गया।
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस पर सदन को शर्मसार करने का आरोप लगाया। जावड़ेकर ने कहा, “सदन में चर्चा पूरी होने के बाद भी विपक्ष के सदस्यों ने बेल में उतरकर शोर मचाया। कागज किसने फाड़ा-विपक्ष ने, उपसभापति को किसने धमकाया-विपक्ष ने, किताब किसने फेंकी-विपक्ष ने, गालीगलौज किसने की-विपक्ष ने। ये पाप कांग्रेस और विपक्षी दलों का है, लेकिन उल्टा दोष हम पर ही दे रहे हैं। यानी उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। यह चोरी और सीनाजोरी का उदाहरण है।”
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस पर तीन सवाल दागते हुए पूछा कि क्या मनमोहन सिंह ने यह नहीं कहा था कि कांग्रेस एपीएमसी कानून में बदलाव करेगी? उन्होंने कहा, “मैं पूछना चाहता हूं कि क्या कपिल सिब्बल ने यह नहीं कहा था कि बिचौलियों को नफा ज्यादा मिलता है और किसानों को कम। किसानों को न्याय के लिए बिचौलियों की व्यवस्था खत्म करनी चाहिए। क्या राहुल गांधी और अजय माकन ने प्रेस कांफ्रेंस कर एपीएमसी एक्ट से कई चीजें हटाने की बात नहीं कही थीं, ताकि किसान अपना माल कही भी बेच सकें।”
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस सहित विपक्ष का झूठ धीरे-धीरे सामने आ रहा है। उन्होंने (कांग्रेस) ने प्रचारित किया कि एमएसपी खत्म होगी, जबकि एमएसपी तो घोषित हो गई। आगे बाजार शुरू होने पर खरीद होगी तो कुछ दिनों में नाटक खत्म हो जाएगा। इनका नाटक खत्म होगा। जावडेकर ने इसे कांग्रेस की दोहरी राजनीति बताया।
जावड़ेकर ने कहा, “50 करोड़ मजदूर और 50 करोड़ किसान यानी जब सौ करोड़ लोगों के बारे में महत्वपूर्ण निर्णय हुए, तब कांग्रेस सहित विपक्ष ने गैर जिम्मेदराना रवैया दिखाते हुए बहिष्कार किया। जिसकी हम भर्त्सना करते हैं। हमने तो चर्चा के बाद विधेयक पास किए। कांग्रेस ने तो अपनी सरकारों में एक-एक मिनट में बिल पास किए हैं। कांग्रेस को चोरी और सीनाजोरी करने में महारत हासिल है।”
महाराष्ट्र
मुंबई: शब बरात के बाद से नरेलवाड़ी कब्रिस्तान की सफाई कब्रिस्तान में खंभे ठीक किए गए, पार्षद वकार खान की टीम ने कब्रिस्तान की सफाई की

मुंबई: मुंबई शब-ए-बारात से पहले कब्रिस्तान की सफाई का काम चल रहा है। साउथ मुंबई वार्ड नंबर 211 के कॉर्पोरेटर वकार खान ने हाल ही में नरेलवाड़ी कब्रिस्तान के ट्रस्टियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान ट्रस्टियों ने बताया कि कब्रिस्तान में लगी छह हाई-मास्ट लाइटें पिछले आठ महीनों से बंद थीं, जिससे रात में काफी दिक्कतें हो रही थीं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वकार खान ने BMC के संबंधित अधिकारियों से बात की और समस्या का तुरंत समाधान करने की मांग की। शुरू में अधिकारियों ने बताया कि इस काम के लिए करीब 24 लाख रुपये के फंड की जरूरत है, जो फिलहाल उपलब्ध नहीं है और इसे मंजूरी मिलनी है। बाद में वकार खान ने सीनियर अधिकारियों और वार्ड अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा, जिसके चलते सिर्फ दो दिनों के अंदर सभी हाई-मास्ट लाइटें फिर से चालू कर दी गईं। कब्रिस्तान के दौरे के दौरान यह भी देखा गया कि वहां गंभीरता से सफाई की जरूरत है। तो दो से तीन दिन के अंदर, वकार खान की लीडरशिप में, मदनपुर हनागपाड़ा के करीब 40 से 50 लोकल लोगों ने बिना किसी पॉलिटिकल मकसद के खुद कब्रिस्तान की सफाई का काम अपने हाथ में ले लिया। दो से तीन घंटे में करीब 50 कब्रों के आस-पास का एरिया साफ हो गया।
इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, यह तय किया गया कि रविवार, 1 फरवरी को एक बड़ा सफाई अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें 100 से 150 लोकल, नॉन-पॉलिटिकल लोग हिस्सा लेंगे।
यह सफाई अभियान सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा, जिसका मकसद मुसलमानों की इस आखिरी आरामगाह को साफ, सुथरा और इज्ज़तदार बनाना है। यह अभियान पूरी तरह से पब्लिक सर्विस और धार्मिक और सामाजिक ज़िम्मेदारी के तौर पर चलाया जा रहा है, जिसमें कोई पॉलिटिकल मकसद शामिल नहीं है।
राजनीति
महाराष्ट्र: दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

मुंबई, 31 जनवरी : एनसीपी विधायक दल की नेता और दिवंगत उपख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने लोकभवन में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ग्रहण कर ली है। लोकभवन में एनसीपी विधायक दल की नेता और दिवंगत डिप्टी सीएम अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लेने के दौरान मौजूद एनसीपी नेताओं ने ‘अजीत दादा अमर रहें’ के नारे लगाए।
इससे पहले दिवंगत डिप्टी सीएम अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार के एनसीपी विधायक दल की नेता चुने जाने के बाद पार्टी नेताओं ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी।
एनसीपी नेता अनिल भैदास पाटिल ने कहा था कि सबसे जरूरी बात यह है कि पहले हमें अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और सभी विधायकों के साथ मिलकर यह तय करना था कि सुनेत्रा पवार को कैसे मनाया जाए।
उन्होंने कहा कि इतना बड़ा झटका लगा है कि सुनेत्रा पवार के लिए इससे उबरना लगभग नामुमकिन है। हालांकि, हमारी कोशिश है कि पार्टी की कमान किसी को सौंपी जाए। हमें लगता है कि इस समय सुनेत्रा पवार यह जिम्मेदारी संभाल सकती हैं क्योंकि जल्द स्थानीय निकाय चुनाव भी होने वाले हैं। जितने भी उम्मीदवार चुनाव में खड़े किए, अजित पवार उन्हीं को जिताने के लिए दौरे कर रहे थे। अजित पवार के निधन के बाद उम्मीदवारों को संभालने की जिम्मेदारी अब सुनेत्रा पवार पर होगी।
विधायक सना मलिक ने कहा कि पार्टी में अगर अजित पवार के बाद किसी को तुरंत स्वीकार किया जा सकता था, तो सुनेत्रा पवार ही हैं। वे पिछले दो साल से कार्यकर्ताओं के साथ खुद जुड़ी रहती थीं।
शरद पवार की पार्टी के साथ विलय की चर्चाओं पर अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि संभावित विलय को लेकर दादा की कोशिशें चल रही थीं और हममें से कुछ लोगों को इसके बारे में थोड़ी जानकारी थी। कुछ नेताओं के बीच बातचीत हो रही थी और कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे थे कि अजित पवार और शरद पवार के साथ करीबी नेता बात करते दिख रहे थे। लेकिन मुलाकात के समय किन मुद्दों, गठबंधन और विलय को लेकर चर्चा हुई, इसका जवाब अजित पवार के निधन के बाद कोई देने वाला नहीं है।
राजनीति
सुनेत्रा पवार चुनी गईं एनसीपी विधायक दल की नेता, शाम 5 बजे लेंगी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

मुंबई, 31 जनवरी : दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) विधायक दल का नेता चुना गया है। वे शाम 5 बजे उपमुख्यमंत्री की शपथ लेंगी।
जानकारी के अनुसार, बैठक में वरिष्ठ एनसीपी नेता दिलीप वलसे पाटिल ने विधायक दल के नेता के लिए सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा। छगन भुजबल और अन्य नेताओं ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
महाराष्ट्र लोकभवन में शाम 5 बजे सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री की शपथ दिलाई जाएगी। पांच बजे सुनेत्रा के शपथ ग्रहण की जानकारी राजभवन को दी गई। सादगीपूर्वक शपथ ग्रहण होगा। बताया जाता है कि शाम करीब चार बजे राज्यपाल मुंबई पहुंचेंगे।
एनसीपी नेता अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि पहले हमें अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और सभी विधायकों के साथ मिलकर यह तय करना था कि सुनेत्रा पवार को कैसे मनाया जाए। उसी के मुताबिक, शुक्रवार को वहां सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह यहां आईं।
उन्होंने कहा कि इतना बड़ा झटका लगा है कि सुनेत्रा पवार के लिए इससे उबरना लगभग नामुमकिन है। हालांकि, हमारी कोशिश है कि पार्टी की कमान किसी को सौंपी जाए। हमें लगता है कि इस समय सुनेत्रा पवार यह जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। क्योंकि जल्द स्थानीय निकाय चुनाव भी होने वाले हैं। जितने भी उम्मीदवार चुनाव में खड़े किए, अजित पवार उन्हीं को जिताने के लिए दौरे कर रहे थे। अजित पवार के निधन के बाद उम्मीदवारों को संभालने की जिम्मेदारी अब सुनेत्रा पवार पर होगी।
विधायक सना मलिक ने कहा कि उपमुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख के लिए सुनेत्रा पवार के नाम की चर्चा हुई। पार्टी में अगर अजित पवार के बाद किसी को तुरंत स्वीकार किया जा सकता था, तो सुनेत्रा पवार ही हैं। वे पिछले दो साल से कार्यकर्ताओं के साथ खुद जुड़ी रहती थीं।
शरद पवार की पार्टी के साथ विलय की चर्चाओं पर अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि संभावित विलय को लेकर दादा की कोशिशें चल रही थीं और हममें से कुछ लोगों को इसके बारे में थोड़ी जानकारी थी। कुछ नेताओं के बीच बातचीत हो रही थी और कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे थे कि अजित पवार और शरद पवार के साथ करीबी नेता बात करते दिख रहे थे। लेकिन मुलाकात के समय किन मुद्दों, गठबंधन और विलय को लेकर चर्चा हुई, इसका जवाब अजित पवार के निधन के बाद कोई देने वाला नहीं है।
विलय की अटकलों पर सना मलिक ने कहा, “मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुने जाते, दोनों पार्टियों का विलय मुश्किल है।
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