महाराष्ट्र
मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के रोड सीमेंट कंक्रीटिंग प्रोजेक्ट में क्वालिटी के साथ ट्रांसपेरेंसी, इलाके में रोड के काम की अभी की स्थिति के बारे में जानकारी रखें: म्युनिसिपल कमिश्नर
मुंबई; मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में इंफ्रास्ट्रक्चर की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट की प्लानिंग कर रहा है। मुंबई के लोगों को गड्ढों से मुक्त सड़कें देने के लिए रोड सीमेंट कंक्रीटिंग प्रोजेक्ट दो फेज में शुरू किया गया है। इससे सड़क पर सफर आसान हो जाएगा। एक तरफ जहां म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन सड़क का काम कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने एक कंप्यूटर सिस्टम (रियल-टाइम डैशबोर्ड) बनाया है जो सड़कों के बारे में डिटेल्ड जानकारी दिखाता है ताकि मुंबईकर भी अपने इलाके की जानकारी ले सकें। यह जानकारी ‘डैशबोर्ड’ मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट https://roads.mcgm.gov.in/publicdashboard लिंक पर सभी के लिए खुला है। खास बात यह है कि यह ‘डैशबोर्ड’ हर दिन अपडेट किया जाएगा। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कमिश्नर श्रीमती अश्विनी भिड़े ने सड़क के कामों का डिटेल में रिव्यू किया। उन्होंने रिव्यू मीटिंग में अधिकारियों को निर्देश दिया कि रोड सीमेंट कंक्रीटिंग का काम तय समय में और क्वालिटी तरीके से किया जाना चाहिए। इस रिव्यू मीटिंग में भिड़े ने कहा कि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बड़े रोड सीमेंट कंक्रीटिंग प्रोजेक्ट का पहला फेज़ 12 दिसंबर, 2026 तक पूरा हो जाना चाहिए, फेज़ 2 मई 2027 तक पूरा हो जाना चाहिए। इसमें कोई एक्सटेंशन नहीं होगा। सड़कों की क्वालिटी को लेकर और ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत है। यह पक्का किया जाना चाहिए कि चल रहे रोड के काम 31 मई, 2026 तक पूरे हो जाएं। यह पक्का किया जाना चाहिए कि मॉनसून के दौरान कोई भी काम शुरू न हो। ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो। मिसेज़ भिड़े ने कहा कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने सीमेंट रोड प्रोजेक्ट में ट्रांसपेरेंसी पक्का करने के लिए एक ‘डैशबोर्ड’ शुरू किया है।
यह रिव्यू मीटिंग म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े के ऑफिस में हुई। इस मौके पर एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) श्री अभिजीत बांगर, डिप्टी कमिश्नर (इंफ्रास्ट्रक्चर) श्री गिरीश निकम, डिप्टी कमिश्नर (कमिश्नर ऑफिस) श्री प्रशांत गायकवाड़, चीफ इंजीनियर (रोड्स) श्री मंटिया स्वामी वगैरह इंजीनियर्स के साथ मौजूद थे। मुंबई में सीमेंट कंक्रीटिंग का काम हाई क्वालिटी का हो, उसमें ट्रांसपेरेंसी हो। इसलिए, म्युनिसिपल कमिश्नर श्रीमती अश्विनी भिड़े ने इस प्रोजेक्ट की क्वालिटी पर खास ध्यान दिया है। भिड़े ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ‘डैशबोर्ड’ पर जानकारी अपडेट रखने के भी साफ निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि सड़क के काम के दौरान नागरिकों को परेशानी न हो, इसका खास ध्यान रखा जाए। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेजर रोड सीमेंट कंक्रीटिंग प्रोजेक्ट के फेज 1 और फेज 2 के तहत 2,118 सड़कों (लंबाई 691.08 km) की सीमेंट कंक्रीटिंग की जा रही है। इनमें से 1,170 सड़कों (लंबाई 316.84 km) की एंड-टू-एंड कंक्रीटिंग (पीक्यूसी) पूरी हो चुकी है। जबकि 559 सड़कें जंक्शन से जंक्शन (171.40 km) तक पूरी हो चुकी हैं। इस तरह, कुल 691.08 km में से 488.24 km सड़कों की कंक्रीटिंग यानी 71% कंक्रीटिंग पूरी हो चुकी है। बाकी 389 सड़कों (102.04 km) की सीमेंट कंक्रीटिंग (पीक्यूसी) का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसलिए, जिन सड़कों की सीमेंट कंक्रीटिंग पूरी हो चुकी है, जिन पर काम चल रहा है और जिन पर जल्द ही काम शुरू होगा, उनकी जानकारी नगर निगम की वेबसाइट पर सड़क के कामों के ‘डैशबोर्ड’ पर एक अलग कॉलम में दी गई है। सड़क कंक्रीटिंग प्रोजेक्ट के तहत कंक्रीट डालने (पीक्यूसी) की प्रक्रिया की पूरी जानकारी नागरिकों को ज़ोन-वाइज़, एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट-वाइज़ (वार्ड ऑफिस) के हिसाब से उपलब्ध है। इससे नागरिकों के लिए अपने ज़ोन के किसी भी हिस्से में सड़क के काम की मौजूदा स्थिति देखना आसान और सरल हो गया है। इसके साथ ही, नागरिकों को यह भी जानकारी है कि उनके इलाके में जिस सड़क पर सीमेंट कंक्रीटिंग का काम हो रहा है, उसकी लंबाई और चौड़ाई कितनी है, काम कब शुरू हुआ, कब पूरा होगा, साथ ही कितने परसेंट काम पूरा हो चुका है। यहां, नागरिकों को सड़क की मौजूदा स्थिति दिखाने वाली तस्वीरें भी देखने को मिलेंगी। मुंबई के लोग नगर निगम के अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर से संपर्क करके अपने इलाके में सड़क कंक्रीट करने का काम जिस कॉन्ट्रैक्टर को दिया गया है, उसके बारे में पूरी जानकारी ले सकते हैं, सड़क के लिए ज़िम्मेदार नगर निगम के इंजीनियर का नाम और कॉन्टैक्ट नंबर और ये दोनों ‘डैशबोर्ड’ पर मौजूद हैं। इससे वे सीधे कॉन्ट्रैक्टर और ज़िम्मेदार नगर निगम के अधिकारी से बात कर पाएंगे। इसके अलावा, अगर लोग सड़क के काम का मौजूदा स्टेटस जानना चाहते हैं, तो वे डैशबोर्ड होमपेज पर ‘सर्च बार’ में सड़क का नाम डाल सकते हैं और पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। इतना ही नहीं, मुंबई मैप के ज़रिए सीमेंट कंक्रीटिंग की जानकारी भी दी गई है ताकि लोग सड़कों के बारे में ज़्यादा आसानी से जानकारी पा सकें।
महाराष्ट्र
सीएम फडणवीस का विपक्ष पर हमला, प्रशांत भूषण की टिप्पणी के बाद कहा- ‘आखिर होठों पर आ गई मन में छुपी बात’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के विवादित ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) बयान के बाद छिपा हुआ सच आखिरकार सामने आ गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशांत भूषण का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया। आखिरकार, यह सब ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) के बारे में ही तो था।”
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने और सत्ता हथियाने के लिए विरोध प्रदर्शनों को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। फडणवीस ने अपने पोस्ट में लिखा, “आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई। सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है, फिर उसके लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाना ही क्यों ना पडे। जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पडे, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पडे।”
विपक्षी दलों और प्रशांत भूषण पर हमला जारी करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाना ही ‘इनका’ उद्देश्य है।”
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रशांत भूषण ने सीजेपी प्रतिनिधियों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुले तौर पर ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) से जुड़े उद्देश्यों पर चर्चा की।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में सुनियोजित तरीके से अराजकता फैलाने के आरोप लगाए। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं का कहना है कि इन बयानों (प्रशांत भूषण की टिप्पणी) ने विपक्ष के असली एजेंडे को उजागर कर दिया है।
तीखी आलोचना के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सफाई देने की कोशिश की। देर रात हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि उनके विरोध-प्रदर्शन का मकसद ‘सत्ता परिवर्तन’ नहीं था, बल्कि वे सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
महाराष्ट्र
विरार में महिला ने की आत्महत्या, फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, आरोपी की तलाश जारी

महाराष्ट्र के विरार में एक महिला की आत्महत्या का मामला सामने आया है। महिला ने ओलांडा स्थित एक सार्वजनिक पार्क में कीटनाशक पी लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम ने बताया कि मृतका (ननीली जोशी ) जेपी नगर की रहने वाली थी। आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में ‘पतकी’ नामक व्यक्ति पर फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के बहाने महिला से समय-समय पर पैसे लेने और बाद में निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में उल्लेख है कि महिला जनवरी से आरोपी के संपर्क में थी। आरोप है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने का भरोसा देकर उससे पैसे लिए गए। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने और इस दौरान महिला के कुछ निजी वीडियो बनाए गए। महिला को कथित तौर पर इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दोबारा पैसों की मांग की जा रही थी।
चिट्ठी में करीब एक करोड़ रुपए की रकम का उल्लेख किया गया है। हालांकि, पैसों के लेन-देन और कथित मांग की सटीक रकम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मृतका के भाई ने भी पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि महिला और आरोपी जनवरी से एक-दूसरे के संपर्क में थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग बहानों से महिला को परेशान और ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के मुताबिक, आरोपी मुंबई का रहने वाला है और मृतका का परिचित बताया जा रहा है। फिलहाल उसका मोबाइल फोन बंद है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। मृतका के भाई को भी आरोपी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण पुलिस उसके अन्य विवरण जुटाने में लगी है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 308 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया है। घटनास्थल का पंचनामा और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के अनुसार, फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और आरोपी (योगेश म्हापणकर उर्फ सौरभ पतकी) की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र : एसटी बस में बुजुर्ग यात्री से जेवर और नकदी चोरी, 4 महिला चोर गिरफ्तार

ARREST
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में एक स्टेट ट्रांसपोर्ट (एसटी) बस में यात्रा कर रही 70 वर्षीय महिला से 1.5 लाख रुपये के सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद चुराने के आरोप में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने चोरी हुए गहने और नकदी बरामद कर बुजुर्ग महिला, जिनकी पहचान चंद्रकला बोडखे के रूप में हुई है, को वापस कर दिए।
यह घटना मंगरुलपीर से अकोला जा रही एसटी बस में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों आरोपियों ने यात्रा के दौरान बुजुर्ग यात्री के उस बैग को निशाना बनाया जिसमें सोने के गहने और नकदी थी।
जब बस शेलू बाजार पहुंची, तो चारों महिलाएं उतर गईं। अन्य यात्रियों को शक हुआ, जिसके बाद बोडखे ने अपना बैग चेक किया और पाया कि उनके सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद वाला बैग गायब था। बुजुर्ग महिला ने शोर मचाया और अन्य यात्रियों से मदद मांगी।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चारों महिलाएं ऑटो-रिक्शा से उस इलाके से चली गई थीं।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदिग्धों का पीछा किया और चारों महिलाओं को पकड़ लिया। उनके पास से चोरी हुए सोने के गहने और नकदी बरामद की गई और बाद में बुजुर्ग महिला को वापस सौंप दी गई।
यह घटना भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर कीमती सामान ले जाने वाले बुजुर्ग यात्रियों के लिए सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है।
एक अलग घटना में, पुणे पुलिस ने शहर में दर्ज चोरी के नौ मामलों के सिलसिले में हरियाणा के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कई राज्यों में लगभग 4,600 किलोमीटर की यात्रा वाली जांच के बाद पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपये का कीमती सामान जब्त किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गणेशोत्सव समारोह और गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों को निशाना बनाया था। इन मामलों की जांच विश्रामबाग पुलिस ने की, जिसने संदिग्धों की पहचान हरियाणा के पलवल के रहने वालों के तौर पर की।
इस बीच, गुजरात की अरावली पुलिस ने एक अन्य मामले के सिलसिले में उन्हीं तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गुजरात पुलिस की मदद से पुणे पुलिस की एक टीम ने आरोपियों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान अजय शमशेर विनोद कुमार रूपसिंह कोली (20), अमन शमशेर अनिल कुमार नारायणसिंह कोली (24) और दीपक शमशेर राजूभाई सापसिंह (21) के तौर पर हुई।
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