अंतरराष्ट्रीय समाचार
पाकिस्तान में गृहयुद्ध जैसे हालात, पुलिस ने शुरू की बगावत
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दामाद और पीएमएल (एन) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज शरीफ के पति को गिरफ्तार करना इमरान सरकार और पाकिस्तानी सेना के लिए भारी पड़ गया है। इस बीच सिंध पुलिस प्रमुख को कथित तौर पर अगवा किए जाने के बाद कराची में पुलिस अधिकारियों ने सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी दी है।
इस मुद्दे पर पाकिस्तान में इन दिनों सियासी भूचाल मचा हुआ है और यहां सेना और पुलिस आमने-सामने आ गए हैं।
इस्लामाबाद के सूत्रों ने कहा कि विपक्षी दलों और सेना के बीच चल रही तनातनी के साथ ही पाकिस्तान तेजी से गृहयुद्ध जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह की अध्यक्षता में सिंध प्रांत के कराची में, सिंध पुलिस ने पाकिस्तान सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी और पीएमएल (एन) की उपप्रमुख मरियम के पति सफदर अवान की गिरफ्तारी के लिए सेना की ओर से दबाव डाले जाने पर कड़ा विरोध जताते हुए छुट्टी पर जाने की धमकी दे दी है।
सूत्रों ने कहा कि सिंध पुलिस महानिरीक्षक मुश्ताक महर और कम से कम दो एआईजी, सात डीआईजी और सिंध पुलिस के छह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) ने मंगलवार को छुट्टी पर जाने के लिए आवेदन किया है।
सूत्रों ने कहा कि इन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कैप्टन (रिटायर्ड) सफदर के खिलाफ ‘एफआईआर दर्ज करने के प्रकरण’ के कारण यह फैसला लिया है।
सिंध पुलिस ने सोमवार को मरियम नवाज शरीफ के पति और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दामाद सफदर अवान को कराची के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया था।
दरअसल, पीएमएल (एन) की उपाध्यक्ष ने 11 विपक्षी दलों के महागठबंधन पीपुल्स डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की विशाल रैली में इमरान खान सरकार पर जमकर निशाना साधा था। इसके कुछ घंटों के बाद ही उनके पति को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके बाद सियासी संग्राम छिड़ गया और इमरान खान सरकार की चहुंओर किरकिरी हुई। हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रमुख बिलावल भुट्टो-जरदारी ने एक ट्वीट करते हुए इस घटनाक्रम पर सेना और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से सफदर की गिरफ्तारी को लेकर सवाल पूछा, जिसके बाद पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने सफदर अवान की गिरफ्तारी की जांच के आदेश दिए।
पाकिस्तानी मीडिया ने बिलावल के हवाले से कहा कि सिंध पुलिस प्रमुख को सफदर की गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ही पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया विंग ने अगवा कर लिया था। बिलावल ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान सेना ने सिंध पुलिस पर सफदर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दबाव डाला।
डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, पीएमएल (एन) नेता और सिंध के पूर्व गवर्नर मुहम्मद जुबैर की ओर से एक कथित ऑडियो संदेश एक पत्रकार द्वारा साझा किया गया है। इसमें जुबैर ने आरोप लगाया कि सिंध के पुलिस महानिरीक्षक मुश्ताक का अपहरण कर लिया गया है और उन पर मरियम, उनके पति सफदर और 200 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का दबाव डाला गया था। पुलिस प्रमुख पर मोहम्मद अली जिन्ना के मकबरे की पवित्रता के कथित उल्लंघन के लिए यह कार्रवाई करने का दबाव डाला गया।
सफदर की गिरफ्तारी से उत्पन्न तनाव के कारण सिंध के पुलिस अधिकारियों की ओर से आईजीपी महर को दी गई छुट्टी की अर्जी में कहा है कि उनके लिए “पेशेवर तरीके से कर्तव्य निभाना” मुश्किल हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ब्रिटेन अगले हफ्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत करेगा : रिपोर्ट

ब्रिटेन अगले सप्ताह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी टोल के दोबारा जहाजों के लिए खोलने के मुद्दे पर अपने सहयोगी देशों के साथ अहम बातचीत करने जा रहा है। इस अहम समुद्री मार्ग को लेकर बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की मेजबानी में 2 अप्रैल को हुई वर्चुअल बैठक में शामिल देशों के प्रतिनिधियों के साथ यह अगली चर्चा होगी। इस बैठक में 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, साथ ही यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन भी मौजूद थे।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए समन्वित आर्थिक और राजनीतिक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा। इसमें संभावित प्रतिबंध लगाने जैसे विकल्प भी शामिल हैं। साथ ही, स्ट्रेट में फंसे हजारों जहाजों और नाविकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
एक अधिकारी के अनुसार, इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मौजूदा तनाव को खत्म करने का स्थायी रास्ता तलाशना है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति भी बनाई जाएगी, ताकि वह इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोल सके।
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर ब्रिटेन द्वारा इस महीने आयोजित की जा रही यह तीसरी बैठक होगी। हालांकि, अगले सप्ताह होने वाली इस बैठक की सटीक तारीख अभी तय नहीं की गई है।
इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में दो हफ्ते का युद्धविराम लागू है। अब दोनों देश पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अहम बातचीत करने जा रहे हैं। लेकिन दोनों पक्षों के बीच अविश्वास, अलग-अलग मांगें और दबाव के कारण बातचीत काफी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, दोनों देशों में सिर्फ एक ही बात समान है कि युद्ध से बाहर निकलने की जरूरत। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्तावों को ‘धोखा’ करार दिया है और आरोप लगाया है कि ईरान टैंकरों की आवाजाही में बाधा डाल रहा है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी अपनी शर्तें साफ कर दी हैं। मोहम्मद बाक़िर गालिबफ ने कहा है कि बातचीत शुरू होने से पहले ‘ब्लॉक किए गए संपत्तियों’ की रिहाई जैसे मुद्दों का समाधान जरूरी है।
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ईरान से अपने नागरिकों को निकालने में मदद के लिए भारत ने आर्मेनिया का जताया आभार

भारत ने शनिवार को ईरान से ईरान से अपने नागरिकों को निकालने में मदद के लिए भारत ने आर्मेनिया का जताया आभार नागरिकों को निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनिया का आभार जताया है।
आर्मेनिया के रास्ते कई भारतीय मछुआरों की ईरान से सुरक्षित निकासी हुई है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पोस्ट में कहा, “आज ईरान से आर्मेनिया के रास्ते भारत में भारतीय मछुआरों को निकालने में मदद करने के लिए विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान और आर्मेनियाई सरकार को धन्यवाद।”
पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात के बीच, हाल के दिनों में सैकड़ों भारतीय नगरिक सीमा पार कर जमीनी रास्ते से आर्मेनिया पहुंचे हैं। भारत अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित ट्रांजिट रूट सुनिश्चित करने के लिए इलाके की सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
इस हफ्ते की शुरुआत में, भारत ने में मदद के लिए अजरबैजान को भी धन्यवाद दिया थी। नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफ़िंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लगभग 204 भारतीय नागरिक जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते ईरान से अजरबैजान में सफलतापूर्वक पहुंच गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि जहां कई पहले ही भारत लौट चुके हैं, वहीं आगामी दिनों में और लोगों के आने की उम्मीद है।
जायसवाल ने कहा, “अजरबैजान में हमारे राजदूत मौजूद हैं। हमारे कई भारतीय नागरिक—ठीक-ठीक कहें तो 204—ईरान से अजरबैजान के लिए जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते निकलने में सफल रहे हैं। वो लोग वहां से, वे स्वदेश लौटेंगे। उनमें से कई लौट चुके हैं; बाकी अगले कुछ दिनों में लौट आएंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “हम अजरबैजान सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने जमीनी रास्ते ईरान से भारतीय नागरिकों के निकलने में मदद की। हमारे दोनों पक्षों के बीच परामर्श और नियमित आदान-प्रदान होता रहता है।”
भारत ने पहले भी लोगों को निकालने की कोशिशों में आर्मेनिया की मदद की सराहना की थी। 16 मार्च को, ईएएम जयशंकर ने मुश्किल हालात में मिल रहे सहयोग की प्रशंसा की थी, ईरान से 550 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनियाई सरकार और वहां के लोगों को धन्यवाद दिया था।
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यूएई ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के प्रवेश और ट्रांजिट पर लगाई रोक, क्षेत्रीय तनाव के बीच फैसला

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के लिए नए यात्रा प्रतिबंध लागू किए हैं, जिसके तहत उन्हें देश में प्रवेश करने या उसके हवाई अड्डों के माध्यम से अन्य देशों के लिए ट्रांजिट करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह कदम मध्य पूर्व में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया माना जा रहा है।
नवीनतम निर्देशों के अनुसार, एयरलाइंस के सिस्टम में ऐसे बदलाव किए गए हैं जिनके कारण ईरानी नागरिक अब यूएई के लिए उड़ान बुक नहीं कर पा रहे हैं और न ही दुबई या अबू धाबी जैसे प्रमुख ट्रांजिट हब का उपयोग कर पा रहे हैं। वीज़ा और यात्रा नियमों के माध्यम से इस प्रतिबंध को प्रभावी बनाया गया है।
हालांकि यह प्रतिबंध व्यापक दिखाई देता है, लेकिन कुछ श्रेणियों के लोगों को इससे छूट मिल सकती है। इनमें लंबे समय के निवास वीज़ा धारक, विशेष अनुमति प्राप्त व्यक्ति या यूएई में पारिवारिक या पेशेवर संबंध रखने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। ऐसे मामलों में अतिरिक्त जांच और स्वीकृति की आवश्यकता हो सकती है।
अधिकारियों ने इस प्रतिबंध को स्थायी नहीं बताया है, जिससे संकेत मिलता है कि यह मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के जवाब में उठाया गया एक अस्थायी कदम हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय क्षेत्र में बदलते सुरक्षा हालात के मद्देनज़र एहतियाती उपायों का हिस्सा है।
इस फैसले का असर कई ईरानी यात्रियों पर पड़ने की संभावना है, खासकर उन लोगों पर जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए यूएई के हवाई अड्डों को प्रमुख ट्रांजिट मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते थे। एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की पात्रता की जांच करें और फिलहाल वैकल्पिक मार्गों पर विचार करें।
स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने से पहले नवीनतम अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
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