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Sunday,11-October-2026
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अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया मिलकर करेंगे ‘फ्रीडम एज’ सैन्य अभ्यास

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सैन्य कटौती का आदेश दे दक्षिण कोरिया के साथ जारी अभ्यास पर विराम लगा दिया था। इसी बीच त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास की खबर सामने आई है। अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ इस साल की त्रिपक्षीय सैन्य कवायद ‘फ्रीडम एज’ आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी प्रशांत कमान (पीएकॉम) ने बुधवार को इसकी पुष्टि की।

योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, पीएकॉम की प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कमांडर क्लो मॉर्गन ने कहा कि अमेरिकी कमान जापान के सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज और दक्षिण कोरियाई सशस्त्र बलों के साथ करीबी समन्वय में 2026 के फ्रीडम एज अभ्यास की तैयारी कर रही है।

उन्होंने इसे एक प्रमुख बहु-क्षेत्रीय सैन्य अभ्यास बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य तीनों देशों के बीच साझा मूल्यों और सैन्य अंतर-संचालन क्षमता को मजबूत करना तथा रक्षा साझेदारी को और गहरा करना है, ताकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

हालांकि, अमेरिकी कमान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस साल का अभ्यास पिछले आयोजनों की तरह ही बड़े पैमाने पर होगा या नहीं। फ्रीडम एज का आयोजन इससे पहले जून और नवंबर 2024 तथा सितंबर 2025 में किया जा चुका है। पिछले अभ्यास दक्षिण कोरिया के दक्षिणी द्वीप जेजू के आसपास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुए थे।

इस अभ्यास को लेकर खास दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपने प्रमुख संयुक्त सैन्य अभ्यास उल्ची फ्रीडम शील्ड (यूएफएस) का आकार और अवधि कम कर दी है। यह अभ्यास 17 से 27 अगस्त तक होना था, लेकिन इसे लगभग आधा कर दिया गया और कुछ फील्ड ट्रेनिंग गतिविधियों में भी कटौती की गई।

ट्रंप ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों को कम करने की मांग करते हुए कहा था कि ऐसे अभ्यास उत्तर कोरिया को “शत्रुतापूर्ण” संदेश दे सकते हैं। यह रुख ऐसे समय आया है जब उन्होंने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ फिर से बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई है।

इसके बावजूद फ्रीडम एज की तैयारी यह संकेत देती है कि अमेरिका-दक्षिण कोरिया-जापान की त्रिपक्षीय सुरक्षा साझेदारी जारी है। यह अभ्यास अगस्त 2023 में कैंप डेविड शिखर सम्मेलन के दौरान तीनों देशों के नेताओं द्वारा सुरक्षा सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में किए गए फैसलों का एक प्रमुख परिणाम माना जाता है।

उत्तर कोरिया इन सैन्य अभ्यासों का लगातार विरोध करता रहा है। प्योंगयांग अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यासों को संभावित आक्रमण की तैयारी बताता है, जबकि तीनों देश इन्हें रक्षात्मक और क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत करने वाला अभ्यास बताते हैं। पिछले साल उत्तर कोरिया ने फ्रीडम एज को आक्रामक युद्धाभ्यास करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।

फ्रीडम एज का इस साल आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका एक ओर उत्तर कोरिया के साथ संवाद की संभावना तलाश रहा है और दूसरी ओर दक्षिण कोरिया तथा जापान के साथ अपनी सुरक्षा साझेदारी को मजबूत बनाए रखना चाहता है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

युद्ध खत्‍म करना चाहता है रूस, जेलेंस्‍की ने गंवाए शांत‍ि वार्ता के कई मौके: डोनाल्ड ट्रंप

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करना चाहते हैं। वहीं, उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि उन्होंने शांति वार्ता के कई मौके गंवा दिए।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि मॉस्को समझौते के लिए तैयार दिख रहा है लेकिन कीव की ओर से समझौते की इच्छा उतनी स्पष्ट नहीं है।

ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि रूस समझौता करना चाहता है। इस मुद्दे पर कई बार बातचीत आगे-पीछे हुई है, लेकिन रूस समझौते के लिए तैयार है।”

उन्होंने कहा क‍ि जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूं, इस मामले का समाधान कई बार हो सकता था लेकिन किसी वजह से जेलेंस्की समझौता नहीं करना चाहते। ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि फरवरी 2022 में शुरू हुए इस युद्ध को खत्म करने में पुतिन की दिलचस्पी है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति पुतिन वास्तव में किसी समाधान और समझौते तक पहुंचना चाहते हैं।”

ट्रंप की यह टिप्पणी शुक्रवार को पुतिन के साथ हुई उनकी टेलीफोन बातचीत के बाद आई है। यह ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका और यूक्रेन के बीच रूस के डीजल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील को लेकर मतभेद बढ़ गए हैं।

ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि रूस अमेरिका और वैश्विक बाजारों को डीजल की आपूर्ति करेगा। उनका कहना था कि यह कदम ईरान संघर्ष की वजह से पैदा हुई ईंधन कमी और बढ़ती कीमतों को कम करने में मदद करेगा।

हालांकि, इस फैसले की जेलेंस्की ने आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऊर्जा निर्यात से रूस की अतिरिक्त कमाई उसकी सैन्य क्षमता को और मजबूत करेगी तथा उसे युद्ध जारी रखने में मदद मिलेगी। इस विवाद ने यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की अमेरिकी कूटनीतिक कोशिशों को और जटिल बना दिया है।

ट्रंप ने संघर्ष के दौरान राष्ट्रपति चुनाव न कराने को लेकर भी जेलेंस्की की आलोचना दोहराई। उन्होंने कहा क‍ि मेरा मानना है कि उन्हें चुनाव कराना चाहिए था और वह इस मामले को कई बार सुलझा सकते थे। ट्रंप का कहना था कि अगर यूक्रेनी नेतृत्व दो साल पहले किसी समझौते पर पहुंच जाता तो वह बातचीत में कहीं मजबूत स्थिति में होता। उन्होंने कहा क‍ि अगर उन्होंने दो साल पहले समझौता कर लिया होता तो यह समझदारी भरा कदम होता। तब यूक्रेन कहीं बेहतर स्थिति में होता और उसे कहीं बेहतर शर्तें मिलतीं।

ट्रंप ने रूस की सैन्य ताकत और संख्या बल का जिक्र करते हुए कहा कि यूक्रेन को अपनी बातचीत की रणनीति पर फिर से विचार करना चाहिए। हालांकि, पुतिन की मंशा को लेकर ट्रंप की यह राय उनकी अपनी व्याख्या है। दोनों नेताओं के बीच हालिया बातचीत के बाद युद्ध खत्म करने को लेकर किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है।

वहीं, क्रेमलिन ने भी संकेत दिया है कि शांति वार्ता तुरंत दोबारा शुरू होगी, यह अभी निश्चित नहीं है। पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, शुक्रवार की बातचीत में रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के साथ शांति वार्ता दोबारा शुरू करने की कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई।

ताजा घटनाक्रम यह दिखाता है कि युद्ध खत्म करने की शर्तों को लेकर वॉशिंगटन और कीव के बीच अब भी मतभेद बने हुए हैं। एक ओर ट्रंप प्रशासन मॉस्को के साथ कूटनीतिक संपर्क बढ़ा रहा है। वहीं, दूसरी ओर वैश्विक ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने की भी कोशिश कर रहा है।

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अंतरराष्ट्रीय समाचार

ईरान से युद्ध समाप्‍त करने के ल‍िए ट्रंप ने रखी शर्त, परमाणु हथियार न बनाने की मांगी पक्‍की गारंटी

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहे तो अभी ईरान में अपनी सैन्य भागीदारी खत्म कर सकता है, अगर पक्की गारंटी मिल जाए कि ईरान भविष्य में कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा।

जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम अभी वहां से निकल सकते हैं लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में उनके पास परमाणु हथियार न हों और हम यह सुनिश्चित करेंगे।”

जब उनसे पूछा गया कि अमेरिकी सैन्य अभियान के जरिए ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने का दावा करने के बावजूद वह जीत की घोषणा क्यों नहीं कर रहे हैं, तो ट्रंप ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि यह खतरा दोबारा पैदा न हो।

उन्होंने कहा, “मुझे स्थिति को इसी तरह बनाए रखना है। मैं नहीं चाहता कि दो साल बाद फिर यही करना पड़े। हमें ऐसी गारंटी चाहिए कि भविष्य में उनके पास यह क्षमता न हो।”

ट्रंप की यह टिप्पणी टेनेसी के क्लार्क्सविल में दिए गए उनके भाषण के बाद आई, जहां उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। हालांकि उन्होंने इस संघर्ष में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों का भी जिक्र किया।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सात महीनों से इस संघर्ष में शामिल है। उन्होंने इसकी तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान जैसे पुराने अमेरिकी युद्धों से की। उन्होंने कहा, “अब ईरान में हमें सात महीने हो चुके हैं” और फिर उन 18 अमेरिकी जवानों का जिक्र किया, जिनके मारे जाने का उन्होंने दावा किया।

ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा, “हमारे कई लोग घायल हुए हैं, लेकिन हमने उन्हें परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया है।”

राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने डोवर एयर फोर्स बेस पर शहीद सैनिकों के परिवारों से मुलाकात की थी और कहा कि ऐसे पल उनके पद की सबसे कठिन जिम्मेदारियों में से एक होते हैं।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियान ने ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमता को काफी हद तक नुकसान पहुंचाया है। उनके मुताबिक, ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार सिस्टम और कई निर्माण सुविधाओं को नष्ट कर दिया गया है।

राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है और इसके खत्म होने से वैश्विक तेल बाजार को बड़ी राहत मिलेगी।

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अंतरराष्ट्रीय समाचार

नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में भीषण बाढ़, कई घर और पुल बह गए

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नेपाल के पश्चिमी गोरखा जिले में बहने वाली बूढ़ी गंडकी नदी में आई भीषण बाढ़ से कई घर और अन्य ढांचे बह गए हैं। रव‍िवार तड़के ही नेपाल का राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने बाढ़ की चेतावनी जारी की थी।

गोरखा जिला प्रशासन कार्यालय के प्रमुख जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने रविवार को बताया कि फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, चीन की सीमा से लगे चुमनुबरी ग्रामीण नगर पालिका क्षेत्र से गुजरने वाली बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे बने दर्जनों घर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने कहा, “हम बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी जुटा रहे हैं। चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका के जगत और सल्लेरी गांवों के कुछ घर और 341 मेगावाट बूढ़ी जलविद्युत परियोजना का कैंप भी बाढ़ में बह गया है।”

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ में कई घर, झूला पुल और एक स्टील पुल बह गए हैं। इसके अलावा एक जलविद्युत परियोजना के निर्माण स्थल को भी नुकसान पहुंचा है।

शुरुआती अनुमान के मुताबिक, बाढ़ की वजह लोकपा और चुम्लिंग के बीच हुए भूस्खलन को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस भूस्खलन से स्यार खोला, जो बूढ़ी गंडकी की एक सहायक नदी है, का प्रवाह रुक गया होगा। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बाढ़ का असली कारण और नुकसान का पूरा आकलन फिलहाल सामने नहीं आया है।

चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष लक्ष्मी गुरुंग ने स्थानीय समाचार पोर्टल ‘ऑनलाइनखबर’ से कहा कि बूढ़ी गंडकी की यह बाढ़ काफी हद तक भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ जैसी लग रही है। उन्होंने कहा क‍ि यह बाढ़ भोटेकोशी की बाढ़ की याद दिलाती है। दर्जनों घर बह गए हैं। फिलहाल नुकसान की सही तस्वीर बताना जल्दबाजी होगी।

इस बीच, राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।

यह ताजा घटना रासुवा और त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के एक महीने से कुछ अधिक समय बाद हुई है। एनडीआरआरएमए के अनुसार, उस बाढ़ में 1,455 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 5,285 लोग अब भी लापता हैं।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा है कि बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ के बाद खोज और बचाव अभियान के लिए नेपाली सेना की एक टुकड़ी को हवाई और जमीनी दोनों रास्तों से तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के खतरे वाले जगत क्षेत्र से 6 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकाला गया है।

बालेन शाह ने कहा कि काठमांडू में तैनात संयुक्त त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्विक रिएक्शन टीम) को भी हवाई मार्ग से प्रभावित इलाके में भेज दिया गया है, ताकि राहत और बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम दिया जा सके।

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