राजनीति
यूपी विधानसभा अध्यक्ष के नाम से पेज पर असलहों की सेल वाली पोस्ट, क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने शुरू की जांच
यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के नाम से फेसबुक पर बने पब्लिक ग्रुप में एक शातिर ने अवैध असलहों की सेल वाली पोस्ट डाल दी…इतना ही नहीं खरीद फ़रोख्त के लिए मोबाइल नंबर भी साझा किए गए…योगी राज में अपराधियों का हौसला कितना बुलंद है इसका अंदाजा आप इसी लगा सकते हैं…बहरहाल मामले को संज्ञान में लेते हुए जॉइंट कमिश्नर ने जांच शुरू करा दी है…
दरअसल गुरूवार की शाम वारिस खान के नाम से डाली गई पोस्ट में पिस्टल, माउजर और देसी तमंचों की फोटो साझा की गई…..इसके साथ ही डिलीवरी के लिए एक मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का कहा गया…. पोस्ट में इन असलहों की ऑल इंडिया डिलीवरी की बात भी लिखी गई है.. जिसमे दो हजार रुपये एडवांस फिर हथियार पहुंचने के बाद बाकी के भुगतान की शर्त भी रखी..
कुछ ही देर में सतीश महाना की फोटो वाले ग्रुप में इस तरह के मैसेज को लोगों ने स्क्रीन शॉट लेकर व्हाट्सअप ग्रुपों में वायरल कर दिया… पोस्ट के वायरल होने के बाद कानपुर पुलिस आयुक्त ने साइबर सेल में केस दर्ज करवाकर जांच शुरू करा दी है.. इसके अलावा फेसबुक से भी रिकॉर्ड मांगा गया है…
अपर पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी का कहना है कि सामाजिक माध्यम से इस तरह के पोस्ट करना असुरक्षा को बढ़ावा देना है… शरारती तत्व की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं,,,, आरोपी पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी…
राजनीति
बीएमसी चुनाव में नाम वापस लेने का आखिरी दिन, 3 बजे तक ले सकते हैं वापस

मुंबई, 2 जनवरी: बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के लिए अपने नॉमिनेशन पेपर वापस लेने का शुक्रवार को आखिरी दिन है। दोपहर 3.00 बजे तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं।
ठाकरे-एमएनएस गठबंधन और भाजपा-शिव सेना गठबंधन जैसे बड़े राजनीतिक दल उन “बागी” सदस्यों को मनाने के लिए जोर-शोर से काम कर रहे हैं, जिन्हें पार्टी से टिकट नहीं मिला और जिन्होंने निर्दलीय नॉमिनेशन कर दिया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बागियों को साधने के लिए पहले ही प्रयास शुरू कर दिए हैं।
इसी तरह, ठाकरे भाइयों ने अलग-अलग बागी नेताओं से संपर्क साधा है और उनसे अपना नॉमिनेशन वापस लेने को कहा है।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के गठबंधन को अंदरूनी तौर पर काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि वार्ड नंबर 95 में शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार हरि शास्त्री (पार्टी के बागी चंद्रशेखर विंगणकर), वार्ड नंबर 106 से मनसे के उम्मीदवार सत्यवान दलवी (शिवसेना के बागी सागर देवरे), वार्ड नंबर 114 से शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार राजोल पाटिल (मनसे के बागी अनिशा मजगांवकर), वार्ड नंबर 169 से शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार प्रवीणा मोराजकर (पार्टी के बागी कमलाकर नाइक) और वार्ड नंबर 193 से शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार हैं। उम्मीदवार हेमांगी वोरालिकर (पार्टी के बागी सूर्यकांत कोली) ने नॉमिनेशन कर दिया है।
इसी तरह, भाजपा भी कई अहम वार्डों में लोगों को मनाने का प्रयास कर रही है। इसके वार्ड नंबर 182 में भाजपा उम्मीदवार राजन पारकर (बागी श्रद्धा पाटिल), वार्ड नंबर 54 में भाजपा उम्मीदवार विलास अवसरे (बागी गजेंद्र धुमाल), वार्ड नंबर 200 में भाजपा उम्मीदवार संदीप पानसंदे (बागी गजेंद्र धुमाले), वार्ड नंबर 60 में भाजपा उम्मीदवार सायली कुलकर्णी (बागी दिव्या ढोले) और वार्ड नंबर 64 में भाजपा उम्मीदवार सरिता राजापुरे (बागी माया राजपूत) हैं।
इसके अलावा वार्ड नंबर 177 में पार्टी के बागी नेहल शाह, वार्ड नंबर 205 में जान्हवी राणे, वार्ड नंबर 155 में जयश्री खरात और वार्ड नंबर 225 से कमलाकर से चुनौती मिल रही है।
राजनीति
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी दिल्ली सरकार, भ्रम फैलाने का आरोप

ARVIND KEGRIWAL
नई दिल्ली, 2 जनवरी: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का फैसला लिया है। दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने यह जानकारी दी।
आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली में शिक्षकों को लेकर आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल द्वारा लगातार भ्रम और दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है, जिसके खिलाफ सरकार अब कानूनी कार्रवाई करेगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था को लेकर फैलाए जा रहे कथित झूठे प्रचार और गलत सूचनाओं को रोकने के उद्देश्य से लिया है।
इससे पहले, गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पोस्ट में बताया, “आम आदमी पार्टी द्वारा फैलाई गई फेक न्यूज पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग ने सिविल लाइन्स थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। यह हमारे समर्पित शिक्षकों के मनोबल को कमजोर करने और दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था पर जानबूझकर अविश्वास पैदा करने का एक गंभीर और सुनियोजित प्रयास है। दिल्ली के साथ इस प्रकार का छल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। झूठ की राजनीति पर ज़ीरो टॉलरेंस है और इसके लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों को कानून के तहत पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाएगा।”
बता दें कि यह पूरा मामला दिल्ली में शिक्षकों से कथित तौर पर आवारा कुत्तों की काउंटिंग कराए जाने से जुड़ा है। हालांकि, भाजपा नेताओं ने आरोप को नकारते हुए आम आदमी पार्टी (आप) पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा था, “भाजपा पहले कह रही थी कि कोई आदेश ही जारी नहीं हुआ, लेकिन अब वे मान गए हैं कि ऐसा कोई आदेश निकाला गया है। इससे साबित होता है कि शिक्षा मंत्री आशीष सूद शिक्षा विभाग नहीं चला रहे हैं। विभाग कोई और चला रहा है। या फिर शिक्षा मंत्री ने ऐसा आदेश जारी करवाया और जब पकड़े गए तो आनन-फानन में झूठ बोला। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि स्ट्रीट डॉग की निगरानी दिल्ली के सरकारी स्कूल करेंगे। उन्हें वैक्सिनेशन की जिम्मेदारी होगी। क्या यह सब शिक्षक का काम है?”
अपराध
मुंबई: झाड़ियों में मिला शिशु का शव, अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज

FIR
मुंबई, 2 जनवरी: मुंबई के चेंबूर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आरसीएफ पुलिस ने मैसूर कॉलोनी इलाके में एक शिशु का शव लावारिस हालत में मिलने के बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, मैसूर कॉलोनी स्थित साईं अर्पण सोसायटी की सड़क के पास एक शिशु अचेत अवस्था में पड़ा मिला। पुलिस के मुख्य नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि एक शिशु झाड़ियों के पास पड़ा है। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने शिशु को इलाज के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस संबंध में आरसीएफ पुलिस की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस नोट के अनुसार, पुलिसकर्मी इलाके में नियमित गश्त पर थे, तभी मुख्य नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली कि मैसूर कॉलोनी स्थित साईं अर्पण सोसायटी की आंतरिक सड़क के पास एक बगीचे के नजदीक एक शिशु अचेत अवस्था में पड़ा है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि झाड़ियों के पास एक नवजात शिशु लाल कपड़े में लिपटा पड़ा है।
प्रेस नोट में आगे कहा गया कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि शिशु लड़का था, जिसकी उम्र लगभग सात महीने बताई जा रही है। इसके बाद शिशु को चिकित्सकीय जांच के लिए राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आरसीएफ पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 94 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।
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