Connect with us
Thursday,08-October-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

टेस्ला गुजरात में ईवी प्लांट लगा सकती है, मस्क के अगले महीने भारत आने की संभावना

Published

on

एलन मस्क की टेस्ला आखिरकार भारत में अपना ड्राई रन खत्म कर सकती है और अगले महीने ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट’ के दौरान गुजरात में एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) आपूर्ति प्रणाली विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने की घोषणा कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घोषणा 10-12 जनवरी के प्रमुख कार्यक्रम में टेस्ला के सीईओ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में किए जाने की संभावना है।

अपनी रणनीतिक स्थिति और अनुकूल कारोबारी माहौल के साथ, गुजरात “टेस्ला की विनिर्माण योजनाओं के लिए पसंदीदा गंतव्य” के रूप में उभरा है।

अहमदाबाद मिरर के अनुसार, राज्य सरकार ने टेस्ला को अपना विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए साणंद, बेचराजी और धोलेरा के नाम सुझाये हैं।

इससे पहले, टेस्ला द्वारा अपना ईवी प्लांट स्थापित करने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु पर विचार किया जा रहा था।

टेस्ला केंद्र सरकार के साथ गहन बातचीत में लगी हुई है। वह ऐसी रियायतें मांग रही है जो भारतीय बाजार में आसान प्रवेश की सुविधा प्रदान करेगी।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने नवंबर में कैलिफोर्निया के फ़्रेमोंट में टेस्ला की अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा का दौरा किया था।

गोयल ने कहा कि “प्रतिभाशाली भारतीय इंजीनियरों और वित्त पेशेवरों को वरिष्ठ पदों पर काम करते हुए और गतिशीलता में बदलाव के लिए टेस्ला की उल्लेखनीय यात्रा में योगदान करते हुए देखकर बेहद खुशी हुई”।

केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, “टेस्ला की ईवी आपूर्ति श्रृंखला में भारत से ऑटो कंपोनेंट आपूर्तिकर्ताओं के बढ़ते महत्व को देखकर भी गर्व है। यह भारत से अपने घटकों के आयात को दोगुना करने की राह पर है। एलन मस्क की चुंबकीय उपस्थिति की कमी खली। मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

मस्क ने गोयल से माफी मांगी थी कि वह अस्वस्थ होने के कारण उनसे नहीं मिल सके।

मस्क ने उत्तर दिया, “आपका टेस्ला आना सम्मान की बात थी! आज कैलिफ़ोर्निया की यात्रा नहीं कर पाने के लिए मुझे खेद है, लेकिन मैं भविष्य की किसी तारीख़ पर मिलने की आशा रखता हूँ।”

जून में स्पेसएक्स और एक्स के मालिक ने अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और खुलासा किया कि वह भारत में महत्वपूर्ण निवेश करने के इच्छुक हैं, जिसके बाद मंत्री की अमेरिकी यात्रा के दौरान गोयल और मस्क की मुलाकात होने वाली थी।

पहले की रिपोर्टों के अनुसार, ऑटोमेकर ने भारत सरकार से शुरुआती टैरिफ रियायत के लिए कहा था, जिससे 40 हजार डॉलर से कम कीमत वाली कारों के लिए भारत के 70 प्रतिशत और इससे महँगी कारों के लिए 100 प्रतिशत के भारी सीमा शुल्क की भरपाई हो सके।

टेस्ला ने देश में प्लांट बनाने की शर्त के तौर पर रियायत मांगी थी। कम किया गया टैरिफ सभी ईवी निर्माताओं पर लागू होगा।

भारत के ईवी बाज़ार में 2030 तक 100 अरब डॉलर राजस्व के साथ 40 प्रतिशत से अधिक पैठ हासिल करने की क्षमता है।

व्यापार

एसएमई ग्रोथ फंड से छोटे उद्योगों को फंडिंग तक मिलेगी आसान पहुंच, निवेशकों का बढ़ेगा विश्वास : इंडस्ट्री

Published

on

केंद्र सरकार की ओर से 10,000 करोड़ रुपए का एसएमई ग्रोथ फंड बनाने से छोटे उद्योगों को फंडिंग तक आसान पहुंच मिलेगी। साथ ही, निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा। यह जानकारी इंडस्ट्री की ओर से बुधवार को दी गई।

पीएचडीसीसीआई के सीईओ और महासचिव रणजीत मेहता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 10,000 करोड़ रुपए का एसएमई ग्रोथ फंड बनाना एक बड़ा कदम है और इससे छोटे उद्योगों की सबसे बड़ी समस्या आसान फंडिंग तक पहुंच का समाधान होगा। सरकार इसमें इक्विटी के जरिए भाग लेगी, तो इससे निवशकों का भी छोटे उद्योगों पर विश्वास बढ़ेगा।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार इसमें एमएसएमई आईपीओ के जरिए भाग लेगी। इससे उन एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा, जो इक्विटी मार्केट में आना चाहते हैं और अपने कारोबार को बढ़ाना चाहते हैं।

फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफकेसीसीआई) के उपाध्यक्ष के सतीश नागराज ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि हमें लगता है कि यह एक बहुत अच्छा कदम है। सेबी से मंजूरी प्राप्त बैंकों के जरिए एमएसएमई को दस हजार करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। इसका तीन गुना फायदा उठाया जाएगा, जिससे एमएसएमई को लगभग चालीस हजार करोड़ रुपए का फंड मिलेगा और इसका लक्ष्य टियर-2 और टियर-3 शहर हैं। पहले हमें प्राइवेट बैंकों से फंड मिलता था, लेकिन वे कभी टियर-2 और टियर-3 शहरों में नहीं आते थे। इसलिए अब सेबी से मंजूरी प्राप्त बैंकों के तीस हजार करोड़ रुपए जोड़ने से, कुल फंड चालीस हजार करोड़ रुपए का हो जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को 10,000 करोड़ रुपए के एसएमई ग्रोथ फंड (एसजीएफ) को स्थापित करने को मंजूरी दे दी थी। इसका उद्देश्य भारत के छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) के लिए विकास केंद्रित पूंजी को बढ़ावा देना और मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन-आधारित सेक्टर और रणनीतिक वैल्यू चेन में बेहतरीन भारतीय उद्यमों के विस्तार को सक्षम बनाना है।

यह केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई उन व्यापक घोषणाओं का हिस्सा था, जिनका मकसद पूरे एमएसएमई इकोसिस्टम के लिए इक्विटी, लिक्विडिटी और प्रोफेशनल सपोर्ट उपलब्ध कराना था।

Continue Reading

व्यापार

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, मेटल और रियल्टी में रहा दबाव

Published

on

भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 429.11 अंक या 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,638.70 और निफ्टी 173.05 अंक या 0.76 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,603.05 पर था।

बाजार पर दबाव बनाने का काम मेटल और रियल्टी स्टॉक्स ने किया। सूचकांकों में निफ्टी मेटल -2.33 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी -1.77 प्रतिशत की कमजोरी के साथ लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी ऑटो -1.58 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज -1.43 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस -1.41 प्रतिशत, निफ्टी आईटी -1.34 और निफ्टी पीएसई -1.22 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।

केवल निफ्टी पीएसयू बैंक 1 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 0.69 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.08 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए।

लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 378.60 अंक या 0.63 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 59,382.60 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 58.25 अंक या 0.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,506.95 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स पैक में कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस हरे निशान में थे। टाइटन, बीईएल, एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, एलएंडटी, टाटा स्टील, एमएंडएम, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, इंडिगो, एचयूएल, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट और टेक महिंद्रा लाल निशान में थे।

जानकारों ने कहा कि आरबीआई द्वारा उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरें बढ़ाने के बाद, घरेलू बाजार ने पॉलिसी के रुख में ‘न्यूट्रल’ से ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ की ओर बदलाव पर ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया दी, जो ब्याज दर चक्र में बदलाव का संकेत है।

वहीं, यूएस एफओएमसी की बैठक से पहले, यूएस यील्ड में बढ़ोतरी, मजबूत डॉलर और एफआईआई की लगातार निकासी के बीच रुपया दबाव में रहा, जिससे बाजार में गिरावट और बढ़ गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो, ऊंची ब्याज दरों वाले माहौल में मार्जिन से फायदे की उम्मीद में बैंकिंग शेयरों ने बाजार की कमजोरी के उलट अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि बाजार के ज्यादातर हिस्सों में बिकवाली का दबाव बना रहा।

Continue Reading

व्यापार

आरबीआई एमपीसी फैसले से पहले बाजार में छाई लाली, सेंसेक्स 462 अंक फिसला

Published

on

पिछले दो सत्रों की बढ़त के बाद बुधवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर गिरावट देखने को मिली और प्रमुख बेंचमार्क लाल निशान में खुले। निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसले से पहले सतर्क रुख अपनाए रहे, जबकि वैश्विक संकेत भी मिश्रित रहे।

कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 462.44 अंक (0.63 प्रतिशत) गिरकर 72,605.37 तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 175.65 अंक (0.77 प्रतिशत) टूटकर 22,600 के स्तर पर आ गया।

दिन की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 72,965.38 और निफ्टी 22,690.45 पर खुला था, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार और दबाव में आ गया।

व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.45 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सेक्टोरल सूचकांकों में सबसे ज्यादा कमजोरी निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में रही, जो 1.55 प्रतिशत तक गिर गया। इसके बाद निफ्टी मेटल में 1.34 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक 0.94 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.82 प्रतिशत, तथा रियल्टी और एफएमसीजी सूचकांक करीब 0.7 प्रतिशत तक कमजोर रहे।

दूसरी ओर, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई दी। निफ्टी फार्मा में 0.16 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि निफ्टी 500 हेल्थकेयर भी सकारात्मक क्षेत्र में कारोबार करता दिखा। निफ्टी मीडिया में लगभग 0.74 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

बाजार प्रतिभागियों की नजर केवल आरबीआई की नीति समीक्षा पर ही नहीं, बल्कि कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की गतिविधियों, रुपए की चाल और आरबीआई के विकास एवं महंगाई आकलन पर भी बनी हुई है।

विश्लेषकों के अनुसार, पिछले सप्ताह के निचले स्तरों से निफ्टी में करीब 558 अंकों की रिकवरी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई थी। हालांकि इस तेजी को आगे बढ़ाने में कई चुनौतियां मौजूद हैं। ब्रेंट क्रूड फिर से 101 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती नहीं दिख रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू तरलता और दूसरी तिमाही (क्यू2) के संभावित मजबूत नतीजे फिलहाल बाजार को समर्थन दे रहे हैं। लेकिन आज बाजार का मुख्य फोकस आरबीआई के नीतिगत रुख और गवर्नर संजय मल्होत्रा के संदेश पर रहेगा।

बाजार में व्यापक रूप से यह माना जा रहा है कि 25 आधार अंकों (0.25 प्रतिशत) की रेपो रेट बढ़ोतरी की संभावना पहले ही कीमतों में शामिल हो चुकी है। हालांकि निवेशक इस बात पर अधिक ध्यान देंगे कि आरबीआई भविष्य की महंगाई और वृद्धि पर क्या दृष्टिकोण पेश करता है।

विश्लेषकों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच ब्याज दरों का अंतर काफी कम हो गया है। ऐसे में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती को देखते हुए पूंजी निकासी रोकने तथा रुपए को स्थिर रखने पर भी आरबीआई का ध्यान रह सकता है।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, हालांकि निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन बाजार में ऊपर की ओर बढ़त की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि 22,930 तथा उसके बाद 23,100-23,220 का दायरा निफ्टी के लिए संभावित लक्ष्य हो सकता है। वहीं 22,574 के ऊपर बने रहने पर तेजी की संभावना कायम रह सकती है।

एशियाई बाजारों में बुधवार को मिश्रित कारोबार देखने को मिला। निवेशक अमेरिकी शेयर बाजार की चाल, ऊंची ट्रेजरी यील्ड और भू-राजनीतिक तनावों पर नजर बनाए हुए हैं। मंगलवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे क्योंकि तेल कीमतों में कुछ स्थिरता और बॉन्ड यील्ड में नरमी से निवेशकों को राहत मिली थी।

वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को फिर तेजी देखी गई। बाजार एक ओर अमेरिकी उत्पादन क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे तूफान और सऊदी अरब पर हूती हमलों से संभावित आपूर्ति व्यवधानों को लेकर चिंतित है, जबकि दूसरी ओर मध्य पूर्व से बढ़ते तेल निर्यात कीमतों को कुछ राहत दे रहे हैं।

अब बाजार की अगली दिशा काफी हद तक आरबीआई के ब्याज दर फैसले, नीति रुख और महंगाई-विकास संबंधी संकेतों पर निर्भर करेगी।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार15 minutes ago

रेलवे में 3,548 पदों पर बंपर भर्ती, 18 से 33 वर्ष के ग्रेजुएट युवाओं के पास सुनहरा मौका

राजनीति42 minutes ago

वोट चोरी हुई तो तेजस्वी यादव कैसे जीते? विपक्ष का प्रदर्शन नौटंकी: भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी

महाराष्ट्र3 hours ago

घाटकोपर रोड चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर गिराए गए

राजनीति4 hours ago

कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता से परेशान है, एसआईआर का इस्तेमाल करके अशांति पैदा कर रही है: कर्नाटक भाजपा

फिल्मी खबरे6 hours ago

‘वेलकम’ के डायरेक्टर अनीस बज़्मी ने नाना पाटेकर के निधन के बाद प्राइवेसी की अपील की, कहा- ‘बात करने की हालत में नहीं हूं’

राजनीति6 hours ago

सीएम बनने के बाद मुझे स्टिंग ऑपरेशन के जरिए फंसाने की कोशिश की गई: शिवकुमार

राजनीति6 hours ago

‘अराजकतावादी मानसिकता’: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर नितिन नबीन ने राहुल गांधी पर निशाना साधा

राजनीति23 hours ago

जंतर-मंतर जा रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत इंडिया ब्लॉक के नेता हिरासत में लिए गए

खेल23 hours ago

प्रमोद भगत, भाविना पटेल आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स के लिए फ्लैग बियरर बनाए गए

राजनीति24 hours ago

पिंक पास को लेकर सौरभ भारद्वाज बोले- जनता को परेशान करना इनकी आदत

राजनीति4 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल3 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

मनोरंजन3 weeks ago

‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

मनोरंजन2 weeks ago

अर्चना पूरन सिंह ने कॉमेडी का असली नियम बताया, कहा- साथी कलाकार को बेहतर बनाना जरूरी

अपराध3 weeks ago

पंजाब में 47 किलो हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार से जुड़े तार

मनोरंजन2 weeks ago

लारा दत्ता ने मां के अल्जाइमर से जूझने का किया जिक्र, बोलीं, ‘इसे बढ़ती उम्र की बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें’

व्यापार6 days ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

व्यापार4 weeks ago

सेबी ने डेरिवेटिव्स सेटलमेंट और सीएएस फ्रेमवर्क में बदलाव का दिया प्रस्ताव

रुझान