राष्ट्रीय समाचार
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के कार्टूनिस्ट की पीएम मोदी और आरएसएस पर सोशल मीडिया पोस्ट को ‘अपरिपक्व’ और ‘भड़काऊ’ बताया
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश के एक कार्टूनिस्ट की सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को “अशोभनीय तरीके” से चित्रित किया गया था।
कैरिकेचर के बारे में
इस कार्टून में एक आरएसएस कार्यकर्ता को खाकी शॉर्ट्स उतारे हुए दिखाया गया है और प्रधानमंत्री उसे इंजेक्शन लगा रहे हैं। इसके साथ एक भड़काऊ कैप्शन भी दिया गया है जिसमें “भगवान शिव से संबंधित अपमानजनक बातें” और “जाति जनगणना” का संदर्भ दिया गया है।
सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय के आचरण को “भड़काऊ” और “अपरिपक्व” करार दिया। न्यायमूर्ति धूलिया की अध्यक्षता वाली पीठ कार्टूनिस्ट की अग्रिम ज़मानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन पर मध्य प्रदेश पुलिस ने कथित तौर पर “अश्लील” सोशल मीडिया पोस्ट साझा करने के आरोप में मामला दर्ज किया था।
शीर्ष अदालत ने मालवीय की ओर से पेश हुईं वकील वृंदा ग्रोवर से कहा कि अगर वह अपनी पोस्ट हटाने को तैयार हैं, तो वे निर्देश लें। ग्रोवर ने दलील दी कि याचिकाकर्ता विवादास्पद पोस्ट हटाने और यह बयान देने को तैयार हैं कि वह आपत्तिजनक टिप्पणियों का समर्थन नहीं कर रहे हैं। इस पर, न्यायमूर्ति धूलिया की अध्यक्षता वाली पीठ ने मौखिक टिप्पणी की, “हास्य कलाकार, कार्टूनिस्ट आदि, अपना आचरण देखें!”
जब ग्रोवर ने गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण की मांग की, तो शीर्ष अदालत ने कोई आदेश देने से इनकार कर दिया और मामले को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने कहा कि विवादास्पद पोस्ट सामाजिक वैमनस्य पैदा कर रही है और पूरे देश में ऐसी घटनाएं हो रही हैं और कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राहत देने से किया इनकार
इससे पहले, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने मालवीय को राहत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि इस तरह की सामग्री सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ सकती है और उन्होंने “स्पष्ट रूप से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा का उल्लंघन किया है”। 3 जुलाई को जारी अपने आदेश में, न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने कहा कि सामग्री, मालवीय का समर्थन और दूसरों को कार्टून में बदलाव करने और उसे शेयर करने का न्योता, अच्छे स्वभाव का नहीं था और यह जानबूझकर भावनाओं को आहत करने के इरादे से किया गया कृत्य था।
न्यायमूर्ति अभ्यंकर की पीठ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जानबूझकर किए गए ऐसे कृत्यों तक सीमित नहीं है जो धर्म का अपमान करते हैं या कलह को बढ़ावा देते हैं। पीठ ने निष्कर्ष निकाला कि यह व्यंग्यचित्र, मालवीय के सार्वजनिक समर्थन के साथ, वैध व्यंग्य की सीमाओं को पार करता है और इसके गंभीर कानूनी परिणाम होने चाहिए।
इंदौर के लसूड़िया पुलिस स्टेशन ने मालवीय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 196, 299, 302, 352 और 353(3) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67-ए के तहत दंडनीय अपराधों के लिए मामला दर्ज किया।
राष्ट्रीय समाचार
सीबीआई की कार्रवाई: मुंबई की कंपनी पर 93 करोड़ के बैंक फ्रॉड का केस दर्ज, कई ठिकानों पर छापेमारी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई की एक कंपनी के खिलाफ 93 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इसी के साथ केंद्रीय जांच एजेंसी ने कंपनी के कई ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया।
दरअसल, सीबीआई ने मुंबई की एक कंपनी के खिलाफ 93.44 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड का मामला दर्ज किया है और मुंबई में हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों से जुड़ी कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
इसे लेकर सीबीआई ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि यह मामला 30 सितंबर को पंजाब नेशनल बैंक, एसएएम ब्रांच, मुंबई की शिकायत पर दर्ज किया। यह केस हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड, उसके डायरेक्टरों और गारंटर, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अज्ञात प्राइवेट व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी की आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए दर्ज किया गया है।
इन अपराधों के कारण शिकायतकर्ता बैंक को लगभग 93.44 करोड़ रुपए का कथित गलत नुकसान हुआ। आरोप है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश रची, अपनी संबंधित पार्टी के इनवॉइस पर 135 करोड़ रुपए का टर्म लोन लिया और उस पैसे को उन कामों में इस्तेमाल किया या दूसरी जगह भेज दिया, जिनके लिए मंजूरी नहीं मिली थी, जिससे बैंक को नुकसान हुआ।
सीबीआई की ओर से की गई तलाशी के दौरान जांच से जुड़े बैंक के जरूरी दस्तावेज और प्रॉपर्टी के दस्तावेज बरामद और जब्त किए गए। वहीं, कंपनी की ओर से की गई साजिश की पूरी हद का पता लगाने, सरकारी कर्मचारियों और प्राइवेट व्यक्तियों सहित इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की पहचान करने और लोन के पैसे का आखिर में कहां इस्तेमाल हुआ, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
फ्लाईदुबई फ्लाइट में घायल पायलट कैप्टन स्मित की हालत में सुधार, भारत ने यूएई सरकार का जताया आभार

यूएई से इजरायल जा रहे अमीराती विमान फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड1073 के कॉकपिट में बुधवार को हुई घटना में घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का यूएई में इलाज चल रहा है। यूएई में भारतीय दूतावास ने बताया कि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, ”भारतीय बहादुर कैप्टन स्मित का बेहतरीन इलाज चल रहा है और वे तेजी से ठीक हो रहे हैं। हम उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं और उनके जल्द ठीक होने में मदद कर रहे हैं। उनकी देखभाल के लिए हम यूएई सरकार का धन्यवाद करते हैं। हम भी उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने वालों के साथ शामिल हैं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट स्मित मच्छार से बात की थी। उन्होंने स्मित मच्छार से उनका हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने कहा कि आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, बल्कि यात्रियों के जीवन की परवाह की। सबसे बड़ी बात यह है कि आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है।
पीएम मोदी ने स्मित मच्छार से कहा कि पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है। महामृत्युंजय के जाप चल रहे हैं। आपकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ ने लोगों की जान बचाई है। आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले लोग नहीं है, बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं।
स्मित ने पीएम मोदी से कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि आपसे मेरी बात होगी।” स्मित के भावुक होने पर पीएम मोदी ने कहा, “आपने इतना बड़ा काम किया है कि हर देशवासी और पूरी दुनिया के लोग आपको देखने, आपसे बात करने के लिए आतुर हैं। आपने सचमुच में पूरे देश का नाम रोशन किया है।”
पीएम मोदी ने कहा कि भारत आपका स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक है। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा (आप सभी की जान न बचाते) न करते तो पता नहीं, पूरे देश और भारत के पायलटों पर क्या-क्या बीतती। सभी पायलटों को किस तरह से देखा जाता। आपने सभी को बचा लिया है।”
इस दौरान पीएम मोदी ने सऊदी और यूएई सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सरकारों ने स्मित की बहुत देखभाल की। मैं उनका बहुत आभारी हूं।
फ्लाइट में हुए हादसे के दौरान कैप्टन स्मित ने बहादुरी और साहस का काम था। हमलावर साथी पायलट के हमले के बाद गर्दन और हाथों में गंभीर चोट लगने के बावजूद वह रेंगते हुए आगे बढ़े, कॉकपिट खोला और इजरायली लोगों को अंदर मौजूद आतंकवादी पर काबू पाने का मौका दिया।
राष्ट्रीय समाचार
एआईएमई 2026 में भारतीय नौसेना के जहाज सह्याद्रि और कुलिश की भागीदारी संपन्न

भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश ने फिलीपींस में आयोजित बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास एआईएमई 2026 में अपनी भागीदारी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस अभ्यास की थीम “भरोसे की नींव, समुद्र में एकजुट” यानी “विश्वास में जड़ें, समुद्र में एकजुट” थी।
एआईएमई 2026 के दौरान भारतीय नौसेना के जहाजों ने हार्बर और सी फेज में विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। अभ्यास का उद्देश्य पेशेवर संवाद, संचालन संबंधी समन्वय और समुद्री प्रशिक्षण के जरिए भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच सहयोग और आपसी तालमेल को मजबूत करना था।
अभ्यास के उद्घाटन समारोह के बाद हार्बर फेज आयोजित किया गया। इसमें प्रमुख अधिकारियों के बीच संवाद, खेल गतिविधियां, योग, सामुदायिक संपर्क और विशेषज्ञ स्तर पर विचार-विमर्श जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। इसके अलावा टेबल-टॉप एक्सरसाइज, ऑपरेशनल सिंक्रोनाइजेशन और प्री-सेल ब्रीफ के जरिए समुद्री चरण के लिए योजनाओं और तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
सी फेज के दौरान आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश ने विभिन्न समन्वित समुद्री अभ्यासों में हिस्सा लिया। इनमें मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर), विजिट-बोर्ड-सर्च-सीजर (वीबीएसएस) और अंडरवे रीप्लेनिशमेंट ड्रिल शामिल थीं।
इसके अलावा हेलीकॉप्टर से जुड़े अभ्यासों में क्रॉस-डेक लैंडिंग, वर्टिकल रीप्लेनिशमेंट और केसवैक (घायल या बीमार लोगों को चिकित्सा निकासी) ड्रिल भी की गईं। इन गतिविधियों के जरिए भाग लेने वाली समुद्री सेनाओं के बीच संचालन संबंधी समन्वय और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा मिला।
एआईएमई 2026 के हार्बर और सी फेज ने भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने के साथ समुद्री सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाया। इससे प्रभावी समुद्री साझेदारी को और मजबूती मिली।
आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश की इस भागीदारी ने भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर के विजन के अनुरूप साझेदार समुद्री सेनाओं के साथ निरंतर सहयोग और जुड़ाव के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया।
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