व्यापार
मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला शेयर बाजार, आईटी स्टॉक्स में तेजी
मुंबई, 25 फरवरी : मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ खुला। सुबह 9:20 पर सेंसेक्स 478 अंक या 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,751और निफ्टी 147 अंक या 0.58 प्रतिशत की मजबूती के साथ 25,570 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी भरने का काम आईटी शेयर कर रहे थे। निफ्टी आईटी सूचकांकों में टॉप गेनर था। वहीं, निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयलएंडगैस, निफ्टी पीएसई, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी एनर्जी के साथ करीब सभी सूचकांक हरे निशान में थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी बनी हुई है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 235 अंक या 0.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,307 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 98 अंक या 0.59 प्रतिशत की मजबूती के साथ 17,058 पर था।
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, पावर ग्रिड, इंडिगो, टाटा स्टील, एनटीपीसी, एलएंडटी, सन फार्मा, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और बीईएल गेनर्स थे। एसबीआई, बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स लूजर्स थे।
बाजार का रुझान भी सकारात्मक बना हुआ है। गिरने वाले शेयरों की अपेक्षा बढ़ने वाले शेयरों की संख्या अधिक है।
ज्यादातर वैश्विक बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। शंघाई, टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक, जकार्ता और सोल हरे निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को हरे निशान में बंद हुए थे।
बाजार के जानकारों के मुताबिक, शेयर बाजार में तेजी की वजह एफआईआई की ओर से बिकवाली का कम होना है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को केवल 102.53 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,161.22 करोड़ रुपए की खरीदारी की थी।
सोने और चांदी में तेजी देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक सोना 0.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,199 डॉलर प्रति औंस और चांदी दो प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 89 डॉलर प्रति औंस पर थी।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में यात्री वाहनों की बिक्री मई में 27 प्रतिशत बढ़ी, दोपहिया की सेल्स 19 लाख यूनिट्स के पार

भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने बीते महीने मजबूत प्रदर्शन किया और बिक्री किसी भी वर्ष के मई में महीने में अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर रही है। इसकी वजह यात्री वाहनों, दोपहिया वाहनों और तिपहिया वाहनों की मजबूत मांग है। यह जानकारी सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) की ओर से सोमवार को दी गई।
मई 2026 में घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 27.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 4,38,854 यूनिट हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 3,44,656 यूनिट था।
दोपहिया सेगमेंट में भी अच्छी बढ़ोतरी देखी गई, जहां बिक्री 14.8 प्रतिशत बढ़कर 19,02,209 यूनिट हो गई, वहीं तिपहिया वाहनों की बिक्री 31.1 प्रतिशत बढ़कर 70,720 यूनिट तक पहुंच गई।
सियाम के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने कहा कि मई के महीने में तीनों मुख्य वाहन कैटेगरी में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की गई।
उन्होंने इस बढ़ोतरी का श्रेय आंशिक रूप से मई 2025 के कम बेस और जीएसटी दरों में कमी व आसान फाइनेंसिंग विकल्पों से बढ़ी मांग को दिया।
उन्होंने बताया, “ये कारक सभी कैटेगरी में वाहनों की ज्यादा बिक्री को बढ़ावा दे रहे हैं।”
थोक बिक्री के ये मजबूत आंकड़े रिटेल बिक्री के शानदार प्रदर्शन के कारण आए हैं।
इससे पहले, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने बताया था कि मई में पैसेंजर वाहनों की रिटेल बिक्री पहली बार 4 लाख के आंकड़े को पार कर गई, जो सालाना आधार पर 23.25 प्रतिशत बढ़कर 4,02,591 यूनिट हो गई।
फाडा ने इस ग्रोथ की वजह ग्रामीण इलाकों में मजबूत मांग, एंट्री-लेवल कार सेगमेंट में सुधार और स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल्स (एसयूवी) की लगातार मांग को बताया।
दोपहिया सेगमेंट ने मई में अब तक की सबसे अच्छी बिक्री दर्ज की, जिसमें स्कूटर की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। स्कूटर की बिक्री सालाना आधार पर 27.4 प्रतिशत बढ़कर 7,39,667 यूनिट हो गई।
इस महीने मोटरसाइकिल की बिक्री 7.2 प्रतिशत बढ़कर 11,13,973 यूनिट हो गई, जबकि मोपेड की बिक्री 30.3 प्रतिशत बढ़कर 48,569 यूनिट हो गई।
तिपहिया सेगमेंट ने भी अपनी ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखी। बिक्री एक साल पहले के 53,942 यूनिट से बढ़कर 70,720 यूनिट हो गई।
पैसेंजर कैरियर सबसे बड़ी कैटेगरी बनी रही, जिसकी बिक्री 30 प्रतिशत बढ़कर 57,649 यूनिट हो गई, जबकि गुड्स कैरियर ने 35.3 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ दर्ज की और बिक्री 11,802 यूनिट तक पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका और ईरान शांति समझौते से कीमती धातुओं में भारी उछाल, सोना और चांदी 3 प्रतिशत तक चढ़े

अमेरिका और ईरान द्वारा शांति समझौते की पुष्टि के बाद, भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं में कमी आने से हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार के साथ ही कीमती धातुओं में भी भारी उछाल देखने को मिली।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमसीएक्स) पर अगस्त वायदा सोना अपने पिछले बंद 1,50,528 रुपए से 3,301 रुपए की भारी उछाल के साथ 1,53,829 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो खबर लिखे जाने तक दिन का उच्चतम स्तर रहा।
वहीं, एमसीएक्स सिल्वर जुलाई वायदा अपने पिछले बंद 2,46,186 रुपए से 5,377 रुपए की जबरदस्त तेजी के साथ 2,51,563 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुला और शुरुआती कारोबार में ही 3 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 2,53,345 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
वहीं, खबर लिखे जाने तक (दोपहर 12.09 बजे के करीब) एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1.48 प्रतिशत यानी 2,222 रुपए की उछाल के साथ 1,52,750 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, तो वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 2.20 प्रतिशत यानी 5,414 रुपए की तेजी के साथ 2,51,600 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।
वहीं, इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के सुबह के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को 999 प्यूरिटी वाला सोना 1,50,169 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, जबकि 999 प्यूरिटी वाली चांदी की कीमत 2,51,011 रुपए प्रति किलोग्राम थी।
सोने-चांदी की कीमतों में यह उछाल ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुष्टि की है कि ईरान के साथ शांति समझौता हो गया है और होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा, जिससे चार महीने से चल रहे संघर्ष का अंत हो गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग से नाकाबंदी हटा ली है, जो विश्व ऊर्जा व्यापार के लिए एक प्रमुख समुद्री मार्ग है और दोनों देशों के बीच तनाव के कारण काफी हद तक बाधित रहा था।
इस बीच, एक कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि एमसीएक्स गोल्ड फिलहाल 1.54-1.55 लाख रुपए के महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन के नीचे ट्रेड कर रहा है। भू-राजनीतिक तनावों में कुछ नरमी आने से सोने में मजबूती देखने को मिल रही है और कीमतों में रिकवरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
एक्सपर्ट का मानना है कि यदि सोना 1.55 लाख रुपए के स्तर के ऊपर लगातार बना रहता है, तो इसमें और तेजी आ सकती है तथा भाव 1.58 लाख रुपए से 1.60 लाख रुपए के दायरे तक पहुंच सकते हैं। दूसरी ओर, यदि कीमत 1.53-1.52 लाख रुपए के सपोर्ट जोन के नीचे फिसलती है, तो सोना फिर से 1.50 लाख रुपए के स्तर तक गिर सकता है।
वहीं, एक्सपर्ट ने आगे बताया कि एमसीएक्स सिल्वर ने भी 2.50 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर लिया। इससे बाजार की धारणा में सुधार और कीमतों में धीरे-धीरे रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं।
एक्सपर्ट के मुताबिक, यदि चांदी 2.54-2.55 लाख रुपए के रेजिस्टेंस जोन को पार कर लेती है, तो इसमें और तेजी आ सकती है और भाव 2.58-2.60 लाख रुपए तक पहुंच सकते हैं। हालांकि, यदि कीमत 2.50 लाख के नीचे फिसलती है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और भाव 2.42-2.40 लाख रुपए के सपोर्ट क्षेत्र तक आ सकते हैं।
एक्सपर्ट ने बताया कि निकट अवधि में चांदी का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। बाजार की धारणा को और मजबूत करने के लिए कीमतों का मौजूदा रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर टिकना जरूरी होगा। भू-राजनीतिक घटनाक्रम, सुरक्षित निवेश की मांग और वैश्विक बाजारों की अस्थिरता आगे भी चांदी की चाल को प्रभावित कर सकती है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका-ईरान समझौते से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, ब्रेंट क्रूड करीब 5 प्रतिशत टूटा

अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की घोषणा के बाद सोमवार को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आने की आशंकाएं काफी हद तक कम हो गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में 4.90 प्रतिशत तक गिरकर 83.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 5.74 प्रतिशत टूटकर करीब 80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की दिशा में हुई प्रगति से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसके चलते सप्ताह की शुरुआत में एशियाई शेयर बाजारों में जोरदार तेजी देखने को मिली। वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स भी मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए।
विशेषज्ञों ने कहा, “इस बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल 4 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गया है, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं और बाजार की धारणा को अतिरिक्त समर्थन मिला है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि ईरान के साथ समझौता पूरा हो चुका है। उन्होंने लिखा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो चुका है।”
इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की भी घोषणा की। यह एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के कच्चे तेल की आपूर्ति होती है।
ट्रंप ने लिखा, “मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के पूरी तरह खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत हटाने की अनुमति देता हूं। दुनिया के जहाज अपने इंजन चालू करें। तेल को बहने दें!”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
इस सकारात्मक घटनाक्रम का असर वैश्विक शेयर बाजारों पर भी दिखा। जापान के निक्केई, हांगकांग के हैंग सेंग, दक्षिण कोरिया के कोस्पी और इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट जैसे प्रमुख एशियाई सूचकांक तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए। इनमें से कुछ बाजारों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
घरेलू बाजार में भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों शुरुआती कारोबार में 1 प्रतिशत से अधिक की मजबूती के साथ खुले।
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