Connect with us
Friday,03-April-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

टैरिफ में बदलाव से हरे निशान में खुला शेयर बाजार, फाइनेंस सेक्टर में खरीदारी

Published

on

मुंबई, 23 फरवरी : भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में बड़ी तेजी के साथ खुला। सुबह 9:33 पर सेंसेक्स 566 अंक या 0.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 83,401 और निफ्टी 183 अंक की मजबूती के साथ 25,754 पर था।

शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी भरने का फाइनेंशियल सेक्टर के शेयर कर रहे थे। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी फाइनेंसियल सर्विसेज सूचकांकों में टॉप गेनर थे। साथ ही, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी भी हरे निशान में थे। केवल निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया लाल निशान में थे।

सेंसेक्स पैक में अदाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, एमएंडएम,एचयूएल, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, टाइटन, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, एशियन पेंट्स, इटनरल और सन फार्मा गेनर्स थे। इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, एनटीपीसी और इंडिगो लूजर्स थे।

लार्जकैप की तरफ स्मॉलकैप में भी जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 138 अंक या 0.81 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,140 पर था। वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स सपाट बना हुआ था।

बाजार में तेजी के वजह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ को हटाने को माना जा रहा है।

बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम, 1977 के तहत बिना कांग्रेस की अनुमति दिए व्यापक टैरिफ लगाए हैं, जो कि संविधान के खिलाफ है। टैरिफ लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं। इस कारण टैरिफ को रद्द किया जा रहा है।

एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखी जा रही है। हांगकांग, जकार्ता, बैंकॉक और सोल हरे निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार भी शुक्रवार को हरे निशान में बंद हुए थे।

राष्ट्रीय

एचपीसीएल का सख्त एक्शन: सरकार की सख्ती के बीच एलपीजी से संबंधित अनियमितताओं के चलते 10 डिस्ट्रीब्यूटर को किया सस्पेंड

Published

on

gas

नई दिल्ली, 3 अप्रैल : हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने शुक्रवार को कहा कि उसने कथित अनियमितताओं के चलते 10 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को सस्पेंड कर दिया है। कंपनी ने अपने वितरण नेटवर्क में अनियमितताओं के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति को दोहराया है।

कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि जिन 10 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को गड़बड़ी में शामिल पाया गया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

कंपनी ने अपने बयान में कहा, “जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत हम जवाबदेही सुनिश्चित कर रहे हैं और जहां जरूरत है, वहां समय पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रहे हैं।”

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सरकार एलपीजी की उपलब्धता और वितरण से जुड़ी अनियमितताओं और अफवाहों पर काबू पाने के लिए सक्रिय हो गई है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा था कि वे अफवाहों और गलत जानकारी को रोकने के लिए सक्रिय रूप से सही जानकारी साझा करें, क्योंकि कुछ इलाकों में इन अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी और जमाखोरी देखने को मिली है।

मंत्रालय ने अपने संदेश में कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों, खासकर एलपीजी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और फेक न्यूज काफी बढ़ गई है, जिससे वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

इसलिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे रोजाना वरिष्ठ स्तर पर प्रेस ब्रीफिंग करें और सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए सही जानकारी समय पर लोगों तक पहुंचाएं, ताकि लोगों को भरोसा दिलाया जा सके कि एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई सामान्य है।

सरकार ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि वे जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखें।

एचपीसीएल ने यह भी कहा कि उसकी प्राथमिकता उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना, पारदर्शिता बनाए रखना और भरोसेमंद सेवाएं देना है।

एक अन्य पोस्ट में कंपनी ने कहा कि डीलरों द्वारा की जा रही गड़बड़ियों को उसने गंभीरता से लिया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

कंपनी ने कहा, “हम किसी भी ऐसी गतिविधि के लिए जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाते हैं जो ग्राहक हित, पारदर्शिता या सेवा की गुणवत्ता को प्रभावित करती हो। जवाबदेही तय की जा रही है और जहां जरूरत है, वहां सख्त कार्रवाई की जा रही है।

Continue Reading

व्यापार

पश्चिम एशिया तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर, ब्रेंट क्रूड में 8 प्रतिशत की वृद्धि

Published

on

नई दिल्ली, 3 अप्रैल : वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को तेज उछाल देखा गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर अगले 2-3 हफ्तों में संभावित सैन्य हमले की चेतावनी देने के बाद बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 8 प्रतिशत बढ़कर 109.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) फ्यूचर्स 111.54 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।

सप्ताह के दौरान यूएस डब्ल्यूटीआई क्रूड में पिछले शुक्रवार के मुकाबले 11.94 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि ब्रेंट क्रूड में इसी अवधि में 3.14 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब पांचवें हफ्ते में पहुंच गया है, जिससे वैश्विक बाजार से हर दिन लाखों बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके चलते ऊर्जा कीमतें कई साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से गुजरने वाली सप्लाई पर निर्भर देशों में ईंधन की कमी भी देखने को मिल रही है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है।

इस हफ्ते दिए गए अपने भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका आने वाले हफ्तों में ईरान पर ‘बेहद कड़ा प्रहार’ कर सकता है। हालांकि, उन्होंने इस अहम समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने की कोई स्पष्ट योजना नहीं बताई और अन्य देशों से इसे सुचारू करने की जिम्मेदारी लेने को कहा।

विश्लेषकों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों, भारतीय रुपए और उभरते बाजारों में विदेशी निवेश पर दबाव बना रह सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर स्थिति में सुधार होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और करेंसी में स्थिरता आ सकती है, लेकिन तनाव बढ़ने पर बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और बढ़ेगी।

कीमती धातुओं की बात करें तो कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स 0.48 प्रतिशत गिरकर 4,679.70 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था, क्योंकि निवेशक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश विकल्प तलाश रहे हैं।

इस बीच, गुड फ्राइडे के कारण घरेलू कमोडिटी बाजार सुबह के सत्र में बंद रहे।

वहीं, पश्चिम एशिया के बढ़ते तनाव और करेंसी में उतार-चढ़ाव के चलते भारतीय शेयर बाजार लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए, जहां दोनों प्रमुख बेंचमार्कों – सेंसेक्स और निफ्टी – में कमजोरी रही।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा 54.91 अरब डॉलर पहुंचा, टॉप घाटे वाले देशों की सूची में शामिल

Published

on

TRUMP

वाशिंगटन, 3 अप्रैल : सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 12 महीनों में अमेरिका को भारत के साथ व्यापार में 54.91 अरब डॉलर का घाटा हुआ है। इस बड़े घाटे की वजह से भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है जिनसे अमेरिका को सबसे ज्यादा व्यापारिक घाटा (नुकसान) होता है। वहीं, फरवरी के महीने में दुनिया भर के दूसरे देशों के साथ भी अमेरिका का कुल व्यापार घाटा और ज्यादा बढ़ा है।

महीने के आंकड़ों से पता चला कि फरवरी में अमेरिका का व्यापार घाटा बढ़कर 57.35 बिलियन डॉलर हो गया, जो जनवरी से 2.67 बिलियन डॉलर ज्यादा है, हालांकि यह अभी भी 12 महीने के एवरेज से 11 फसदी कम है।

यह बढ़ोतरी इसलिए हुई क्योंकि इम्पोर्ट, एक्सपोर्ट से ज्यादा तेजी से बढ़ा। महीने के दौरान कुल एक्सपोर्ट 314.8 बिलियन डॉलर रहा, जबकि इम्पोर्ट 372.1 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

वस्तु व्यापार में अमेरिका को 84.60 अरब डॉलर का घाटा हुआ, जबकि सेवाओं के क्षेत्र में 27.26 अरब डॉलर का अधिशेष दर्ज किया गया। जनवरी की तुलना में वस्तु व्यापार घाटा बढ़ा, जबकि सेवाओं का अधिशेष घट गया।

भारत अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में बना रहा। केवल फरवरी में ही अमेरिका ने भारत के साथ लगभग 3.5 अरब डॉलर का वस्तु व्यापार घाटा दर्ज किया।

फरवरी 2026 तक 12 महीने के समय में, भारत का अमेरिका के कुल सामान व्यापार घाटा में लगभग 5.01 फीसदी हिस्सा था, जो दोनों देशों के बीच लगातार ट्रेड फ्लो को दिखाता है।

भारत अमेरिकी इंपोर्ट के बड़े सोर्स में भी शामिल था। इसी समय में भारत से कुल 101.97 बिलियन डॉलर का सामान इंपोर्ट हुआ, जो अमेरिकी मार्केट में फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स और दूसरे प्रोडक्ट्स की सप्लाई में इसकी भूमिका को दिखाता है।

वहीं, भारत से इंपोर्ट से अमेरिकी कस्टम ड्यूटी में 12.34 बिलियन डॉलर आए, जिसका एवरेज टैरिफ दर 12.12 फीसदी था।

अमेरिका के समग्र व्यापार परिदृश्य में मेक्सिको, वियतनाम और चीन के साथ बड़े असंतुलन देखने के लिए मिले, जो वस्तु व्यापार घाटे में सबसे अधिक योगदान देने वाले देश बने रहे।

फरवरी में एक्सपोर्ट बढ़ा, क्योंकि इंडस्ट्रियल सप्लाई और मटीरियल की शिपमेंट ज्यादा हुई, जिसमें नॉन-मॉनेटरी सोना और नैचुरल गैस शामिल हैं। सर्विसेज एक्सपोर्ट भी थोड़ा बढ़ा।

हालांकि, कैपिटल गुड्स, कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर, क्रूड ऑयल और फार्मास्यूटिकल तैयारियों की डिमांड की वजह से इंपोर्ट ज्यादा तेजी से बढ़ा।

पिछले साल ट्रेड किए गए सामानों में, सिविलियन एयरक्राफ्ट, फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट और नॉन-मॉनेटरी सोना अमेरिका के मुख्य एक्सपोर्ट थे। इंपोर्ट की बात करें तो, फार्मास्यूटिकल्स, कंप्यूटर और पैसेंजर गाड़ियों का दबदबा रहा।

महीने में बढ़ोतरी के बावजूद, लंबे समय के ट्रेंड से व्यापार असंतुलन में कुछ कमी दिख रही है। साल-दर-साल के डेटा से पता चला है कि पिछले साल इसी समय की तुलना में घाटा कम हुआ है, जिसमें एक्सपोर्ट बढ़ा है और इंपोर्ट सालाना आधार पर घटा है।

फरवरी में, अमेरिका ने इंपोर्ट ड्यूटी के तौर पर 21.24 बिलियन डॉलर इकट्ठा किए, जो 12 महीने के एवरेज से लगभग 13 फीसदी कम है। एवरेज लागू ड्यूटी रेट 8.48 फीसदी था।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र50 minutes ago

महाराष्ट्र में 13 वर्षीय छात्रा से रेप मामले में मुख्याध्यापक को उम्रकैद व वर्गशिक्षक को एक वर्ष की कैद

राष्ट्रीय2 hours ago

एचपीसीएल का सख्त एक्शन: सरकार की सख्ती के बीच एलपीजी से संबंधित अनियमितताओं के चलते 10 डिस्ट्रीब्यूटर को किया सस्पेंड

व्यापार2 hours ago

पश्चिम एशिया तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर, ब्रेंट क्रूड में 8 प्रतिशत की वृद्धि

अंतरराष्ट्रीय3 hours ago

ऑस्ट्रेलिया ने दवाइयों पर शुल्क लगाने के मुद्दे पर अमेरिका से बातचीत से किया इनकार

TRUMP
अंतरराष्ट्रीय3 hours ago

भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा 54.91 अरब डॉलर पहुंचा, टॉप घाटे वाले देशों की सूची में शामिल

राष्ट्रीय4 hours ago

‘खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं’, आम आदमी पार्टी के नाम राघव चड्ढा का संदेश, लगाए गंभीर आरोप

अपराध4 hours ago

मुंबई एटीएस की बड़ी कार्रवाई: खैर वुड तस्करी मामले में आकिब नाचन समेत दो गिरफ्तार

अंतरराष्ट्रीय4 hours ago

अमेरिका ने पेटेंट वाली दवाओं पर लगाया 100 प्रतिशत टैरिफ

अंतरराष्ट्रीय4 hours ago

ट्रंप ने स्टील, एल्युमीनियम और तांबे पर लगाया 50 प्रतिशत टैरिफ

अंतरराष्ट्रीय5 hours ago

पनामा नहर से जुड़े जहाजों को लेकर अमेरिका ने दी चीन को चेतावनी

महाराष्ट्र7 days ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंब्रा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नदीम खान उर्फ ​​बाबा खान के घर पर फायरिंग, पुलिस टीम पर भी हमला, मुंब्रा में अलर्ट… नदीम ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया

व्यापार4 weeks ago

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक गिरा, आईटी शेयरों में बढ़त

अपराध3 weeks ago

मुंबई सेंट्रल के रेलवे अस्पताल में महिला डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत, जांच में जुटी पुलिस

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने फोन पर की बात, मध्य पूर्व संघर्ष को कम करने पर जोर

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई के लोगों को महायोति का बड़ा तोहफा… अब 500 स्क्वायर फीट तक के घरों पर कोई टैक्स नहीं, महानगरपालिका ने यह सीमा बढ़ाकर 700 स्क्वायर फीट कर दी है।

अंतरराष्ट्रीय6 days ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

राष्ट्रीय3 weeks ago

मुंबई में गैस संकट से 20 फीसदी होटल-रेस्टोरेंट बंद, पेट्रोलियम मंत्री से आपूर्ति सुचारू रखने की मांग

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

इजरायल की चेतावनी, ‘विदेशों में रहने वाले यहूदियों पर हमले का खतरा बढ़ा’, सतर्क रहने की सलाह

महाराष्ट्र1 week ago

अबू आसिम आज़मी ने महाराष्ट्र में हेट स्पीच से जुड़े अपराधों की घटनाओं पर चिंता जताई, विधानसभा में सख्त कार्रवाई की मांग की

रुझान