अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान, आईएमएफ के बीच हुआ स्टाफ-स्तरीय समझौता
पाकिस्तान आखिरकार अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ एक कर्मचारी स्तर के समझौते पर पहुंच गया है, क्योंकि उसने दो बकाया कार्यक्रम समीक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ कुल ऋण आकार को 6 अरब डॉलर से बढ़ाकर 7 अरब डॉलर करने का समझौता किया है।
आईएमएफ द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, “आईएमएफ टीम ने विस्तारित फंड सुविधा समर्थित कार्यक्रम की संयुक्त सातवीं और आठवीं समीक्षाओं के निष्कर्ष के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ एक कर्मचारी स्तर का समझौता किया है।”
बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पाकिस्तान को अपना राजस्व बढ़ाने की दिशा में और कदम उठाने के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
आईएमएफ का समझौता अगले वित्तवर्ष के दौरान पाकिस्तान के लिए निर्धारित मांगों और लक्ष्यों के एक सख्त सेट के साथ आया है, जिसमें प्राथमिक बजट अधिशेष लक्ष्य 153 अरब रुपये या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.2 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। अब संशोधित बजट में इसे बढ़ाकर 0.4 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को या तो अधिक राजस्व उपाय पेश करने होंगे या अपने खर्च में कटौती करनी होगी, जिसमें विकास बजट शामिल नहीं होगा।
आईएमएफ ने अपने कार्यक्रम की शर्तो के तहत देश में भ्रष्टाचार विरोधी प्रक्रियाओं पर पाकिस्तान के राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की समीक्षा को भी शामिल किया है।
आईएमएफ के बयान में कहा गया है, “समझौता आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड द्वारा अनुमोदन के अधीन है और एक बार बोर्ड द्वारा अनुमोदित होने के बाद लगभग 1.177 अरब डॉलर का ऋण जारी किया जाएगा। इससे कुल संवितरण लगभग 4.2 अरब डॉलर हो जाएगा।”
वित्तवर्ष 2022-23 में कार्यक्रम के कार्यान्वयन का समर्थन करने और उच्च वित्तपोषण की जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ अतिरिक्त वित्तपोषण को उत्प्रेरित करने के लिए आईएमएफ बोर्ड जून 2023 के अंत के तहत ईएफएफ के विस्तार और एसडीआर 720 मिलियन या 1 अरब डॉलर तक पहुंच बढ़ाने पर विचार करेगा। इससे ईएफएफ के तहत कुल पहुंच करीब 7 अरब डॉलर की हो जाएगी।
आईएमएफ के साथ स्टाफ स्तर का समझौता पाकिस्तान के लिए बहुत महत्व रखता है, क्योंकि यह सौदा सऊदी अरब जैसे देशों और एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक जैसे वैश्विक ऋणदाताओं से अन्य ऋण सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।
हालांकि, देश ने आईएमएफ कार्यक्रम के पुनरुद्धार के लिए भारी कीमत चुकाई है, क्योंकि ईंधन की कीमतों, बिजली की कीमतों और ऊर्जा की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और वेतनभोगी वर्ग पर करों में वृद्धि हुई है।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने आईएमएफ के ईएफएफ कार्यक्रम को फिर से शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा, “सभी आवश्यक कार्रवाई की गई है और अब आईएमएफ बोर्ड की समीक्षा और संशोधित कार्यक्रम को मंजूरी देने के लिए अगस्त के तीसरे सप्ताह में बैठक होने की उम्मीद है।”
आईएमएफ कार्यक्रम के पुनरुद्धार ने पाकिस्तानी रुपये के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के बढ़ते मूल्य को भी रोक दिया है, क्योंकि यह खुले बाजार में कम से कम 1.5 रुपये गिर गया था।
पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज ने भी सकारात्मक संकेत दिखाना शुरू कर दिया है, क्योंकि देश कुछ स्थिर भविष्य के आर्थिक पाठ्यक्रम के संकेत दिखाता है और अगले वित्तवर्ष के लिए आईएमएफ द्वारा निर्धारित लक्ष्य का पालन करने और उसे पूरा करने की कसम खाता है।
व्यापार
भारतीय शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला, मेटल और डिफेंस में खरीदारी

SHARE MARKET
मुंबई, 17 मार्च : मजबूत ग्लोबल संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में खुला। इस दौरान सेंसेक्स 323.83 अंक या 0.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,826.68 और निफ्टी 84.40 अंक या 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,493.20 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी का नेतृत्व मेटल और डिफेंस शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी मेटल और निफ्टी डिफेंस टॉप गेनर्स थे। कमोडिटीज, एनर्जी,फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग और इन्फ्रा भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी तरफ आईटी, पीएसयू बैंक, ऑयलएंडगैस, ऑटो, एफएमसीजी, सर्विसेज और रियल्टी लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में इटरनल, बीईएल, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल, टाटा स्टील, इंडिगो, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, टाटा स्टील, एमएंडएम, पवार ग्रिड और एक्सिस बैंक गेनर्स थे। इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, टीसीएस, एचयूएल, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, एसबीआई और बजाज फिनसर्व लूजर्स थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 48 अंक या 0.08 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 54,663 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 12 अंक या 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 15,822 पर था।
व्यापक बाजार में भी मजबूती बनी हुई है। खबर लिखे जाने तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 51.48 प्रतिशत शेयर हरे निशान में, 43.78 लाल निशान में और 4.74 प्रतिशत बिना की बदलाव के कारोबार कर रहे थे।
एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार हो रहा है। टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता हरे निशान में थे। केवल शंघाई का बाजार लाल निशान में था। अमेरिकी बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ था, जिसमें डाओ में 0.83 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक में 1.22 प्रतिशत की तेजी थी।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दौर जारी है। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने सोमवार तो 9,365.52 करोड़ रुपए की बिकवाली की और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 12,593.36 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया।
व्यापार
सोने की चमक फीकी, चांदी का दाम 3 हजार रुपए से अधिक गिरा

GOLD
मुंबई, 16 मार्च : सोने और चांदी की कीमत में सोमवार को कमजोरी देखी जा रही है, जिससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 3,500 रुपए तक कम हो गया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएस) पर 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोना 1,192 रुपए या 0.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,57,274 रुपए पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,57,347 का उच्चतम स्तर और 1,56,665 रुपए का न्यूनतम स्तर बनाया है।
5 मई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी का दाम 3,435 रुपए या 1.19 प्रतिशत कम होकर 2,56,340 रुपए था। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,54,367 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,56,444 रुपए का उच्चतम स्तर छूआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में गिरावट देखी जा रही है। सोना 0.66 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 5,028 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80.70 डॉलर प्रति औंस पर थी।
जानकारों के मुताबिक, सोने की कीमत में गिरावट की वजह 17 मार्च से शुरू होने वाली अमेरिकी फेड की बैठक है, जिसका परिणाम 18 मार्च को आएगा। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को देखते हुए अमेरिकी फेड ब्याज दरों को यथावत रख सकता है, जिसके चलते इस बैठक से पहले निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
इस बैठक के निर्णय सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इसके अलावा, कच्चे तेल के लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने के कारण डॉलर की स्थिति मजबूत बनी हुई है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है।
वहीं, ईरान संघर्ष में कम होने के कोई संकेत नहीं दिखे, क्योंकि सप्ताहांत में अमेरिका और इजरायल ने एक प्रमुख निर्यात टर्मिनल पर हमला किया, जिसके बाद तेहरान की ओर से कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इससे सोने और चांदी की कीमतों को लगातार सपोर्ट मिल रहा है।
व्यापार
मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती के चलते इस हफ्ते सोने-चांदी की कीमतों आई गिरावट, गोल्ड 0.73 प्रतिशत फिसला

GOLD
नई दिल्ली, 14 मार्च: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच इस सप्ताह सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
पूरे सप्ताह के दौरान सोने की कीमतों में 0.73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि मल्टी-वीक हाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
शुक्रवार को एमसीएक्स पर गोल्ड फरवरी फ्यूचर्स 0.04 प्रतिशत गिर गया, जबकि एमसीएक्स सिल्वर मार्च फ्यूचर्स में 3.24 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई। फिलहाल सोने का फ्यूचर भाव लगभग 1,58,400 रुपए और चांदी का फ्यूचर भाव 2,59,279 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,58,399 रुपए प्रति 10 ग्राम रही, जो सोमवार को 1,59,568 रुपए थी। वहीं चांदी की कीमत शुक्रवार को 2,60,488 रुपए प्रति किलोग्राम रही।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों के कारण कीमती धातुओं की कीमतें ऊंचे स्तर पर टिक नहीं पाईं। हालांकि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण सुरक्षित निवेश की मांग अभी भी सोने को समर्थन दे रही है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी हुई है, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में सोना महंगाई से बचाव के एक सुरक्षित निवेश के रूप में निवेशकों को आकर्षित करता है।
उन्होंने बताया कि कई कमोडिटी में बीच-बीच में मुनाफावसूली और इंट्राडे उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों के आसपास बाजार में सक्रियता बनी रही।
इसी बीच अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से ईरान के करीब 90 प्रतिशत तेल का निर्यात होता है। इस घटना से ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के कारण पिछले सप्ताह सोना और चांदी की कीमतों में तेजी सीमित रही, जबकि आमतौर पर युद्ध जैसी स्थितियों में इनकी कीमतें बढ़ती हैं।
तकनीकी स्तर की बात करें तो एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1,63,000 से 1,63,200 रुपए का स्तर रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जबकि 1,58,000 से 1,57,500 रुपए का स्तर मजबूत डिमांड जोन बना हुआ है।
वहीं एमसीएक्स सिल्वर इस सप्ताह 2,80,000 से 2,92,000 रुपए के रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिक नहीं पाया और उसमें गिरावट जारी रही। विश्लेषकों के अनुसार 2,58,000 से 2,54,000 रुपए का स्तर चांदी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट क्षेत्र है।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका-ईरान युद्ध की खबरों, अमेरिकी डॉलर की दर और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से माहौल अस्थिर बना हुआ है, जिसका असर कीमती धातुओं पर देखने को मिला।
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