अंतरराष्ट्रीय
भारत के खिलाफ टी20 के लिए साउथ अफ्रीका टीम की घोषणा
भारत में पांच मैचों की टी20 श्रृंखला के लिए दक्षिण अफ्रीका टीम की घोषणा की गई है। टीम का नेतृत्व टेम्बा बावुमा करेंगे। यह टीम 2021 के अंत में आईसीसी टी20 विश्व कप के बाद पहली बार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करेगी, जब वे भारतीय टीम से 9 से 19 जून तक भिड़ेंगे। 21 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ट्रिस्टन स्टब्स को पहली बार मौका दिया गया है।
मध्यक्रम के बल्लेबाज ने क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) टी20 चैलेंज में पिछले सीजन में अपनी बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया था, जिसमें उन्होंने सात पारियों में 48.83 के औसत और 183.12 के स्ट्राइक रेट से 23 छक्कों सहित 293 रन बनाए थे। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2022 के लिए मुंबई इंडियंस कैंप में बुलाए जाने से पहले वह जिम्बाब्वे में दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ टीम का भी हिस्सा थे।
अन्य चयन खिलाड़ियों में तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्टजे की वापसी हुई है, जो दिसंबर 2021 से चोट से उबर रहे हैं और बल्लेबाज रीजा हेंड्रिक्स और हेनरिक क्लासेन को भी टीम में शामिल किया गया है।
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने कहा, “नॉर्टजे को खेलने के लिए चिकित्सकीय रूप से मंजूरी दे दी गई है और वर्तमान में वह आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।”
वेन पार्नेल भी 2017 में टीम के इंग्लैंड दौरे के बाद पहली बार टी20 के लिए वापसी कर रहे हैं।
केशव महाराज और नंबर 1 टी20 गेंदबाज तबरेज शम्सी के अलावा, बाकी टीम आईपीएल खिलाड़ियों से बनेगी, जिसमें क्विंटन डी कॉक, एडेन मार्करम, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, ड्वेन प्रिटोरियस, कगिसो रबाडा, रॉस्सी वैन डेर डूसन और मार्को जेनसन शामिल हैं।
सीएसए के चयनकर्ताओं के संयोजक विक्टर म्पित्सांग ने कहा, “यह प्रोटियाज की टीम हैं, जिन्हें लंबे समय में नहीं देखा है। आईपीएल के अलग-अलग टीमों से अफ्रीकी खिलाड़ियों के जुड़ने पर हमारे पास एक ऐसी टीम होगी, जो मुकाबला करने के लिए तैयार होगी और जिन परिस्थितियों में हम खेलेंगे उनका व्यापक अनुभव होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “ट्रिस्टन स्टब्स एक अच्छे खिलाड़ी है और हम यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि वह कैसी बल्लेबाजी करते हैं और हम टेम्बा की टीम में रीजा हेंड्रिक्स, क्लासी (हेनरिक क्लासेन), वेन पार्नेल, तबरेज शम्सी और केशव महाराज को खेलते देखने का इंतजार कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “देश भी हमारे साथ सामूहिक रूप से एनरिक नॉर्टजे की वापसी पर खुश हैं, जो एक चोट से उबरने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। दुनिया की नंबर एक टी20 टीम के खिलाफ राष्ट्रीय चयन पैनल और मैं प्रोटियाज को बेहतर करते देखने के लिए वास्तव में उत्साहित हैं। हम टेम्बा बावुमा और कोच मार्क बाउचर को शुभकामनाएं देते हैं।”
वर्तमान में, दक्षिण अफ्रीका आईसीसी टी20 टीम रैंकिंग में भारत (1), इंग्लैंड (2) और पाकिस्तान (3) के बाद चौथे स्थान पर है।
दक्षिण अफ्रीका की टी20 टीम:
टेम्बा बावुमा (कप्तान), क्विंटन डी कॉक, रीजा हेंड्रिक्स, हेनरिक क्लासेन, केशव महाराज, एडेन मार्करम, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, एनरिक नॉर्टजे, वेन पार्नेल, ड्वेन प्रिटोरियस, कगिसो रबाडा, तबरेज शम्सी, ट्रिस्टन स्टब्स, रॉस्सी वैन डेर डूसन और मार्को जेनसन।
शेड्यूल :
9 जून दिल्ली, पहला टी20
12 जून कटक, दूसरा टी20
14 जून विशाखापट्टनम तीसरा टी20
17 जून राजकोट चौथा टी20
19 जून बेंगलुरु पांचवां टी20।
अंतरराष्ट्रीय
कुवैत ने नेतन्याहू की सीरिया यात्रा को बताया ‘संप्रभुता का उल्लंघन’

कुवैत ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीरिया दौरे पर घोर आपत्ति की है। कड़ी निंदा करते हुए इसे “अवैध प्रवेश” करार दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सीरिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह “अपने भाई सीरियाई अरब गणराज्य की भूमि में इजरायली प्रधानमंत्री के अवैध प्रवेश” की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
बयान में कहा गया कि नेतन्याहू का सीरिया में प्रवेश देश की संप्रभुता और उसकी भूमि की अखंडता का “घोर उल्लंघन” है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन बताया।
कुवैत ने सीरिया में इजरायल की लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाइयों पर भी चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं और सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर कर रही हैं।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में इजरायल की लगातार कार्रवाइयां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों के खिलाफ रुख अपनाने और सीरिया की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां सीरिया में इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर अरब देशों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आती रही हैं। कुवैत ने अपने बयान में सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान को अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
दरअसल, नेतन्याहू रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और आईडीएफ के डिप्टी चीफ-ऑफ-स्टाफ मेजर-जनरल तामिर यदाई के साथ बुधवार को इजरायली कब्जे वाले दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अपने दम के बल पर इजरायल ने रणनीतिक रूप से अहम स्थलों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रखा है। दक्षिणी सीरिया में, इजरायली सैनिक एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं; वे दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासक रहे बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों में आगे बढ़े थे।
इजरायल उस इलाके में मौजूद है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था; यह जोन 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स में इजरायली और सीरियाई सेनाओं को अलग करता था।।
अंतरराष्ट्रीय
मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।
गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”
गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
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