महाराष्ट्र
‘सलमान खान उद्धव ठाकरे से ज्यादा हिंदू हैं’: अभिनेता के मुंबई में आरएसएस व्याख्यानमाला में भाग लेने के बाद नितेश राणे ने सेना यूबीटी प्रमुख पर निशाना साधा
मुंबई: महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने मंगलवार को अभिनेता सलमान खान की तुलना शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे से करते हुए तीखी टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। यह तुलना खान द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद की गई।
आरएसएस व्याख्यानमाला में सलमान खान की उपस्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए राणे ने कहा, “मैं मानता हूं कि सलमान खान उद्धव ठाकरे से कहीं अधिक सच्चे हिंदू हैं। उद्धव ठाकरे, राहुल गांधी के सामने भी, अपने पिता को हिंदू हृदय सम्राट कहने का साहस नहीं रखते। इसीलिए मेरा मानना है कि सलमान खान अधिक सशक्त हिंदू मूल्यों का प्रदर्शन करते हैं।”
सलमान खान ने शनिवार, 7 फरवरी को आरएसएस व्याख्यानमाला में भाग लिया। दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का विषय ‘संघ की 100 वर्षों की यात्रा: नए क्षितिज’ था और यह आरएसएस के शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी। खान के अलावा, इस कार्यक्रम में अभिनेता रणबीर कपूर, फिल्म निर्माता सुभाष घई, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष प्रसून जोशी और देश भर से वैज्ञानिकों, उद्योगपतियों और कलाकारों सहित 900 से अधिक प्रख्यात हस्तियां शामिल हुईं।
मुंबई में 7-8 फरवरी को आयोजित इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम के बाद से यह राजनीतिक खींचतान का केंद्र बन गया है, जिसमें नेताओं ने मशहूर हस्तियों और सार्वजनिक हस्तियों की भागीदारी को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए हैं।
एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने भी इस मामले पर अपनी राय देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया कि विभिन्न क्षेत्रों की कई जानी-मानी हस्तियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था और उनमें से कुछ उपस्थित भी हुए। हालांकि, राज ठाकरे ने दावा किया कि वे आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत के प्रति स्नेह के कारण नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के भय से उपस्थित थे। उन्होंने भगवत से इस ‘गलतफहमी’ को दूर करने का आग्रह किया कि लोग व्यक्तिगत प्रशंसा के कारण कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
राज ठाकरे की टिप्पणियों का जवाब देते हुए नितेश राणे ने पलटवार किया और अन्य मुद्दों पर विपक्षी नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब मुंब्रा से एआईएमआईएम के एक पार्षद ने चुनावी जीत के बाद हिंदी में विवादास्पद टिप्पणी की थी, तब राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे कहाँ थे? आरएसएस के कार्यक्रम के दौरान मोहन भगवत ने जनसंख्या असंतुलन से संबंधित मुद्दों पर बात करते हुए धार्मिक धर्मांतरण, घुसपैठ और घटती जन्म दर को इसके तीन प्रमुख कारण बताए। उन्होंने बलपूर्वक, प्रलोभन या छल से किए गए धर्मांतरण की आलोचना की और कहा कि जो लोग अपने मूल धर्म में लौटना चाहते हैं, उनके लिए ‘घर वापसी’ ही एकमात्र विकल्प है।
घुसपैठ के मुद्दे पर भगवत ने कहा कि सरकार को अवैध प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें निर्वासित करने के लिए बड़े पैमाने पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस कार्यकर्ता भाषा के संकेतों के माध्यम से संदिग्ध घुसपैठियों की पहचान करने में मदद करते हैं और अधिकारियों को सूचित करते हैं।
भगवत ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन का भी हवाला दिया, जिसके तहत कुछ गैर-नागरिकों की पहचान कर उन्हें सूची से हटा दिया गया। आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा कि विशेषज्ञों का सुझाव है कि 19 से 25 वर्ष की आयु के बीच विवाह और तीन बच्चे होने से जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने और स्वस्थ पारिवारिक जीवन सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
महाराष्ट्र
सीएम फडणवीस का विपक्ष पर हमला, प्रशांत भूषण की टिप्पणी के बाद कहा- ‘आखिर होठों पर आ गई मन में छुपी बात’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के विवादित ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) बयान के बाद छिपा हुआ सच आखिरकार सामने आ गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशांत भूषण का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया। आखिरकार, यह सब ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) के बारे में ही तो था।”
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने और सत्ता हथियाने के लिए विरोध प्रदर्शनों को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। फडणवीस ने अपने पोस्ट में लिखा, “आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई। सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है, फिर उसके लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाना ही क्यों ना पडे। जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पडे, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पडे।”
विपक्षी दलों और प्रशांत भूषण पर हमला जारी करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाना ही ‘इनका’ उद्देश्य है।”
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रशांत भूषण ने सीजेपी प्रतिनिधियों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुले तौर पर ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) से जुड़े उद्देश्यों पर चर्चा की।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में सुनियोजित तरीके से अराजकता फैलाने के आरोप लगाए। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं का कहना है कि इन बयानों (प्रशांत भूषण की टिप्पणी) ने विपक्ष के असली एजेंडे को उजागर कर दिया है।
तीखी आलोचना के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सफाई देने की कोशिश की। देर रात हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि उनके विरोध-प्रदर्शन का मकसद ‘सत्ता परिवर्तन’ नहीं था, बल्कि वे सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
महाराष्ट्र
विरार में महिला ने की आत्महत्या, फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, आरोपी की तलाश जारी

महाराष्ट्र के विरार में एक महिला की आत्महत्या का मामला सामने आया है। महिला ने ओलांडा स्थित एक सार्वजनिक पार्क में कीटनाशक पी लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम ने बताया कि मृतका (ननीली जोशी ) जेपी नगर की रहने वाली थी। आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में ‘पतकी’ नामक व्यक्ति पर फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के बहाने महिला से समय-समय पर पैसे लेने और बाद में निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में उल्लेख है कि महिला जनवरी से आरोपी के संपर्क में थी। आरोप है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने का भरोसा देकर उससे पैसे लिए गए। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने और इस दौरान महिला के कुछ निजी वीडियो बनाए गए। महिला को कथित तौर पर इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दोबारा पैसों की मांग की जा रही थी।
चिट्ठी में करीब एक करोड़ रुपए की रकम का उल्लेख किया गया है। हालांकि, पैसों के लेन-देन और कथित मांग की सटीक रकम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मृतका के भाई ने भी पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि महिला और आरोपी जनवरी से एक-दूसरे के संपर्क में थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग बहानों से महिला को परेशान और ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के मुताबिक, आरोपी मुंबई का रहने वाला है और मृतका का परिचित बताया जा रहा है। फिलहाल उसका मोबाइल फोन बंद है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। मृतका के भाई को भी आरोपी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण पुलिस उसके अन्य विवरण जुटाने में लगी है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 308 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया है। घटनास्थल का पंचनामा और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के अनुसार, फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और आरोपी (योगेश म्हापणकर उर्फ सौरभ पतकी) की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र : एसटी बस में बुजुर्ग यात्री से जेवर और नकदी चोरी, 4 महिला चोर गिरफ्तार

ARREST
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में एक स्टेट ट्रांसपोर्ट (एसटी) बस में यात्रा कर रही 70 वर्षीय महिला से 1.5 लाख रुपये के सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद चुराने के आरोप में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने चोरी हुए गहने और नकदी बरामद कर बुजुर्ग महिला, जिनकी पहचान चंद्रकला बोडखे के रूप में हुई है, को वापस कर दिए।
यह घटना मंगरुलपीर से अकोला जा रही एसटी बस में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों आरोपियों ने यात्रा के दौरान बुजुर्ग यात्री के उस बैग को निशाना बनाया जिसमें सोने के गहने और नकदी थी।
जब बस शेलू बाजार पहुंची, तो चारों महिलाएं उतर गईं। अन्य यात्रियों को शक हुआ, जिसके बाद बोडखे ने अपना बैग चेक किया और पाया कि उनके सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद वाला बैग गायब था। बुजुर्ग महिला ने शोर मचाया और अन्य यात्रियों से मदद मांगी।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चारों महिलाएं ऑटो-रिक्शा से उस इलाके से चली गई थीं।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदिग्धों का पीछा किया और चारों महिलाओं को पकड़ लिया। उनके पास से चोरी हुए सोने के गहने और नकदी बरामद की गई और बाद में बुजुर्ग महिला को वापस सौंप दी गई।
यह घटना भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर कीमती सामान ले जाने वाले बुजुर्ग यात्रियों के लिए सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है।
एक अलग घटना में, पुणे पुलिस ने शहर में दर्ज चोरी के नौ मामलों के सिलसिले में हरियाणा के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कई राज्यों में लगभग 4,600 किलोमीटर की यात्रा वाली जांच के बाद पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपये का कीमती सामान जब्त किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गणेशोत्सव समारोह और गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों को निशाना बनाया था। इन मामलों की जांच विश्रामबाग पुलिस ने की, जिसने संदिग्धों की पहचान हरियाणा के पलवल के रहने वालों के तौर पर की।
इस बीच, गुजरात की अरावली पुलिस ने एक अन्य मामले के सिलसिले में उन्हीं तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गुजरात पुलिस की मदद से पुणे पुलिस की एक टीम ने आरोपियों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान अजय शमशेर विनोद कुमार रूपसिंह कोली (20), अमन शमशेर अनिल कुमार नारायणसिंह कोली (24) और दीपक शमशेर राजूभाई सापसिंह (21) के तौर पर हुई।
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