Connect with us
Thursday,17-September-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

पीओके में उठी नदी, मुजफ्फराबाद को बचाने व पाकिस्तान-चीन से बचाने की आवाज

Published

on

Muzaffarabad-River

डेढ़ अरब डालर कितने पाकिस्तानी रुपये के बराबर होता है? इसका जवाब भले ही इस्लामाबाद में कई लोगों की आंखें फाड़ दे लेकिन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में गिलगिट-बाल्टिस्तान के लोगों के लिए यह नाममात्र भी नहीं है।

स्थानीय लोगों को इस बात से कोई मतलब नहीं है कि क्षेत्र में अरबों डॉलर खर्च किए जा रहे हैं या नहीं। सोमवार को हस्ताक्षरित आजाद पट्टन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए 1.54 अरब डालर का निवेश समझौता इस क्षेत्र के लिए उच्च मूल्य वाली परियोजनाओं की कड़ी में ताजा जुड़ा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कहना है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) एक ‘गेम चेंजर’ होगा।

जबकि, स्थानीय लोग क्षेत्र में चीनियों की भारी उपस्थिति, बड़े पैमाने पर बांधों के निर्माण और नदी की धारा मोड़ने को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मान रहे हैं।

जिस वक्त चीन का जेजाऊबा समूह समझौते पर हस्ताक्षर कर रहा था और इमरान खान राष्ट्रीय टीवी पर घोषणा कर रहे थे कि इस परियोजना से पाकिस्तान को ‘हर तरफ से’ लाभ होगा, हजारों लोग मुजफ्फराबाद की सड़कों पर चीन और यहां तक कि सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए सड़कों पर निकले।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “यदि आप नीलम-झेलम नदी को मोड़ने की कोशिश करेंगे तो याद रखें कि हमारे कूच की दिशा इस्लामाबाद संसद की ओर होगी।”

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चीन और पाकिस्तान नदियों पर ‘कब्जा’ कर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन कर रहे हैं और इस पर इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

‘दरिया बचाओ, मुजफ्फराबाद बचाओ समिति’ द्वारा इस वर्ष की शुरुआत में बुलाए गए एक बेहद ‘सफल संपूर्ण शटर-डाउन हड़ताल’ के हवाले से पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन ने कहा, “कभी गरजती हुई नीलम नदी अब नौसेरी से डोमेल तक एक छोटे से नाले जैसी लगती है जहां यह झेलम नदी में मिल जाती है। मुजफ्फराबाद के निवासी पहले से ही नीलम नदी को मोड़े जाने से विपरीत प्रभावों का सामना कर रहे हैं और अब प्रस्तावित कोहाला परियोजना ने उनकी चिंताओं को और बढ़ा दिया है क्योंकि इसमें झेलम नदी को ऐसी ही सुरंग प्रणाली के माध्यम से मोड़ना प्रस्तावित है।”

प्रदर्शनकारियों के ‘नीलम और झेलम को बहने दो, हमें जीने दो’ के नारों के बीच एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता फैसल जमील ने कोहाला हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट ई-फ्लो मूल्यांकन रिपोर्ट के हवाले से कहा कि झेलम नदी के मोड़े जाने के बाद क्षेत्र की शुष्क दिनों की अवधि में 100 दिनों की वृद्धि होगी।

दरिया बचाओ तहरीक से जुड़े ज्यादातर विशेषज्ञ नए पनबिजली परियोजना समझौते को मुजफ्फराबाद और पीओके के लोगों के लिए ‘शत्रुतापूर्ण’ मानते हैं।

विरोध प्रदर्शनों में शामिल मुजफ्फराबाद स्थित एक ट्रेड यूनियन मरकजी अंजुमन ताजरान के अध्यक्ष शौकत नवाज मीर को थर्ड पोल संगठन ने यह कहते हुए उद्धृत किया है कि समस्या यह है कि ‘हमारी सरकार महज एक कठपुतली सरकार है, यह हमारे अधिकारों के लिए नहीं लड़ सकती है। जब यह पाकिस्तान सरकार से मिलती है तो महज एक हां में हां मिलाने वाले आदमी के रूप में मिलती है।’

हालांकि, गिलगित-बाल्टिस्तान के निवासियों के लिए यही एकमात्र चिंता का विषय नहीं है। यह इलाका दशकों से पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा किए गए ‘सौतेले व्यवहार’ के कारण गहरे संकट में है।

क्षेत्र के युवा बेहतर कनेक्टिविटी की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं।

पीओके से बलूचिस्तान तक, लगभग हर प्रोजेक्ट चीनियों के हाथ में जाने के साथ ही पाकिस्तान में डॉलर के बंडल आ रहे हैं लेकिन देश में अभी भी अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है।

(यह सामग्री इंडियानैरेटिव डॉट कॉम के साथ एक व्यवस्था के तहत प्रस्तुत की गई)

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अंतरराष्ट्रीय समाचार

मक्का के पास ड्रोन हमले पर भारत ने जताई गहरी चिंता, क्षेत्र में जल्द शांति बहाली की उम्मीद

Published

on

भारत ने सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर बुधवार को गहरी चिंता जताते हुए क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद व्यक्त की है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में जारी बयान में कहा कि मक्का के पास हुई यह घटना शहर के धार्मिक महत्व को देखते हुए विशेष रूप से चिंताजनक है।

उन्होंने कहा, “मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर हमें गहरी चिंता है। भारत सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हमलों और नागरिकों के जीवन तथा बुनियादी ढांचे को खतरे में डालने वाली हर कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है। मक्का के पास हुई यह घटना विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का अत्यंत पवित्र महत्व है।”

जायसवाल ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी।

विदेश मंत्रालय का यह बयान उस घटना के बाद आया है, जब सऊदी अरब की रॉयल एयर डिफेंस फोर्स ने मंगलवार शाम मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले हूती विद्रोहियों द्वारा दागे गए एक ड्रोन को मार गिराया।

यमन में वैध सरकार की बहाली के लिए गठित गठबंधन के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 6:50 बजे रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्स ने मक्का के दक्षिणी क्षेत्र में इस ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।

अल-मालिकी ने कहा कि मक्का को निशाना बनाने की यह दूसरी कोशिश है। इससे पहले 27 जुलाई 2017 को बैलिस्टिक मिसाइल से भी ऐसा प्रयास किया गया था। उन्होंने इसे “आतंकी और शर्मनाक कृत्य” बताते हुए कहा कि यह दुनिया भर के करोड़ों मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने और उमराह यात्रियों में दहशत फैलाने की कोशिश थी।

उन्होंने कहा कि दो पवित्र मस्जिदों और उमराह यात्रियों की सुरक्षा “रेड लाइन” है और गठबंधन बल हूती मिलिशिया की ऐसी गतिविधियों के खिलाफ आवश्यक और कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

व‍िदेश मंत्री जयशंकर का दो द‍िवसीय भूटान दौरा, राजा और प्रधानमंत्री से करेंगे मुलाकात

Published

on

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया क‍ि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 16 और 17 सितंबर को भूटान दौरे पर रहेंगे। उनकी यह दो द‍िवसीय यात्रा भूटान के विदेश और बाहरी व्यापार मंत्री ल्योंपो डीएन ढुंग्येल के निमंत्रण पर हो रही है।

एमईए के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर भूटान के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा, उनकी भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से शाही मुलाकात भी तय है। वे भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से भी मुलाकात करेंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और भूटान के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्क की परंपरा को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद घनिष्ठ मित्रता तथा सहयोग को और मजबूत करने के लिए की जा रही है।

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और भूटान के बीच लगातार उच्चस्तरीय और संस्थागत स्तर पर बातचीत व सहयोग जारी है। दोनों देश कूटनीति, विकास और लोगों से जुड़े कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।

इससे पहले सोमवार को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने थिम्पू में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की। यह उनके तीन दिवसीय भूटान दौरे की शुरुआत थी। ज्ञानेश कुमार भूटान के राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में भी हिस्सा लेने वाले हैं।

भूटान के राजा ने फेसबुक पोस्ट में ल‍िखा, “भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। भूटान की तीन दिन की यात्रा पर आए भारतीय मुख्य चुनाव आयुक्त को आज शाही मुलाकात का अवसर दिया गया।”

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ज्ञानेश कुमार की यात्रा का उद्देश्य भारत के चुनाव आयोग और भूटान के चुनाव आयोग के बीच संस्थागत सहयोग को और मजबूत करना है।

उनकी यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम मंगलवार को पारो स्थित जिग्मे सिंग्ये वांगचुक स्कूल ऑफ लॉ में आयोजित भूटान के राष्ट्रीय मतदाता दिवस का समारोह था।

भारत और भूटान समुदाय स्तर पर विकास परियोजनाओं में भी मिलकर काम कर रहे हैं। अगस्त में भूटान स्थित भारतीय दूतावास ने बताया था कि झेमगंग जिले के पानबांग क्षेत्र में तीन हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (एचआईसीडीपी) का उद्घाटन किया गया।

भूटान में भारतीय दूतावास ने ‘एक्‍स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “भारत के सहयोग से पूरी की गई ये एचआईसीडीपी परियोजनाएं कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचने में मदद करेंगी, लोगों की आजीविका बेहतर करेंगी और पानबांग क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाएंगी।”

जयशंकर की यह यात्रा भारत और भूटान को अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा करने का अवसर देगी। उनकी भूटान के शीर्ष नेतृत्व के साथ होने वाली बैठकों में दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर रहने की उम्मीद है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

यमन में जारी लड़ाई की वजह से लोग घर छोड़ने को मजबूर : संयुक्त राष्ट्र

Published

on

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) से जुड़े मानवीय सहायता संगठनों ने चेतावनी दी है कि यमन में जारी लड़ाई लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर कर रही है। इससे आम नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। वहीं, पहले से दबाव में चल रहे राहत कार्यों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) बताया कि सितंबर की शुरुआत से अब तक यमन में फिर से भड़की हिंसा के कारण कम से कम 1.25 लाख लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है।

स‍िन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने इस महीने के पहले दो हफ्तों में 40 आम नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि की है। इनमें 8 लोगों की मौत हुई है और 32 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में आधे और घायल होने वालों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं।

ओसीएचए ने कहा कि बेहद मुश्किल हालात के बावजूद संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी संगठन राहत कार्य जारी रखे हुए हैं। शनिवार तक हजारों परिवारों को सहायता पहुंचाई जा चुकी थी। हालांकि, राहत सामग्री की भारी कमी हो रही है और उपलब्ध फंडिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

ओसीएचए ने कहा, “सुरक्षा संबंधी जोखिमों के कारण राहत एजेंसियों की आवाजाही और सहायता पहुंचाने का काम गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।”

संस्था ने बताया कि यमन के पश्चिमी तट के कई इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचाने और राहत कर्मियों की आवाजाही फिलहाल रुकी हुई है। कई महत्वपूर्ण सड़कें या तो बंद हैं या उन पर यात्रा करना संभव नहीं है।

ओसीएचए ने एक बार फिर सभी पक्षों से अपील की कि वे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करें और राहत सहायता को सुरक्षित तथा बिना किसी रुकावट के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने दें।

इस महीने की शुरुआत में यमन की सरकारी सेना ने कहा था कि पश्चिमी तट पर हूती विद्रोहियों के साथ एक महीने तक चली लड़ाई में 500 से ज्यादा सैनिक मारे गए और लगभग 1,500 घायल हुए।

यह लड़ाई उस समय तेज हो गई जब हूती समूह ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदब स्‍ट्रेट की ओर बड़े पैमाने पर बढ़त बनाने की कोशिश की।

सरकारी समर्थक नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज ने सरकारी चैनल अल-जौम्हूरिया टीवी पर जारी बयान में कहा कि ये हताहत 9 अगस्त से 10 सितंबर के बीच दर्ज किए गए।

बयान में दावा किया गया कि इस दौरान 1,000 से अधिक हूती लड़ाके मारे गए और हजारों घायल हुए। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

बयान के अनुसार, लड़ाई की शुरुआत हूती समूह की ओर से किए गए मिसाइल, ड्रोन और विस्फोटक नौकाओं से हमलों के साथ हुई थी।

इसके बाद संघर्ष लाल सागर के किनारे स्थित होदेदाह प्रांत के दक्षिणी हिस्से के हैस क्षेत्र से बढ़कर पड़ोसी ताइज़ प्रांत के कई मोर्चों तक फैल गया।

यह हताहत ऐसे समय में हुए हैं जब हूती समूह ने तीन सितंबर को एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसने यमन के लाल सागर तट पर नियंत्रण की स्थिति को तेजी से बदल दिया।

इस अभियान के दौरान हूती लड़ाकों ने होदेदाह और पड़ोसी ताइज प्रांत के कई ऐसे क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया, जो पहले सरकार के नियंत्रण में थे।

Continue Reading
Advertisement
अपराध15 hours ago

मुंबई: मोबाइल सिम कार्ड और अलग-अलग बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करके ऑनलाइन साइबर फ्रॉड करने वाले गोवा से गिरफ्तार, मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा ऑपरेशन।

खेल16 hours ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

अंतरराष्ट्रीय समाचार17 hours ago

मक्का के पास ड्रोन हमले पर भारत ने जताई गहरी चिंता, क्षेत्र में जल्द शांति बहाली की उम्मीद

व्यापार18 hours ago

सोने और चांदी का दाम करीब 1.5 प्रतिशत तक बढ़ा, निवेशकों को फेड के फैसले का इंतजार

व्यापार19 hours ago

भारत का आवासीय बाजार स्थिर, हाउसिंग प्राइस इंडेक्स पहली तिमाही में 3.6 प्रतिशत बढ़ा

राष्ट्रीय समाचार20 hours ago

पश्चिम बंगाल में बनेंगे चार नए रीजनल एयरपोर्ट, 23 सितंबर को साइन होगा एमओयू

महाराष्ट्र21 hours ago

मेरा शरीर अब साथ नहीं दे रहा, बिगड़ती सेहत के बीच जरांगे पाटिल ने मुंबई मार्च रद्द करने का दिया संकेत

खेल22 hours ago

शुरुआती जीत से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है, हम खिताब का बचाव कर सकते हैं: आर्सेनल डिफेंडर बेन व्हाइट

मनोरंजन22 hours ago

बिग बी ने मोतीलाल, सावित्री को किया याद, लिखा-उन्होंने अभिनय नहीं, परफॉर्म किया

राष्ट्रीय समाचार23 hours ago

यूपीआई में एमडीआर आने से इंडस्ट्री को 20,000 करोड़ रुपए तक का हो सकता है फायदा: ब्रोकरेज

महाराष्ट्र2 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

खेल2 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

अपराध2 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

खेल2 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

राजनीति3 weeks ago

तमिलनाडु: दो दिन अवकाश के बाद फिर शुरू होगी विधानसभा की कार्यवाही, छह विभागों के अनुदान पर होगी चर्चा

खेल4 weeks ago

दूसरा टेस्ट: बल्लेबाजी के दौरान पंत की कलाई पर लगी चोट, छोड़ना पड़ा मैदान

व्यापार2 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

खेल16 hours ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

रुझान