अंतरराष्ट्रीय समाचार
प्रतिद्वंद्वी एप ट्रिलर ने टिकटॉक के लिए 2000 करोड़ डॉलर की बोली लगाई : रिपोर्ट
टिकटॉक की खरीद में प्रतिद्वंद्वी सोशल वीडियो प्लेटफॉर्म ट्रिलर भी शामिल हो गया है। उसने लंदन स्थित वैश्विक निवेश फर्म सेंट्रिकस के माध्यम से 2 हजार करोड़ डॉलर की बोली के साथ टिकटॉक के चीन स्थित मूल कंपनी बाइटडांस से संपर्क किया है। यह जानकारी मीडिया ने शनिवार को दी। द वर्ज को दिए गए एक बयान में ट्रिलर ने दावा किया है कि उसने टिकटॉक की बजाय सीधे उसके मालिक बाइटडांस से बोली लगाई है।
ट्रिलर के कार्यकारी अध्यक्ष बॉबी सानेर्वेस्ट ने कहा, “हमने सेंट्रिकस के माध्यम से सीधे बाइटडांस के अध्यक्ष को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया और उसे प्राप्त किए जाने की हमें कंफर्मेशन भी मिली है। हमने टिकटॉक को कोई प्रस्ताव नहीं दिया है, वे इसमें बिल्कुल भी शामिल नहीं हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हमने बाइटडांस को एक प्रस्ताव दिया और सीधे चेयरमैन के साथ ही बातचीत कर रहे हैं। या तो कई स्तर नीचे वाले लोगों को पता नहीं है कि शीर्ष स्तर पर क्या हो रहा है या हो सकता है वे प्रस्ताव को लेकर खुश नहीं हैं और उनका यह अपना एजेंडा हो सकता है।”
हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो टिकटॉक ने इस तरह के किसी भी प्रस्ताव के मिलने से इनकार किया है।
एक ओर जहां टिकटॉक अधिग्रहण को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं, वहीं रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट ने पहले ही पुष्टि कर दी है कि वह माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर चीन की शॉर्ट वीडियो मेकिंग प्लेटफॉर्म के लिए बोली लगा रही है। इस एप के वैश्विक स्तर पर 70 करोड़ और अमेरिका में 10 करोड़ यूजर्स हैं।
रिपोटरें के अनुसार, टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ऐप को अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूजीलैंड को इसका संचालन बेचने के लिए तय की गई 90 दिनों की समय सीमा के मद्देनजर एक समझौते में बातचीत को आगे बढ़ा रही है। ऐसी संभावना है कि यह सौदा 2 हजार करोड़ डॉलर से लेकर 3 हजार करोड़ डॉलर के बीच होगा।
बाइटडांस तीन कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट और ओरेकल शामिल हैं, और आने वाले दिनों में अमेरिकी संचालन को इसे बिक्री की घोषणा की उम्मीद है।
हाल ही में टिकटॉक के सीईओ केविन मेयर ने राजनीतिक उथल-पुथल और बिक्री की चर्चा के बीच इस सप्ताह अपने इस्तीफे की घोषणा की।
ट्रंप ने 6 अगस्त को एक कार्यकारी आदेश जारी किया था, जिसमें 45 दिनों के भीतर अमेरिका में किसी भी लेनदेन का संचालन करने से बाइटडांस को प्रतिबंधित किया गया था।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने 14 अगस्त को एक और कार्यकारी आदेश जारी किया, जिसमें बाइटडांस को 90 दिनों के भीतर अमेरिका में अपने टिकटॉक व्यापार को किसी और के हाथों संचालन बेचने का विकल्प दिया गया था।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान से अपने नागरिकों को निकालने में मदद के लिए भारत ने आर्मेनिया का जताया आभार

भारत ने शनिवार को ईरान से ईरान से अपने नागरिकों को निकालने में मदद के लिए भारत ने आर्मेनिया का जताया आभार नागरिकों को निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनिया का आभार जताया है।
आर्मेनिया के रास्ते कई भारतीय मछुआरों की ईरान से सुरक्षित निकासी हुई है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पोस्ट में कहा, “आज ईरान से आर्मेनिया के रास्ते भारत में भारतीय मछुआरों को निकालने में मदद करने के लिए विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान और आर्मेनियाई सरकार को धन्यवाद।”
पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात के बीच, हाल के दिनों में सैकड़ों भारतीय नगरिक सीमा पार कर जमीनी रास्ते से आर्मेनिया पहुंचे हैं। भारत अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित ट्रांजिट रूट सुनिश्चित करने के लिए इलाके की सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
इस हफ्ते की शुरुआत में, भारत ने में मदद के लिए अजरबैजान को भी धन्यवाद दिया थी। नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफ़िंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लगभग 204 भारतीय नागरिक जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते ईरान से अजरबैजान में सफलतापूर्वक पहुंच गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि जहां कई पहले ही भारत लौट चुके हैं, वहीं आगामी दिनों में और लोगों के आने की उम्मीद है।
जायसवाल ने कहा, “अजरबैजान में हमारे राजदूत मौजूद हैं। हमारे कई भारतीय नागरिक—ठीक-ठीक कहें तो 204—ईरान से अजरबैजान के लिए जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते निकलने में सफल रहे हैं। वो लोग वहां से, वे स्वदेश लौटेंगे। उनमें से कई लौट चुके हैं; बाकी अगले कुछ दिनों में लौट आएंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “हम अजरबैजान सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने जमीनी रास्ते ईरान से भारतीय नागरिकों के निकलने में मदद की। हमारे दोनों पक्षों के बीच परामर्श और नियमित आदान-प्रदान होता रहता है।”
भारत ने पहले भी लोगों को निकालने की कोशिशों में आर्मेनिया की मदद की सराहना की थी। 16 मार्च को, ईएएम जयशंकर ने मुश्किल हालात में मिल रहे सहयोग की प्रशंसा की थी, ईरान से 550 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनियाई सरकार और वहां के लोगों को धन्यवाद दिया था।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
यूएई ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के प्रवेश और ट्रांजिट पर लगाई रोक, क्षेत्रीय तनाव के बीच फैसला

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के लिए नए यात्रा प्रतिबंध लागू किए हैं, जिसके तहत उन्हें देश में प्रवेश करने या उसके हवाई अड्डों के माध्यम से अन्य देशों के लिए ट्रांजिट करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह कदम मध्य पूर्व में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया माना जा रहा है।
नवीनतम निर्देशों के अनुसार, एयरलाइंस के सिस्टम में ऐसे बदलाव किए गए हैं जिनके कारण ईरानी नागरिक अब यूएई के लिए उड़ान बुक नहीं कर पा रहे हैं और न ही दुबई या अबू धाबी जैसे प्रमुख ट्रांजिट हब का उपयोग कर पा रहे हैं। वीज़ा और यात्रा नियमों के माध्यम से इस प्रतिबंध को प्रभावी बनाया गया है।
हालांकि यह प्रतिबंध व्यापक दिखाई देता है, लेकिन कुछ श्रेणियों के लोगों को इससे छूट मिल सकती है। इनमें लंबे समय के निवास वीज़ा धारक, विशेष अनुमति प्राप्त व्यक्ति या यूएई में पारिवारिक या पेशेवर संबंध रखने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। ऐसे मामलों में अतिरिक्त जांच और स्वीकृति की आवश्यकता हो सकती है।
अधिकारियों ने इस प्रतिबंध को स्थायी नहीं बताया है, जिससे संकेत मिलता है कि यह मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के जवाब में उठाया गया एक अस्थायी कदम हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय क्षेत्र में बदलते सुरक्षा हालात के मद्देनज़र एहतियाती उपायों का हिस्सा है।
इस फैसले का असर कई ईरानी यात्रियों पर पड़ने की संभावना है, खासकर उन लोगों पर जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए यूएई के हवाई अड्डों को प्रमुख ट्रांजिट मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते थे। एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की पात्रता की जांच करें और फिलहाल वैकल्पिक मार्गों पर विचार करें।
स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने से पहले नवीनतम अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
मध्यस्थता की पेशकश के बावजूद ईरान का पाकिस्तान को झटका: सेलेन जहाज होर्मुज से लौटाया

ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पाकिस्तान के सेलेन नामक एक जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने से रोक दिया। इसकी वजह तय मानकों को पूरा न करना, यानि संबंधित विभाग से इजाजत न लेना, बताई गई। इसकी टाइमिंग अहम है। असल में पाकिस्तान ईरान और यूएस के बीच मध्यस्थ बनने को तैयार है, तो इस कदम से ईरान ने शायद जताने की कोशिश की है कि फिलहाल वो किसी कूटनीतिक बातचीत का हिस्सा नहीं है।
एआईएस ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि सेलेन, जो 23 मार्च को देर रात शारजाह एंकरेज से निकला था, पाकिस्तान की ओर तयशुदा रूट पर जा रहा था, लेकिन होर्मुज के पास अचानक रास्ता बदलकर खाड़ी में वापस चला गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) का कहना है कि जहाज के पास ‘लीगल क्लियरेंस’ नहीं था।
आईआरआईबी (इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग) ने आईआरजीसी के रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी के हवाले से बताया कि जहाज ने नियमों का पालन नहीं किया, इसलिए उसे वापस भेज दिया गया।
साफ कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को पहले ईरान के अधिकारियों से इजाजत लेनी होगी। इक्वासिस डेटा के मुताबिक सेलेन (आईएमओ: 9208459) सेंट किट्स एंड नेविस का झंडा वाला एक छोटा फीडर कंटेनरशिप है और यह दुबई की एक्सीड ओशनिक ट्रेडिंग एलएलसी के अधीन है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका का मध्यस्थ बनने को तैयार है। वो अपनी ओर से कूटनीतिक प्रस्ताव लेकर आगे आया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खुद सामने से कह रहे हैं कि इस्लामाबाद संघर्ष के पूरे समाधान के लिए प्रयत्न करने को ‘तैयार’ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर शरीफ का बयान शेयर करके इस ऑफर को और मजबूत किया, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वॉशिंगटन इसमें हिस्सा लेगा या नहीं। इन संकेतों के बावजूद, ईरान ने सबके सामने कहा है कि कोई बातचीत नहीं चल रही है और उसने लड़ाई जारी रखने का अपना इरादा दोहराया है।
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