Connect with us
Wednesday,04-November-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय

भारतीय रिजर्व बैंक ने ₹2000 के नोट को वापस लेने की घोषणा की; 30 सितंबर, 2023 तक कानूनी निविदा बने रहने के लिए

Published

on

इतना अचानक कदम नहीं उठाते हुए, आरबीआई ने घोषणा की है कि वह 2,000 रुपये के नोट को वापस ले रहा है। यह सब अचानक नहीं हुआ है, क्योंकि सरकार ने 2018-19 में इन्हें छापना बंद कर दिया था, जिससे इनकी वापसी के संकेत मिले थे। 30 सितंबर, 2023 तक कोई भी अपने बैंक खाते में 2,000 रुपये के नोट जमा कर सकता है या वैकल्पिक रूप से या अतिरिक्त रूप से किसी भी बैंक की किसी भी शाखा में एक दिन में अधिकतम दस ऐसे नोटों का आदान-प्रदान कर सकता है। मोदी सरकार ने 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। RBI के अनुसार, 2,000 रुपये के नोटों को पेश करने का उद्देश्य विमुद्रीकरण के पीछे करेंसी नोटों की तत्काल मांग को पूरा करना था, जिसने प्रचलन में मुद्रा का 86% हिस्सा चूस लिया था। एक तरह से, यह विमुद्रीकरण के पीछे पुनर्मुद्रीकरण के लिए एक कठोर दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करता है। इस बार यह सब उतना गंभीर नहीं होगा क्योंकि 2,000 रुपये के नोट चलन में मुद्रा का सिर्फ 10% हिस्सा हैं।

हालाँकि, 2,000 रुपये के नोट को कानूनी निविदा के रूप में सम्मानित किया जाना जारी रहेगा। इसका मतलब यह है कि यह स्वीकार किया जाएगा, अगर ऋण के भुगतान में पेश किया जाता है। लेकिन यह भी एक तथ्य है कि कोई भी समझदार व्यक्ति 2,000 रुपये के नोट को व्यापारिक लेन-देन में तब तक स्वीकार नहीं करेगा जब तक कि वह बट्टा नहीं लगा सकता अर्थात लाभ के लिए इसे स्वीकार नहीं कर सकता। दूसरे शब्दों में, यदि आपको किसी व्यापारी को 1,800 रुपये का भुगतान करना है, तो वह 2,000 रुपये के नोट को स्वीकार कर सकता है और परिवर्तन रख सकता है! जैसा हो सकता है वैसा रहने दें। 2,000 रुपये के नोटों को बदलने की खिड़की 23 मई को खुलेगी, क्योंकि आरबीआई बैंकों को प्रारंभिक व्यवस्था करने के लिए समय देना चाहता है। 2,000 रुपये के नोट बदलने की सुविधा आरबीआई के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों में भी उपलब्ध होगी। नोट बदलने के लिए व्यक्ति का बैंक का ग्राहक होना जरूरी नहीं है। आरबीआई ने बैंकों को तत्काल प्रभाव से 2,000 रुपए के नोट जारी करने से रोकने की भी सलाह दी है। यह बदलाव आरबीआई की “क्लीन नोट पॉलिसी” के अनुसरण में लाया गया है, आरबीआई ने अपने विज्ञप्ति में कहा है। मार्च 2017 से पहले 2,000 रुपये मूल्यवर्ग के नोटों में से लगभग 89% जारी किए गए थे और 4-5 साल के अनुमानित जीवनकाल के अंत में हैं। एटीएम में 2,000 रुपये के नोट नहीं भरने को लेकर बैंकों को कोई निर्देश नहीं दिया गया है।

2106 में, विमुद्रीकरण के समय, पेट्रोल पंपों और अस्पतालों को बिना किसी सीमा के खराब नोटों को स्वीकार करने की अनुमति दी गई थी। बदमाशों ने अक्षांश का भोजन बनाया। इस बार भी ऐसा लग रहा है कि वे पार्टी में शामिल हो सकते हैं और रोगियों और ड्राइवरों से अधिक लाभ उठा सकते हैं। बैंकों में एक्सचेंज काउंटर भी बदमाशों को आकर्षित कर सकते हैं जो अप्रिय नोटों से छुटकारा पाने के लिए अपने नौकरों और नौकरों को दैनिक कार्य पर भेज सकते हैं। सरकार को आदर्श रूप से प्रति आधार कार्ड पर 2,000 रुपये के दस नोटों की सीमा लगाकर थोक शोधन को रोकने के लिए एक तंत्र स्थापित करना चाहिए था। लेकिन यह भी उन निडर काले धन धारकों को नहीं रोक सकता है जो अपने स्टाफ के सदस्यों को हर दिन बैंकों को लॉन्ड्रिंग के लिए भेज सकते हैं। बहरहाल सरकार बधाई की पात्र है। आने वाले चुनावों में राजनेता 2000 रुपए के नोटों की कंफ़ेद्दी नहीं बरसाएंगे।

राजनीति

असम के आदर्श विद्यालयों से बच्चों को मिल रहा ‘बेस्ट’ जैसा माहौल : हिमंता बिस्वा सरमा

Published

on

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने आदर्श विद्यालय पहल के जरिए राज्य में सरकारी स्कूलों की पूरी सोच ही बदल दी है। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि इन्हें एक पूरे शैक्षिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्रों को बड़े और नामी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने असम में सरकारी स्कूल का मतलब ही बदल दिया है। आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं।”

मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में बनाई जा रही सुविधाओं के बारे में भी बताया। इनमें स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, खेल के मैदान, एक ऐसा इकोसिस्टम जहां किसी भी ब्लॉक का बच्चा बेस्ट स्कूलों के बच्चों के साथ मुकाबला कर सके।”

उनके मुताबिक इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे चाहे किसी भी ब्लॉक या इलाके से आते हों, उन्हें देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिले।

आदर्श विद्यालय कार्यक्रम असम सरकार की सरकारी स्कूल शिक्षा को मजबूत करने की कोशिशों में से एक है। इसके तहत बुनियादी ढांचे में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाया जा रहा है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में।

इस पहल के तहत मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं जो आधुनिक पढ़ाई-लिखाई की सुविधाओं से लैस हैं। सिर्फ बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जो बच्चों के शैक्षणिक विकास, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी और उनके एक्सपोजर को बढ़ावा दे।

सरकार राज्य के जिलों में आदर्श विद्यालयों का नेटवर्क लगातार बढ़ा रही है, ताकि स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा सके और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिल सके।

यह पहल असम में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के बीच शिक्षा के अवसरों में जो असमानता है, उसे कम करने के लिहाज से भी अहम है।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि फोकस इस बात पर है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी बेहतर संसाधनों वाले संस्थानों के छात्रों के बराबर खड़ा होकर मुकाबला करने की सोच सके।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब असम सरकार राज्य भर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रही है। आदर्श विद्यालय मॉडल का मकसद सरकारी स्कूलों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ छात्रों और अभिभावकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।

सरकार अपनी बड़ी शिक्षा सुधार योजना के तहत स्कूलों में लैब, डिजिटल लर्निंग और दूसरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। आदर्श विद्यालय पहल के जरिए सरकार सरकारी स्कूलों को सिर्फ बुनियादी शिक्षा देने वाले संस्थान के बजाय एक आधुनिक लर्निंग स्पेस के रूप में स्थापित करना चाहती है, जो छात्रों को आगे की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी अवसरों के लिए तैयार कर सके।

Continue Reading

राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक बनर्जी के पीए की जमानत याचिका पर सुनवाई, राज्य सरकार ने किया विरोध

Published

on

सालबोनी जमीन मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ की मांग की है।

सरकार का कहना है कि जांच के दौरान सुमित रॉय से जुड़े खातों में करीब 15 करोड़ नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच टीम यह पता करना चाहती है कि यह पैसा कहां से आया और इसका जमीन के मामले से कोई संबंध है या नहीं।

सुमित रॉय की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान बैंक खातों में जमा बड़ी रकम के बारे में सवाल किए गए थे। सरकार के मुताबिक, बैंक रिकॉर्ड और पेन से यह रकम सुमित रॉय से जुड़ी होने की बात सामने आई है।

सरकार ने यह भी बताया कि 17 जून 2021 को करीब 71 लाख जमा किए गए थे। यह वही समय था जब जमीन से जुड़े कथित लेन-देन की जांच चल रही थी। सरकार का कहना है कि इन पैसों के बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

सुमित रॉय की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने सरकार की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन पैसों को लेकर पहले ही सफाई दी जा चुकी है। उनके मुताबिक, यह रकम पार्टी की सदस्यता फीस और चंदे से जुड़ी थी। वकील ने कहा कि सुमित रॉय का काम ही पार्टी से मिलने वाली रकम को जमा करना और उसके चालान को जमा करना था।

Continue Reading

राजनीति

राहुल गांधी पर मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार, सीजेआई बोले-हमारे सामने सब बराबर

Published

on

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने सब बराबर हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता को मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भरोसा दिया कि आवेदन मिलने के बाद उस पर विचार किया जाएगा।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि राहुल गांधी इस मामले में कोई वीआईपी नहीं हैं और उनकी अपील करीब पांच महीने से सुनवाई के लिए लंबित है।

उन्होंने कहा कि मामला कई बार सूची में आया लेकिन किसी कारण से सुनवाई नहीं हो सकी। गौरव भाटिया ने दलील दी कि बार-बार मामले की सुनवाई टलना संस्थान के लिए भी उचित नहीं है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मामले में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। आवेदन मिलने के बाद वह उस पर विचार करेगा।

बता दें कि यह मामला दिसंबर 2022 में राहुल गांधी की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़ा है। भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहे हैं। उनके इस बयान पर बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के पूर्व डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी का बयान भारतीय सेना के लिए अपमानजनक है और इससे सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी मामले में लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था।

समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई थी।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति3 hours ago

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक लड़ाई में ‘बेबी-ममता’ की नजदीकियों से वामपंथियों के बीच बेचैनी बढ़ी

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 hours ago

अमेरिका से बातचीत शांति का विकल्प, लेकिन राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा उत्तर कोरिया: किम यो जोंग

व्यापार4 hours ago

ट्रंप की चुनावी हार के बाद कीमती धातुओं में जोरदार उछाल, पलक झपकते ही सोना 3,000 रुपए और चांदी 6,900 रुपए तक चढ़ी

व्यापार4 hours ago

भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2030 तक 530 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

झारखंड में सांसदों-विधायकों पर लंबित आपराधिक मामलों में जांच एजेंसियों की सुस्ती पर हाई कोर्ट नाराज, सीबीआई से पूछे सवाल

खेल5 hours ago

‘मैं अब युवा नहीं रही, बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल से लिया ब्रेक’: पीवी सिंधु

खेल5 hours ago

बर्थडे स्पेशल: विराट कोहली के 38वें जन्मदिन पर जानें उनके शरीर पर बने 13 ‘टैटू’ का राज

खेल5 hours ago

रोहित भाई के उस ‘रन-आउट’ ने मैच का रुख बदल दिया: कप्तान गिल

मनोरंजन5 hours ago

आंध्र प्रदेश में चेनसॉ हमले के बाद फिल्मों पर उठे सवालों पर बोले संदीप रेड्डी वांगा, कहा- ‘सिनेमा को बलि का बकरा न बनाएं’

मनोरंजन5 hours ago

‘मैगजीन कमेंट करती थीं पर आज जितनी ट्रोलिंग नहीं थी’, माधुरी दीक्षित ने 90 के दशक को किया याद

अपराध4 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

मनोरंजन4 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

राजनीति4 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

महाराष्ट्र2 weeks ago

टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना पर सियासत तेज, विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

राजनीति4 weeks ago

जंतर-मंतर जा रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत इंडिया ब्लॉक के नेता हिरासत में लिए गए

फिल्मी खबरे2 weeks ago

“समुदाय से माफी मांगें, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें”: टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई की सलमान खान को चेतावनी।

फिल्मी खबरे2 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना पर अमाल मलिक की प्रतिक्रिया, बोले, ‘आखिर मुंबई में यह सब क्या हो रहा है?’

फिल्मी खबरे2 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बॉलीवुड निशाने पर, बिश्नोई गैंग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू, तीन शूटर गिरफ्तार।

व्यापार3 weeks ago

सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स में 412 अंकों की बढ़त; निफ्टी में 0.58 प्रतिशत की तेजी

रुझान