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रियलमी 19 मार्च को अत्याधुनिक चिपसेट के साथ करेगा पी3 अल्ट्रा और पी3 स्मार्टफोन को लॉन्च
नई दिल्ली, 10 मार्च। आज के समय में स्मार्टफोन हमारे रोजमर्रा के जीवन का अहम हिस्सा बन गए हैं। ऐसे में यूजर को शानदार अनुभव देने के लिए फोन की परफॉरमेंस बहुत मायने रखते हैं। चाहे गेम खेलना हो, एक साथ कई काम करना हो या प्रोफेशनल काम के लिए फोन का इस्तेमाल करना हो, हर कोई ऐसा डिवाइस चाहता है जो तेजी के साथ-साथ स्थिरता और बेहतरीन अनुभव दे।
यूजर्स की बढ़ती उम्मीदों को पूरा करने के लिए कंपनियां लगातार नए इनोवेशन कर रही हैं। इस दिशा में रियलमी हमेशा नई तकनीक लाकर स्मार्टफोन की दुनिया में क्रांति ला रहा है। रियलमी का मकसद उन्नत तकनीक को हर किसी तक पहुंचाना है ताकि हर कोई बेहतर प्रदर्शन और शानदार गेमिंग का आनंद ले सके।
अब रियलमी अपने नए स्मार्टफोन रियलमी पी3 अल्ट्रा 5जी और रियलमी पी3 5जी के साथ एक बार फिर स्मार्टफोन तकनीक को नए स्तर पर ले जा रहा है। ये फोन अपने सेगमेंट में सबसे पावरफुल होंगे और कई नई खूबियों के साथ आएंगे।
रियलमी पी3 अल्ट्रा 5जी दुनिया का पहला स्मार्टफोन है जिसमें मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8350 अल्ट्रा चिपसेट दिया गया है। यह चिपसेट फोन के प्रदर्शन को एक नए मुकाम पर ले जाता है। इसका एनटीयूटीयू स्कोर 1.45 मिलियन से अधिक है, जो इसे अपनी कीमत में सबसे शक्तिशाली बनाता है। यह फोन अन्य ब्रांडों की तुलना में दोगुनी तेजी से काम करता है।
यह स्मार्टफोन खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है, जो गेमिंग, वीडियो एडिटिंग या मल्टीटास्किंग जैसी भारी प्रोसेसिंग वाली चीजें करते हैं। इसमें 6000 एमएएच बैटरी दी गई है, जो पूरे दिन चलती है और पांच साल तक टिकाऊ रहती है। गेमिंग के दौरान फोन को ठंडा रखने के लिए इसमें 6050 एमएम2 वीसी कूलिंग सिस्टम मौजूद है।
एलपीडीडीआर 5एक्स रैम की वजह से मल्टीटास्किंग आसान हो जाती है और स्टोरेज की भी कोई कमी नहीं होती। फोन में 2500 हर्ट्ज टच सैंपलिंग रेट है, जिससे गेमिंग के दौरान सबसे तेज टच रिस्पॉन्स मिलता है। साथ ही, 80 वाट एआई बाईपास चार्जिंग दी गई है, जिससे बैटरी ज्यादा गर्म हुए बिना चार्ज होती है और ज्यादा समय तक चलती है।
अगर आप गेमिंग के शौकीन हैं, तो यह फोन आपके लिए बेस्ट साबित होगा। यह बीजीएमआई में 90 एफपीएस पर तीन घंटे तक गेमप्ले दे सकता है। इसके अलावा, 4के 60 एफपीएस वीडियो रिकॉर्डिंग, 13% बेहतर मल्टी-कोर परफॉर्मेंस और 3.3 गुना तेज एआई प्रोसेसिंग जैसी खूबियां इसे एक पावरफुल स्मार्टफोन बनाती हैं।
इसके साथ ही, रियलमी पी3 5जी भी लॉन्च हो रहा है, जो भारत का पहला स्मार्टफोन होगा जिसमें स्नैपड्रैगन 6 जनरेशन 4 चिपसेट दिया गया है। यह एडवांस 4एनएम तकनीक पर आधारित है, जिससे बैटरी की खपत कम होती है और शानदार परफॉरमेंस मिलती है। इस फोन का बेंचमार्क स्कोर 750,000 है और यह 15% तेज सीपीयू परफॉर्मेंस देता है।
रियलमी पी3 5जी को बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें 120हर्टज एएमओएलईडी ईस्पोर्ट्स डिस्प्ले है, जिसकी ब्राइटनेस 2000 निट्स तक जाती है, जिससे देखने का अनुभव बेहद साफ और सुगम होता है। गेम खेलने वालों के लिए यह फोन खास है, क्योंकि इसमें बीजीएमआई के लिए 90एफपीएस सपोर्ट मिलता है, जिससे बिना रुकावट के स्मूथ गेमिंग का मजा लिया जा सकता है। इसमें एयरोस्पेस-ग्रेड कूलिंग सिस्टम दिया गया है, जो फोन को ज्यादा गर्म होने से बचाता है।
फोन में 6000 एमएएच की बड़ी टाइटन बैटरी दी गई है, जो 45 वाट फास्ट चार्जिंग के साथ आती है, जिससे बैटरी जल्दी चार्ज होती है और लंबे समय तक चलती है। नेटवर्क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एंटीना एरे मैट्रिक्स 2.0 टेक्नोलॉजी दी गई है, जिससे मेट्रो या अंडरग्राउंड पार्किंग जैसी जगहों पर भी नेटवर्क 30% ज्यादा बेहतर रहता है।
रियलमी पी3 5जी फ्लैगशिप फीचर्स को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। रियलमी मोबाइल गेमिंग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह समर्पित है। पी3 अल्ट्रा 5जी और पी3 5जी में जीटी बूस्ट फीचर दिया गया है, जिसे क्राफ्टन के साथ मिलकर विकसित किया गया है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित गेमिंग अनुभव को और भी बेहतर बनाता है।
यह फोन आईपी69 रेटिंग के साथ आता है, जो इसे अपनी कैटेगरी का सबसे ज्यादा वाटर-रेसिस्टेंट फोन बनाता है। इस फोन में दिए गए एआई फीचर्स गेमिंग परफॉर्मेंस को और ज्यादा स्मूथ बनाते हैं। प्रोफेशनल गेमर जोनाथन ने जीटी बूस्ट को ऑप्टिमाइज करने में सहयोग दिया है, जिससे यह फीचर ई-स्पोर्ट्स और कैजुअल गेमिंग, दोनों के लिए बेहतरीन साबित होता है।
रियलमी ने दुनिया की 8 से ज्यादा गेमिंग कंपनियों के साथ साझेदारी की है, जो यूजर्स अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए विशेष तकनीकों और गेमिंग इवेंट्स को एकीकृत करती हैं। रियलमी पी3 अल्ट्रा 5जी और पी3 5जी स्मार्टफोन 19 मार्च 2025 को लॉन्च होंगे और स्मार्टफोन परफॉर्मेंस के एक नए युग की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं।
इनका टैगलाइन है – “स्ले, द अल्ट्रा वे”, जो यह दर्शाता है कि रियलमी स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी में नई क्रांति ला रहा है। रियलमी लगातार नए मानक स्थापित कर रहा है, जिससे हाई-परफॉर्मेंस और स्पीड हर यूजर की पहुंच में हो।
लॉन्च के दिन, “अल्ट्रा स्ले चैलेंज: बीट जोनाथन!” नाम का एक खास इवेंट भी होगा, जिसमें गेमिंग स्टार जोनाथन लाइव स्ट्रीम में पी3 अल्ट्रा का टेस्ट करेंगे। दर्शकों को इस दौरान रियलमी पी3 अल्ट्रा जीतने का मौका मिलेगा।
इस इवेंट को 19 मार्च को रियलमी इंडिया के यूट्यूब चैनल पर लाइव देखा जा सकता है। रियलमी पी3 अल्ट्रा 5जी और P3 5जी रियलमी डॉट कॉम और फ्लिपकार्ट डॉट इन पर उपलब्ध होंगे। तो आप शानदार परफॉर्मेंस अपग्रेड के लिए तैयार रहें!
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बाजार की पाठशाला: ईपीएफओ कैसे बनाता है सुरक्षित रिटायरमेंट फंड? समझें ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई का पूरा गणित

आज के दौर में अक्सर लोग नौकरी शुरू करते समय रिटायरमेंट प्लानिंग पर ज्यादा ध्यान नहीं देते, लेकिन समय रहते की गई छोटी-छोटी बचत भविष्य में बड़ी आर्थिक सुरक्षा बन सकती है। कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ एक ऐसा ही माध्यम है, जो नौकरी के दौरान बचत, बीमा और रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन का लाभ देता है। ईपीएफओ की योजनाएं कर्मचारियों को लंबी अवधि में आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि भारत में संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ सबसे बड़ा सामाजिक सुरक्षा संस्थान माना जाता है। यह श्रम और रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है और कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत, पेंशन और बीमा जैसी सुविधाओं का प्रबंधन करता है।
ईपीएफओ मुख्य रूप से तीन प्रमुख योजनाओं के जरिए कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है, जिनमें कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (ईडीएलआई) शामिल हैं।
ईपीएफओ ने हाल ही में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि कैसे एक कर्मचारी नौकरी शुरू करने से लेकर रिटायरमेंट तक ईपीएफओ की मदद से मजबूत आर्थिक सुरक्षा तैयार कर सकता है।
ईपीएफओ ने पोस्ट में बताया कि जब कोई कर्मचारी अपनी पहली नौकरी शुरू करता है, तो उसके साथ आर्थिक स्वतंत्रता की शुरुआत भी होती है। इसी समय वह ईपीएफओ प्रणाली का हिस्सा बनता है, जो उसके लंबे समय के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करती है। नौकरी के साथ शुरू हुई यह छोटी बचत आगे चलकर बड़ा रिटायरमेंट फंड बन जाती है।
ईपीएफओ में शामिल होने के बाद कर्मचारी को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी यूएएन (यूएएन) दिया जाता है। यह नंबर कर्मचारी की स्थायी पहचान के रूप में काम करता है। इसके जरिए कर्मचारी अपने पीएफ खाते की जानकारी, बैलेंस और अन्य सेवाओं को आसानी से ट्रैक कर सकता है। नौकरी बदलने पर भी यही यूएएन नंबर काम आता है और सभी पीएफ खाते एक ही पहचान से जुड़े रहते हैं।
इसके बाद कर्मचारी की सैलरी का एक हिस्सा हर महीने ईपीएफ खाते में जमा होता है। कंपनी भी कर्मचारी की ओर से योगदान करती है। यह पैसा कर्मचारी के ईपीएफ और ईपीएस खातों में जमा होता रहता है। लगातार होने वाला यह निवेश समय के साथ कंपाउंडिंग के जरिए तेजी से बढ़ता है और रिटायरमेंट के लिए एक मजबूत फंड तैयार करता है।
ईपीएफओ की ईडीएलआई योजना कर्मचारियों के परिवार को बीमा सुरक्षा भी देती है। यदि किसी कर्मचारी के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसके परिवार को आर्थिक सहायता मिलती है। इस तरह ईपीएफओ केवल रिटायरमेंट बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार की सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण साधन बनता है।
ईपीएफओ ने बताया है कि लंबे समय तक नौकरी और नियमित योगदान के बाद कर्मचारी कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस के तहत मासिक पेंशन पाने का पात्र बन जाता है। इससे रिटायरमेंट के बाद भी नियमित आय बनी रहती है और आर्थिक स्थिरता मिलती है। यही कारण है कि ईपीएफओ को कर्मचारियों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कर्मचारियों को अपने ईपीएफओ निवेश और रिटायरमेंट योजना को समझदारी से मैनेज करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लेकर निवेश योजना बनाना बेहतर विकल्प हो सकता है, ताकि भविष्य में आर्थिक परेशानियों से बचा जा सके।
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कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपए की मजबूती के चलते इस हफ्ते चढ़ा शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रुपए की मजबूती और 10 साल के बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में अच्छी बढ़त देखने को मिली, हालांकि भू-राजनीतिक तनाव अभी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
सप्ताह के दौरान निफ्टी में 0.76 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, आखिरी कारोबारी दिन यह 0.60 प्रतिशत गिरकर 24,180 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 516 अंक यानी 0.66 प्रतिशत गिरकर 77,328 पर बंद हुआ, लेकिन पूरे सप्ताह में इसमें 0.54 प्रतिशत की बढ़त रही।
एक बाजार विश्लेषक ने कहा, “आर्थिक स्थितियों में सुधार के कारण बाजार का माहौल शुरुआती सतर्कता से निकलकर सकारात्मक दिशा में गया। इसी वजह से सप्ताह के आखिर में मुनाफावसूली के बावजूद बाजार मजबूत बना रहा।
राज्यों के चुनाव परिणाम और चौथी तिमाही के बेहतर नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने प्रमुख सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, ऑटो, रक्षा, रियल एस्टेट और फार्मा सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
सप्ताह के दौरान निफ्टी मिडकैप100 इंडेक्स में 3.49 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप100 में 4.05 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की स्थिर कीमतें और रुपए में मजबूती से बाजार को फिलहाल सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की स्थिति में कमोडिटी से जुड़े सेक्टरों पर दबाव बढ़ सकता है।
वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के चलते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन घरेलू बाजार में गिरावट देखने को मिली। इससे निवेशकों ने जल्द शांति समझौते की उम्मीदों पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया और ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई।
ईरान ने दावा किया कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम अब भी लागू है, जबकि ईरान ने भी स्थिति सामान्य होने की बात कही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 3 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। वहीं, घरेलू बाजार में कच्चे तेल के वायदा भाव भी 9,000 रुपए के स्तर से नीचे फिसल गए।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,250 से 24,300 का स्तर फिलहाल मजबूत रेजिस्टेंस जोन माना जा रहा है, जबकि 24,100 से 24,000 का दायरा अहम सपोर्ट स्तर बना हुआ है।
वहीं, बैंक निफ्टी में अगर 55,500 के ऊपर लगातार मजबूती बनी रहती है तो यह 55,800 से 56,000 के स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे निकट अवधि में तेजी का रुख मजबूत होगा।
निवेशकों की नजर अब भारत और अमेरिका के महंगाई आंकड़ों के साथ-साथ घरेलू क्रेडिट ग्रोथ के आंकड़ों पर बनी हुई है, क्योंकि ये आरबीआई की ब्याज दरों और कंपनियों के मुनाफे को लेकर आगे की दिशा तय करेंगे।
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के चलते शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 516 अंक लुढ़का

अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से तनाव बढ़ने के कारण नकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। यह लगातार दूसरा कारोबारी सत्र है जब प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी50 और सेंसेक्स में गिरावट देखी गई।
इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 516.33 अंकों यानी 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,328.19 पर बंद हुआ, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 150.50 अंक (0.62 प्रतिशत) गिरकर 24,176.15 पर पहुंच गया।
दिन के दौरान, सेंसेक्स 77,631.94 पर खुलकर एक समय 77,146.43 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया था। वहीं निफ्टी 24,233.65 पर खुलकर 24,126.65 के इंट्रा-डे लो पर पहुंच गया।
व्यापक बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत की गिरावट आई तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.22 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
विभिन्न सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा 1.21 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी बढ़त के साथ बंद हुए। जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक में 3.06 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.52 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.87 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.82 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.94 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी 50 पैक में टाइटन, अपोलो हॉस्पिटल, एशियन पेंट्स, टाटा कंज्यूमर, अदाणी पोर्ट्स, इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में करीब 4.8 प्रतिशत से 1.3 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली, और ये टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे, जबकि सबसे ज्यादा एसबीआई के शेयरों में 6.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही कोल इंडिया, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, ओएनजीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर भी गिरावट के साथ ट्रेड करते नजर आए।
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 475 लाख करोड़ रुपए से घटकर 473 लाख करोड़ रुपए हो गया। यानी एक दिन में निवेशकों के करीब 2 लाख करोड़ रुपए डूब गए।
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