Connect with us
Friday,06-November-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय

आरबीआई रुपये की रक्षा के लिए ‘समझदारी’ से विदेशी मुद्रा भंडार का कर रहा उपयोग

Published

on

RBI

भारतीय रुपया, जो कैलेंडर वर्ष 2022 की शुरुआत के बाद से गिर रहा था और कई बार निचले स्तर को छू गया था, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश के विदेशी मुद्रा भंडार को खर्च करके कई बार विवेकपूर्ण तरीके से बचाव किया है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, “केंद्रीय बैंक द्वारा डॉलर की मांग-आपूर्ति के बीच अंतर को भरने के बीच विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट को देखते हुए आरबीआई ने पिछले कुछ वर्षो में प्रवाह और बहिर्वाह को बहुत अच्छी तरह से प्रबंधित किया है।”

आरबीआई की वेबसाइट से संकलित आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने इस कैलेंडर वर्ष की शुरुआत के बाद से रुपये को मुक्त गिरावट से बचाने के लिए अब तक 94.752 अरब डॉलर खर्च किए हैं। इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत के बाद से, इसने 71.768 अरब डॉलर का उपयोग किया है।

26 अगस्त को, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 561.046 अरब डॉलर था, जो 31 दिसंबर, 2021 को 633.614 अरब डॉलर से बहुत कम है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा, “बहिर्वाह वैश्विक रहा है, क्योंकि सभी जोखिम भरी संपत्तियों में इक्विटी सहित बिकवाली देखी गई है। धातु क्षेत्र बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ है, क्योंकि अमेरिका में मंदी के संकेत के साथ-साथ कागज पर मंदी के साथ अमेरिका में बैक टू बैक कम जीडीपी संख्या ने सभी नकदी प्रवाह को डॉलर में स्थानांतरित कर दिया है। मंदी के समय में, उच्च मुद्रास्फीति की संख्या को मात देने के लिए डॉलर सबसे अच्छा दांव है।”

त्रिवेदी ने कहा कि इससे पिछले कुछ महीनों में एफपीआई एफआईआई द्वारा बहिर्वाह हुआ है, जिससे रुपया कमजोर हुआ है, लेकिन मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में रुपये में गिरावट बहुत कम रही है, क्योंकि रुपये में 5 फीसदी, यूरो 10 फीसदी, पाउंड की गिरावट देखी गई है। यूएसडी की तुलना में 11.50 प्रतिशत और जापानी येन में 15 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई।

पिछले कुछ महीनों में रुपये में कई मौकों पर गिरावट दर्ज की गई है। 29 अगस्त को, यह मजबूत अमेरिकी मुद्रा और कच्चे तेल की मजबूत कीमतों के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 80.15 पर आ गया था।

रुपये में गिरावट घरेलू चिंताओं के बजाय वैश्विक चिंताओं के कारण है। विश्व स्तर पर, मंदी की चिंता थी, वैश्विक केंद्रीय बैंक की नीतियों और सुरक्षित स्वर्ग की ओर ड्राइव ने अधिकांश मुद्राओं के मुकाबले डॉलर को ऊंचा कर दिया।

परमार ने कहा, “विश्व स्तर पर औसत उधार लेने की लागत बढ़ रही है जो जोखिम वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक हो सकती है और निवेशक विदेशों के बजाय घर पर निवेश पसंद करते हैं जो ईएम में प्रवाह को कम कर सकता है।”

घरेलू स्तर पर, भारत में मेक एंड बाय की खपत के मामले में भारत का प्रदर्शन अच्छा रहा है, लेकिन यह निर्यात है जो आईटी और फार्मा के साथ बढ़त महसूस कर रहा है, क्योंकि अनलॉक के बाद मांग में गिरावट आई है, इसलिए आयात जारी रखा गया है और निर्यात में गिरावट देखी गई है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय बाजार में भारी बिकवाली कर रहे हैं, हालांकि, जुलाई के अंत के बाद ही वे भारतीय इक्विटी में शुद्ध खरीदार बन गए हैं।

एनएसडीएल के आंकड़ों के मुताबिक, कर्ज में एफपीआई निवेश 1.59 लाख करोड़ रुपये का नकारात्मक है, जिसमें जून महीने में 50,203 करोड़ रुपये की निकासी हुई, जो इस कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा है।

पिछले दो वर्षो में आरबीआई ने बाजार को स्थिर करने के लिए डॉलर खरीदा है जबकि हाल ही में जब एफपीआई इक्विटी और डेट मार्केट में बेच रहे हैं, तो वे जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही मुद्रास्फीति की संख्या में गिरावट आएगी, भारतीय त्योहारी सीजन के साथ घरेलू बिक्री और खपत में कमी आने की उम्मीद है।

भारत में उत्सव के मौसम में कोविड प्रतिबंधों के लगभग दो साल बाद एक बड़ा प्रवाह देखने को मिलेगा और इस बार इसे बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा।

राजनीति

असम के आदर्श विद्यालयों से बच्चों को मिल रहा ‘बेस्ट’ जैसा माहौल : हिमंता बिस्वा सरमा

Published

on

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने आदर्श विद्यालय पहल के जरिए राज्य में सरकारी स्कूलों की पूरी सोच ही बदल दी है। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि इन्हें एक पूरे शैक्षिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्रों को बड़े और नामी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने असम में सरकारी स्कूल का मतलब ही बदल दिया है। आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं।”

मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में बनाई जा रही सुविधाओं के बारे में भी बताया। इनमें स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, खेल के मैदान, एक ऐसा इकोसिस्टम जहां किसी भी ब्लॉक का बच्चा बेस्ट स्कूलों के बच्चों के साथ मुकाबला कर सके।”

उनके मुताबिक इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे चाहे किसी भी ब्लॉक या इलाके से आते हों, उन्हें देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिले।

आदर्श विद्यालय कार्यक्रम असम सरकार की सरकारी स्कूल शिक्षा को मजबूत करने की कोशिशों में से एक है। इसके तहत बुनियादी ढांचे में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाया जा रहा है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में।

इस पहल के तहत मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं जो आधुनिक पढ़ाई-लिखाई की सुविधाओं से लैस हैं। सिर्फ बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जो बच्चों के शैक्षणिक विकास, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी और उनके एक्सपोजर को बढ़ावा दे।

सरकार राज्य के जिलों में आदर्श विद्यालयों का नेटवर्क लगातार बढ़ा रही है, ताकि स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा सके और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिल सके।

यह पहल असम में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के बीच शिक्षा के अवसरों में जो असमानता है, उसे कम करने के लिहाज से भी अहम है।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि फोकस इस बात पर है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी बेहतर संसाधनों वाले संस्थानों के छात्रों के बराबर खड़ा होकर मुकाबला करने की सोच सके।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब असम सरकार राज्य भर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रही है। आदर्श विद्यालय मॉडल का मकसद सरकारी स्कूलों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ छात्रों और अभिभावकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।

सरकार अपनी बड़ी शिक्षा सुधार योजना के तहत स्कूलों में लैब, डिजिटल लर्निंग और दूसरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। आदर्श विद्यालय पहल के जरिए सरकार सरकारी स्कूलों को सिर्फ बुनियादी शिक्षा देने वाले संस्थान के बजाय एक आधुनिक लर्निंग स्पेस के रूप में स्थापित करना चाहती है, जो छात्रों को आगे की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी अवसरों के लिए तैयार कर सके।

Continue Reading

राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक बनर्जी के पीए की जमानत याचिका पर सुनवाई, राज्य सरकार ने किया विरोध

Published

on

सालबोनी जमीन मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ की मांग की है।

सरकार का कहना है कि जांच के दौरान सुमित रॉय से जुड़े खातों में करीब 15 करोड़ नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच टीम यह पता करना चाहती है कि यह पैसा कहां से आया और इसका जमीन के मामले से कोई संबंध है या नहीं।

सुमित रॉय की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान बैंक खातों में जमा बड़ी रकम के बारे में सवाल किए गए थे। सरकार के मुताबिक, बैंक रिकॉर्ड और पेन से यह रकम सुमित रॉय से जुड़ी होने की बात सामने आई है।

सरकार ने यह भी बताया कि 17 जून 2021 को करीब 71 लाख जमा किए गए थे। यह वही समय था जब जमीन से जुड़े कथित लेन-देन की जांच चल रही थी। सरकार का कहना है कि इन पैसों के बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

सुमित रॉय की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने सरकार की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन पैसों को लेकर पहले ही सफाई दी जा चुकी है। उनके मुताबिक, यह रकम पार्टी की सदस्यता फीस और चंदे से जुड़ी थी। वकील ने कहा कि सुमित रॉय का काम ही पार्टी से मिलने वाली रकम को जमा करना और उसके चालान को जमा करना था।

Continue Reading

राजनीति

राहुल गांधी पर मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार, सीजेआई बोले-हमारे सामने सब बराबर

Published

on

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने सब बराबर हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता को मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भरोसा दिया कि आवेदन मिलने के बाद उस पर विचार किया जाएगा।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि राहुल गांधी इस मामले में कोई वीआईपी नहीं हैं और उनकी अपील करीब पांच महीने से सुनवाई के लिए लंबित है।

उन्होंने कहा कि मामला कई बार सूची में आया लेकिन किसी कारण से सुनवाई नहीं हो सकी। गौरव भाटिया ने दलील दी कि बार-बार मामले की सुनवाई टलना संस्थान के लिए भी उचित नहीं है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मामले में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। आवेदन मिलने के बाद वह उस पर विचार करेगा।

बता दें कि यह मामला दिसंबर 2022 में राहुल गांधी की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़ा है। भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहे हैं। उनके इस बयान पर बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के पूर्व डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी का बयान भारतीय सेना के लिए अपमानजनक है और इससे सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी मामले में लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था।

समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई थी।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार1 hour ago

टेस्ला टेक्सास स्थित गीगाफैक्ट्री में साइबरट्रक का उत्पादन कम करेगी ताकि साइबरकैब का उत्पादन बढ़ाया जा सके: एलन मस्क

व्यापार1 hour ago

ईसीएमएस के तहत 12 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, 7,500 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजर रहे दो तेल टैंकरों में आग, नियमों के उल्लंघन पर बारूदी सुरंगों से टकराए

अपराध2 hours ago

झारखंड की मुखर आदिवासी नेत्री निशा भगत ने फेसबुक लाइव के दौरान लगाई फांसी, इलाज के दौरान मौत

मनोरंजन2 hours ago

चेन्नई इवेंट में लीना पॉलोज ने नोरा फतेही को गिफ्ट की ‘कार’, सुकेश से भी फोन पर बात, कोर्ट में एक्ट्रेस ने सुनाया पूरा किस्सा

अपराध3 hours ago

बेंगलुरु : सात परिजनों की हत्या में नाबालिग लड़की की भूमिका की जांच, पुलिस कर रही पूछताछ

मनोरंजन4 hours ago

एक्टिंग के साथ कविता भी लिखती हैं भाग्यश्री बोरसे, पहली बार बताया अपना सीक्रेट

व्यापार4 hours ago

धनतेरस पर देश में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होने का अनुमान: कैट

व्यापार4 hours ago

धनतेरस पर शेयर बाजार में बरसा धन; सेंसेक्स 81,000 के पार बंद

खेल5 hours ago

विश्व कप तक 100 शतक पूरा करने के लिए कोहली के पास पर्याप्त मैच नहीं: अभिषेक नायर

अपराध4 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

मनोरंजन4 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

राजनीति4 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

महाराष्ट्र3 weeks ago

टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना पर सियासत तेज, विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

फिल्मी खबरे3 weeks ago

“समुदाय से माफी मांगें, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें”: टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई की सलमान खान को चेतावनी।

फिल्मी खबरे3 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना पर अमाल मलिक की प्रतिक्रिया, बोले, ‘आखिर मुंबई में यह सब क्या हो रहा है?’

व्यापार4 weeks ago

सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स में 412 अंकों की बढ़त; निफ्टी में 0.58 प्रतिशत की तेजी

फिल्मी खबरे3 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बॉलीवुड निशाने पर, बिश्नोई गैंग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू, तीन शूटर गिरफ्तार।

फिल्मी खबरे4 weeks ago

‘वेलकम’ के डायरेक्टर अनीस बज़्मी ने नाना पाटेकर के निधन के बाद प्राइवेसी की अपील की, कहा- ‘बात करने की हालत में नहीं हूं’

रुझान