व्यापार
आरबीआई ब्याज दरों में कर सकता है कटौती, मुद्रास्फीति में कमी का दिखेगा असर : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 8 मार्च। भारत की मुद्रास्फीति जनवरी में 5.22 प्रतिशत से घटकर 4.31 प्रतिशत हो गई। लगातार चार महीने तक मुद्रास्फीति 5 प्रतिशत से ऊपर रहने के बाद, यह आरबीआई के 4 प्रतिशत लक्ष्य के करीब पहुंच गई। यह ट्रेंड संभावित दरों में कटौती की संभावना को मजबूत करता है, जिसमें रेपो रेट 6.25 प्रतिशत पर है। शनिवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार की स्थिति निवेशकों के बीच सतर्कता की भावना को दर्शाती है, जो आर्थिक स्थितियों, सेक्टर-स्पेसिफिक विकास और ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट के रुझानों से जुड़ी है।
फरवरी में निफ्टी 500 इंडेक्स में 7.88 प्रतिशत की गिरावट आई। फैक्टर-बेस्ड रणनीतियों ने बाजार मूवमेंट को दर्शाया, जबकि निफ्टी 5 ईयर बेंचमार्क जी-सेक (+0.53 प्रतिशत) सहित निश्चित आय वाले साधनों ने स्थिरता प्रदर्शित की।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर विकसित बाजारों में मिश्रित गतिविधियां देखने को मिलीं, जहां स्विट्जरलैंड ने 3.47 प्रतिशत और यूनाइटेड किंगडम ने 3.08 प्रतिशत बढ़त दर्ज की, जबकि जापान ने 1.38 प्रतिशत गिरावट दर्ज की।
अमेरिका में सीपीआई मुद्रास्फीति 3 प्रतिशत रही, जो पिछले महीने के 2.90 प्रतिशत से मामूली वृद्धि को दर्शाती है।
एचएसबीसी की एक दूसरी रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत का लॉन्ग-टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है और इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग में सरकारी निवेश, निजी निवेश में तेजी और रियल एस्टेट साइकल में सुधार के कारण निवेश साइकल मध्यम अवधि में तेजी की ओर बढ़ने का अनुमान है।
एचएसबीसी म्यूचुअल फंड की ‘मार्केट आउटलुक रिपोर्ट 2025’ में रिन्यूएबल एनर्जी और इससे जुड़े सप्लाई चेन में ज्यादा निजी निवेश, हाई-एंड टेक्नोलॉजी कंपोनेंट्स का स्थानीयकरण और भारत के तेजी से विकास का सपोर्ट करने के लिए ग्लोबल सप्लाई चेन का सार्थक हिस्सा बनने की उम्मीद है।
अभी तक वास्तविक अर्थव्यवस्था ने वैश्विक विकास के प्रति लचीलापन दिखाया है।
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है, “विकास-मुद्रास्फीति के आंकड़ों, एमपीसी की पिछली नीति कार्रवाई और एमपीसी के मिनटों के आधार पर, हमारा मानना है कि आरबीआई-एमपीसी अपनी अप्रैल नीति में एक और 25 बीपीएस कटौती करेगा, जबकि अपनी लिक्विडिटी रणनीति पर चुस्त और लचीला बने रहना जारी रखेगा।”
व्यापार
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना ही जरूरी नहीं, ये 7 चीजें भी घर लाएंगी सुख-समृद्धि

हिंदू धर्म में धनतेरस का त्योहार बेहद खास माना जाता है। इस साल धनतेरस का पावन पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर नई चीजें खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। यही वजह है कि लोग इस दिन सोना, चांदी और नए बर्तन खरीदना पसंद करते हैं, हालांकि जरूरी नहीं कि धनतेरस पर शुभ खरीदारी के लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ें। कुछ ऐसी छोटी-छोटी चीजें भी हैं, जिन्हें घर लाना बेहद शुभ माना जाता है।
अगर आपका बजट सोना-चांदी खरीदने का नहीं है तो आप थोड़े से धनिया के बीज खरीदकर भी इस परंपरा को निभा सकते हैं। कहा जाता है कि इस दिन साबुत धनिया खरीदकर मां लक्ष्मी के चरणों में अर्पित करने से उनकी कृपा बनी रहती है।
धनतेरस पर बर्तन खरीदना सबसे पुरानी परंपराओं में से एक है। इसके पीछे भगवान धन्वंतरि से जुड़ी मान्यता है। कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी वजह से इस दिन नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। खासतौर पर पीतल और तांबे के बर्तन खरीदने की परंपरा है। आप चाहें तो अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से स्टील या कांसे के बर्तन भी खरीद सकते हैं।
दिवाली की पूजा के लिए धनतेरस पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति खरीदना भी शुभ माना जाता है। मां लक्ष्मी को धन और वैभव की देवी, जबकि भगवान गणेश को सुख, बुद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मिट्टी की मूर्तियां और पूजा के लिए सुंदर दीये भी खरीद सकते हैं।
घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना के लिए धनतेरस पर श्रीयंत्र या कुबेर यंत्र खरीदने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रीयंत्र मां लक्ष्मी से जुड़ा है, जबकि कुबेर यंत्र को धन और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है।
धनतेरस पर झाड़ू खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि झाड़ू का संबंध मां लक्ष्मी से होता है। इसे घर लाने से दरिद्रता और नकारात्मकता दूर होती है। इसलिए कई लोग इस दिन नई झाड़ू जरूर खरीदते हैं।
धनतेरस पर नमक खरीदना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नमक घर की नकारात्मकता को दूर करने और सकारात्मकता बनाए रखने का प्रतीक है। वहीं साबुत हल्दी को शुभता, खुशहाली और मंगल कार्यों से जोड़कर देखा जाता है।
व्यापार
ट्रंप की चुनावी हार के बाद कीमती धातुओं में जोरदार उछाल, पलक झपकते ही सोना 3,000 रुपए और चांदी 6,900 रुपए तक चढ़ी

लगातार कई दिनों तक दबाव में रहने के बाद बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव नतीजों, कमजोर डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा, जिससे कीमती धातुओं में तेज खरीदारी देखने को मिली।
घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना एक ही दिन में 2.21 प्रतिशत यानी 3,088 रुपए चढ़कर 1,42,540 रुपए प्रति 10 ग्राम के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। वहीं दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी में और अधिक तेजी देखने को मिली तथा इसका भाव 3.84 प्रतिशत यानी 6,902 रुपए बढ़कर 1,86,600 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
वहीं खबर लिखे जाने तक, एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ 1,42,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा, तो वहीं दिसंबर वायदा चांदी 3.71 प्रतिशत की उछाल के साथ 1,86,373 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई।
बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया। चुनाव परिणामों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बढ़त हासिल की, जिसके बाद वैश्विक बाजारों में नई राजनीतिक संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई।
विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी नतीजों के बाद डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने सोने को अतिरिक्त समर्थन दिया। आमतौर पर कमजोर डॉलर और कम बॉन्ड यील्ड सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों को आकर्षक बनाते हैं।
पिछले कारोबारी सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं, जिससे निवेशकों को उम्मीद जगी है कि केंद्रीय बैंकों के पास मौद्रिक नीति में कुछ लचीलापन दिखाने की गुंजाइश बन सकती है। सोना ऐसे वातावरण में बेहतर प्रदर्शन करता है।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो कॉमेक्स में सोना 2.32 प्रतिशत चढ़कर 4,031.90 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती नजर आई, जबकि चांदी 4.10 प्रतिशत चढ़कर 51.795 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
बाजार की नजर अभी वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी बनी हुई है। रूस ने यूक्रेन और अमेरिका के साथ त्रिपक्षीय शांति वार्ता के लिए सहमति जताई है, जबकि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1.41 लाख के आसपास पहला महत्वपूर्ण प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) है, इसके बाद अगला रेजिस्टेंस जोन 1,43,000 से 1,43,700 रुपए पर है। नीचे की तरफ 1,40,000 रुपए के स्तर पर तत्काल सपोर्ट बना हुआ है, जबकि अगला सपोर्ट बैंड 1,37,500 रुपए से 1,38,300 रुपए पर है।
एक्सपर्ट का कहना है कि रिकवरी के बावजूद, मोमेंटम इंडिकेटर्स अभी भी काफी कमजोर हैं। आरएसआई लगभग 35 के आसपास है, जबकि एमएसीडी हिस्टोग्राम नेगेटिव बना हुआ है और लगातार बढ़ रहा है। इससे पता चलता है कि तकनीकी संरचना में अभी तक सुधार के कोई ठोस संकेत नहीं दिखे हैं।
वहीं चांदी में 1,86,000 रुपए से 1,88,000 रुपए के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस है। अगर कीमतें इस बैंड से ऊपर टिक जाती हैं, तो यह 1,94,000 रुपए से 1,96,000 रुपए के अगले रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने का रास्ता खोल सकता है। नीचे की तरफ, 1,78,000 रुपए से 1,80,000 रुपए का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम करता है, और इसके बाद अगला सपोर्ट जोन 1,70,000 रुपए से 1,72,000 रुपए पर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक राजनीतिक माहौल आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे।
व्यापार
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2030 तक 530 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान

भारत वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा बाजार में तेजी से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। देश की बढ़ती स्वच्छ ऊर्जा क्षमता से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है। साथ ही, आयातित ईंधन पर निर्भरता कम हो रही है। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की ओर से जारी एक नई रिपोर्ट में दी गई।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट में जारी ‘इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट रिपोर्ट 2026’ के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग चार गुना बढ़ गई है और 2026 में यह 300 गीगावाट के आंकड़े को पार कर गई है।
भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ता नवीकरणीय ऊर्जा बाजार और सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) मॉड्यूल का दूसरा सबसे बड़ा विनिर्माता बन गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने 2025 में गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत हासिल करने का लक्ष्य पूरा कर लिया, जो निर्धारित समय से पांच साल पहले है। यह देश में स्वच्छ ऊर्जा बदलाव की तेज रफ्तार को दर्शाता है।
आईईए के अनुसार, नवीकरणीय बिजली के तेजी से विस्तार से पहले ही अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को बड़े फायदा हुआ है। नवीकरणीय ऊर्जा से बिजली उत्पादन के कारण भारत को 2011 से 2025 के बीच कोयले और प्राकृतिक गैस के आयात पर होने वाले खर्च में 100 अरब डॉलर से अधिक की बचत हुई। दशक के अंत तक यह कुल बचत दोगुने से भी अधिक होने की उम्मीद है।
एजेंसी ने अनुमान जताया कि 2010 के बाद से जोड़ी गई सौर, पवन और जैव ऊर्जा क्षमता नहीं होती, तो 2025 में भारत का कोयला आयात लगभग 11 करोड़ टन अधिक होता।
आगे की संभावनाओं पर रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2030 तक भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग 530 गीगावाट तक पहुंच जाएगी। इसमें सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) ऊर्जा की हिस्सेदारी सभी नई स्थापित होने वाली क्षमताओं में 80 प्रतिशत से अधिक रहने की उम्मीद है।
विकास की यह रफ्तार भारत को गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता से जुड़े अपने व्यापक लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ाती रहेगी।
आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत में नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बड़े लाभ दे रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत का अनुभव दर्शाता है कि स्थिर और निरंतर नीतिगत उपाय नवीकरणीय ऊर्जा की लागत कम करने, निवेश आकर्षित करने और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण सबक देने में मदद कर सकते हैं।
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि एक प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा शक्ति के रूप में भारत का उभरना हाल के वर्षों में हुई प्रगति को दर्शाता है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
बॉलीवुड1 month agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
