Connect with us
Thursday,24-September-2026
ताज़ा खबर

मनोरंजन

महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने को ‘दखल दो’ अभियान से जुड़े राजकुमार राव

Published

on

Rajkummar-Rao

महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए राजकुमार राव ने लोगों से दखल देने की अपील की। स्वयंसेवी संस्था ब्रेकथ्रू ने निजी और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और लड़कियों के साथ होने वाली हिंसा को रोकने को लोगों प्रोत्साहित करने के लिए ‘दखल दो’ अभियान की पहल की।

यह अभियान 19-25 आयु वर्ग के युवाओं को सार्वजनिक और निजी स्थानों, दोनों में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए यानी दखल देने को, प्रेरित करने के लिए बनाया गया है।

दखल दो अभियान यूपी, हरियाणा, बिहार-झारखंड और दिल्ली में चल रहे ब्रेकथ्रू के कार्यक्रमों का अभिन्न हिस्सा होगा।

इस पहल में शामिल होने पर राजकुमार राव ने कहा, “मैं ‘दखल दो’ अभियान के लिए ब्रेकथ्रू के साथ हाथ मिलाने को लेकर बहुत उत्साहित हूं। मुझे दृढ़ विश्वास है कि इस तरह के प्रयास हमें महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को रोकने में हमें मदद मिलेगी। मैंने देखा है कि ज्यादातर लोग शारीरिक हिंसा होने पर ही कुछ कहते या करते हैं यानी वह शारीरिक हिंसा को ही हिंसा मानते हैं, लेकिन अकसर इस तथ्य को लोग नहीं समझ पाते कि हिंसा अन्य रूपों और आकारों में हमारे आस-पास मौजूद जैसे कि भावनात्मक, मानसिक और वित्तीय हिंसा, इस सोच को बदलने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “हिंसा के विभिन्न रूपों और महिलाओं पर उनसे पड़ने वाले प्रभाव पर नियमित चर्चा और जागरुकता की आवश्यकता है। यह चर्चा जो अभी सीमित जगहों या दायरों में हो रही है उसे बड़े स्तर पर लोगों तक ले जाने की जरूरत है जिसमें हमें सभी का साथ चाहिए। मेरा मानना है कि महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा हर किसी की समस्या है और हमें उसमें बोलने,उसे रोकने और उसमें दखल देने की जरूरत है।”

इस पहल के लॉन्चिंग के अवसर पर ब्रेकथ्रू की अध्यक्ष और सीईओ सोहिनी भट्टाचार्या ने कहा, “ब्रेकथ्रू एक ऐसा माहौल बनाने के लिए समर्पित है जिसमें महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव अस्वीकार्य हो। ‘दखल दो’ कैंपेन जागरूकता बढ़ाने, कार्रवाई को प्रेरित करने और अधिक लोगों को लिंग आधारित हिंसा ( जेंडर बेस्ड वॉयलेंस) को नकारते हुए ‘और नहीं’ कहने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह अभियान लोगों को सुरक्षित सार्वजनिक स्थानों के निर्माण के लिए चेंजमेकर्स के रूप में अपनी भूमिका को समझने के लिए प्रेरित करेगा। हमें प्रसन्नता है कि इस संदेश को पूरे देश में बड़ी संख्या में लोगों तक ले जाने के लिए प्रसिद्ध अभिनेता राजकुमार राव हमारे साथ जुड़े हैं।”

मनोरंजन

बिग बॉस 20 में छलका मैरी कॉम का दर्द, बोलीं- बच्चों के लिए जी रही हूं

Published

on

वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर मैरी कॉम इन दिनों ‘बिग बॉस-20’ में नजर आ रही हैं। शो को दौरान मैरी कॉम ने बताया कि उनकी जिंदगी में एक ऐसा समय भी था, जब उन्होंने सब कुछ खत्म करने के बारे में सोचा था, लेकिन अपने छोटे बच्चों की वजह से उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

मैरी कॉम साथी कंटेस्टेंट ईशा रिखी, रीति तिवारी और कनिका मान के साथ अपने स्ट्रगल के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि भले ही दुनिया उन्हें बॉक्सिंग रिंग के अंदर अपनी ताकत के लिए जानती है, लेकिन उनके जीवन में ऐसे पल भी आए हैं, जह वह पूरी तरह से टूट गई थीं।

मैरी ने कहा, “मैंने बचपन से ही बहुत कुछ झेला है। मैंने अपने परिवार, राज्य और देश के लिए बहुत कुर्बानियां दी है। मेरी तरह कौन लड़ सकता है? ये एक बड़ी चुनौती है। मैं एक एथलीट हूं, जो मेडल जीतना चाहती है, मेरे लिए एक-दो मेडल काफी नहीं है। मेरे अंदर अभी भी जीतने की भूख है लेकिन उम्र ज्यादा होने की वजह से अब हिस्सा नहीं ले सकती।”

बातचीत के दौरान मैरी कॉम ने बताया कि अब उनके लिए अपनी भावनाओं को जाहिर करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि वह पहले बहुत रोया करती थीं और अब उन्हें अपने आंसू रोकने की जरूरत महसूस होती है। उन्होंने कहा, “मैं बहुत रोई हूं। अब धीरे-धीरे मुझे आंसू अंदर खींचने होंगे।”

मैरी कॉम की बात करें तो, वह भारत की सबसे कामयाब बॉक्सर्स में से एक हैं, जिन्होंने अपने शानदार करियर और संघर्षों से पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने 6 बार (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018) महिला विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक जीता है। वह विश्व चैंपियनशिप में 8 पदक जीतने वाली एकमात्र मुक्केबाज हैं। साथ ही, वह पांच बार एशियाई मुक्केबाजी चैंपियन भी रह चुकी हैं

मणिपुर के बॉक्सर डिंग्को सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने बॉक्सिंग चुनी लेकिन शुरुआती दिनों में उनके पिता इसके खिलाफ थे। उन्होंने छुप-छुपकर प्रशिक्षण लिया और कई आर्थिक तंगियों का सामना किया।

Continue Reading

मनोरंजन

‘हम 24 में 36 घंटे काम करते थे’, रवीना-करिश्मा ने याद किया 90 के दशक का दौर

Published

on

सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5’ के सेट पर एक्ट्रेस रवीना टंडन ने 90 के दशक के बॉलीवुड दौर को याद किया। वह शो के सेमी-फिनाले एपिसोड में स्पेशल गेस्ट बनकर पहुंचीं थी।

इस दौरान उन्होंने शो की जज और साथी एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के साथ पुराने दौर की कई यादें साझा कीं। रवीना ने बताया कि उस समय वह और करिश्मा एक दिन में कई फिल्मों की शूटिंग करती थीं और कई बार उन्हें खुद भी याद नहीं रहता था कि वह किस फिल्म के किस किरदार में हैं।

रवीना ने मजाकिया अंदाज में कहा, ”मुझे लगता है कि 90 के दशक में शायद दो ही हीरोइनें थीं, जो 24 घंटे में 36 घंटे काम करती थीं। इनमें एक करिश्मा कपूर थी और दूसरी मैं खुद थी। एक ही दिन में करीब छह अलग-अलग प्रोडक्शन के सेट पर शूटिंग करनी पड़ती थी। कहीं दो घंटे शूटिंग, फिर दूसरे सेट पर डेढ़ घंटे, उसके बाद किसी और जगह तीन घंटे और फिर दूसरे सेट पर चार घंटे। इस तरह पूरा दिन अलग-अलग लोकेशन और किरदारों के बीच निकल जाता था।”

रवीना ने कहा, ”लगातार इतने प्रोजेक्ट्स पर काम करने की वजह से एक वक्त के बाद हमें यह तक याद नहीं रहता था कि हम किस किरदार में हैं। एक ही तरह का किरदार कई अलग-अलग फिल्मों में निभाते हुए कई बार बस यही करना होता था कि जो बताया गया है, उसे कर दो। अगर किसी फिल्म में मेरा किरदार अमीर और बिगड़ी हुई लड़की का था, तो वही किरदार छह अलग-अलग सेट पर भी चल रहा होता था।”

रवीना की इस बात पर करिश्मा कपूर भी अपनी एक याद साझा करती हैं। वह बताती हैं, ”उस समय ज्यादातर शूटिंग फिल्म सिटी में होती थी। हम दोनों सुबह सात बजे से काम शुरू कर देती थीं। कभी-कभी तो हम दोनों एक-दूसरे को अलग-अलग सेट पर जाते हुए देखती थीं। एक सेट से निकलकर दूसरे सेट पर पहुंचना, रास्ते में कपड़े बदलना और फिर तुरंत अगले सेट पर शूटिंग के लिए तैयार होना हमारी दिनचर्या का हिस्सा था।”

Continue Reading

मनोरंजन

‘जनादेश नहीं मिल रहा तो लोकतंत्र का अपमान करने का अधिकार नहीं’, अखिलेश के बयान पर भाजपा का पलटवार

Published

on

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के 2027 के चुनाव को लेकर दिए बयान और सरकार व संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बाद भाजपा नेताओं ने सपा पर निशाना साधा। कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने अखिलेश यादव के 2027 के चुनाव को आखिरी चुनाव बताए जाने पर कहा कि लोकतंत्र में कोई आखिरी या नया चुनाव नहीं होता।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान करना चाहिए और जो लोग जनादेश हासिल नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें जनादेश का अपमान करने का अधिकार नहीं है। मनोज पांडेय ने सपा शासनकाल के दौरान नौकरियों, छात्रों पर कार्रवाई, दंगों और कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सब देख चुकी है।

उन्होंने कहा कि आज किसान, गरीब, नौजवान, पिछड़ा और अगड़ा वर्ग ऐसा प्रदेश चाहता है, जहां शांति और सुरक्षा के साथ खेती, कारोबार और जीवनयापन किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बदले की राजनीति का कोई स्थान नहीं है।

योगी सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अखिलेश के चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर कहा कि सपा का संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव दर चुनाव हार के बाद सपा निर्वाचन आयोग, पुलिस व्यवस्था और संविधान पर सवाल उठाती है। पीडीए के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अधिकारियों का चयन जाति के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता और क्षमता के आधार पर होता है।

उन्होंने राम मंदिर और कारसेवकों का जिक्र करते हुए सपा पर निशाना साधा। मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सपा नेताओं को एसी में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने, भ्रम फैलाने और गलत आंकड़े जनता के सामने रखने की आदत हो गई है। यही उनका एजेंडा बन गया है। उन्होंने सपा से 2012 से 2017 तक के दंगों, अपराध, महिलाओं के खिलाफ अपराध और सरकारी नौकरियों से जुड़े आंकड़े जारी करने को कहा।

पीडीए के आरोपों पर दानिश ने कहा कि सपा नेता एसी कमरों से बाहर निकलेंगे तो उन्हें धरातल की हकीकत पता चलेगी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कॉलरशिप का जिक्र करते हुए कहा कि पिछड़े, दलित और पसमांदा समाज को इनका लाभ मिल रहा है। एसआईआर पर सपा के सवालों को लेकर दानिश ने कहा कि सिर्फ सवाल खड़े करना और भ्रम फैलाना सपा का ‘मूल कैरेक्टर’ बन गया है।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार6 hours ago

एसोचैम ने व्यापार, निवेश और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए टीआईपीएस प्लेटफॉर्म किया लॉन्च

खेल7 hours ago

एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का विजय रथ जारी, चीनी ताइपे को हराया

मनोरंजन7 hours ago

बिग बॉस 20 में छलका मैरी कॉम का दर्द, बोलीं- बच्चों के लिए जी रही हूं

राष्ट्रीय समाचार8 hours ago

आने वाले वर्षों में चालू खाता घाटा और एफटीए से पैदा हुए अवसरों से रुपया होगा मजबूत: आरबीआई डिप्टी गवर्नर

राष्ट्रीय समाचार8 hours ago

असम के नगांव में स्ट्रीट लाइट के खंभे से टकराई गाड़ी, तीन लोग जिंदा जले, दो की हालत गंभीर

राजनीति8 hours ago

राहुल गांधी ने आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल के परिवार से की फोन पर बात, न्याय दिलाने में मदद का दिलाया भरोसा

राष्ट्रीय समाचार8 hours ago

‘चुनाव आयोग में बगावत’: शिवसेना (यूबीटी) ने सर्वसम्मति से फैसले लेने के ईसीआई के दावे पर उठाए सवाल

व्यापार9 hours ago

भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों से लाल निशान में खुला, फाइनेंशियल स्टॉक्स पर दबाव

राष्ट्रीय समाचार9 hours ago

मध्य प्रदेश : जबलपुर में गणेश पंडाल में बिजली का झटका लगने से 16 साल के लड़के की मौत

राष्ट्रीय समाचार9 hours ago

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन आज कोलकाता में सीएम अधिकारी से करेंगे मुलाकात

महाराष्ट्र3 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल1 week ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल3 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

अपराध3 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

खेल3 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार3 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

रुझान