खेल
रजत भाटिया ने क्रिकेट से लिया संन्यास, कहा-सचिन का विकेट याद रहेगा
भारत के अनुभवी घरेलू खिलाड़ी रजत भाटिया ने बुधवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया और इसी के साथ अपने 20 साल के करियर को अलविदा कह दिया।
भाटिया ने आईएएनएस से कहा, “हां, मैंने सुबह ही क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है। मैंने बीसीसीआई को और डीडीसीए को मेल भेजकर इस बात की जानकारी दे दी है।”
हरफनमौला खिलाड़ी भाटिया ने 112 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें 6,482 रन बनाए और 137 विकेट लिए। वह 2008 में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली दिल्ली की टीम का हिस्सा थे और उन्होंने फाइनल में उत्तर प्रदेश के खिलाफ नाबाद 139 रनों की पारी खेली थी। लिस्ट-ए में उन्होंने 119 मैच खेले और 3038 रन बनाए तथा 93 विकेट भी लिए।
इस हरफनमौला खिलाड़ी ने अपना आखिरी मैच ढाका प्रीमियर डिविजन क्रिकेट लीग में मोहम्मदेन स्पोर्टिग क्लब के लिए 2018-19 में खेला था।
भाटिया ने कहा, “मैं सितंबर 2019 में संन्यास लेने वाला था, क्योंकि मैं पिछले साल घरेलू क्रिकेट नहीं खेल रहा था। लेकिन मैंने सोचा कि मैं बांग्लादेश में पेशेवर क्रिकेट खेल रहा हूं तो थोड़ा इंतजार कर सकता हूं, लेकिन फिर चीजें बदलीं और मुझे पता चला कि वह अब और कोई पेशेवर खिलाड़ी नहीं ले रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “इसलिए मुझे लगा कि यह संन्यास लेने का सबसे सही समय है, क्योंकि यह मेरे लिए विशेष दिन है, आज मेरी बेटी का जन्मदिन है। इसलिए मैंने फैसला किया कि मैं उस दिन यह फैसला लेता हूं जिसे मैं याद रख सकूं।”
दिल्ली के रहने वाले भाटिया ने आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए भी खेला था, लेकिन वह गौतम गंभीर की कप्तानी वाली कोलकाता नाइट राइडर्स का अहम हिस्सा रहे। वह दो बार आईपीएल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे। वह 2008 में खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स और 2012 में खिताब जीतने वाली कोलकाता का हिस्सा थे।
लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट खेलने के बाद भी वह कभी भी राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके।
भाटिया से जब अपने करियर के सबसे विशेष पल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “निजी तौर पर मैं हमेशा आईपीएल में सचिन तेंदुलकर का विकेट लेना याद रखूंगा।”
भविष्य की रणनीति के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैं बायोमैकेनिक विशेषज्ञ की ट्रेनिंग कर रहा हूं, मैं बीते तीन साल से यह कोर्स कर रहा हूं। मैंने इस तरह की ट्रेनिंग में निवेश इसलिए किया क्योंकि यह अलग तरह की है। मुझे लगता है कि यह करनी चाहिए क्योंकि यह हर खेल से जुड़ी हुई है और मैं क्रिकेट को कुछ वापस देना चाहता हूं।”
भाटिया ने साफ कहा कि वह कोच नहीं बनना चाहते, लेकिन मौका मिला तो वह युवा खिलाड़ियों के साथ अपना अनुभव साझा करना चाहें
राष्ट्रीय
प्रीमियम ईंधन की कीमतें बढ़ीं; सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर

नई दिल्ली, 1 अप्रैल : सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है।
एक्सपी100 पेट्रोल की कीमत अब 160 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 149 रुपए थी। यह हाई-ऑक्टेन फ्यूल मुख्य रूप से लग्जरी कारों और हाई-परफॉर्मेंस मोटरसाइकिलों में इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इंजन की क्षमता बेहतर होती है।
इसी तरह कंपनी ने एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल (प्रीमियम डीजल) की कीमत भी बढ़ा दी है। अब दिल्ली में इसकी कीमत 92.99 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 91.49 रुपए थी।
हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद, भारत के प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।
तेल कंपनियों ने ऑटो फ्यूल की कीमतों को स्थिर रखा है, जबकि अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अभी भी 94.72 रुपए प्रति लीटर है, जबकि डीजल 87.62 रुपए प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 103.44 रुपए और डीजल 89.97 रुपए प्रति लीटर है।
इस बीच, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जबकि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतें दोगुने से ज्यादा बढ़कर 2 लाख रुपए प्रति किलोलीटर के पार पहुंच गई हैं।
वैश्विक स्तर पर, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिकी सेना अगले तीन हफ्तों में ईरान पर हमले रोक सकती है, जिससे तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके प्रमुख लोगों को निशाना बनाया जाता रहा, तो वह अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकता है। इससे क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है।
वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव, खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति, के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय
हम भारतीय तेल बाजार पर अमेरिका के ‘दबाव’ को खारिज करते हैं, भारत की विदेश नीति स्वतंत्र : रूसी राजदूत

नई दिल्ली, 1 अप्रैल : भारत के तेल बाजार को लेकर अमेरिका के दबाव के आरोपों पर रूस ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलिपोव ने साफ कहा कि रूस अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी भी तरह के ‘अमेरिकी दबाव’ को पूरी तरह खारिज करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि नई दिल्ली अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है।
मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में डेनिस अलिपोव ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत के बाजार में रूस के लिए बाधाएं खड़ी करने की कोशिशें वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिहाज से बिल्कुल सही तरीका नहीं हैं।
जब उनसे इस बारे में पूछा गया कि क्या टैरिफ विवाद के बीच भारत रूसी तेल का आयात कम कर रहा है, तो उन्होंने कहा, “मैं अमेरिका-भारत व्यापार पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हूं। लेकिन हम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी भी तरह के दबाव को सख्ती से खारिज करते हैं। यह व्यापार करने का सही तरीका नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम साफ तौर पर देख रहे हैं कि अमेरिका भारत के बाजार में रूस के लिए बाधाएं खड़ी करने की कोशिश कर रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों और व्यापार के लिए सही तरीका नहीं है। हम भारतीय तेल बाजार पर अमेरिकी दबाव को खारिज करते हैं। भारत एक स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करता है और हम ऐसे दबाव को ठुकराने के उसके रुख का स्वागत करते हैं।”
रूस के राजदूत ने यह भी बताया कि मॉस्को और नई दिल्ली के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में। उन्होंने कहा कि हाल के समय में भारत ने रूस से तेल आयात काफी बढ़ा दिया है।
डेनिस अलिपोव ने कहा, “हम दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों का विस्तार कर रहे हैं। हाल ही में भारत को रूस से तेल की आपूर्ति में काफी बढ़ोतरी हुई है। हम इस दिशा में लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे दोनों देशों को लाभ हो।”
मध्य पूर्व में जारी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में ऊर्जा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। उन्होंने इसे ‘अमेरिकी ऑयल डिसरप्शन डिप्लोमेसी’ का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा, “मध्य पूर्व की परिस्थितियों के बीच ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। लेकिन रूस और भारत के बीच व्यापार, खासकर तेल के क्षेत्र में, तेजी से आगे बढ़ रहा है और हम इसे जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित रूस यात्रा को लेकर अलिपोव ने कहा कि मॉस्को इस साल उनकी यात्रा का दिल से स्वागत करेगा।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच हर साल शिखर बैठक का एक तंत्र है और पिछले साल दिसंबर में रूसी राष्ट्रपति ने भारत का दौरा किया था।
अंतरराष्ट्रीय
इराक में अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, अमेरिका ने ईरान से जुड़े मिलिशिया की संलिप्तता का किया दावा

बगदाद, 1 अप्रैल : इराक के बगदाद में एक अमेरिकी पत्रकार को अपहृत कर लिया गया है। अमेरिका के विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि इसमें ईरान‑समर्थित मिलिशिया समूह का संदेह है, जिससे इस क्षेत्र में विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता बढ़ गई है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह अमेरिकी पत्रकार की जल्द से जल्द रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
ग्लोबल पब्लिक अफेयर्स के असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट डिलन जॉनसन ने सोशल साइड एक्स पर पोस्ट में कहा, “अमेरिकी विदेश विभाग को बगदाद में एक अमेरिकी पत्रकार के अपहरण की सूचना है। विभाग ने पहले इस व्यक्ति को संभावित खतरों के बारे में चेतावनी दी थी और हम एफबीआई के साथ समन्वय जारी रखेंगे ताकि उसकी जल्द से जल्द रिहाई सुनिश्चित हो सके।”
उन्होंने कहा, “इरान‑समर्थित मिलिशिया समूह कताइब हिज़्बुल्लाह से जुड़े एक व्यक्ति पर अपहरण में शामिल होने का संदेह है, उसे इराकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है।”
जॉनसन ने यह भी दोहराया कि इराक अभी भी लेवल 4 यात्रा सलाह के तहत है और अमेरिकियों को किसी भी हालत में देश की यात्रा न करने की चेतावनी दी गई है तथा वहां मौजूद लोगों को तुरंत छोड़ने की सलाह दी गई है।
उन्होंने कहा, “विदेश विभाग सभी अमेरिकियों, जिनमें पत्रकार भी शामिल हैं, से अनुरोध करता है कि वे सभी यात्रा सलाहों का पालन करें।”
पहले, इराकी गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बयान में पुष्टि की थी कि पत्रकार को बगदाद में “अज्ञात व्यक्तियों” द्वारा अगवा किया गया है। सुरक्षा बलों ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया और अपहरण में प्रयुक्त कथित वाहन जब्त किया। मंत्रालय ने कहा कि अन्य व्यक्तियों को पकड़ने और पत्रकार की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
अपहृत पत्रकार की पहचान शेली किटलसन के रूप में हुई है। वह एक फ्रीलांस रिपोर्टर हैं और मीडिया एडलोकेसी संगठन और एआई-मॉनिटर जैसी प्रकाशनों में योगदान दे चुकी हैं।
किटलसन अपने व्यापक रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं, खासकर सीरिया और इराक के संघर्ष क्षेत्रों में वह कई वर्षों से इस क्षेत्र में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं।
एआई-मॉनिटर ने अपने बयान में कहा कि वे उनके अपहरण से “गहरा चिंतित” हैं और उनकी “सुरक्षित और तात्कालिक रिहाई” की मांग की। “हम उनके महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग के समर्थन में खड़े हैं और उनके त्वरित लौटने की अपील करते हैं ताकि वे अपना महत्वपूर्ण कार्य जारी रख सकें।”
इंटरनेशनल वीमेंस मीडिया फाउंडेशन के अनुसार, किटलसन एक “वैध पत्रकार” हैं, जिनके पास मध्य पूर्व में पर्याप्त अनुभव है और वर्तमान में वह रोम में आधारित हैं।
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