राजनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बजट के बाद आयोजित वेबिनार को करेंगे संबोधित
PM MODI
नई दिल्ली, 3 मार्च : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सुबह 11:15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से “आर्थिक विकास को बनाए रखना और मजबूत करना” विषय पर आयोजित बजट पश्चात वेबिनार को संबोधित करेंगे।
यह वेबिनार केंद्रीय बजट के बाद सरकार की ओर से जारी किए जा रहे निरंतर जनसंपर्क प्रयासों का हिस्सा है और इसका उद्देश्य बजट घोषणाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई में बदलना है।
इस आयोजन में नीति निर्माता, उद्योगपति और अन्य हितधारक एक साथ आएंगे और विकास को गति देने और अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे।
आधिकारिक बयान के अनुसार, “प्रधानमंत्री 3 मार्च को सुबह 11:15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘आर्थिक विकास को बनाए रखना और मजबूत करना’ विषय पर आयोजित बजट के बाद के वेबिनार को संबोधित करेंगे।”
आर्थिक विकास को बनाए रखने और मजबूत करने के व्यापक विषय के अंतर्गत चार अलग-अलग सत्रों का आयोजन किया जा रहा है।
इनमें विनिर्माण, औद्योगिक उन्नयन और रणनीतिक क्षेत्र लघु एवं मध्यम उद्यम, वित्त और बाजार पहुंच; शहरी आर्थिक क्षेत्र और अवसंरचना, रसद और माल ढुलाई शामिल होंगे।
इन चर्चाओं में इस बात पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है कि बजट में घोषित सुधार औद्योगिक क्षमता का विस्तार करने, प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में कैसे मदद कर सकते हैं।
इसमें आगे कहा गया है, “इस विषय के अंतर्गत, विनिर्माण, औद्योगिक उन्नयन और रणनीतिक क्षेत्र, एमएसएमई, वित्त और बाजार पहुंच, शहरी आर्थिक क्षेत्र और बुनियादी ढांचा, रसद और माल ढुलाई सहित विभिन्न क्षेत्रों को कवर करते हुए चार अलग-अलग वेबिनार सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।”
बजट के बाद आयोजित होने वाले वेबिनार में सरकार के उन दूरदर्शी सुधारात्मक प्रयासों पर प्रकाश डाला जाएगा जिनका उद्देश्य औद्योगिक पैमाने को बढ़ाना, तकनीकी नेतृत्व को मजबूत करना और अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सुदृढ़ करना है।
इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा कि नीतिगत उपायों को सुचारू रूप से और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। विचार-विमर्श के दौरान उद्योग जगत के प्रतिभागी अपने जमीनी अनुभव और सुझाव साझा करेंगे।
आधिकारिक बयान के अनुसार, “विचार-विमर्श का मुख्य उद्देश्य इन प्राथमिकताओं को प्रभावी कार्रवाई में बदलना होगा, जिसमें उद्योग जगत के प्रतिभागियों से प्राप्त अंतर्दृष्टि का मार्गदर्शन लिया जाएगा, जिनका जमीनी अनुभव अधिक प्रभावी कार्यान्वयन में सहायक होगा।”
उनके सुझावों से सरकार और व्यवसायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है, जिससे नीतिगत प्राथमिकताओं को वास्तविक आर्थिक परिणामों में परिवर्तित करने में सहायता मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारत और रूस के रक्षा मंत्रियों की मुलाकात, अंतरराष्ट्रीय हालात व रक्षा सहयोग पर बात

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव के साथ मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद राजनाथ सिंह ने इस बातचीत को बेहतरीन और सार्थक बताया। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान मंगलवार को भारत और रूस के बीच यह अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर रक्षा सहयोग, सैन्य तकनीक और संयुक्त परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत रक्षा संबंध रहे हैं।
भारतीय सशस्त्र बलों में उपयोग होने वाले कई प्रमुख सैन्य उपकरण और प्लेटफॉर्म रूस से जुड़े हैं। इसमें लड़ाकू विमान, पनडुब्बियां और मिसाइल प्रणाली जैसे अहम संसाधन शामिल हैं, जो भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत बनाते हैं। दोनों देश रक्षा उत्पादन में सहयोग को और विस्तार देने पर सहमति जताते रहे हैं। भारत में ही संयुक्त रूप से रक्षा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे देश की आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी और तकनीकी क्षमता में भी वृद्धि होगी।
दोनों पक्ष समय समय पर रक्षा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी करते हैं। तय समयसीमा में रक्षा परियोजनाओं को पूरा को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति है। माना जा रहा है कि सैन्य-तकनीकी सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए नए क्षेत्रों की पहचान पर भी यहां चर्चा हुई।
इससे पहले मंगलवार को ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई है। यह मुलाकात भी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के इतर आयोजित की गई। दोनों देशों के रक्षामंत्रियों ने यहां क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी सहयोग पर चर्चा की। राजनाथ सिंह यहां एससीओ के अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। वह किर्गिस्तान में रह रहे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे।
माना जा रहा है कि इस उच्चस्तरीय बातचीत के दौरान दोनों देशों के रक्षामंत्रियों ने एशिया की मौजूदा सुरक्षा स्थिति व क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर विचार विमर्श किया। साथ ही भारत-चीन के बीच संवाद को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। वहीं सीमा क्षेत्रों में बेहतर समन्वय और तनाव कम करने के लिए प्रभावी संचार तंत्र को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एससीओ जैसे मंच पर इस तरह की द्विपक्षीय वार्ताएं सदस्य देशों के बीच विश्वास और सहयोग को बढ़ाती हैं। बिश्केक में हुई यह बैठकें भारत-रूस के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
व्हाइट हाउस डिनर अटैक से पहले हमलावर ने परिवार से मांगी थी माफी, कैलिफोर्निया से खरीदे थे हथियार

व्हाइट हाउस के संवाददाता रात्रिभोज के दौरान फायरिंग मामले की जांच में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने हथियारों के साथ आरोपी कोल टॉमस एलन को हिरासत में ले लिया था और उससे व्यापक पूछताछ जारी है। इस बीच अधिकारियों ने बताया है कि संदिग्ध बंदूकधारी राष्ट्रपति और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाने वाला था और इसके लिए उसने बड़ी सावधानीपूर्वक साजिश रची थी।
अधिकारियों ने ये भी बताया कि आरोपी एलन जो करने जा रहा था, इस बारे में उसने हमले के कुछ समय पहले ही परिवार के सदस्यों और एक पूर्व नियोक्ता को ईमेल के माध्यम से जानकारी दी थी, जिसमें “माफी और स्पष्टीकरण शीर्षक वाला एक दस्तावेज संलग्न था।
ईमेल में एलन ने लिखा, “मैंने जो भी परेशानी पैदा की है, उसके लिए मैं तहे दिल से माफी मांगता हूं और साथ ही यह भी कहा कि वह जो करने वाला है उसके लिए उसे माफी की उम्मीद नहीं है। मेरे प्रतिनिधियों के कार्यों का मुझ पर प्रभाव पड़ता है और मैं अब अपराधों को बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हूं।”
अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने कहा कि लिखित दस्तावेज को देखने के बाद इसमें कोई संदेह नहीं है कि एलन ने राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश की। एलन ने अपने संदेश में यह संकेत दिया गया था कि वह सीक्रेट सर्विस से जुड़े लोगों को केवल तभी निशाना बनाया जाएगा जब जरूरी हो।
होटल के कर्मचारी और मेहमान इसके निशाने पर नहीं होंगे। अगर बिलकुल जरूरी हुआ तो वह लगभग हर किसी को मार डालेगा। उसकी यह स्वीकारोक्ति खतरे की संभावित भयावहता को जाहिर करता है। जांचकर्ताओं ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि ईमेल को हमले से पहले एक विशिष्ट समय पर भेजने के लिए शेड्यूल किया गया था।
इतना ही नहीं आरोपी ने इसके लिए कई जगहों की यात्रा की थी और हमले को अंजाम देने से पहले होटल के अंदर अपनी स्थिति का जायजा लिया था। अधिकारियों ने बताया कि कोल टॉमस एलन ने 25 अप्रैल के कार्यक्रम से काफी पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। वह राष्ट्रपति के तय आगमन पर नजर रख रहा था और उसी स्थान पर अपने आवास की व्यवस्था कर ली थी।
एक संघीय हलफनामे के अनुसार, एलन ने 6 अप्रैल को वाशिंगटन हिल्टन में 24 से 26 अप्रैल तक तीन रातों के लिए बुकिंग कराइए थी। यह बुकिंग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सार्वजनिक रूप से रात्रिभोज में शामिल होने की पुष्टि के हफ्तों बाद की गई थी। एलन ने 21 अप्रैल को लॉस एंजिल्स के पास स्थित अपने घर से ट्रेन से यात्रा शुरू की और 23 अप्रैल को शिकागो पहुंचा। इसके बाद वह वाशिंगटन डीसी के लिए रवाना हुए, जहां वे 24 अप्रैल को दोपहर लगभग 1 बजे पहुंचा।
दोपहर लगभग 3 बजे वह होटल पहुंचा और रातभर वहीं रुका रहा, उसने खुद को उसी इमारत के अंदर रखा, जहां वह हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम आयोजित होने वाला था। अधिकारियों ने बताया कि कोल टॉमस एलन को रात्रिभोज के कार्यक्रम और वरिष्ठ अमेरिकी नेताओं की उपस्थिति की जानकारी थी। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और मंत्रिमंडल के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम होटल के कॉनकोर्स तल पर स्थित एक बैंक्वेट हॉल में रात लगभग 8 बजे शुरू हुआ।
लगभग 40 मिनट बाद एलन ने अपना काम शुरू किया। कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लेंच ने कहा, “लगभग 8.40 बजे एलन होटल के टेरेस लेवल पर एक सुरक्षा चौकी के पास पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि वह एक लंबी बंदूक लेकर मैग्नेटोमीटर से होकर गुजरा। कुछ ही क्षणों बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। चेकपॉइंट पर तैनात एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी को सीने में गोली लगी थी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के कारण वह बच गया।
अधिकारी ने जवाबी फायरिंग की और इसके बाद एलन को तुरंत काबू कर लिया गया। ब्लेंच ने कहा कि यह हमला अचानक नहीं हुआ था, बल्कि वेल प्लांड था। जांचकर्ताओं ने बताया कि एलन के पास कई हथियार थे, जिनमें 12-गेज शॉटगन और 38 कैलिबर की पिस्तौल शामिल थी। एलन ने ये हथियार कैलिफोर्निया में खरीदे थे और वाशिंगटन पहुंचने से पहले उन्हें राज्य की सीमाओं के पार ले गया था।
अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने कहा कि घटनाक्रम से स्पष्ट इरादा जाहिर होता है। उन्होंने कहा, वह पूरी तरह से सचेत था। उसने बैंक्वेट हॉल में घुसने का फैसला किया लेकिन कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने मुख्य कार्यक्रम में पहुंचने से पहले ही उसे रोक दिया। जांचकर्ताओं ने बताया कि संदिग्ध के होटल के कमरे, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और यात्रा इतिहास से अतिरिक्त सबूतों की समीक्षा की जा रही है। आरोपी की इस काम में किसी ने मदद की थी या नहीं, उसकी भी जांच की जा रही है।
राजनीति
दिल्ली में युवक की हत्या पर भड़के तेजस्वी , कहा- भाजपा सरकार में ‘बिहारी’ होना सबसे बड़ा अपराध

राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दिल्ली में बिहार के खगड़िया निवासी पांडव कुमार की हत्या को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पांडव कुमार की सिर्फ इसलिए गोली मारकर हत्या कर दी गई क्योंकि वह ‘बिहारी’ था।
‘बिहारी होने के अपराध’ में ही उसका दोस्त कृष्ण जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में जिस जगह ‘बिहारी’ जानकर गोली मारी गई है, वहां निगम पार्षद, विधायक, सांसद भाजपा के हैं।
उन्होंने आगे लिखा, “यही नहीं, सीएम भी भाजपा की हैं, बिहार सीएम भी भाजपा के हैं और आधा दर्जन ‘निष्क्रिय बड़बोले’ केंद्रीय मंत्री बिहार के, उपराज्यपाल भाजपा के, गृहमंत्री और प्रधानमंत्री भी भाजपा के हैं। भाजपा बिहारियों के लिए काल बन चुकी है।”
राजद नेता ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या इन भाजपाइयों में किसी में हिम्मत है कि एक गरीब मेहनतकश बिहारी की हत्या करने वाले उस हत्यारे पुलिसकर्मी को सजा दिलवा सके? उन्होंने कहा कि असल में, 21 वर्षों की नीतीश-भाजपा की खराब नीतियों के कारण बिहारवासियों को मजबूरन दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है, और दूसरे राज्यों की भाजपा सरकार और प्रशासन मेहनतकश बिहारियों को सम्मान नहीं बल्कि शक, नफरत और हीनभावना की नजर से देखती है।
उन्होंने कहा कि हर बार बिहारी पर अत्याचार होता है, प्रवासी बिहारी प्रताड़ना के शिकार होते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आने वाली जिस दिल्ली पुलिस पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उसी ने ‘बिहारी होने’ मात्र से अपराधी मान लिया और गोली मार दी। इससे अधिक निंदनीय घटना क्या हो सकती है? बड़बोले एनडीए नेता इस घटना पर बिल में छिपे हुए हैं।
उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर बिहारियों को प्रताड़ित करने वाले दोषियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग सरकार से की है। उन्होंने कहा कि यह घटना बिहार और बिहारवासियों के सम्मान पर आघात है, इसलिए न्याय चाहिए और अभी अविलंब चाहिए।
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