राष्ट्रीय समाचार
राष्ट्रपति मुर्मु ने चिसीनाउ में प्रेसिडेंट सैंडू से की मुलाकात, दोनों देशों में सहयोग गहरा करने के तरीकों पर हुई चर्चा
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में मोल्दोवा पहुंच गई हैं। उन्होंने माल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सैंडू के साथ चिसीनाउ के प्रेसिडेंशियल पैलेस में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग को और अधिक गहरा करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
इस बैठक की जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चिसीनाउ के प्रेसिडेंशियल पैलेस में मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सैंडू के साथ अच्छी बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-मोल्दोवा सहयोग के पूरे स्पेक्ट्रम की समीक्षा की और सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। बातचीत में नए मौके पाने और आपसी संबंधों को बढ़ाने के लिए साझा प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित किया गया।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सैंडू ने चिसीनाउ में प्रेसिडेंशियल पैलेस में गर्मजोशी से स्वागत किया। भारत की राष्ट्रपति को औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रपति सचिवालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने हमारी द्विपक्षीय साझेदारी के पूरे दायरे को कवर करते हुए फायदेमंद और भविष्य के अनुकूल बातचीत की।
सचिवालय के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भारतीय राष्ट्रपति का मोल्दोवा गणराज्य का पहला राजकीय दौरा एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है और यह दोनों देशों के बीच बढ़ती दोस्ती और आपसी विश्वास को दिखाता है।
इससे पहले राष्ट्रपति सचिवालय ने कहा था, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा, नॉर्थ मेसेडोनिया और रोमानिया के अपने स्टेट विजिट के पहले लेग में चिसीनाउ, मोल्दोवा पहुंचीं। चिसीनाउ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचने पर रिपब्लिक ऑफ मोल्दोवा के उपप्रधानमंत्री और विदेश मामलों के मंत्री मिहाई पोपसोई ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का मोल्दोवा का पहला दौरा है।”
राष्ट्रपति मुर्मु राष्ट्रपति मैया सेंडू के निमंत्रण पर मोल्दोवा के आधिकारिक दौरे पर पहुंचीं। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का मोल्दोवा का पहला दौरा है।
राष्ट्रपति मुर्मु मोल्दोवा पार्लियामेंट के प्रेसिडेंट इगोर ग्रोसु से मिलेंगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वह मोल्दोवा-इंडिया पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप के सदस्यों से भी बातचीत करेंगी। इसके अलावा, वह एक बिजनेस फोरम और भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करेंगी।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “भारत और मोल्दोवा के बीच अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। यह दौरा एक अहम और ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा और दोनों देशों के संबंधों को एक बड़ी साझेदारी तक ले जाएगा। खेती, स्वास्थ्य सुविधा और फार्मास्यूटिकल्स, आईटी और शिक्षा के क्षेत्रों में आपसी फायदे वाले सहयोग की अच्छी गुंजाइश है।”
राष्ट्रीय समाचार
जम्मू-कश्मीर: गुलमर्ग और पहलगाम में माइनस में पहुंचा रात का तापमान

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और पहलगाम में रविवार को न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया। राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.9 डिग्री कम है।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया, “इस सीजन में पहली बार, गुलमर्ग और पहलगाम में न्यूनतम तापमान क्रमशः माइनस 0.4 और माइनस 0.3 डिग्री सेल्सियस पर फ्रीजिंग पॉइंट से नीचे चला गया।” मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा, “श्रीनगर शहर में आज न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस, जम्मू शहर में 14.1, कटरा में 12, बटोटे में 9.8 और भद्रवाह में 2.8 डिग्री सेल्सियस था।”
मौसम विभाग ने इस महीने के आखिर तक आम तौर पर सूखे मौसम का अनुमान लगाया है, हालांकि 28 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर थोड़ी बारिश हो सकती है। चिनार के पेड़ों के पत्ते सुनहरे, जंग और आखिर में तेज लाल रंग में बदलने के लिए तैयार हैं। स्थानीय लोगों ने हल्के ऊनी कपड़े पहनना शुरू कर दिया है।
स्कूली बच्चों को सुबह-सुबह ठंड का अहसास होने लगा है। बच्चों ने सर्दियों की यूनिफॉर्म पहनना शुरू कर दिया है। जोजिला पास और गुलमर्ग के अफरवत पहाड़ों पर हुई ताजा बर्फबारी से अनुमान है कि इस वर्ष सर्दी पहले आ सकती है।
बता दें कि कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर के कई ऊंचे इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई थी। जोजिला दर्रा, राजदान दर्रा, सिंथन टॉप और कई अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का पहला हिमपात दर्ज किया गया था। कुछ युवाओं ने कहा था कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार किसी सिनेमाघर के बाहर बर्फबारी देखी है। पर्यटक बर्फ के गोले खेलते और नाचते हुए नजर आए, क्योंकि पर्यटक स्थल बर्फ की एक निर्मल सफेद चादर से ढका हुआ था।
पहाड़ों पर हुई बर्फबारी से विभिन्न झरनों, पहाड़ी धाराओं, झीलों और कुओं में जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है, जो आगामी सर्दियों के महीनों के लिए पर्याप्त होगा।
राष्ट्रीय समाचार
मथुरा में कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई पीईटी-2026 परीक्षा, 84 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की ओर से आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 मथुरा जनपद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। परीक्षा को नकलविहीन, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हैं।
जानकारी के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया जा रहा है। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। केंद्रों के मुख्य द्वार पर परीक्षार्थियों की गहन चेकिंग की जा रही है। बायोमीट्रिक सत्यापन और मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों के अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और ब्लूटूथ डिवाइस सहित प्रतिबंधित वस्तुओं को केंद्र के अंदर ले जाने पर रोक लगाई गई है।
परीक्षा में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने स्टेशन परिसर और आसपास की यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि अभ्यर्थियों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मथुरा में पीईटी-2026 की परीक्षा कुल 33 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। परीक्षा छह पालियों में संपन्न कराई जाएगी। प्रत्येक पाली में 14,136 अभ्यर्थियों के शामिल होने का प्रावधान है। इस प्रकार सभी पालियों में कुल 84,816 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित है।
परीक्षा को व्यवस्थित और नकलविहीन बनाने के लिए सभी 33 परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। वहीं, सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत परीक्षा समाप्त होने तक केंद्रों के आसपास स्थित फोटोस्टेट की दुकानों और साइबर कैफे को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ जमा नहीं होने देने के लिए भी पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है।
राजनीति
‘वोट चुराया जा रहा, हम चुपचाप नहीं सहेंगे’, एक नवंबर की दिल्ली रैली के लिए राहुल गांधी ने किया लोगों से आह्वान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों, युवाओं और किसान-मजदूरों से एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की रैली में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमारा वोट चुराया जा रहा है और ये हम किसी हाल में चुपचाप नहीं सहेंगे।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “हमारा वोट चुराया जा रहा है और ये हम किसी हाल में चुपचाप नहीं सहेंगे। मतदाता सूचियों से नाम काटे गए। नियम-कानून तोड़े गए। और सवाल पूछने वालों पर लाठियां चलीं। अब जवाब देश देगा।”
1 नवंबर के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए राहुल गांधी ने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से राष्ट्रीय राजधानी में इकट्ठा होने की अपील की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “1 नवंबर – चलो दिल्ली। वोट बचाओ – देश बचाओ जन मार्च और महारैली। छात्र, किसान, मजदूर, महिलाएं, नौजवान और व्यापारी, जिस-जिस को लोकतंत्र की फिक्र है, वो जरूर आए। वोट आपका है। लड़ाई भी आपकी है।”
साथ ही, राहुल गांधी ने भाजपा और उसके सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने तंज कसते हुए ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “भाजपा और उसके साथियों का दिल से धन्यवाद, जो इस कार्यक्रम का इतना जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा रहे हैं। बस अगले 7 दिन भी यही जोश और लगन बनाए रखिए।”
कांग्रेस सांसद ने दिल्ली रैली को लेकर यह आह्वान ऐसे समय किया है, जब व्यापारी वर्ग और 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ित इसका विरोध कर रहे हैं। दिल्ली के व्यापारियों ने त्योहारों के मद्देनजर राहुल गांधी से रैली टालने की भी अपील की थी।
व्यापारियों ने अपनी अपील में कहा कि धनतेरस और दीपावली की खरीददारी नवंबर के पहले हफ्ते में शुरू हो जाएगी। त्योहार के समय लगभग 25 हजार करोड़ रुपए का कारोबार होता है। अगर रैली हुई और पुलिस ने रास्ते बंद किए तो लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान दिल्ली के व्यापार को होगा।
उधर, 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों ने इस रैली का विरोध करने का ऐलान किया है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि 1 नवंबर उनके लिए बेहद संवेदनशील तारीख है, क्योंकि 1984 में इसी दिन दिल्ली सहित कई स्थानों पर सिख समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तारीख पर राजनीतिक रैली आयोजित करना उनके पुराने जख्मों को फिर से ताजा करने जैसा है।
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