राजनीति
योगी के दोबारा ताज पोशी की तैयारी, विधायक दल के नेता का आज होगा चुनाव

यूपी की सत्ता में दोबारा काबिज होकर इतिहास रचने वाले योगी आदित्यनाथ को आज विधायक दल का नेता चुना जाएगा। दोबारा उनकी ताजपोशी की घोषणा केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाए गए गृहमंत्री अमित शाह, सह-पर्यवेक्षक रघुवर दास और प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेद्र प्रधान की मौजूदगी में होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक में होगी। इसके बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के समक्ष योगी सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। योगी सरकार-2.0 का शपथग्रहण समारोह शुक्रवार को राजधानी के शहीद पथ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में होगा। जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह की मौजूदगी में योगी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ अन्य मंत्री भी शपथ लेंगे। समारोह में कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी, साधु-संत, विभिन्न क्षेत्रों के गण्यमान्यजन शामिल होंगे। देशभर के प्रमुख विपक्षी नेताओं को भी न्योता भेजा गया है।
सूत्रों के अनुसार गुरूवार को राजधानी के लोक भवन में होने वाली विधायक दल की बैठक में कार्यवाहक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद योगी शाम को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के समक्ष 273 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
योगी सरकार-2.0 में मंत्री कौन-कौन होंगे, इसे लेकर तमाम तरह के कायास चल रहे हैं। इसके साथ ही ऊहापोह इस बात को लेकर भी है कि क्या फिर से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे? बनाए जाएंगे तो क्या फिर केशव प्रसाद मौर्य और डा. दिनेश शर्मा ही होंगे? इसी बीच यह भी संभावना जताई जाने लगी कि पिछड़ा वर्ग के नेता के रूप में केशव की वापसी लगभग तय है। यदि उनके चुनाव हार जाने का विषय आधार बनता है तो पिछड़ा वर्ग से ही आने वाले अन्य किसी नेता को यह कुर्सी मिल सकती है। उसमें सबसे ज्यादा प्रभावी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह हो सकते हैं। दलित और महिला कोटे से आगरा ग्रामीण विधायक व उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्य की दावेदारी दो पदों पर मानी जा रही है। उपमुख्यमंत्री या विधानसभा अध्यक्ष। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि बेबीरानी राज्यपाल रह चुकी हैं, ऐसे में उन्हें मंत्री बनाने की जगह विधानसभा अध्यक्ष का संवैधानिक पद ही देना उचित होगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर लड़ा गया। प्रधानमंत्री ने कई बार चुनावी मंचों से आएंगे तो योगी ही और ‘योगी ही उपयोगी’ जैसा नारा देकर स्पष्ट संदेश दे चुके थे कि भाजपा दोबारा सरकार बनाती है तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही होंगे।
यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले गृहमंत्री अमित शाह ने राजधानी के डिफेंस एक्सपो मैदान में 29 अक्तूबर, 2021 को आयोजित पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में शाह ने कहा था कि 2024 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए 2022 में योगी को फिर से प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना जरूरी है। संगठन की शक्ति और अमित शाह की रणनीति के साथ मोदी-योगी की जोड़ी ने विपक्षी मंसूबों को ढेर कर अकेले 255 व गठबंधन सहयोगियों के साथ 273 सीटें जीत लीं। अब सरकार बनाने जा रहे हैं।
महाराष्ट्र
वक्फ संपत्तियों पर भूमि माफिया के खिलाफ संघर्ष : नया संशोधित बिल चुनौतियां बढ़ा रहा है

नई दिल्ली : वक्फ संपत्तियों की रक्षा करने और उनके लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने की लड़ाई पहले से ही भूमि माफिया, अतिक्रमणकारियों और अवैध समूहों के कारण कठिन थी। अब सरकार द्वारा पेश किया गया नया संशोधित बिल इस संघर्ष में एक और बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। एडवोकेट डॉ. सैयद एजाज अब्बास नक़वी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है और तुरंत सुधारों की मांग की है। उन्होंने कहा कि वक्फ का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाना था, लेकिन दुर्भाग्यवश यह उद्देश्य पूरी तरह असफल हो गया है। दूसरी ओर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), जो सिख समुदाय की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था है, दशकों से अपने समुदाय के कल्याण में सक्रिय रूप से लगी हुई है। इसके परिणामस्वरूप, सिख समाज में भिखारियों और मानव रिक्शा चालकों की संख्या लगभग समाप्त हो गई है।
वक्फ भूमि पर अवैध कब्जे और दुरुपयोग उजागर :
डॉ. नक़वी के अनुसार, वक्फ संपत्तियों को सबसे अधिक नुकसान स्वार्थी समूहों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमणों से हुआ है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि कई वक्फ संपत्तियां मूल रूप से सैयद परिवारों की दरगाहों के लिए दान की गई थीं, लेकिन उनका भारी दुरुपयोग किया गया। उन्होंने खुलासा किया कि एक प्रसिद्ध व्यक्ति ने मुंबई के ऑल्टामाउंट रोड पर स्थित एक एकड़ प्रमुख वक्फ भूमि को मात्र 16 लाख रुपये में बेच दिया, जो वक्फ के सिद्धांतों और कानूनों का खुला उल्लंघन है।
धारा 52 में सख्त संशोधन की मांग :
डॉ. नक़वी ने सरकार से वक्फ संपत्तियों को अवैध रूप से बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने वक्फ अधिनियम की धारा 52 में तत्काल संशोधन कर मृत्युदंड या आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा का प्रावधान करने की मांग की है। यह मुद्दा उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका है जो वक्फ संपत्तियों की रक्षा के लिए पहले से ही भ्रष्ट तत्वों और अवैध कब्जाधारियों से लड़ रहे हैं। यह देखना बाकी है कि क्या सरकार इन चिंताओं को गंभीरता से लेती है और वक्फ भूमि की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून लागू करती है।
राजनीति
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने वक्फ संशोधन विधेयक पास होने पर कहा – ‘न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत तय’

नई दिल्ली, 4 अप्रैल। लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुशी जताई। उन्होंने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इस विधेयक को मंजूरी मिलने से अन्याय और भ्रष्टाचार को खत्म कर न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत होगी।
उन्होंने कहा कि 2013 में तुष्टिकरण के लिए रातों-रात वक्फ कानून को अतिवादी बना दिया गया, जिसके कारण दिल्ली के लुटियंस जोन की 123 वीवीआईपी संपत्तियां वक्फ को दे दी गईं। इस विधेयक के पारित होने से देश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है, जो न्याय और समानता को सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए।
सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज का दिन ऐतिहासिक है। संसद ने ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक – 2025’ को मंजूरी दे दी है, जो दशकों से चले आ रहे अन्याय और भ्रष्टाचार को खत्म कर न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत करेगा। 2013 में तुष्टिकरण के लिए रातों-रात वक्फ कानून को अतिवादी बना दिया गया, जिसके कारण दिल्ली के लुटियंस जोन की 123 वीवीआईपी संपत्तियां वक्फ को दे दी गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक कदम से अब इसकी पारदर्शिता से निगरानी की जा सकेगी।”
उन्होंने लिखा, “2013 में लाए गए संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों में कुल साढ़े 5 घंटे चर्चा हुई थी, जबकि इस विधेयक पर दोनों सदनों में 16 घंटे से ज्यादा की चर्चा हुई। मोदी सरकार ने संयुक्त समिति बनाई, जिसमें 38 बैठकें हुईं, 113 घंटे चर्चा हुई और 284 हितधारकों को शामिल किया गया। ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025’ को संसद के पटल पर लाने से पहले मोदी सरकार को देशभर से करीब एक करोड़ ऑनलाइन सुझाव मिले, जिनका विश्लेषण करने के बाद यह कानून बनाया गया, जो दर्शाता है कि जहां मोदी सरकार मुस्लिमों के साथ खड़ी है, वहीं विपक्ष केवल वोट बैंक की आड़ में गुमराह कर रहा है।”
सीएम रेखा गुप्ता ने लिखा, “इस विधेयक के पारित होने से देश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है, जो न्याय और समानता को सुनिश्चित करेगा। इसे समर्थन देने वाले सभी दलों और सांसदों का भी धन्यवाद। वक्फ बोर्ड को अधिक उत्तरदायी बनाना अनिवार्य था। यह विधेयक सुनिश्चित करेगा कि वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग न हो और इसका लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे। यह पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे करोड़ों लोगों को न्याय मिलेगा।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
प्रधानमंत्री मोदी ने बिम्सटेक देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ाने के लिए यूपीआई लिंक का दिया प्रस्ताव

बैंकॉक, 4 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत के यूपीआई को बिम्सटेक देशों के पेमेंट सिस्टम से जोड़ने का प्रस्ताव दिया। इससे ग्रुप के सदस्य देशों के बीच व्यापार और पर्यटन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, सात देशों (बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड) के समूह की छठी समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने स्थानीय करेंसी में रीजन में व्यापार बढ़ाने के लिए बिम्सटेक चेम्बर ऑफ कॉमर्स स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने 28 मार्च को म्यांमार और थाईलैंड में आए
बिम्सटेक समिट में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में समृद्धि, सुरक्षा और समावेशिता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को साकार करने के लिए बैंकॉक विजन 2030 को अपनाया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बिम्सटेक समूह के दायरे और क्षमताओं को लगातार बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, गृह मंत्रियों के तंत्र को संस्थागत बनाने का स्वागत किया और भारत में पहली बैठक आयोजित करने की पेशकश की।
उन्होंने आगे कहा कि यह मंच साइबर अपराध, साइबर सुरक्षा खतरों, आतंकवाद, साथ ही नशीली दवाओं और मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस संबंध में, मैं 2025 में इसकी पहली बैठक भारत में आयोजित करने का प्रस्ताव करता हूं।
थाईलैंड द्वारा आयोजित बिम्सटेक समिट में भारत, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका और भूटान के शीर्ष नेता भाग ले रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि एक स्वतंत्र, खुला, सुरक्षित और संरक्षित हिंद महासागर हमारी साझा प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, “आज साइन हुए समुद्री परिवहन समझौते से व्यापारिक नौवहन और माल परिवहन में सहयोग मजबूत होगा और व्यापार में तेजी आएगी।”
विनाशकारी भूकंप में हुई जानमाल की हानि पर अपनी संवेदना व्यक्त की और आपदा की तैयारी, राहत और पुनर्वास पर सहयोग के लिए भारत में बिम्सटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट की स्थापना का प्रस्ताव रखा।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में एक सस्टेनेबल मैरीटाइम ट्रांसपोर्ट सेंटर की स्थापना की भी बात की। उन्होंने कहा, “यह केंद्र समुद्री नीतियों में क्षमता निर्माण, अनुसंधान, नवाचार और समन्वय पर ध्यान केंद्रित करेगा और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को भी बढ़ावा देगा।”
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