Connect with us
Saturday,05-September-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय

बढ़ेगा आलू का रकबा, अच्छा भाव मिलने से किसान उत्साहित

Published

on

Potatoes

बी आलू की बुवाई जल्द शुरू होने वाली है और आलू का दाम इस समय आसमान चढ़ा है। ऐसे में बेहतर दाम मिलने की उम्मीदों से उत्तर भारत के किसान आलू की खेती में ज्यादा दिलचस्पी ले सकते हैं। उद्यान व बागवानी विशेषज्ञ बताते हैं कि किसान इस बार काफी उत्साहित हैं और रबी सीजन की अगैती फसल का अच्छा भाव मिलने की आशा से वे आलू की खेती में ज्यादा दिलचस्पी ले सकते हैं। रबी सीजन में उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल, बिहार, गुजरात, मध्यप्रदेश, पंजाब, असम, छत्तीसगढ़, झारखंड और हरियाणा में आलू की खेती होती है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत आने वाले और हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि उत्तर भारत में किसानों ने आलू की खेती की तैयारी शुरू कर दी है और कुछ दिनों में बुवाई शुरू हो जाएगी, रबी सीजन में आमतौर पर आलू की बुवाई सितंबर के आखिर में शुरू होती है और नवंबर तक चलती है, जबकि हार्वेस्टिंग दिसंबर से मार्च तक चलती है।

डॉ. कुमार ने बताया कि बताया कि इसमें कहीं दो राय नहीं कि इस समय आलू का दाम ऊंचा होने से इसकी खेती में किसानों की दिलचस्पी बढ़ेगी जिससे खासतौर से उत्तर भारत में आलू की अगैती फसल का रकबा जरूर बढेगा। डॉ. कुमार ने कहा कि आलू की ऐसी कई वेरायटी अब आ गई है जो पहले से ज्यादा पैदावार देती है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा जारी दूसरे अग्रिम उत्पादन के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019-20 के दौरान देश में आलू का उत्पादन 513 लाख टन हुआ, जबकि एक साल पहले 2018-19 में देश में आलू का उत्पादन 501.90 लाख टन हुआ था। उत्पादन ज्यादा होने के बावजूद इस साल इसके दाम में काफी इजाफा हुआ है। कारोबारी बताते हैं रबी सीजन के आखिर में जहां आलू पांच रुपये किलो था वहां आज 40 रुपये प्रति किलो के ऊपर बिक रहा है। कारोबारी बताते हैं कि कोरोना काल में इस साल आलू की खपत ज्यादा हुई और इस सयम मंडियों में आवक कम हो रही है।

उत्तर प्रदेश में उद्यान विभाग के अधिकारी डॉ. धर्मपाल यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बीते रबी सीजन में फसल तैयार होने के दौरान बारिश से फसल को कुछ नुकसान हुआ था जिससे उत्पादन थोड़ा कम हुआ था। उत्तर प्रदेश देश में आलू का सबसे बड़ा उत्पादक है। आलू के कुल उत्पादन का करीब 30 फीसदी उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है। खासतौर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आलू की खेती व्यापक पैमाने पर होती है।

डॉ. यादव ने भी बताया कि आलू का दाम उंचा होने से इसकी खेती में किसानों की रुचि बढ़ेगी जिससे पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा रकबा हो सकता है।

भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र यादव कहते हैं कि भाव बढ़ने से किसान निस्संदेह आलू की अगली फसल लगाने को लेकर उत्साहित हैं, साथ ही बीज महंगा होने की चिंता भी उनको सता रही है। यादव ने कहा कि अक्सर ऐसा होता है कि सब्जी के लिए इस्तेमाल होने वाले आलू का भाव जब उंचा होता है तो बीज का भाव भी बढ़ जाता है।

खरीफ व ग्रीष्मकालीन सीजन के दौरान आलू की खेती महाराष्ट्र, उत्तराखंड, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु में होती है। खरीफ आलू बुवाई का सीजन मई से जुलाई, जबकि हार्वेस्टिंग सीजन सितंबर से नवंबर के बीच रहता है। खरीफ आलू का उत्पादन बहुत कम होता है इसलिए इस सीजन के आलू का किसानों को अच्छा भाव मिलता है जबकि रबी सीजन में ज्यादा उत्पादन होने के कारण हार्वेस्टिंग सीजन में भाव काफी नीेचे आ जाता है।

कारोबारियों ने बताया कि इस समय देश की राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत की मंडियों में कोल्ड स्टोरेज के आलू के साथ-साथ ताजा पहाड़ी आलू की आवक हो रही है। पहाड़ी आलू उंचे भाव पर बिक रहे हैं जबकि कोल्ड स्टोरेज से आने वाला आलू अपेक्षाकृत कम भाव पर बिकता है।

राजनीति

मणिपुर : नागा विधायकों ने अमित शाह से कुकी-जो नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

Published

on

मणिपुर के 9 नागा विधायकों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि वे राज्य में हाल की घटनाओं और छह नागा नागरिकों की कथित हत्या और उनके शवों को क्षत-विक्षत करने के मामले में कुकी-जो नेताओं के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे एक पत्र में नागा विधायकों ने केंद्र से उन कुकी-जो नेताओं की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से छह नागा नागरिकों की हत्या और उनके शवों को क्षत-विक्षत करने की जिम्मेदारी ली थी।

विधायकों ने डिप्टी सीएम नेमचा किपजेन और उनके पति केएनएफ-पी के थांगबोई किपजेन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की और कुकी उग्रवादी समूह और हाल की घटनाओं के बीच संबंध होने का आरोप लगाया। ये आरोप पत्र में लगाए गए थे और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। विधायकों ने कुकी उग्रवादी समूहों के साथ ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स’ (एसओओ) समझौते को तुरंत रद्द करने की भी मांग की, जिसका कारण उन्होंने बार-बार उल्लंघन और नागरिकों पर हमले बताए।

पत्र में 27 अगस्त को इंफाल-तामेंगलोंग रोड पर हुए हमले का भी जिक्र किया गया, जिसमें चार नागा लोग मारे गए थे, साथ ही एनएच-202 पर टीएम कासोम में हुई पिछली घटनाओं और लंगका गांव पर कथित हमले और आगजनी का भी जिक्र किया गया, जिसमें दो किसान मारे गए थे। विधायकों ने चेतावनी दी कि अगर मांगी गई कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके लिए मणिपुर सरकार का समर्थन जारी रखना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी यह अपील राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के व्यापक हित में की गई है।

अमित शाह को लिखे पत्र में हस्ताक्षर करने वालों में डिप्टी सीएम लोसी डिखो, नागा विधायक मंच के संयोजक अवांगबो न्यूमाई, सचिव जे. कुमो शा, एचएसी अध्यक्ष डिंगांगलुंग गंगमेई और विधायक खासिम वाशुम, लेशियो कीशिंग, जांगहेमलुंग पानमेई, राम मुइवाह और एस.एस. ओलिष शामिल हैं।

Continue Reading

राजनीति

ब्लड शुगर की बदलती रीडिंग पर मनोज जरांगे ने उठाए सवाल, बोले- ‘66 की 72 और फिर 80 कैसे हुई?’

Published

on

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे के आमरण अनशन का मंगलवार को चौथा दिन है। लगातार अनशन के बीच उनकी सेहत की नियमित मेडिकल जांच की जा रही है। इसी दौरान ब्लड शुगर लेवल की अलग-अलग रीडिंग सामने आने के बाद जरांगे ने सवाल खड़े करते हुए इसकी जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि उन्हें डॉक्टरों पर कोई सीधा संदेह नहीं है लेकिन ब्लड शुगर लेवल में हो रहे बदलाव की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होनी चाहिए।

मनोज जरांगे के मुताबिक, अनशन शुरू होने से पहले उनकी ब्लड शुगर लेवल 94 थी। इसके बाद दूसरे दिन यह घटकर 66 तक पहुंच गई। हालांकि, इसके बाद जांच में ब्लड शुगर 72 और फिर 80 दर्ज की गई। शुगर लेवल के इस तरह कम होने के बाद दोबारा बढ़ने पर जरांगे ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा कैसे हुआ।

जरांगे ने कहा कि अगर ब्लड शुगर 66 तक गिर गई थी तो बाद में यह 72 और फिर 80 तक कैसे पहुंच गई? उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर मेडिकल टीम से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी तरह की शंका या भ्रम नहीं रहना चाहिए और जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए।

मनोज जरांगे ने मेडिकल जांच के लिए उपलब्ध आधुनिक मशीनें आंदोलन स्थल पर ही लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर किसी को उनकी सेहत या ब्लड शुगर की रीडिंग को लेकर कोई संदेह है तो इसी मंडप में आधुनिक मशीनों के जरिए उनकी जांच की जाए।

ब्लड शुगर लेवल में बदलाव को लेकर सवाल उठाते हुए जरांगे ने यह भी पूछा कि कहीं इसके पीछे सरकार का कोई षडयंत्र तो नहीं है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें डॉक्टरों पर सीधे तौर पर संदेह नहीं है। उनका कहना था कि परिस्थितियों को देखते हुए हर पहलू साफ होना जरूरी है।

उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि यदि उन्हें भी किसी तरह का संदेह है तो तत्काल आधुनिक मशीनें लाकर जांच की जाए और पूरे मामले का ‘सोक्षमोक्ष’ किया जाए। जरांगे ने कहा कि उनका आंदोलन मराठा समाज की मांगों को लेकर जारी है और वह अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

मनोज जरांगे की शंका के बाद उनकी मेडिकल जांच कर रहे डॉक्टरों ने ब्लड शुगर की बदलती रीडिंग पर स्पष्टीकरण दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अलग-अलग समय पर ब्लड शुगर की जांच करने पर रीडिंग में कुछ अंतर आना एक सामान्य प्रक्रिया है। थोड़े अंतराल में शुगर लेवल का ऊपर-नीचे होना अपने आप में किसी असामान्य स्थिति का संकेत नहीं माना जा सकता।

डॉक्टरों ने जरांगे के साथ इस मुद्दे पर चर्चा भी की और उनकी शंकाओं का समाधान किया। मेडिकल टीम ने स्पष्ट किया कि 66 से 72 और फिर 80 तक ब्लड शुगर लेवल में बदलाव होना जांच के समय और शरीर की स्थिति के अनुसार हो सकता है।

Continue Reading

राजनीति

राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर के खिलाफ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, भूपेंद्र हुड्डा बोले- हम ऐसी चीजों से नहीं डरते

Published

on

उत्तराखंड में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर कांग्रेस ने चंडीगढ़ में हरियाणा कांग्रेस कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद कर्मवीर बौद्ध, विधायक गीता भुक्कल और कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इन सभी नेताओं से बातचीत में भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

हरियाणा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, “हम ऐसी चीजों से डरते नहीं हैं। न तो राहुल गांधी और न ही हम डरते हैं। राहुल गांधी ने मांग की थी कि हल्द्वानी में हुई घटना पर एफआईआर दर्ज की जाए, जहां हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने एक जनसभा की थी और कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुद्धिकरण की रस्म निभाई थी। यह एक जायज मांग थी, क्योंकि संविधान का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। लेकिन इसके बजाय, उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी।”

कांग्रेस सांसद करमवीर सिंह बौद्ध से बातचीत में कहा, “देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं। आज जब कोई वरिष्ठ नेता गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों, आदिवासियों और महिलाओं की आवाज उठाने के लिए आगे आता है और सदियों से उनके साथ हो रहे अत्याचार, भेदभाव और छुआछूत को उजागर करता है, तो आप रामलीला मैदान में हमारी पार्टी के सम्मानित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हल्द्वानी में एक कार्यक्रम के दो दिन बाद ‘शुद्धिकरण’ का अनुष्ठान करते हैं। जब कोई वरिष्ठ नेता दलितों के अपमान का मुद्दा उठाता है, तो आप एफआईआर दर्ज करके उन्हें रोकना चाहते हैं। यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।”

पंजाब कांग्रेस एससी विभाग के इंचार्ज सुधीर चौधरी ने कहा, “ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी और राजिंदर पाल गौतम के नेतृत्व वाले ऑल इंडिया एससी विभाग के निर्देशानुसार, हम पंजाब के राज्यपाल को अपना संदेश सौंपेंगे। हम विरोध प्रदर्शन करेंगे और यह तब तक जारी रहेगा जब तक दोषियों को सजा नहीं मिल जाती। हम दलितों के प्रति नफरत देख रहे हैं। हमारे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़ी ‘शुद्धिकरण’ की घटना हो या दलित अधिकारों के लिए आवाज उठाने पर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी इन दोनों मामलों में रोजाना विरोध प्रदर्शन करेगी।”

कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा, “भारत अभी बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। जिस तरह से आवाज उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा है, वह चिंताजनक है। अगर छात्र पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बैठते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है। अगर बच्चे आवाज़ उठाते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है। हमारे अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड के हल्द्वानी में सभा को संबोधित करने के बाद उस स्थल का भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुद्धिकरण किया। हमारे नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी हरकत करने वालों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। यह हैरान करने वाली बात है कि जब हमारे नेता आवाज उठाते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।”

पंजाब कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार वेरका ने कहा, “मुझे लगता है कि वे कांग्रेस को डराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस डरती नहीं है। देश के संविधान को खत्म करना और मनुस्मृति को वापस लाना उनका एजेंडा है। ऐसा नहीं होने वाला है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

बेंगलुरु में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, “उन्होंने जो एफआईआर दर्ज की है, वह पूरी तरह से राजनीतिक है। वह युवा पीढ़ी और देश के लिए लड़ रहे हैं। यह उनका कर्तव्य और अधिकार है। यह न केवल उनका जन्मसिद्ध अधिकार है बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार भी है। वह जिस चीज़ के लिए लड़ रहे हैं, हम सब उनके साथ खड़े हैं।”

लखनऊ में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी पार्टी है जो संविधान या कानून में विश्वास नहीं करती है। यह जातिवाद, छुआछूत और मनुस्मृति का समर्थन करती है। एक तरफ, खड़गे ने कहा कि हल्द्वानी में जिस तरह से जगह को शुद्ध किया गया, वह छुआछूत और जातिवाद की पराकाष्ठा थी। जब खड़गे ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया, तो जेपी नड्डा ने कहा कि वे ऐसी किसी भी हरकत की निंदा करते हैं।”

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

विऔपनिवेशीकरण का मतलब व्यापक अभिलेखागार, अधिक भाषाएं और कठिन सवाल होना चाहिए: वित्त मंत्री सीतारमण

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

बीजेपी सांसद राघव चड्ढा उज्बेकिस्तान की सिनेट स्पीकर से मिले, ब्रिक्स संसदीय फोरम का दिया न्योता

अंतरराष्ट्रीय समाचार6 hours ago

रूस की वॉर विक्ट्री प्रतिमा से आहत जापान, मास्को से इसे हटाने का किया अनुरोध

राष्ट्रीय समाचार6 hours ago

एनआईए ने गाजियाबाद जासूसी मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट की दाखिल

अंतरराष्ट्रीय समाचार6 hours ago

भारत-रूस ने न्यायिक सहयोग और वैश्विक मंचों पर समन्वय बढ़ाने पर जताई सहमति

मनोरंजन6 hours ago

बिग बॉस सीजन 20 : काउबॉय लुक में नजर आए सलमान खान, पैपराजी को लगाई फटकार

राजनीति7 hours ago

आरएसएस की ओर से बंगाल में 1000 स्कूल खोले जाने के ऐलान पर संजय राउत ने उठाए सवाल

अंतरराष्ट्रीय समाचार10 hours ago

उत्तर कोरिया इस महीने यूएन जनरल असेंबली में उप मंत्री भेज सकता है

व्यापार10 hours ago

पंजाब में ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन का होगा आगाज, सीएम भगवंत मान करेंगे उद्धाटन

व्यापार10 hours ago

सोना इस हफ्ते चार हजार रुपए और चांदी आठ हजार रुपए से अधिक सस्ती हुई

व्यापार4 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

महाराष्ट्र3 days ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 week ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

महाराष्ट्र4 weeks ago

महाराष्ट्र: टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस प्रशिक्षण संस्थान का संचालक गिरफ्तार, भिवंडी कोर्ट में किया जा सकता है पेश

राजनीति4 weeks ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

सरकारी योजनाओं के दम पर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार मजबूत, 10.88 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ रहा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

अपराध1 day ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राजनीति2 weeks ago

तमिलनाडु: दो दिन अवकाश के बाद फिर शुरू होगी विधानसभा की कार्यवाही, छह विभागों के अनुदान पर होगी चर्चा

खेल1 day ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

खेल2 weeks ago

दूसरा टेस्ट: बल्लेबाजी के दौरान पंत की कलाई पर लगी चोट, छोड़ना पड़ा मैदान

रुझान