राजनीति
पीएम मोदी, जेपी नड्डा, अमित शाह और राजनाथ ने दी ‘भाई दूज’ की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों को भाईयों के प्रति बहनों की श्रद्धा और विश्वास के पर्व ‘भाई दूज’ की शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाई दूज पर्व की शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया, “सभी देशवासियों को भाई दूज की ढेरों शुभकामनाएं।”
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सभी देशवासियों को भाई बहन के अटूट पर्व की शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया, “सभी देशवासियों को भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक पर्व भाई दूज की हार्दिक शुभकामनाएं।”
जेपी नड्डा ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए आगे अपने ट्वीट में लिखा, “ईश्वर से प्रार्थना है कि परस्पर सौहाद्र्र के इस पर्व पर आपसी भाईचारा और स्नेह बढ़े और सभी का जीवन आनंद, उल्लास तथा उत्तम स्वास्थ्य से परिपूर्ण हो।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाई दूज के पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया, “समस्त देशवासियों को भाई दूज के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।”
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भाई-बहन के पवित्र संबंधों की मजबूती और स्नेह के प्रतीक इस पावन पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया, “भाई-बहन के पवित्र संबंध की मजबूती और उनके बीच स्नेह के प्रतीक ‘भाई दूज’ पर्व की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।”
शनिवार, 6 नवंबर को देश भर में भाईयों के प्रति बहनों की श्रद्धा और विश्वास एवं भाई-बहन के पवित्र संबंधों की मजबूती और स्नेह के प्रतीक ‘भाई दूज’ के पावन पर्व को उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
कर्नाटक में नंदिनी दूध 8 रुपए प्रति लीटर महंगा, सरकार ने कहा- डेयरी किसानों की आय बढ़ाने के लिए लिया फैसला

कर्नाटक में रविवार से नंदिनी दूध की कीमतों में 8 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू हो गई है। इसके साथ ही दही की कीमत भी 54 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 68 रुपए प्रति किलोग्राम कर दी गई है। कीमतों में इस वृद्धि के बाद उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी गई, जबकि बेंगलुरु मिल्क यूनियन लिमिटेड (बीएएमयूएल) और राज्य सरकार ने इस फैसले को डेयरी किसानों के हित में जरूरी कदम बताया है।
बीएएमयूएल के अध्यक्ष डी.के. सुरेश ने, जो मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के छोटे भाई भी हैं, मूल्य वृद्धि का बचाव करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की आजीविका को मजबूत करना और डेयरी क्षेत्र को टिकाऊ बनाए रखना है।
उन्होंने कहा, “यदि किसान बचेंगे तो हम सभी बचेंगे। नंदिनी दूध आपके लिए महंगा जरूर होगा, लेकिन किसानों के लिए यह अच्छी खबर है। मैं कीमत बढ़ाने के लिए क्षमा चाहता हूं, लेकिन किसानों का जीवित रहना भी जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि शहरों में रहने वाले अनेक लोग भी ऐसे परिवारों से आते हैं जिनका संबंध पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने लोगों से नंदिनी ब्रांड के दूध, घी और पनीर जैसे उत्पादों का उपयोग जारी रखने की अपील भी की।
राज्य सरकार का कहना है कि 8 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि का उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों को बेहतर भुगतान सुनिश्चित करना है। हालांकि दूध के साथ-साथ दही की कीमतों में 14 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शनिवार को इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम किसानों और गायों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सूखे जैसी परिस्थितियों के कारण दूध उत्पादन प्रभावित हो रहा है और पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराना पहले से अधिक महंगा हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की ओर से दूध के दाम 12 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ाने की मांग की जा रही थी, जबकि पड़ोसी राज्यों में दूध की कीमतें पहले से अधिक हैं। उन्होंने कहा, “यदि किसानों की आय पर्याप्त नहीं होगी तो वे पशुओं के चारे पर खर्च कम करने को मजबूर होंगे, जिसका सीधा असर दुग्ध उत्पादन और पशुओं के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने इस निर्णय पर लंबे समय तक विचार करने के बाद ही इसे मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि सूखे के कारण घटते दूध उत्पादन, किसानों की मांग और पशुधन की सुरक्षा जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है।
दही की कीमतों को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सीधे तौर पर दही की कीमतों को नियंत्रित नहीं कर सकती। उन्होंने बताया कि दूध और उससे बने उत्पादों की कीमतों पर वसा (फैट) की मात्रा जैसे कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।
कर्नाटक सरकार और कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (केएमएफ) का मानना है कि यह बढ़ोतरी डेयरी किसानों को राहत देगी, जबकि उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि इससे महंगाई का अतिरिक्त बोझ आम लोगों पर पड़ेगा। ऐसे में दूध और डेयरी उत्पादों की कीमतों को लेकर राज्य में बहस तेज हो गई है।
राजनीति
‘चलो दिल्ली’ मार्च कांग्रेस के राजनीतिक पतन के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा: जेपी नड्डा

केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक पर लोकतंत्र के नाम पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनकी रैली का उद्देश्य चुनी हुई सरकार को अस्थिर करना, त्योहारों के मौसम में दिल्ली के व्यापारियों को नुकसान पहुंचाना और 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों का अपमान करना है। नड्डा ने दावा किया कि यह रैली “कांग्रेस के राजनीतिक पतन के ताबूत में आखिरी कील” साबित होगी।
इंडी गठबंधन की महारैली पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “आज रामलीला मैदान में जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र के प्रति सम्मान नहीं है, बल्कि, यह लोकतंत्र के नाम पर देश को अराजकता में धकेलने की एक सोची-समझी साजिश है। यह उन लोगों द्वारा रचा गया एक मूर्खतापूर्ण नाटक है, जिन्हें जनता ने बार-बार हराया और नकारा है।”
उन्होंने कहा कि जनता इस बात को बहुत अच्छी तरह समझती है। राहुल गांधी, मैं आज देश को बताना चाहता हूं कि आपकी राजनीति का मॉडल क्या है? पहला चरण है झूठ और अफवाहें फैलाना, दूसरा सड़कों पर अराजकता और अफरा-तफरी पैदा करना और तीसरा देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना और चौथा है विदेशी ताकतों के इशारे पर एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करना है।
जेपी नड्डा ने आगे कहा, ” 1 नवंबर को राहुल गांधी द्वारा रचे गए इस नाटक के चार उद्देश्य हैं। पहला, हमारे सिख भाइयों के जख्मों पर नमक छिड़कना, दूसरा दिल्ली में दंगे और अफरा-तफरी फैलाकर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को गिराना, तीसरा त्योहारों के मौसम में दिल्ली के दुकानदारों और व्यापारियों की कमाई पर डाका डालना और चौथा देश को बदनाम करना है।”
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा, “यह भारत है, कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है कि जब चाहें तब आगजनी, दंगा और रिजीम चेंज का ऐजेंडा चला दें। राहुल गांधी यह सपना देखना बंद कर दीजिए। भारत सबसे पुराना और दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंत्र है। 1 नवंबर का दिन भारत के इतिहास का सबसे बदनुमा और सबसे काला धब्बा है। आज के ही दिन कांग्रेस के गुंडे बेगुनाह सिख भाइयों का कत्लेआम किया था। हजारों लाखों सिख परिवार रातों-रात बेघर हो गए थे। हजारों बहनें विधवा हो गईं थीं, देश इसे भूला नहीं है। आज भी दिल्ली की विधवा कॉलोनी, कांग्रेस के उस भयावह और खूनी इतिहास की गवाही दे रही है। गांधी परिवार ने आज तक उस महापाप के लिए दिल से माफी तक नहीं मागी। आज फिर 1 नवंबर के दिन ही राहुल गांधी ने सिखों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।”
उन्होंने कहा, “कांग्रेस की संवेदनहीनता और राहुल गांधी की ओछी मानसिकता को देखिए। इस काले दिन पर जब पूरे देश को शहीदों और पीड़ितों को याद करना चाहिए, राहुल गांधी रामलीला मैदान में खड़े होकर केवल अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाने में लगे हैं।”
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, राहुल गांधी और कांग्रेस का मकसद दिल्ली को “ठप करना, छोटे दुकानदारों और व्यापारियों की रोजी-रोटी को खतरे में डालना और त्योहारों के इस मौसम में देश में अशांति और दंगे जैसा माहौल पैदा करना है।”
उन्होंने कहा, “अभी त्योहारों का मौसम है, धनतेरस, दिवाली और छठ पूजा आने वाली है। हमारे छोटे व्यापारी, रेहड़ी-पटरी वाले और दुकानदार पूरे साल इस समय का इंतजार करते हैं, ताकि वे इतनी कमाई कर सकें कि अपने बच्चों के लिए कपड़े खरीद सकें और घर का खर्च चला सकें। हालांकि राहुल गांधी को इस बात की कोई परवाह नहीं है कि इन व्यापारियों के घरों का चूल्हा जल पाएगा या नहीं; उन्हें तो बस अपनी राजनीति की आग भड़काने में दिलचस्पी है।”
नड्डा ने बताया कि ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (सीटीआई) ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को अलग-अलग पत्र लिखकर आग्रह किया था कि वे त्योहारों के मौसम में दिल्ली में इतने बड़े स्तर पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित न करें। पहले हुए विरोध-प्रदर्शनों की वजह से दिल्ली के व्यापारियों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इसके अलावा, यह अनुमान है कि मौजूदा राजनीतिक तमाशे के कारण हमारे दुकानदारों को 10,000 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा का नुकसान हो सकता है।”
उन्होंने बताया कि चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, करोल बाग और पूरे सेंट्रल दिल्ली जैसे दिल्ली के प्रमुख बाजारों में बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी काम करते हैं।
नड्डा ने सवाल किया, “राहुल गांधी, मैं आज ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी सहयोगियों से पूछना चाहता हूं, क्या आप भी हमारे सिख भाइयों के जख्मों पर नमक छिड़कने के कांग्रेस पार्टी के पाप में शामिल हैं? क्या आप भी दिल्ली के व्यापारियों को बर्बाद करने के पाप में भागीदार हैं? क्या आप इस हद तक पहुंच गए हैं कि भाजपा से नफरत करते-करते अब आप इस देश के लोगों से भी नफरत करने लगे हैं?”
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और उन दौरों के दौरान देश के खिलाफ की गई “अपमानजनक” टिप्पणियों पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने पूछा, “क्या यही आपका एजेंडा है? क्या आपका मकसद देश का विकास करना नहीं, बल्कि पूरे देश में तबाही फैलाना है?”
उन्होंने आगे कहा, “मैं राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को साफ तौर पर बता देना चाहता हूं कि भारत की जनता अब आपके धोखे में नहीं आने वाली। आपकी अराजकता फैलाने वाली ‘टूलकिट’ अब बेनकाब हो चुकी है।”
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी, ध्यान से सुनिए, आप 1 नवंबर के काले इतिहास को छिपा नहीं सकते। दिल्ली के व्यापारियों के आंसुओं के लिए आपको जवाबदेह ठहराया जाएगा, आप इससे बच नहीं सकते। भारत एक मजबूत लोकतंत्र है। यहां आपकी दंगा-भड़काने वाली राजनीति नहीं चलेगी, बल्कि देश संविधान और जनता के जनादेश से चलेगी। आपकी यह रैली कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक पतन के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।”
राष्ट्रीय समाचार
महाराष्ट्र: रत्नागिरी में मुंबई-गोवा हाईवे पर ट्रक ने पुलिस की गाड़ी को मारी टक्कर, एएसआई की मौत

महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में लोहे की रॉड ले जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने हथखंबा हाईवे ट्रैफिक पुलिस यूनिट की एक गाड़ी को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक पुलिस ऑफिसर और ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
यह घटना शनिवार रात 11 बजे रत्नागिरी जिले में मुंबई-गोवा नेशनल हाईवे पर अंजनारी ब्रिज के पास हुई और इसमें एक पुलिस ऑफिसर और एक ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य पुलिसवाले घायल हो गए। मिली जानकारी के मुताबिक, हथखंबा ट्रैफिक पुलिस यूनिट की सरकारी गाड़ी अंजनारी ब्रिज के नीचे नदी में एक गाड़ी के गिरने की सूचना मिलने के बाद मौके पर जा रही थी। तभी लोहे की रॉड ले जा रहे एक कंटेनर ट्रक ने पुलिस गाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि पुलिस गाड़ी नदी की ओर एक खड़ी चट्टान से टकराकर लगभग 80 से 100 फीट नीचे गिर गई। अधिकारियों ने बताया कि कंटेनर ट्रक भी सड़क से उतरकर एक खाई में पलट गया। इस हादसे में असिस्टेंट पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) संतोष अप्पासाहेब गायकवाड़ (51) और कंटेनर ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसवाले गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों का पहले पाली रूरल हॉस्पिटल में प्राइमरी इलाज किया गया और बाद में उन्हें रत्नागिरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट हॉस्पिटल में ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि इलाज के दौरान एएसआई संतोष गायकवाड़ की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान कंटेनर ट्रक ड्राइवर की भी मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि गंभीर रूप से घायल कांस्टेबल अनिल अशोक शिंगड़े को एडवांस मेडिकल केयर के लिए सांगली शिफ्ट किया जा रहा है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर अंजनारी ब्रिज के पास सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, जो अपने तीखे मोड़ और खड़ी ढलानों के लिए जाना जाता है। मुंबई-गोवा नेशनल हाईवे के एक्सीडेंट-प्रोन सेक्शन पर स्पीड कंट्रोल के कड़े उपायों और बेहतर सेफ्टी इंतजाम की मांग फिर से उठी है।
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