राजनीति
पीएम मोदी ने गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे के हरियाणा खंड का किया उद्घाटन।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुरुग्राम में ऐतिहासिक द्वारका एक्सप्रेसवे के हरियाणा खंड का उद्घाटन किया।
लगभग 9,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे एक्सप्रेसवे का 18.9 किमी हिस्सा गुरुग्राम में है, जबकि 10.1 किमी दिल्ली में है। इनमें से 23 किमी एलिवेटेड है और लगभग 4 किमी लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है।
फ्लाईओवर के साथ-साथ दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे को महिपालपुर में द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक अंडरपास भी बनाया जा रहा है।
एक्सप्रेसवे का 18.9 किमी का गुरुग्राम खंड पिछले साल पूरा हो गया था, जबकि दिल्ली के भीतर शेष 10 किमी का काम कुछ महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।
एलिवेटेड आठ-लेन एक्सेस-नियंत्रित एक्सप्रेसवे देश में अपनी तरह का पहला एक्सप्रेसवे है। इसमें 9 किमी की दूरी पर एकल स्तंभों के सहारे एक अनूठी 34 मीटर चौड़ी एलिवेटेड सड़क शामिल है।
द्वारका एक्सप्रेसवे, देश का पहला एलिवेटेड शहरी एक्सप्रेसवे है।
एक्सप्रेसवे से दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा के समय को कम करने और नव-विकसित क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने का अनुमान है।
एक्सप्रेसवे दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर शिव मूर्ति से शुरू होता है और दिल्ली में द्वारका सेक्टर 21, गुरुग्राम सीमा और बसई से होते हुए दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास समाप्त होता है।
एक्सप्रेसवे पटौदी रोड, हरसरू, फर्रुखनगर और सेक्टर 88 (बी) जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगा। इससे गुरुग्राम निवासियों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
एक्सप्रेसवे गुरुग्राम के सेक्टर 83, 84, 88, 99 और 113 को द्वारका सेक्टर 21 और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से भी जोड़ेगा। इसमें पूरी तरह से स्वचालित टोलिंग प्रणाली की सुविधा होगी।
यह परियोजना एक बुद्धिमान परिवहन प्रणाली (आईटीएस), एक टोल प्रबंधन प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे और निगरानी तंत्र से भी सुसज्जित होगी।
द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण विभिन्न खंडों को कवर करते हुए चार चरणों में किया जा रहा है। इसमें महिपालपुर में शिव मूर्ति से बिजवासन (5.9 किमी) तक, बिजवासन रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) से गुरुग्राम में दिल्ली-हरियाणा सीमा तक (4.2 किमी), दिल्ली-हरियाणा सीमा से हरियाणा में बसई आरओबी (10.2 किमी) तक, और बसई से खेड़की दौला क्लोवरलीफ़ इंटरचेंज (8.7 किमी) तक शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ब्रिक्स संसदीय मंच से वैश्विक व्यवस्था को दिशा देने में संसद की भूमिका पर जोर, ओम बिरला ने बताई अहमियत

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच से संसद की जिम्मेदारी और उसकी अहमियत पर बात की। संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि इस वर्ष ब्रिक्स संसदीय मंच की स्थापना के 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं। संगठन का तेजी से विस्तार हो रहा है और इसके साथ ही वैश्विक घटनाक्रमों को प्रभावित करने की इसकी क्षमता भी बढ़ रही है।
ओम बिरला ने सदस्य देशों का स्वागत करते हुए कहा, “भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स को समाधानों का इको सिस्टम मानने की आवश्यकता पर बल दिया है। हमारी सफलता सिर्फ चर्चाओं पर नहीं बल्कि उसके परिणामों पर मापी जाएगी। हमें साझा एजेंडे को तैयार करने का संकल्प लेना चाहिए, हमारी राष्ट्रीय परिस्थितियां और दृष्टिकोण भिन्न हो सकते हैं लेकिन आक्षांए समान है। जो शांति, सुरक्षा, परस्पर सम्मान, समान अवसर और अपने नागरिकों के लिए बेहतर जीवन है।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे विश्वास है कि ब्रिक्स संसदीय मंच हमारी साझेदारी को सुदृढ़ करेगा। अधिक समावेशी और शांतिपूर्ण और सतत विश्व के निर्माण में सार्थक योगदान देगा।”
बिरला ने आगे कहा,”दुनिया की लगभग आधी आबादी और पृथ्वी के करीब एक-तिहाई भूभाग का प्रतिनिधित्व करने वाले ब्रिक्स देशों की वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका है।”
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच भौगोलिक स्थिति, संस्कृति, भाषा और सामाजिक संरचना के स्तर पर भिन्नताएं हो सकती हैं, लेकिन साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवता के प्रति समान जिम्मेदारी उन्हें एकजुट करती है।
जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा,” ब्रिक्स देशों की सामूहिक ताकत के साथ वैश्विक जिम्मेदारियां भी जुड़ी हुई हैं। ऐसे में सदस्य देशों के बीच सहयोग, संवाद और साझा उद्देश्यों के आधार पर आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है।”
लोकसभा स्पीकर ने कहा,” हमें साथ मिलकर संसदीय सहयोग के जरिए एक ऐसी कार्ययोजना का निर्माण करना होगा जिससे सदस्य देशों के बीच विश्वास बढ़े हमारी सामरिक शक्ति से वैश्विक संस्थाओं में सुधार हो।न्यायसंगत और मानवता के प्रति हमारी संस्थाएं ज्यादा उत्तरदायी हों।”
अपनी बातों को विराम देते हुए उन्होंने आगे कहा, “मुझे विश्वास है कि इस मंच पर होने वाले विचार विमर्श आपसी विश्वास और सहयोग को नई दिशा देंगे और जन केंद्रित विकास के हमारे साझे संकल्प को सुदृढ़ करेंगे। हम मिलकर संसदीय साझेदारी का निर्माण कर पाएंगे। हमारी जनता के सपनों को शांति, समृद्धि और सतत विकास के अवसर प्रदान करेगा। हमारी जनता के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करेगा।”
राजनीति
ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बारे में जिलावार मांगी रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में इस साल के अंत तक होने वाले सात शहरी निकाय चुनावों के मद्देनजर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के नेताओं को निर्देश दिया है कि वे स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की जिलावार विस्तृत सूची तैयार करें। इस सूची में उन लोगों को शामिल किया जाना है, जो तृणमूल कांग्रेस के उस गुट के प्रति निष्ठावान बने हुए हैं, जिसका नेतृत्व ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी कर रहे हैं।
तृणमूल के ममता बनर्जी गुट के एक नेता ने कहा, “एक बार जिला-वार सूचियां मिल जाने के बाद ममता बनर्जी अपनी पार्टी के राज्य नेतृत्व के साथ एक बैठक करेंगी और शहरी निकाय चुनावों के लिए नामों को अंतिम रूप देंगी। इस बैठक में चुनावों के लिए रणनीति भी तय की जाएगी।”
उन्होंने बताया कि नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की ऐसी जिला-स्तरीय सूची तैयार करना, जो अभी भी उनके प्रति वफादार हैं, इसलिए भी जरूरी है ताकि इसे भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को सौंपा जा सके। इससे ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल और घास’ वाले चुनाव चिह्न पर उनके गुट के अधिकार को साबित किया जा सकेगा।
नेता ने कहा, “हमने इस मामले में जिला-स्तरीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से शपथ-पत्र लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। हालांकि, राज्य सरकार पुलिस के जरिए हमारे जिला-स्तरीय नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दबाव डाल रही है कि वे ऐसे शपथ-पत्रों पर हस्ताक्षर करें, जिनमें वे ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के प्रति अपनी वफादारी की पुष्टि करें।”
पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र और मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में हाल ही में हुए उपचुनावों की तरह ही तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के गुट को आगामी सात शहरी निकाय चुनावों में नए नाम “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” और नए चुनाव चिह्न “फुटबॉल खिलाड़ी” के साथ मैदान में उतरना होगा।
इसी तरह, ऋतब्रत के नेतृत्व वाले बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम से और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ना होगा।
कोलकाता नगर निगम (केएमसी) और हावड़ा नगर निगम (एचएमसी) सहित सात शहरी निकायों के लिए मतदान नवंबर के आखिरी हफ्ते में होने की संभावना है और नतीजे दिसंबर के पहले हफ्ते में घोषित किए जा सकते हैं।
हालांकि तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट कांग्रेस के साथ गठबंधन करके निकाय चुनाव लड़ना चाहता था लेकिन कांग्रेस की राज्य इकाई ने पहले ही इससे इनकार कर दिया है। दूसरी ओर, ऋतब्रत के नेतृत्व वाले गुट ने साफ कर दिया है कि वे बिना किसी गठबंधन के अकेले ही निकाय चुनाव लड़ेंगे।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
हूती ने रियाद हवाई अड्डे पर ‘सटीक’ हमले का दावा किया

हूती विद्रोहियों ने सोमवार को दावा किया कि उन्होंने एक बार फिर सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अहम सैन्य ठिकानों पर ‘सटीक’ हमला किया है।
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने एक्स पोस्ट में कहा कि हूती बलों ने हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। इसके साथ ही उन्होंने देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कच्चे तेल के पंपिंग स्टेशनों पर कई ड्रोन हमले करने का भी दावा किया।
इसके कुछ देर बाद अगली पोस्ट में उन्होंने कहा, यमनी सशस्त्र बलों ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग करते हुए दो अलग-अलग सैन्य अभियान चलाए। इन अभियानों में अदन गवर्नरेट के सलाह अल-दीन क्षेत्र और लाहिज गवर्नरेट के अल-वहात क्षेत्र में मौजूद सऊदी की सैन्य टुकड़ियों और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया। हमले बिल्कुल सटीक रहे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें भारी नुकसान हुआ। साथ ही, उनके कई वाहन और हथियारों के गोदाम नष्ट हो गए और जलकर खाक हो गए।”
यह बयान तब आया, जब कुछ घंटे पहले ही सऊदी बलों ने घोषणा की थी कि उन्होंने हूती की ओर से रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरस्पेट कर नष्ट कर दिया है। यमन में लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि इसके जवाब में उन्होंने यमन की राजधानी सना में दो मिसाइल लॉन्च साइटों पर हमला किया।
हूती ने रविवार को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ-साथ खमीस मुशैत में किंग खालिद एयरबेस और जाजान में एक नौसैनिक अड्डे पर भी हमले करने का दावा किया। हूती ने सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन पर आरोप लगाया कि उसने पिछले 24 घंटों में यमन पर कम से कम 56 हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में होदेइदाह, लाहिज, अमरान, सादा, अल-जौफ, ताइज और इब प्रांत शामिल हैं।
सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हमलों में अब तक दो भारतीय नागरिक मारे गए हैं। 10-11 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय की मौत हुई थी।
वहीं, 21 अक्टूबर को दम्माम एयरपोर्ट हमले में भी एक भारतीय की जान चली गई थी। दम्माम एयरपोर्ट हमले में दो अन्य भारतीय घायल हुए थे। इसके अलावा, शैबा ऑयल फील्ड में ड्रोन का मलबा गिरने से एक भारतीय घायल हुआ था।
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