राजनीति
उत्तर प्रदेश में पहले चरण में करीब 60 फीसदी मतदान
भारत के चुनाव आयोग के अनुसार, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान में गुरुवार को 59.87 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा, “पहले चरण में मतदान समाप्त होने तक 59.87 प्रतिशत मतदान हुआ है।”
जिन 11 जिलों में मतदान हुआ, उनमें आगरा में 60.23 प्रतिशत, अलीगढ़ में 60.49 प्रतिशत, बागपत में 61.25 प्रतिशत, बुलंदशहर में 60.57 प्रतिशत, गौतमबुद्धनगर में 54.38 प्रतिशत, गाजियाबाद में 52.43 प्रतिशत, हापुड़ में 60.53 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि मथुरा में 62.90 फीसदी, मेरठ में 60 फीसदी, मुजफ्फरनगर में 65.32 फीसदी और शामली में 66.14 फीसदी मतदान हुआ।
यूपी विधानसभा की कुल 403 सीटों में से सात चरण के चुनाव के पहले चरण की 58 सीटों पर गुरुवार को मतदान हुआ। कुल 634 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 73 महिलाएं हैं। 11 जिलों के 10,853 मतदान केंद्रों में से 26,027 मतदान केंद्रों पर 2.28 करोड़ मतदाताओं (उनमें से 1.04 महिलाएं) ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
राष्ट्रीय समाचार
भारत आएंगे अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमान, फ्रांस के राफेल भी आएंगे नजर

अमेरिका के एफ-35 और फ्रांस के राफेल जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भारतीय लड़ाकू विमानों के साथ हवाई अभियानों में हिस्सा लेंगे। ये लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ का हिस्सा बनेंगे। अभ्यास में करीब 40 देशों के शामिल होने की जानकारी है। इनमें कुछ देश अपने लड़ाकू विमानों और अन्य वायु परिसंपत्तियों के साथ हिस्सा लेंगे, जबकि अन्य देश पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल होंगे।
इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में भारत के अलावा अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, जर्मनी, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात अपने विमान और वायुसेना संसाधन लेकर भारत पहुंचेंगे। भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ इस बार बेहद व्यापक स्तर पर आयोजित होने जा रहा है। राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर यह अभ्यास 28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक होगा। यहां अमेरिका छह एफ-35 लड़ाकू विमानों और दो केसी-135 विमान लेकर शामिल होगा।
फ्रांस की ओर से सात राफेल, तीन ए400एम और दो एमआरटीटी विमान अभ्यास में हिस्सा लेंगे। ऑस्ट्रेलिया एक सी-130 विमान के साथ और बांग्लादेश एक सी-130 विमान के साथ अभ्यास में शामिल होगा। जर्मनी दो ए400एम विमान भेजेगा। श्रीलंका एक किंग एयर 350 विमान के साथ भाग लेगा। संयुक्त अरब अमीरात की ओर से छह एफ-16 और एक ग्लोबल 6000 विमान अभ्यास में शामिल होंगे।
भारतीय वायुसेना भी अपने प्रमुख लड़ाकू विमानों के साथ अभ्यास में हिस्सा लेगी। इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, एलसीए तेजस, जगुआर, मिराज और मिग-29 शामिल हैं। इस तरह भारतीय और विदेशी वायु सेनाओं के लड़ाकू विमानों को एक साथ जटिल हवाई अभियानों का अभ्यास करने का अवसर मिलेगा।
‘तरंग शक्ति-2026’ का उद्देश्य विभिन्न देशों की वायु सेनाओं के बीच परिचालन सहयोग, आपसी समन्वय और संयुक्त सामरिक प्रक्रियाओं को मजबूत करना है। अभ्यास के दौरान भाग लेने वाली वायु सेनाएं एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं और अनुभवों को समझेंगी। अलग-अलग परिस्थितियों में हवाई अभियानों के संचालन, सामरिक समन्वय और मिशन से जुड़ी क्षमताओं का अभ्यास किया जाएगा। अभ्यास में करीब 40 देशों की भागीदारी इसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करेगी। इनमें सात देश लड़ाकू विमानों और अन्य वायु परिसंपत्तियों के साथ सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे, जबकि बाकी देश पर्यवेक्षक के रूप में भाग लेंगे।
इससे विभिन्न वायु सेनाओं के बीच पेशेवर आदान-प्रदान और परिचालन अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। 10 अक्टूबर को विशिष्ट आगंतुक दिवस और मीडिया दिवस आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अभ्यास में शामिल विभिन्न देशों के वायुसेना दल और उनके विमानों की गतिविधियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक चलने वाला ‘तरंग शक्ति-2026’ भारतीय वायुसेना और मित्र देशों की वायु सेनाओं के बीच संयुक्त प्रशिक्षण और परिचालन अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच होगा। इसमें अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की भागीदारी के कारण हवाई युद्धाभ्यास और संयुक्त सामरिक प्रशिक्षण का दायरा भी काफी व्यापक रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
दक्षिण कोरिया: किम जोंग उन ने ‘वैचारिक तौर-तरीकों में बदलाव’ का किया आह्वान

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा है कि वे “समय की मांग” के मुताबिक पार्टी के प्रचार और वैचारिक अभियान को नए सिरे से तैयार करें।
योनहाप ने कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से बताया कि सोमवार को सूचना क्षेत्र के अधिकारियों के लिए पार्टी की तीसरी कार्यशाला के समापन भाषण में किम ने “वैचारिक कामकाज की सामग्री, स्वरूप, तरीकों और साधनों” को आधुनिक बनाने के लिए “सिद्धांतों से जुड़े मुद्दों” और कार्यों को रेखांकित किया।
उन्होंने “सूचना और प्रेरणा के काम में नवाचार और संस्कृति के निर्माण” का आह्वान किया और जोर दिया कि ये “समय, क्रांति और लोगों की उम्मीदों” के अनुरूप हों।
खासकर, किम ने “प्रतिक्रियावादी वैचारिक संस्कृति के प्रसार को पूरी तरह से रोकने” के लिए “आधुनिक सूचना और तकनीकी साधनों” के इस्तेमाल का आह्वान किया; इस कदम को बाहरी विचारों और प्रभावों के प्रवाह को अधिक प्रभावी ढंग से रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, चार दिन तक चली यह कार्यशाला सोमवार को संपन्न हुई। यह कार्यशाला किम के “क्रांतिकारी विचारों” और “पार्टी की क्रांतिकारी विरासतों और नेतृत्व की उपलब्धियों” पर आधारित वैचारिक शिक्षा पर केंद्रित थी।
प्रतिभागियों से आग्रह किया गया कि वे “वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के नौवें कांग्रेस के फैसलों को लागू करने के लिए जनता को प्रेरित करने हेतु सूचना और प्रचार अभियान को तेज करें” और हर क्षेत्र व इकाई के हिसाब से वैचारिक कामकाज को तैयार करें।
कार्यशाला में “वैचारिक कामकाज के नए स्वरूपों और तरीकों,” “यथार्थवादी और आकर्षक ढंग से सूचना का काम करने” के तरीकों को प्रभावी बनाने की नीति के अनुसार विजुअल एड्स (दृश्य साधनों) के इस्तेमाल” पर भी चर्चा की गई।
इस साल का सत्र 2022 में शुरू हुई ऐसी कार्यशालाओं की श्रृंखला में तीसरी कार्यशाला थी। किम ने उद्घाटन और समापन, दोनों समारोहों में हिस्सा लिया और हर बार भाषण दिया।
राजनीति
‘राहुल के शो हाउसफुल, प्रधानमंत्री के टिकट काउंटर पर सन्नाटा’ : शिवसेना (यूबीटी)

शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ में इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा गया है। संपादकीय में कहा गया है कि इंदौर में राहुल गांधी के साथ मिमिक्री में हिस्सा लेने वाले पुलकित मणि का दूसरे दिन का कॉमेडियन शो रद्द करने के लिए मजबूर किया गया।
‘सामना’ में लिखा गया है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में पीछे जा रहा है और प्रधानमंत्री सिर्फ नेताओं को जोर से गले लगाने के लिए वैश्विक आयोजन कर रहे हैं, इसका एक व्यंग्य चित्र सार्वजनिक मंच पर राहुल गांधी ने बनाया। इस पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह व्यंग्य चित्र देश का अपमान है। इस पर संपादकीय में सवाल उठाया गया है- फडणवीस यह कैसे कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री ही देश हैं?
संपादकीय में लिखा गया है कि इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में गांधी की मौजूदगी में प्रधानमंत्री की नकल की गई, इससे भाजपा वालों को तकलीफ हुई। देवेंद्र फडणवीस का मार्गदर्शन है कि ‘राहुल गांधी को स्टैंड-अप कॉमेडियन बनना चाहिए।’ लेकिन सच तो यह है कि 90 प्रतिशत भाजपा वाले राहुल गांधी से खुश हैं।
‘सामना’ में लिखा गया कि अगर राहुल गांधी ने स्टैंड-अप कॉमेडियन का पेशा अपना लिया तो प्रधानमंत्री का क्या होगा, उनके पास क्या काम बचेगा, वे और उनका अनुसरण करने वाले बेरोजगार हो जाएंगे।
संपादकीय में प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए लिखा गया है कि प्रधानमंत्री वैश्विक नेताओं से मिलने जाते हैं तो उनके गले पड़कर इतनी कसकर गले लगाते हैं कि उस विदेशी नेता का दम घुटने लगता है। हाथ मिलाते हैं तो इतनी जोर से हाथ दबाते हैं कि मेहमान के चेहरे पर दर्द साफ दिखता है।
संपादकीय में लिखा गया है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति पेशे से कॉमेडियन हैं और पीएम मोदी उन्हें मित्र मानते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने तो कॉमेडी की पराकाष्ठा ही पार कर ली है। उनकी उछल-कूद और व्यवहार देखकर हंसी से लोटपोट हो जाएं ऐसा है। राष्ट्रपति ट्रंप के हास्य के प्रधानमंत्री प्रशंसक हैं।
संपादकीय के अनुसार, संसद में प्रधानमंत्री के संबोधन की शैली कई बार गंभीर संसदीय परम्पराओं के अनुरूप प्रतीत नहीं होती। उन्होंने इसकी तुलना मिमिक्री या कॉमेडी से की, साथ ही यह कहकर भी आलोचना की कि ऐसे संबोधन में तार्किक चर्चा के बजाय नाटकीयता, विशेष शारीरिक हाव-भाव और हास-परिहास का प्रभाव अधिक दिखाई देता है। सामना में नेहरू और गांधी का जिक्र करते हुए कहा गया कि ऐसे व्यक्तित्वों का मजाक उड़ाया जाता है। संपादकीय में प्रधानमंत्री पर सार्वजनिक संदेशों और उनके व्यक्तिगत निर्णयों में विरोधाभास का भी आरोप लगाया गया। वक्तव्य में कहा गया है कि विभिन्न कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री के भावुक होने, या अत्यधिक अनौपचारिक आचरण दिखाने जैसे तौर-तरीकों को केवल दिखावा मात्र माना जा सकता है।
‘सामना’ में तंज कसते हुए लिखा गया है कि प्रधानमंत्री के ‘कॉमेडी शो’ के टिकट काउंटर की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर है, लेकिन फिलहाल इस टिकट काउंटर पर सन्नाटा है और राहुल गांधी के सभी शो हाउसफुल चल रहे हैं।
संपादकीय में यह भी कहा गया है कि जब डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब उनका भी मजाक उड़ाया था। ‘मौनीबाबा’, ‘नीतिगत पक्षाघात’ जैसे विशेषण लगाकर उनका अपमान किया गया था।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
