राजनीति
नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार अलग नहीं, एक ही हैं : राहुल गांधी
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तीसरे और अंतिम चरण के मतदान को लेकर सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में बुधवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अररिया पहुंचे और चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ताबड़तोड सियासी हमला बोला। उन्होंने दोनों को एक ही चीज बताते हुए कहा कि ये दोनों अलग नहीं है। प्रधानमंत्री जी नीतीश कुमार की तारीफ करते हैं और प्रधानमंत्री, नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाते हैं।
राहुल गांधी ने अररिया में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए लोगों से पूछा कि आपने भाजपा और जदयू को वोट दिया लेकिन उन्होंने आपको धोखा दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने आपके पेट में छूरा मारा। कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले चुनाव में आपने गठबंधन को वोट दिया, लेकिन बाद में नीतीश कुमार भाजपा के साथ मिल गए।
राहुल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को एमवीएम (मोदी वोटिंग मशीन) बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि ईवीएम हो एमवीएम हो, इस बार यहां के युवा में गुस्सा है और महागठबंधन जीतने जा रहा है।
गांधी ने वादा करते हुए कहा, यहां की सरकार ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। हमारी सरकार बनी तो बिहार में फूड प्रोसेसिंग के कारखाने लगाएंगे। जब तक मक्के के कारखाने यहां नहीं लगेंगे तब तक किसानों को अपने अनाज का सही रेट नहीं मिलेगा। पंजाब में फूड प्रोसेसिंग के कारखाने हैं इसलिए किसानों को सही रेट मिलता है।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि बिहार का अनाज यहीं बिके। कोशिश खेत के बिल्कुल पास मक्के को प्रोसेस करने की फैक्ट्री लगाएंगे।
गांधी ने कहा कि नफरत की लड़ाई प्यार से जीती जा सकती है। उन्होंने कहा, वे मुझे गाली देते हैं, अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं लेकिन मैं नरेंद्र मोदी जी से तमीज से बात करता हूं। वह जितनी नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं, मैं उतने ही प्यार से पेश आता हूं। मैं तब तक पीछे नहीं हटूंगा जब तक मोदी को हरा ना दूं।
उन्होंने कहा कि हम विचारधारा की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि उनकी सोच के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं और उन्हें हम हराएंगे।
इससे पहले गांधी ने मधेपुरा के बिहारीगंज में एक रैली को संबोधित किया और महागठबंधन के लिए वोट मांगें।
राष्ट्रीय समाचार
तमिलनाडु में 79 प्रतिशत खनिज परिवहन ट्रकों में नहीं लगा जीपीएस, सरकार ने बढ़ाई समयसीमा

तमिलनाडु में निर्माण खनिजों के परिवहन के लिए पंजीकृत पांच में से लगभग चार ट्रकों में जीपीएस ट्रैकिंग उपकरण नहीं लगे हैं, जिसके चलते खनिज आवागमन की निगरानी को कड़ा करने के उद्देश्य से मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद स्थापना की समय सीमा को एक बार फिर बढ़ा दिया गया है।
खनिज प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर पंजीकृत 1.4 लाख ट्रकों में से 30 सितंबर तक केवल 30,000 ट्रकों में ही वाहन स्थान ट्रैकिंग उपकरण लगे हुए थे। शेष 79 प्रतिशत ट्रकों को एम-रेत, पी-रेत और अन्य निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों को ढकने की आवश्यकता का पालन करना बाकी है।
भूविज्ञान एवं खनन विभाग ने परिवहन संघों द्वारा अतिरिक्त समय की मांग के बाद, समय सीमा को बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दिया है। मूल समय सीमा 31 मार्च को पहले ही बढ़ा दी गई थी जबकि सरकार ने अलग से घोषणा की थी कि जीपीएस उपकरण के बिना वाहनों को 1 सितंबर से खनिज पारगमन पास मिलना बंद हो जाएगा।
वाहन ट्रैकर्स को खनिज प्रबंधन प्रणाली से जोड़ने का उद्देश्य ट्रकों द्वारा सामग्री लोड करने के स्थान और उनकी आवाजाही को रिकॉर्ड करके खनिज परिवहन की निगरानी को मजबूत करना है। ऐसे रिकॉर्ड अधिकारियों को अनधिकृत खदानों से आने वाली आपूर्ति की पहचान करने और अवैध खनन और परिवहन उल्लंघनों की जांच करने में मदद कर सकते हैं।
इस प्रणाली के धीमी गति से लागू होने पर ट्रक मालिकों ने सरकार की इस प्रणाली को लागू करने की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं। तमिलनाडु राज्य ट्रक मालिक संघ के महासचिव जी. गणेश ने कहा कि ट्रैकिंग उपकरणों की लागत में भारी गिरावट आई है, जो 15,000 रुपये से घटकर 3,700 रुपये हो गई है।
उन्होंने कहा कि कई विक्रेता एआईएस-140 मानक को पूरा करने वाले एक लाख से अधिक उपकरण उपलब्ध करा सकते हैं और उनका तर्क था कि उपलब्धता को देखते हुए और देरी को उचित नहीं ठहराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस आवश्यकता को लागू करने में सरकार की अनिच्छा ने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के उसके संकल्प पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विभाग के अधिकारियों ने कहा कि लगभग 37 अधिकृत आपूर्तिकर्ताओं के पास अल्पावधि के भीतर शेष सभी वाहनों को सुसज्जित करने के लिए पर्याप्त स्टॉक नहीं है।
एक अधिकारी ने बताया कि यह नवीनतम विस्तार कई संगठनों के अनुरोधों के बाद किया गया है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि फर्जी क्यूआर कोड वाले फर्जी खनिज पारगमन पास बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
खनन संबंधी उल्लंघनों की शिकायतों के लिए जल्द ही एक समर्पित नंबर शुरू किया जाएगा और इसे चेन्नई स्थित विभाग के नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जाएगा।
निर्माण की मांग और अधिकृत खदान उत्पादन के बीच पर्याप्त अंतर के बीच प्रवर्तन संबंधी चुनौतियां सामने आती हैं।
तमिलनाडु में निर्माण सामग्री की औसत दैनिक आवश्यकता लगभग 5.25 लाख यूनिट है, जबकि खदानों से अनुमत उत्पादन केवल 1.2 लाख यूनिट है, जो गहन नियामकीय जांच की आवश्यकता को उजागर करता है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
रूस की लैब में प्लेग के संदिग्ध मामले पर अमेरिका सतर्क, अंदरूनी तौर पर फैलने का डर: मार्को रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्लेग का संदिग्ध मामले को चिंंता जताई। मामला रूस की एक लैब का है। पत्रकारों से बात करते हुए रुबियो ने कहा कि रूस की एक लैब के कर्मचारी में प्लेग का संदिग्ध मामला सामने आने के बाद अमेरिका हालात पर करीबी नजर रख रहा है। संक्रमण लैब के अंदर दूसरे लोगों तक भी फैल सकता है।
रुबियो ने कहा कि अमेरिका के पास इस घटना के बारे में फिलहाल उतनी ही जानकारी है, जितनी रूस के अधिकारियों ने दी है। हालांकि, किसी संक्रामक बीमारी के एक जगह से दूसरी जगह फैलने के खतरे को देखते हुए अमेरिकी अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
यूरोप दौरे पर रवाना होने से पहले जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बात करते हुए रुबियो ने कहा, “हमें वही जानकारी है जो रूस ने दी है। ऐसा लगता है कि लैब का एक कर्मचारी संक्रमित हुआ है और चिंता है कि संक्रमण कम से कम लैब के अंदर दूसरे लोगों तक फैल सकता है। इसी वजह से वहां इस तरह की क्वारंटीन की व्यवस्था भी की गई है।
रुबियो ने कहा कि रूस और अमेरिका के बीच लोगों की आवाजाही काफी कम है। इसके बावजूद अमेरिका इस मामले को गंभीरता से ले रहा है क्योंकि संक्रमण के बड़े स्तर पर फैलने की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
रुबियो ने आगे कहा, “इसलिए हम हालात पर करीबी नजर रख रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि अभी घबराने की कोई वजह है, लेकिन इस पर ध्यान देना और नजर बनाए रखना जरूरी है और हम यही कर रहे हैं।”
हालांकि रुबियो ने यह नहीं बताया कि मामला रूस की किस लैब में सामने आया है, लैब कहां स्थित है या प्लेग का कौन सा प्रकार सामने आया है। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि अमेरिकी अधिकारियों ने अपने स्तर पर संक्रमण की पुष्टि की है या नहीं।
उनकी बातों से संकेत मिला कि अमेरिका के पास मौजूद जानकारी रूस की तरफ से ही दी गई है।
रुबियो ने पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध, यमन, सऊदी अरब, ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य तैनाती और अमेरिकी सरकार की लंबे समय की राष्ट्रीय सुरक्षा योजना समेत कई दूसरे मुद्दों पर भी बात की।
रूस की ओर से यूक्रेन की राजधानी कीव में मौजूद विदेशी राजनयिकों को शहर छोड़ने की सलाह दिए जाने के सवाल पर रुबियो ने कहा कि मॉस्को पिछले कई महीनों से ऐसी चेतावनियां देता रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का दूतावास कीव में काम कर रहा है और वहां के सुरक्षा हालात को लेकर अमेरिका खुद अपना आकलन करेगा।
रुबियो ने कहा, “हम हर दिन दुनिया भर में अपने सभी राजनयिक मिशनों की सुरक्षा का आकलन करते हैं। अगर हमें ऐसा कोई खतरा दिखता है, जिसके चलते अपनी स्थिति में बदलाव करने की जरूरत हो, तो हम ऐसा करेंगे।” उन्होंने कहा कि अभी तक हमने वहां ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।
रुबियो से पिछले हफ्ते मिली एक धमकी के बाद ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड से अमेरिकी बमवर्षक विमानों को दूसरी जगह भेजे जाने के बारे में भी सवाल किया गया।
उन्होंने कहा कि विमानों की आवाजाही को सीधे उस धमकी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि अमेरिकी सेना अपने सैन्य संसाधनों और जवानों की तैनाती में नियमित रूप से बदलाव करती रहती है। रुबियो ने कहा कि रक्षा विभाग लगातार अपने संसाधनों को जरूरत के हिसाब से अलग-अलग जगहों पर तैनात करता रहता है।
महाराष्ट्र
‘विद्यार्थियों की मांग नहीं मानी तो पूरा महाराष्ट्र बंद करेंगे,’ मनोज जरांगे पाटिल की सरकार को चेतावनी

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर पुणे में छात्रों का एक बड़ा आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन का जमीनी नेतृत्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार कर रहे हैं। इस बीच मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरंगे पाटिल भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
मनोज जरांगे पाटिल ने कहा, “बच्चों, अगर इन लोगों ने आपकी बात नहीं सुनी तो यहां बैठे सभी नेताओं से भी कहता हूं और आपसे भी कहता हूं, आपके लिए पूरा महाराष्ट्र बंद कर देंगे। इन्हें क्या हो गया है, इन्हें घमंड हो गया है।”
उन्होंने छात्रों से कहा, “आपके साथ हुआ अन्याय जाति से परे है। अगर मैं जातिवादी होता तो यहां नहीं आता। यहां महाराष्ट्र के किसानों के बच्चे बैठे हैं और मैं किसान का बेटा बनकर आया हूं, जाति के नाम पर नहीं।”
जरांगे पाटिल ने कहा कि आरक्षण की मांग करने का मतलब यह नहीं है कि वे छात्रों को उनके हाल पर छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि मेहनतकश माता-पिता की उम्मीद है कि उनके बेटे और बेटियां भी अधिकारी बनें और सरकार को इस भावना को समझना चाहिए।
छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने को राजनीति बताने पर भी जरांगे पाटिल ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या सरकार चाहती है कि छात्रों के पीछे कोई खड़ा न हो और उन्हें कोई ताकत न मिले।
उन्होंने पूछा, “रोहित दादा राजनीतिक नेतृत्व करते हैं, इस पर किसी को संदेह है तो राज्य सरकार मुझे इसका जवाब दे। इससे पहले एमपीएससी में दो साल की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था। क्या वह राजनीतिक था? फिर यह आंदोलन राजनीतिक कैसे हुआ? आज बच्चे अनशन पर बैठे हैं। उनकी जान का क्या? उनके सवालों का क्या? आप हर बात को राजनीतिक रंग क्यों देंगे?”
पत्रकारों से बातचीत में जरांगे पाटिल ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और सीएम फडणवीस को जवाब देना चाहिए। गृहमंत्री के तौर पर उन्हें विद्यार्थियों का दिल जीतने का काम करना चाहिए।
छात्रों के बीच तीन गुटों में आंदोलन होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “न कांग्रेस आपकी है, न राष्ट्रवादी आपकी है, न भाजपा आपकी है, न शिवसेना आपकी है, न महायुति आपकी है, न महाविकास आघाड़ी आपकी है। हमारे असली हीरो हमारे माता-पिता हैं। वे मेहनत करके हमें पढ़ाते हैं।”
उन्होंने कहा कि आंदोलन तीन जगह हो या एक जगह, न्याय छात्रों को ही चाहिए। मुख्यमंत्री को सभी आंदोलनों पर तत्काल ध्यान देकर उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए और उनका विश्वास जीतना चाहिए। उन्होंने छात्रों से एकजुट रहने की अपील भी की।
सरकार के मंत्री और विधायक एक आंदोलन की ओर जा रहे हैं जबकि दूसरे आंदोलन की ओर सरकार का प्रतिनिधिमंडल नहीं आया है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को सभी जगह जाना चाहिए और छात्रों की राय सुननी चाहिए।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
