महाराष्ट्र
मुंबई: दादर में बिना इजाज़त के फेरीवालों, कंस्ट्रक्शन और कब्ज़ों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई, म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी ने दिए निर्देश
मुंबई: शहर और मेट्रोपॉलिटन इलाके में सड़कों और फुटपाथों से बिना इजाज़त फेरीवालों को हटाने का अभियान अभी असरदार तरीके से चलाया जा रहा है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, बिना किसी भेदभाव के बिना इजाज़त कंस्ट्रक्शन और कब्ज़ों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पब्लिक सड़कें और फुटपाथ लोगों के सुरक्षित और बिना रुकावट आने-जाने के लिए हैं। इसलिए, मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एडमिनिस्ट्रेशन ने उन पर कब्ज़ों की वजह से होने वाली रुकावटों को हटाने के लिए एक खास अभियान शुरू किया है। इसके तहत, कब्ज़े हटाए जा रहे हैं, सामान ज़ब्त किया जा रहा है और सज़ा देने वाली कार्रवाई की जा रही है। म्युनिसिपल कमिश्नर ने ज़ोर देकर कहा कि कब्ज़ों और बिना इजाज़त कंस्ट्रक्शन के बारे में कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन किया जाएगा और कब्ज़ों के खिलाफ कार्रवाई और सख्त की जाएगी। बिना इजाज़त फेरीवालों से मुक्त इलाकों और कब्ज़ों को हटाने का अभियान न केवल सज़ा देने वाला है, बल्कि पब्लिक ऑर्डर बनाए रखने, ट्रैफिक को आसान बनाने और पैदल चलने वालों के अधिकारों की सुरक्षा के बड़े मकसद से चलाया जा रहा है। इस अभियान के लिए मुंबईकरों का सहयोग बहुत ज़रूरी है। इसलिए, गगरानी ने लोगों से भी अपील की है कि वे इस कार्रवाई के लिए म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एडमिनिस्ट्रेशन का पूरा साथ दें। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कमिश्नर भूषण गगरानी ने आज (23 फरवरी, 2026) ‘F साउथ’, ‘F नॉर्थ’ और ‘G नॉर्थ’ डिवीज़न ऑफिस के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अलग-अलग इलाकों का सरप्राइज़ इंस्पेक्शन किया। उन्होंने खास तौर पर दादर इलाके का दौरा किया और बिना इजाज़त के फेरीवालों से आज़ादी के कैंपेन के साथ-साथ बिना इजाज़त के बने कंस्ट्रक्शन को हटाने के काम को डिटेल में देखा। इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर (ज़ोन 2) प्रशांत सपकाले, डिप्टी कमिश्नर (स्पेशल) (एडिशनल चार्ज) विनय विजपुते के साथ-साथ संबंधित डिपार्टमेंट के असिस्टेंट कमिश्नर, अधिकारी और इंजीनियर मौजूद थे।
इस इंस्पेक्शन के दौरान, म्युनिसिपल कमिश्नर गगरानी ने लोकल व्यापारियों और बिजनेसमैन के साथ-साथ आम लोगों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं और सुझावों पर ध्यान दिया। उस समय, मुंबईकरों ने कैंपेन पर खुशी जताई और बिना इजाज़त के फेरीवालों से आज़ाद सड़कों और फुटपाथों की पॉलिसी पर पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया और महसूस किया कि यह पहल व्यवस्था और आसान ट्रैफिक के लिए फायदेमंद है। मुंबई शहर की बढ़ती आबादी, ट्रैफिक जाम और फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित चलना मुश्किल हो रहा है। इसी बैकग्राउंड में, मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एडमिनिस्ट्रेशन बिना इजाज़त के फेरीवालों से मुक्त सड़कें और फुटपाथ पॉलिसी को अच्छे से लागू कर रहा है। इस पॉलिसी का मुख्य मकसद बड़ी सड़कों, पतले फुटपाथों, फ्लाईओवर के नीचे के इलाकों के साथ-साथ हॉस्पिटल, स्कूल और रेलवे स्टेशन के आस-पास के इलाकों को अतिक्रमण से मुक्त करना और लोगों के लिए खुली और सुरक्षित पब्लिक जगहें देना है। बिना इजाज़त के फेरीवालों की वजह से सड़कों और फुटपाथों पर होने वाली भीड़, ट्रैफिक जाम और हादसों को ध्यान में रखते हुए, कुछ इलाकों को ‘फेरीवालों से मुक्त इलाके’ घोषित किया गया है। इस पॉलिसी को अच्छे से लागू करने के लिए, म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी ने सभी संबंधित डिपार्टमेंट को सख्त और लगातार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। फेरीवालों से मुक्त घोषित इलाकों में गैर-कानूनी तरीके से कारोबार करने वालों के खिलाफ रोज़ाना कार्रवाई, अतिक्रमण हटाना, जुर्माना लगाना और सामान ज़ब्त करना जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई हमेशा जारी रहेगी लेकिन ज़ोनल ऑफिस, एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट ऑफिस, अतिक्रमण डिपार्टमेंट और ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर इसे रेगुलर तौर पर लागू किया जाएगा। जिन जगहों पर अक्सर अतिक्रमण होता है, वहां स्पेशल टीमें तैनात करने और लगातार नज़र रखने का आदेश दिया गया है। म्युनिसिपल कमिश्नर गगरानी ने कहा कि इस कैंपेन का मकसद फेरीवालों की रोजी-रोटी छीनना नहीं, बल्कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में पब्लिक जगहों का सही इस्तेमाल पक्का करना है। इसलिए, क्वालिफाइड और रजिस्टर्ड फेरीवालों के लिए ऑथराइज्ड ‘हॉकर्स ज़ोन’ की पहचान करने, उनका सर्वे करने और रिहैबिलिटेशन प्लान लागू करने और सिस्टमैटिक तरीके से बिजनेस के मौके देने पर जोर दिया जा रहा है। इससे एक तरफ पैदल चलने वालों के अधिकारों की रक्षा होगी, तो दूसरी तरफ फेरीवालों को भी नियमों के दायरे में रोजगार के मौके मिलेंगे। इस कैंपेन में नागरिकों का सहयोग भी अपेक्षित है। ताकि मुंबई मेट्रोपोलिस ज्यादा लोगों के लिए, सुरक्षित, व्यवस्थित और रहने लायक बन सके।
महाराष्ट्र
सीएम फडणवीस का विपक्ष पर हमला, प्रशांत भूषण की टिप्पणी के बाद कहा- ‘आखिर होठों पर आ गई मन में छुपी बात’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के विवादित ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) बयान के बाद छिपा हुआ सच आखिरकार सामने आ गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशांत भूषण का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया। आखिरकार, यह सब ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) के बारे में ही तो था।”
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने और सत्ता हथियाने के लिए विरोध प्रदर्शनों को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। फडणवीस ने अपने पोस्ट में लिखा, “आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई। सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है, फिर उसके लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाना ही क्यों ना पडे। जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पडे, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पडे।”
विपक्षी दलों और प्रशांत भूषण पर हमला जारी करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाना ही ‘इनका’ उद्देश्य है।”
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रशांत भूषण ने सीजेपी प्रतिनिधियों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुले तौर पर ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) से जुड़े उद्देश्यों पर चर्चा की।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में सुनियोजित तरीके से अराजकता फैलाने के आरोप लगाए। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं का कहना है कि इन बयानों (प्रशांत भूषण की टिप्पणी) ने विपक्ष के असली एजेंडे को उजागर कर दिया है।
तीखी आलोचना के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सफाई देने की कोशिश की। देर रात हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि उनके विरोध-प्रदर्शन का मकसद ‘सत्ता परिवर्तन’ नहीं था, बल्कि वे सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
महाराष्ट्र
विरार में महिला ने की आत्महत्या, फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, आरोपी की तलाश जारी

महाराष्ट्र के विरार में एक महिला की आत्महत्या का मामला सामने आया है। महिला ने ओलांडा स्थित एक सार्वजनिक पार्क में कीटनाशक पी लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम ने बताया कि मृतका (ननीली जोशी ) जेपी नगर की रहने वाली थी। आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में ‘पतकी’ नामक व्यक्ति पर फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के बहाने महिला से समय-समय पर पैसे लेने और बाद में निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में उल्लेख है कि महिला जनवरी से आरोपी के संपर्क में थी। आरोप है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने का भरोसा देकर उससे पैसे लिए गए। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने और इस दौरान महिला के कुछ निजी वीडियो बनाए गए। महिला को कथित तौर पर इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दोबारा पैसों की मांग की जा रही थी।
चिट्ठी में करीब एक करोड़ रुपए की रकम का उल्लेख किया गया है। हालांकि, पैसों के लेन-देन और कथित मांग की सटीक रकम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मृतका के भाई ने भी पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि महिला और आरोपी जनवरी से एक-दूसरे के संपर्क में थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग बहानों से महिला को परेशान और ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के मुताबिक, आरोपी मुंबई का रहने वाला है और मृतका का परिचित बताया जा रहा है। फिलहाल उसका मोबाइल फोन बंद है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। मृतका के भाई को भी आरोपी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण पुलिस उसके अन्य विवरण जुटाने में लगी है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 308 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया है। घटनास्थल का पंचनामा और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के अनुसार, फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और आरोपी (योगेश म्हापणकर उर्फ सौरभ पतकी) की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र : एसटी बस में बुजुर्ग यात्री से जेवर और नकदी चोरी, 4 महिला चोर गिरफ्तार

ARREST
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में एक स्टेट ट्रांसपोर्ट (एसटी) बस में यात्रा कर रही 70 वर्षीय महिला से 1.5 लाख रुपये के सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद चुराने के आरोप में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने चोरी हुए गहने और नकदी बरामद कर बुजुर्ग महिला, जिनकी पहचान चंद्रकला बोडखे के रूप में हुई है, को वापस कर दिए।
यह घटना मंगरुलपीर से अकोला जा रही एसटी बस में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों आरोपियों ने यात्रा के दौरान बुजुर्ग यात्री के उस बैग को निशाना बनाया जिसमें सोने के गहने और नकदी थी।
जब बस शेलू बाजार पहुंची, तो चारों महिलाएं उतर गईं। अन्य यात्रियों को शक हुआ, जिसके बाद बोडखे ने अपना बैग चेक किया और पाया कि उनके सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद वाला बैग गायब था। बुजुर्ग महिला ने शोर मचाया और अन्य यात्रियों से मदद मांगी।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चारों महिलाएं ऑटो-रिक्शा से उस इलाके से चली गई थीं।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदिग्धों का पीछा किया और चारों महिलाओं को पकड़ लिया। उनके पास से चोरी हुए सोने के गहने और नकदी बरामद की गई और बाद में बुजुर्ग महिला को वापस सौंप दी गई।
यह घटना भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर कीमती सामान ले जाने वाले बुजुर्ग यात्रियों के लिए सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है।
एक अलग घटना में, पुणे पुलिस ने शहर में दर्ज चोरी के नौ मामलों के सिलसिले में हरियाणा के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कई राज्यों में लगभग 4,600 किलोमीटर की यात्रा वाली जांच के बाद पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपये का कीमती सामान जब्त किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गणेशोत्सव समारोह और गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों को निशाना बनाया था। इन मामलों की जांच विश्रामबाग पुलिस ने की, जिसने संदिग्धों की पहचान हरियाणा के पलवल के रहने वालों के तौर पर की।
इस बीच, गुजरात की अरावली पुलिस ने एक अन्य मामले के सिलसिले में उन्हीं तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गुजरात पुलिस की मदद से पुणे पुलिस की एक टीम ने आरोपियों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान अजय शमशेर विनोद कुमार रूपसिंह कोली (20), अमन शमशेर अनिल कुमार नारायणसिंह कोली (24) और दीपक शमशेर राजूभाई सापसिंह (21) के तौर पर हुई।
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