महाराष्ट्र
मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी ने निर्देश दिया है कि गड्ढों और सड़कों का काम तय समय में पूरा किया जाना चाहिए।
मुंबई: गड्ढों-मुक्त मुंबई प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में सड़कों की कंक्रीटिंग का काम तेज़ी से चल रहा है। कंक्रीट की सड़कें आने-जाने में तेज़ी और आसानी दे रही हैं और लोगों का कीमती समय और ईंधन भी काफ़ी बचा रही हैं। कंक्रीटिंग के पहले चरण के तहत तय काम का 77% पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण के तहत 52% काम पूरा हो चुका है, और कुल मिलाकर 63% काम सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। आने वाले कंक्रीटिंग के कामों के दौरान सड़कों के मामले में पूरी प्लानिंग की जानी चाहिए। मुंबई नगर निगम कमिश्नर भूषण गगरानी ने साफ़ निर्देश दिए हैं कि सड़क का काम शुरू हो गया है और खोदी गई सड़क तय समय में पूरी हो जानी चाहिए।
गगरानी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कंक्रीटिंग का काम करते समय जनप्रतिनिधियों को भी जानकारी दी जाए और उन्हें पूरी जानकारी दी जाए। मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा सीमेंट कंक्रीटिंग प्रोजेक्ट लागू किया जा रहा है। शहर और उसके उपनगरों में पहले और दूसरे चरण के तहत कंक्रीटिंग का काम चल रहा है। नगर निगम कमिश्नर मभूषण गगरानी ने कामों का रिव्यू किया। उन्होंने उस समय ये निर्देश दिए। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर, डिप्टी कमिश्नर (इंफ्रास्ट्रक्चर) श्री गिरीश निकम, चीफ इंजीनियर (रोड्स) श्री मंतया स्वामी और दूसरे संबंधित इंजीनियर मौजूद थे। म्युनिसिपल कमिश्नर गगरानी ने कहा कि रोड कंक्रीटिंग प्रोजेक्ट से सड़क पर सफर सुरक्षित, आसान और तेज हो जाएगा।
कंक्रीट सड़कों पर बारिश की वजह से गड्ढे होने की घटनाएं कम होती हैं, जिससे मेंटेनेंस और रखरखाव के खर्च में काफी बचत होती है। रोड कंक्रीटिंग प्रोजेक्ट का लागू होना मुंबई के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मॉडर्न बनाने में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बन गया है। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के फ्लैगशिप रोड सीमेंट कंक्रीटिंग प्रोजेक्ट के फेज 1 और फेज 2 के तहत, 10 फरवरी, 2026 तक कुल 430.69 km कंक्रीटिंग पूरी हो चुकी है। फेज 1 के तहत तय टारगेट का 77% हासिल कर लिया गया है, जबकि फेज 2 के तहत तय टारगेट का 52% हासिल कर लिया गया है। यानी, फेज़ 1 और फेज़ 2 के तहत पूरे हुए काम का परसेंटेज 63 है। काम इस तरह से चल रहा है कि कंक्रीटिंग के काम के दौरान सड़क के मामले में डिटेल्ड प्लानिंग की वजह से लोगों को कम से कम परेशानी हो। हालांकि, इसके लिए यह बहुत ज़रूरी है कि सड़क, खोदी गई सड़क, तय समय में पूरी हो जाए। इस सेशन में, नई शुरू हुई सड़कों का काम तय समय में पूरा किया जाना चाहिए।
एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने कहा कि मुंबई में आबादी की घनी आबादी और घने शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से, इतने बड़े पैमाने पर लागू किया जा रहा यह प्रोजेक्ट बहुत मुश्किल है। हालांकि, कंक्रीटिंग प्रोग्राम को प्लान्ड तरीके से और असरदार तरीके से लागू किया जा रहा है। कंक्रीट सड़कों के काम के दौरान इंजीनियरों का काम की जगह पर मौजूद रहना ज़रूरी कर दिया गया है। काम शुरू करते समय काम की क्वालिटी पर खास ध्यान देना चाहिए, क्वालिटी वाले काम का मतलब सिर्फ सड़क की सतह अच्छी होना नहीं है, बल्कि यह भी है कि बेस लेवल से लेकर हर लेवल पर सभी कंपोनेंट (एग्रीगेट्स) और उनसे जुड़ी नमी, टेम्परेचर वगैरह का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। इस तरह से काम पूरा करने पर बहुत ज़ोर देना चाहिए।
असिस्टेंट इंजीनियर्स ने जवाब दिया कि इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के एक्सपर्ट्स की गाइडेंस की वजह से कंक्रीटिंग का काम ज़्यादा स्टैंडर्ड हो रहा है। अभी का सेशन खत्म होने में 75 दिन का टाइम है। अगर इन 75 दिनों को ध्यान से प्लान किया जाए, तो मॉनसून से पहले कंक्रीटिंग प्रोजेक्ट का एक ज़रूरी स्टेज पूरा किया जा सकता है।
महाराष्ट्र
घाटकोपर रोड चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर गिराए गए

मुंबई ; घाटकोपर (वेस्ट) में झुनझुनवाला कॉलेज और अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड के बीच सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर को गिराने का अभियान कल (7 अक्टूबर, 2026) मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ‘एन’ वार्ड (एन वार्ड) ऑफिस द्वारा चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व असिस्टेंट कमिश्नर (‘एन’ वार्ड) जयदीप मोरे ने किया। ऑपरेशन के दौरान म्युनिसिपल अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।
महाराष्ट्र
नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर बस दुर्घटनाग्रस्त; 2 यात्रियों की मौत और 6 घायल

महाराष्ट्र के नासिक जिले के पेठ तालुका में करंजाली के निकट सावलघाट क्षेत्र में नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई जबकि छह यात्री घायल हुए हैं।
जिला नियंत्रण कक्ष को दुर्घटना की सूचना 6 अक्टूबर की रात 11 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना के समन्वय के लिए दो पुलिस निरीक्षक और एक अनुविभागीय पुलिस अधिकारी तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुए। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया और घायलों को अलग-अलग एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए नाशिक लाया गया।
रात 00:30 बजे से 02:15 बजे के बीच नासिक सिविल अस्पताल में आठ लोगों को लाया गया। इनमें सात व्यक्ति जीवित थे जबकि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। इसके अलावा दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है। वर्तमान में दो घायल मरीज सिविल अस्पताल में भर्ती हैं जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें अस्पताल में भर्ती किए बिना छुट्टी दे दी गई।
हादसे में घायल प्रमिला राउत (53) को गंभीर चोट के कारण सिविल अस्पताल के ई-वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, बाल विमल जगदीश (65) के बाएं हाथ की ह्यूमरस हड्डी में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें एमओडब्ल्यू वार्ड में भर्ती किया गया है। अन्य घायलों में यश देसाई, आरती देसाई, नयन वासोने तथा स्वाति सुरेश बडाणे शामिल हैं।
दुर्घटना में राहुल ओझा और महेंद्र पाल (48) की मौत हुई है। महेंद्र पाल को सिविल अस्पताल, नासिक में मृत अवस्था में लाया गया था। मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पेठ तालुका के सावलघाट क्षेत्र में हादसे के समय बादल और कोहरे की स्थिति के कारण दृश्यता काफी कम थी। प्रशासन की प्राथमिक जांच में कम दृश्यता को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना गया है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है।
महाराष्ट्र
‘विद्यार्थियों की मांग नहीं मानी तो पूरा महाराष्ट्र बंद करेंगे,’ मनोज जरांगे पाटिल की सरकार को चेतावनी

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर पुणे में छात्रों का एक बड़ा आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन का जमीनी नेतृत्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार कर रहे हैं। इस बीच मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरंगे पाटिल भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
मनोज जरांगे पाटिल ने कहा, “बच्चों, अगर इन लोगों ने आपकी बात नहीं सुनी तो यहां बैठे सभी नेताओं से भी कहता हूं और आपसे भी कहता हूं, आपके लिए पूरा महाराष्ट्र बंद कर देंगे। इन्हें क्या हो गया है, इन्हें घमंड हो गया है।”
उन्होंने छात्रों से कहा, “आपके साथ हुआ अन्याय जाति से परे है। अगर मैं जातिवादी होता तो यहां नहीं आता। यहां महाराष्ट्र के किसानों के बच्चे बैठे हैं और मैं किसान का बेटा बनकर आया हूं, जाति के नाम पर नहीं।”
जरांगे पाटिल ने कहा कि आरक्षण की मांग करने का मतलब यह नहीं है कि वे छात्रों को उनके हाल पर छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि मेहनतकश माता-पिता की उम्मीद है कि उनके बेटे और बेटियां भी अधिकारी बनें और सरकार को इस भावना को समझना चाहिए।
छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने को राजनीति बताने पर भी जरांगे पाटिल ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या सरकार चाहती है कि छात्रों के पीछे कोई खड़ा न हो और उन्हें कोई ताकत न मिले।
उन्होंने पूछा, “रोहित दादा राजनीतिक नेतृत्व करते हैं, इस पर किसी को संदेह है तो राज्य सरकार मुझे इसका जवाब दे। इससे पहले एमपीएससी में दो साल की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था। क्या वह राजनीतिक था? फिर यह आंदोलन राजनीतिक कैसे हुआ? आज बच्चे अनशन पर बैठे हैं। उनकी जान का क्या? उनके सवालों का क्या? आप हर बात को राजनीतिक रंग क्यों देंगे?”
पत्रकारों से बातचीत में जरांगे पाटिल ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और सीएम फडणवीस को जवाब देना चाहिए। गृहमंत्री के तौर पर उन्हें विद्यार्थियों का दिल जीतने का काम करना चाहिए।
छात्रों के बीच तीन गुटों में आंदोलन होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “न कांग्रेस आपकी है, न राष्ट्रवादी आपकी है, न भाजपा आपकी है, न शिवसेना आपकी है, न महायुति आपकी है, न महाविकास आघाड़ी आपकी है। हमारे असली हीरो हमारे माता-पिता हैं। वे मेहनत करके हमें पढ़ाते हैं।”
उन्होंने कहा कि आंदोलन तीन जगह हो या एक जगह, न्याय छात्रों को ही चाहिए। मुख्यमंत्री को सभी आंदोलनों पर तत्काल ध्यान देकर उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए और उनका विश्वास जीतना चाहिए। उन्होंने छात्रों से एकजुट रहने की अपील भी की।
सरकार के मंत्री और विधायक एक आंदोलन की ओर जा रहे हैं जबकि दूसरे आंदोलन की ओर सरकार का प्रतिनिधिमंडल नहीं आया है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को सभी जगह जाना चाहिए और छात्रों की राय सुननी चाहिए।
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