अपराध
मुंबई अपराध: सेंट जेवियर्स कॉलेज की छात्राओं ने एंटास फेस्ट के दौरान अतिथि वक्ता पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया
मुंबई: मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज में यौन उत्पीड़न की घटना से निपटने को लेकर कॉलेज की कार्यप्रणाली गंभीर सवालों के घेरे में है। 10 से ज़्यादा छात्रों ने वार्षिक हिंदी विभाग उत्सव, अंतस, के दौरान एक आमंत्रित वक्ता पर अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया है। यह कथित दुर्व्यवहार 24 नवंबर को उत्सव के राष्ट्रीय सेमिनार के दौरान हुआ था, जिसके बाद छात्रों के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया और ऑनलाइन वायरल हो गया।
विवाद तब सामने आया जब कई स्वयंसेवकों ने धमकी दी कि अगर कॉलेज उनकी शिकायतों का समाधान नहीं करता है, तो वे बाकी कार्यक्रमों का बहिष्कार करेंगे। एंटास के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 25 नवंबर को ‘एक अतिथि द्वारा दुर्व्यवहार’ को स्वीकार करते हुए एक माफ़ीनामा पोस्ट किया गया।
मिड-डे की एक रिपोर्ट के अनुसार , जिसमें पीड़ितों के दोस्तों के हवाले से बताया गया है, वक्ता, जिसे कैंपस में ही अतिथि आवास आवंटित किया गया था, ने 23 नवंबर को आते ही छात्रों को परेशान करना शुरू कर दिया। कथित तौर पर उसने स्वयंसेवकों से पान मसाला माँगा, जबकि उसे बताया गया था कि ऐसे पदार्थ प्रतिबंधित हैं। जब एक पुरुष स्वयंसेवक ने उसे उसके कमरे में पहुँचाया, तो उसने वक्ता को पूरी तरह नग्न पाया।
छात्रों ने बताया कि अगली सुबह उत्पीड़न और बढ़ गया। रिपोर्ट के अनुसार, वक्ता कथित तौर पर परिसर में घूम-घूमकर बिना सहमति के छात्राओं की तस्वीरें लेता रहा, उनके फ़ोन नंबर इकट्ठा करता रहा और उनमें से एक के साथ छेड़छाड़ भी की। कॉलेज के एक पादरी ने, जिसने उससे पूछताछ की, कथित तौर पर उसके फ़ोन में छात्राओं की बिना सहमति वाली तस्वीरें देखीं और उन्हें डिलीट कर दिया।
24 नवंबर की दोपहर तक संकाय और आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) तक शिकायतें पहुँचने के बावजूद, प्रिंसिपल की अनुपस्थिति के कारण तत्काल कार्रवाई में देरी हुई। शाम तक, स्वयंसेवक अपनी ड्यूटी से हट गए और सामूहिक रूप से तब तक उत्सव जारी रखने से इनकार कर दिया जब तक कि वक्ता को हटा नहीं दिया जाता। लगभग 8 बजे, छात्रों को वक्ता को परिसर से बाहर ले जाने का निर्देश दिया गया। उल्लेखनीय रूप से, छात्रों ने बताया कि उन्हें आरोपों के बारे में कभी औपचारिक रूप से सूचित नहीं किया गया।
प्रिंसिपल डॉ. करुणा गोकर्ण ने बताया कि स्पीकर को दुर्व्यवहार करते हुए देखा गया और उन्हें उसी दिन वहाँ से चले जाने को कहा गया। उन्होंने कहा कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया और पीड़ितों से आईसीसी में शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया गया, जैसा कि मिड-डे ने रिपोर्ट किया है ।
छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने इस घटना को कमतर आंकने की कोशिश की। आयोजन समिति के सदस्यों का दावा है कि प्रिंसिपल ने उन्हें इस मामले पर सार्वजनिक रूप से चर्चा न करने की सलाह दी और संकेत दिया कि कॉलेज कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा।
हालाँकि, कई छात्र अभी भी असंतुष्ट हैं और इस प्रतिक्रिया को धीमी, न्यूनतम और कॉलेज की छवि को नुकसान पहुँचाने वाली बता रहे हैं। कई छात्र 24 नवंबर से ही कैंपस से दूर हैं और गुस्सा और निराशा व्यक्त कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एक छात्र ने कहा, “न्यूनतम प्रयास तो किया गया, लेकिन फिर भी वह पर्याप्त नहीं था।”
एक अन्य छात्रा, जिसकी तस्वीर कथित तौर पर बिना सहमति के ली गई थी, ने कहा कि उसे तभी राहत मिली जब एक पादरी ने हस्तक्षेप किया। कुछ छात्राओं का मानना है कि प्रिंसिपल ने आखिरकार नेकनीयती से काम लिया, जबकि कुछ अन्य सवाल उठा रहे हैं कि आरोपी को घंटों कैंपस में घूमने की अनुमति क्यों दी गई।
अपराध
पंजाब : अमृतसर में 10 किलो हेरोइन और 10 अवैध पिस्तौल के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले दो नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इसके साथ ही 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 10 किलो हेरोइन व 10 अवैध पिस्तौलें बरामद की हैं। यह जानकारी पंजाब पुलिस के महानिदेशक के सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर शुक्रवार को दो गई।
डीजीपी के मुताबिक, शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर विदेश में बैठे तस्करों से जुड़े हैं और अवैध हथियार व नशीले पदार्थ हासिल करने में शामिल हैं। अमृतसर के थाना घरिंडा में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पूरे नेटवर्क का पता लगाने और इसके पीछे और आगे के कनेक्शन का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
पंजाब पुलिस लगातार इस तरह के गिरोहों पर कार्रवाई कर रही है। सीमा से सटे जिलों में पुलिस हथियारों और ड्रग्स के साथ आरोपी लगातार पकड़े जा रहे हैं।
डीजीपी ने गुरुवार को एक्स पोस्ट के जरिए बताया था, “गुरदासपुर पुलिस ने हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से सात पिस्तौल (जिनमें एक ग्लॉक और छह .30 कैलिबर की पिस्तौलें शामिल हैं) और आठ मैगजीन बरामद की हैं।”
डीजीपी ने बताया, “शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों के दुबई में मौजूद एक व्यक्ति से ‘बैकवर्ड लिंकेज’ (पीछे के संपर्क) और अमेरिका में मौजूद एक व्यक्ति से ‘फॉरवर्ड लिंकेज’ (आगे के संपर्क) थे। माना जा रहा है कि इन्हीं लोगों ने उन्हें अवैध हथियार इकट्ठा करने के निर्देश दिए थे। कलानौर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है।”
डीजीपी ने दोहराया कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने तथा पंजाब को एक सुरक्षित और नशामुक्त राज्य बनाने के अपने संकल्प पर पंजाब पुलिस अडिग है।
अपराध
असम पुलिस ने 60 लाख रुपए की नशीली टैबलेट जब्त कीं, दो गिरफ्तार

असम पुलिस ने हैलाकांडी जिले में लगभग 60 लाख रुपए मूल्य की संदिग्ध नशीली टैबलेट की एक बड़ी खेप जब्त की है और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह कार्रवाई जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध परिवहन के खिलाफ तेज की गई मुहिम के तहत की गई। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान 816.9 ग्राम संदिग्ध याबा टैबलेट बरामद कीं। इस जब्ती के सिलसिले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान बहारुल आलम मजूमदार और चायेक हुसैन लस्कर के रूप में हुई।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस द्वारा रोके जाने और उनके पास से प्रतिबंधित सामान बरामद होने के बाद आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की ओर से आरोपियों को रोककर उनके पास से प्रतिबंधित सामग्री बरामद करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
जब्त की गई टैबलेट के याबा होने का संदेह है, जो मेथम्फेटामाइन और कैफीन वाली एक सिंथेटिक ड्रग है। आमतौर पर पूर्वोत्तर क्षेत्र में इसकी तस्करी की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए प्रतिबंधित सामान की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 60 लाख रुपए है।
एक मामला दर्ज किया गया है और नशीले पदार्थों के स्रोत का पता लगाने व इसे लेने वाले लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है। जांच टीमें यह भी पता लगा रही हैं कि क्या गिरफ्तार किए गए आरोपी असम और पड़ोसी राज्यों में चल रहे नशीले पदार्थों की तस्करी के किसी बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं।
पुलिस दोनों आरोपियों से सप्लाई चेन के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ कर रही है, जिसमें खेप का स्रोत, इसके गंतव्य और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील इलाकों और नशीले पदार्थों के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संदिग्ध रास्तों पर निगरानी और चेकिंग बढ़ा दी गई है।
अपराध
8 लाख कीमत का 41 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद, तस्करी के आरोप में युवक गिरफ्तार

नोएडा के थाना फेस-2 की पुलिस ने अवैध गांजे की बिक्री और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 41 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा, गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को थाना फेस-2 पुलिस की टीम इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को शमशान घाट भंगेल के पास गंदे नाले की पटरी पर एक संदिग्ध व्यक्ति के मौजूद होने की जानकारी मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर युवक को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी की पहचान प्रिन्स कुमार साहू पुत्र बैजू प्रसाद साहू, उम्र करीब 28 वर्ष, के रूप में की है। आरोपी मूलरूप से ग्राम फिरोजपुर, थाना महरमा, जनपद गोड्डा, झारखंड का रहने वाला बताया गया है। वर्तमान में वह थाना बिसरख क्षेत्र में तिगरी गोल चक्कर के पास किराये के कमरे में रह रहा था।
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ट्रेन के माध्यम से बिहार से गांजा सस्ते दामों पर लाता था और नोएडा में उसे महंगे दामों पर बेचता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे नोएडा-एनसीआर में किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से टीवीएस स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार इसी वाहन का इस्तेमाल गांजे की तस्करी में किया जाता था। वाहन को सीज कर दिया गया है। इसके अलावा गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। बरामदगी के संबंध में थाना फेस-2 में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आरोपी से पूछताछ के आधार पर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में बरामद 41 किलो 400 ग्राम गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए है। भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस अब इसके सप्लाई नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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