अपराध
मुंबई बाल यौन उत्पीड़न मामला: 3.6 वर्षीय बच्चे की मां ने हाईकोर्ट का रुख किया, बांगुर नगर पुलिस से जांच स्थानांतरित करने की मांग
मुंबई: 3.6 साल की बच्ची की मां ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें उसकी बेटी के कथित यौन उत्पीड़न की जांच को बांगुर नगर पुलिस स्टेशन से स्थानांतरित करने की मांग की गई है। उसने पुलिस पर मामले को असंवेदनशील और उदासीन तरीके से संभालने का आरोप लगाया है।
याचिका के अनुसार, 13 फरवरी को स्कूल से लौटी बच्ची ने अपने गुप्तांगों में दर्द की शिकायत की। जांच करने पर उसकी मां ने उस क्षेत्र में लालिमा देखी। पूछे जाने पर, नाबालिग ने बताया कि एक “राक्षस” ने उसे स्कूल के शौचालय में अनुचित तरीके से छुआ था, जब उसे एक महिला कर्मचारी द्वारा वहां ले जाया गया था, जिसे उसने “दीदी” कहा था।
इस खुलासे से घबराई मां ने तुरंत मलाड के उस स्कूल का दौरा किया जहां उसकी बेटी पढ़ती है और डेकेयर में जाती है। स्कूल की नर्स के साथ प्रिंसिपल ने भी लालिमा देखी। हालांकि, स्कूल द्वारा देखी गई शुरुआती सीसीटीवी फुटेज में केवल कॉमन वॉशरूम एरिया ही दिखाई दिया और घटना को स्पष्ट करने में विफल रही।
बच्चे को क्लाउड नाइन अस्पताल, मलाड ले जाया गया, जहाँ एक जूनियर बाल रोग विशेषज्ञ ने यौन उत्पीड़न का संदेह जताया और एक वरिष्ठ डॉक्टर से जांच करवाने की सलाह दी। अगले दिन, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ ने यौन शोषण की संभावना की पुष्टि की और मेडिकल जांच करने से पहले पुलिस को बुलाया।
मां ने बांगुर नगर पुलिस को अपना बयान दिया और उनसे स्कूल से सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा करने का आग्रह किया। हालांकि, उसने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बच्चे की गवाही की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए उसे शिकायत दर्ज करने से रोकने की कोशिश की।
लगातार प्रयासों के बाद, आखिरकार एफआईआर दर्ज की गई और बच्ची को कूपर अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच में यौन उत्पीड़न की संभावना का पता चला। अगली रात करीब 11:30 बजे मां और बच्ची को पंचनामा के लिए स्कूल ले जाया गया।
दो दिनों की पूछताछ के बाद, स्कूल के कर्मचारियों ने “सिक बे” से जुड़े एक और शौचालय के अस्तित्व का खुलासा किया, जिसे बच्चे ने घटना वाली जगह के रूप में पहचाना। हालांकि, पुलिस ने कथित तौर पर इस क्षेत्र से सीसीटीवी फुटेज को तुरंत सुरक्षित करने से इनकार कर दिया, और इसे बार-बार अनुरोध करने के बाद ही प्राप्त किया गया।
याचिका में आगे दावा किया गया है कि मेडिकल रिपोर्ट में दुर्व्यवहार के इतिहास का संकेत दिए जाने के बावजूद, पुलिस ने पिछले तीन महीनों के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण नहीं किया है, जिसके बारे में मां का मानना है कि इससे महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वॉशरूम और सिक बे के पास कई पुरुष कर्मचारी देखे गए, जो स्कूल के इस दावे का खंडन करता है कि पुरुषों को उन क्षेत्रों में जाने की अनुमति नहीं है।
मां ने जांच अधिकारी स्वाति सूर्यवंशी पर भी आरोप लगाया कि बांगुर नगर पुलिस स्टेशन से जुड़ी इंस्पेक्टर ने उन पर बार-बार दबाव डाला कि वे अपनी बेटी को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के पास ले जाएं, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि ऐसा करना अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को दिए गए बयानों को कई बार बदला गया और अधिकारियों ने शुरू में उन्हें उनके बयान की कॉपी देने से इनकार कर दिया।
पुलिस की धीमी प्रतिक्रिया पर निराशा व्यक्त करते हुए याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मामले को किसी अन्य एजेंसी को सौंपने का आग्रह किया है, ताकि निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित हो सके। याचिका पर उचित समय पर सुनवाई होगी।
अपराध
8 लाख कीमत का 41 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद, तस्करी के आरोप में युवक गिरफ्तार

नोएडा के थाना फेस-2 की पुलिस ने अवैध गांजे की बिक्री और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 41 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा, गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को थाना फेस-2 पुलिस की टीम इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को शमशान घाट भंगेल के पास गंदे नाले की पटरी पर एक संदिग्ध व्यक्ति के मौजूद होने की जानकारी मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर युवक को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी की पहचान प्रिन्स कुमार साहू पुत्र बैजू प्रसाद साहू, उम्र करीब 28 वर्ष, के रूप में की है। आरोपी मूलरूप से ग्राम फिरोजपुर, थाना महरमा, जनपद गोड्डा, झारखंड का रहने वाला बताया गया है। वर्तमान में वह थाना बिसरख क्षेत्र में तिगरी गोल चक्कर के पास किराये के कमरे में रह रहा था।
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ट्रेन के माध्यम से बिहार से गांजा सस्ते दामों पर लाता था और नोएडा में उसे महंगे दामों पर बेचता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे नोएडा-एनसीआर में किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से टीवीएस स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार इसी वाहन का इस्तेमाल गांजे की तस्करी में किया जाता था। वाहन को सीज कर दिया गया है। इसके अलावा गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। बरामदगी के संबंध में थाना फेस-2 में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आरोपी से पूछताछ के आधार पर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में बरामद 41 किलो 400 ग्राम गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए है। भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस अब इसके सप्लाई नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
अपराध
चिकबल्लापुर के रेजिडेंशियल स्कूल में 15 साल की छात्रा का यौन उत्पीड़न, प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज

कर्नाटक के चिकबल्लापुर जिले में सरकारी मोरारजी देसाई मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के 9वीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा के साथ स्कूल के प्रिंसिपल ईश्वर रेड्डी ने कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया।
शिडलघट्टा तालुका के गोरलुम्मनहल्ली गांव में स्थित स्कूल में हुई कथित घटना के सिलसिले में प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
छात्रा के बयान के मुताबिक, यह घटना कथित तौर पर 26 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे स्कूल के मेडिसिन रूम में हुई थी।
छात्रा ने बताया कि वह छठी कक्षा के एक बीमार छात्र को दवा देने गई थी, तभी प्रिंसिपल ने उसे कमरे में बुलाया, गलत व्यवहार किया और यौन उत्पीड़न किया। उसने यह भी आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने उसे घटना के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी थी।
खबरों के मुताबिक, छात्रा ने अपने सहपाठियों को घटना के बारे में बताया, जिसके बाद यह जानकारी शिक्षकों और उसके माता-पिता तक पहुंची।
एफआईआर के अनुसार, छात्रा के माता-पिता 27 सितंबर को स्कूल गए, घटना के बारे में पता चला और फिर वे पुलिस के पास गए। 28 सितंबर को चिक्कबल्लापुर में बाल कल्याण अधिकारियों की मौजूदगी में छात्रा का बयान दर्ज किया गया।
शिडलघट्टा तालुक की डिब्बुराहल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कथित यौन उत्पीड़न की जांच शुरू कर दी है।
अपनी शिकायत में 15 साल की पीड़िता ने कहा, “मैं मोरारजी देसाई मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा हूं। मैं स्कूल में पढ़ने वाले 250 छात्रों में से एक हूं। स्कूल के प्रिंसिपल ने शनिवार (26 सितंबर) को और इस सप्ताह भी मेरे साथ गलत व्यवहार किया। उन्होंने मुझे किस किया, मेरी कमर पर हाथ रखा और मुझे गलत तरीके से छुआ। उन्होंने मेरा मुंह भी बंद कर दिया था।”
उसने बताया, “ये यादें मेरे दिमाग में छप गई हैं। ऐसी स्थिति में, किसी को भी उस अनुभव से नहीं गुजरना चाहिए, जिससे मैं गुजरी हूं। किसी के साथ भी वह अन्याय नहीं होना चाहिए जिसका मैंने सामना किया। कृपया मुझे न्याय दिलाने में मदद करें।” इस मामले में और जानकारी अभी आनी बाकी है।
अपराध
गुजरात में 3,000 करोड़ की ड्रग्स जब्त

गुजरात में नशे के अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस को बड़ी कामयाबी मिली है। दोनों एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर अरब सागर में एक नाव से करीब 3,000 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की है।
इस कार्रवाई में पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। नाव से कुल 526 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
अरब सागर में भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस ने संयुक्त अभियान चलाकर ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
खुफिया जानकारी के आधार पर दोनों एजेंसियों ने समुद्र में संदिग्ध नाव को रोका। तलाशी के दौरान नाव से 526 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इस कार्रवाई में नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रग्स की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे भारत में कहां पहुंचाया जाना था।
इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की भी कोशिश की जा रही है।
फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है। जांच के बाद ही ड्रग्स की पूरी सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आ सकेगी।
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