Connect with us
Tuesday,27-October-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय

यूपी में बनेंगे सैमसंग, वीवो, ओप्पो और लावा के मोबाइल हैंडसेट

Published

on

Samsung

अब उत्तर प्रदेश मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में देश का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में बढ़ चला है। राज्य में ओप्पो, वीवो, सेमसंग, लावा और फॉरमी जैसी तमाम कंपनियां ने मोबाइल फोन का निर्माण करने में पहल की है। अब वह दिन दूर नहीं है, जब इन देशी और विदेशी कंपनियों के भरोसे यूपी मोबाइल फोन विनिर्माण का सबसे बड़ा हब बन जाएगा। देश के करोड़ों लोग यूपी में बने सैमसंग, वीवो, ओप्पो और लावा के मोबाइल हैंडसेट से बात करते हुए दिखाई देंगे। यह दावा अब देश के बड़े औद्योगिक संगठनों से जुड़े उद्योगपति कर रहे हैं। इन औद्योगिक संगठनों के पदाधिकरियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंडिया अभियान के तहत मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

इलेक्ट्रनिक मैन्यूफैक्च रिंग के क्षेत्र में प्रदेश सरकार की इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली नीतियों की वजह से बड़ी कंपनियों ने राज्य में बड़ा निवेश किया हैं। वर्ष 2014 में देश में मात्र छह करोड़ मोबाइल हैंडसेटों का निर्माण होता था। फिर वर्ष 2015 -16 में 11 करोड़ और 2016-17 में 17़5 करोड़ मोबाइल हैंडसेट का निर्माण देशभर में हुआ। अब 12 करोड़ मोबाइल हैंडसेट का निर्माण यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण (यीडा) में स्थापित की जा रही वीवो की फैक्ट्री जल्दी ही होने लगेगा।

यीडा के सेक्टर 24 में वीवो मोबाइल प्राइवेट लिमिटेड 7000 करोड़ रुपए का निवेश कर मोबाइल हैंडसेट बनाने की फैक्ट्री लगा रही है। 169 एकड़ भूमि पर लगाई जा रही इस फैक्ट्री के प्रथम चरण में छह करोड़ मोबाइल सेट बनाए जाएंगे। दूसरे चरण में इस फैक्ट्री की क्षमता बढ़ाई जाएगी, ताकि इस फैक्ट्री में हर वर्ष 12 करोड़ मोबाइल हैंडसेट बनाए जा सके। वीवो की इस फैक्ट्री में 60 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वीवो की इस फैक्ट्री में बनाए जाने वाले हर मोबाइल से जीएसटी के रूप में सरकार को राजस्व प्राप्त होगा।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, “वीवो के अलावा चीन की बड़ी कंपनी ओप्पो मोबाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड 2000 करोड़ रुपए का निवेश का ग्रेटर नोएडा में स्मार्ट फोन बनाएगी। ग्रेटर नोएडा में ही होलिटेच इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में मोबाइल फोन डिस्प्ले यूनिट लगाने का फैसला किया है। 1772 करोड़ का निवेश कर बनाए जाने वाली मोबाइल फोन डिस्प्ले यूनिट के लिए भूमि आंवटित हो चुकी है।”

जानकारी के अनुसार, “नोएडा में लावा इलेक्ट्रानिक्स अपनी फैक्ट्री लगाकर वहां मोबाइल हैंडसेट बना रही है। सैमसंग ने भी बीते साल अपनी फैक्ट्री नोएडा में मोबाइल फोन मैन्यूफैक्च रिंग की फैक्ट्री लगाई है। इसके अलावा प्रदेश सरकार की मैन्यूफैक्च रिंग पालिसी 2017 से प्रभावित होकर फरमी ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा में और केएचवाई इलेक्ट्रानिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नोएडा में मोबाइल हैंडसेट बनाने की फैक्ट्री लगा रही हैं। चीन की विख्यात कंपनी सनवोडा इलेक्ट्रानिक्स ने भी ग्रेटर नोएडा में स्मार्टफोन, लिथियम बैटरी और प्लास्टिक मोबाइल केस बनाने की फैक्ट्री लगाने में रूचि दिखाई है। 1500 करोड़ का निवेश कर सनवोडा को ग्रेटर नोएडा में अपनी फैक्ट्री लगाने का निर्णय किया है।”

यूपी में लगाई जा रही मोबाइल फोन मैन्यूफैक्च रिंग की इन फैक्ट्रियों को देख कर अब यह कहा जा रहा है कि देश में मोबाइल हैंडसेट के लिए अभी तक जो कंपनियां चीन की मैन्यूफैक्च रिंग इकाइयों पर निर्भर थीं, वह अब उत्तर प्रदेश में अपने ब्रांड के मोबाइल हैंडसेट बनवा रही हैं। इनमें ओप्पो, वीवो, सैमसंग, लावा और फॉरमी जैसी कंपनियां शामिल हैं। यही सभी कंपनियां करोड़ों मोबाइल हैंडसेट हर साल बनाएंगी। देश में मोबाइल हैंडसेट की आधे से अधिक मांग को सूबे में लगाई जा रही कंपनियों से ही पूरी होगी।

मोबाइल हैंडसेट बनाने के लिए राज्य में हो रहे इस निवेश पर इलेक्ट्रनिक व सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) महकमें का अफसरों का कहना है कि प्रदेश सरकार की आईटी और मैन्यूफैक्च रिंग पालिसी 2017 तथा मोबाइल हैंडसेट निर्माण के क्षेत्र में आए इस बदलाव ने प्रदेश में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़ा निवेश हुआ है। इस वजह से नौकरियों के नए अवसर पैदा हुए हैं। अब जैसे-जैसे प्रदेश में इलेक्ट्रनिक व मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का आधार बढ़ेगा, राज्य में ज्यादा-ज्यादा लोगों के लिए नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। इन अधिकारियों के अनुसार, देश में उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र अपने यहां मोबाइल हैंडसेट के निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं।

व्यापार

सोने की कीमतों में मामूली बदलाव, चांदी 1.95 लाख रुपए के नीचे स्थिर

Published

on

सोने और चांदी ने सोमवार को एक सीमित दायरे में कारोबार किया। इससे सोने का दाम 1.42 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का दाम 1.95 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे स्थिर रहा।

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 80 रुपए बढ़कर 1,41,710 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,41,630 रुपए प्रति 10 ग्राम था।

22 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,29,806 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,29,733 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।

वहीं, 18 कैरेट सोने का दाम 1,06,223 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,06,283 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।

सोने के चांदी की कीमतों में भी मामूली बदलाव देखा गया है।

चांदी का दाम 64 रुपए बढ़कर 1,94,479 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 1,94,415 रुपए प्रति किलो था।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में तेजी देखी जा रही है।

कॉमेक्स पर खबर लिखे जाने तक सोने का दाम 0.55 प्रतिशत बढ़कर 4,029 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 0.26 प्रतिशत बढ़कर 54.09 डॉलर प्रति औंस हो गया है।

जानकारों ने कहा कि सोना कारोबारी सत्र में एक सीमित दायरे में रहा। हालांकि, कॉमेक्स पर सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम सपोर्ट स्तर के आसपास टिकने में कामयाब रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावनाओं के चलते डॉलर को मजबूती मिल रही है, जिससे सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इस हफ्ते सबकी नजरें फेड के नीतिगत फैसले पर टिकी हैं।

उन्होंने आगे कहा कि महंगाई की चिंताओं और अमेरिकी चुनावों से जुड़ी अनिश्चितता के बीच, बाजार के प्रतिभागी ब्याज दरों के भविष्य और केविन वॉर्श के मार्गदर्शन पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। नीतिगत फैसले से पहले कॉमेक्स पर सोने की कीमत 3,950 डॉलर से 4,100 डॉलर प्रति औंस के दायरे में रह सकती है। इसके बाद, अगला ट्रेंड फेड के फैसले और उनकी टिप्पणी पर निर्भर करेगा।

Continue Reading

व्यापार

कमजोर तिमाही नतीजों से एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का शेयर लुढ़का, आईपीओ कीमत से 24 प्रतिशत नीचे पहुंचा

Published

on

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों में सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही यानी सितंबर तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद निवेशकों ने शेयर में जोरदार बिकवाली की, जिसके चलते यह अपने लिस्टिंग के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।

कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 7 प्रतिशत तक टूटकर 433.55 रुपए पर आ गया, जो 21 जुलाई 2026 को सूचीबद्ध होने के बाद का अब तक का सबसे निचला स्तर है। हालांकि बाद के कारोबार में शेयर ने थोड़ी रिकवरी की और 2.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 452.45 रुपए पर बंद हुआ। मौजूदा स्तर पर यह अपने आईपीओ मूल्य 574 रुपए प्रति शेयर से लगभग 24.46 प्रतिशत नीचे है।

शेयर में गिरावट के पीछे दूसरी तिमाही के अपेक्षा से कमजोर नतीजे प्रमुख कारण रहे। इक्विरस सिक्योरिटीज के अनुसार, कंपनी का कर-पश्चात लाभ (पीएटी) 701 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6 प्रतिशत कम है। मुनाफे पर दबाव का मुख्य कारण परिचालन खर्चों में तेज बढ़ोतरी रही, जो सालाना आधार पर 24.3 प्रतिशत बढ़कर 301 करोड़ रुपए पहुंच गए।

ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की रेवेन्यू यील्ड भी तिमाही आधार पर 0.6 बेसिस प्वाइंट घटकर 36.1 बेसिस प्वाइंट रह गई। वहीं गैर-म्यूचुअल फंड व्यवसाय से जुड़ी यील्ड, एडवाइजरी आय को छोड़कर, 35 से 40 बेसिस प्वाइंट के दायरे में बनी रही।

कंपनी के इक्विटी क्वार्टरली एवरेज एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (क्यूएएयूएम) में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, लेकिन यह उद्योग की 6.6 प्रतिशत वृद्धि दर से कम रही। इसके परिणामस्वरूप कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 12 बेसिस प्वाइंट घटकर 12.53 प्रतिशत पर आ गई।

सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के मोर्चे पर भी कुछ दबाव देखने को मिला। सितंबर 2026 में मासिक एसआईपी प्रवाह में कंपनी की हिस्सेदारी घटकर 12 प्रतिशत रह गई, जो जून में 12.65 प्रतिशत थी। एसआईपी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट लगभग स्थिर रहते हुए 2.07 ट्रिलियन रुपए पर रहे, जबकि बाजार हिस्सेदारी मामूली घटकर 11.59 प्रतिशत हो गई। तिमाही के दौरान नए एसआईपी पंजीकरण 19 लाख रहे, लेकिन इस श्रेणी में भी बाजार हिस्सेदारी 10.6 प्रतिशत से घटकर 9.94 प्रतिशत पर आ गई।

हालांकि निकट अवधि की चुनौतियों के बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का मुख्य म्यूचुअल फंड कारोबार अभी भी मजबूत स्थिति में है। सितंबर 2026 तक की तीन वर्षीय अवधि में कंपनी की इक्विटी और हाइब्रिड परिसंपत्तियों का आधे से अधिक हिस्सा प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन देने में सफल रहा है। इसके अलावा इक्विटी श्रेणी में शुद्ध निवेश प्रवाह भी मजबूत बना हुआ है।

इक्विरस सिक्योरिटीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी के म्यूचुअल फंड औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट में 13 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) और ईबीआईटीडीए में 10 प्रतिशत सीएजीआर दर्ज की जा सकती है।

ब्रोकरेज ने शेयर पर अपना “लॉन्ग” रेटिंग बरकरार रखते हुए 540 रुपए का लक्ष्य मूल्य (टारगेट प्राइस) दिया है। रिपोर्ट में कंपनी के मजबूत ब्रांड, व्यापक वितरण नेटवर्क और वैकल्पिक निवेश कारोबार के विस्तार को दीर्घकालिक मजबूती का आधार बताया गया है।

Continue Reading

व्यापार

मार्केट आउटलुक: फेड बैठक, तिमाही नतीजों और कच्चे तेल से तय होगी शेयर बाजार की चाल

Published

on

भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। इस दौरान फेड बैठक, तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमते औरअमेरिका-ईरान तनाव बाजार की चाल निर्धारित करेंगे।

ब्याज दरों की समीक्षा के लिए अमेरिकी फेड की बैठक 27-28 अक्टूबर होगी। यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक स्तर पर अस्थिरता से कारण महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। इस बैठक के फैसलों का ऐलान 28 अक्टूबर को किया जाएगा, जिस पर दुनियाभर के निवेशकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

इसके अलावा, अमेरिका-ईरान तनाव भी बाजार के लिए काफी अहम होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान पर नई एयर स्ट्राक्स को लेकर बयान दे चुके हैं। इससे कच्चे तेल भी ऊपरी स्तरों पर बना हुआ हैं। अगले हफ्ते बाजार में यह फैक्टर्स अहम भूमिका निभाएंगे।

इसके अलावा, 26-30 अक्टूबर के कारोबारी सत्र में कई बड़ी कंपनियां नतीजे जारी करेंगी। इंडियन ओवरसीज बैंक, महाराष्ट्र बैंक, मैनकाइंड, पेटीएम, एनडीटीवी, टाटा कंज्यूमर, एसीसी, बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी, जेएसडब्ल्यू सीमेंट, जेएसडब्ल्यू इन्फ्रा, एलएंडटी, सेल, टाटा कैपिटल, अदाणी एटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स जैसी कंपनियां शामिल हैं।

भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता काफी नुकसान वाला रहा। इस दौरान व्यापक बाजार में गिरावट देखने को मिली।

19-23 अक्टूबर के कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 1,605.44 अंक या 2.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,123.83 और निफ्टी 546.15 अंक या 2.36 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,600.00 पर था।

लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में अधिक बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 3,329.10 अंक या 5.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,800.65 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1,390.35 अंक या 7.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,739.45 पर था।

सूचकांकों में सबसे ज्यादा गिरावट डिफेंस में देखी गई। निफ्टी इंडिया डिफेंस 7.05 प्रतिशत की कमजोरी के साथ टॉप लूजर था। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 6.42 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 5.40 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 5.15 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 5.04 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 4.62 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 4.34 प्रतिशत और निफ्टी पीएसई 3.91 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।

Continue Reading
Advertisement
बॉलीवुड17 minutes ago

सोनम खान ने खुलासा किया कि वह संजय दत्त को चुपके से पसंद करती थीं। उन्होंने कहा कि वह ऐसे सह-कलाकार थे, जिनका दिल सोने जैसा था।

मनोरंजन18 hours ago

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: हथियार सप्लाई के आरोप में दो महिलाएं गिरफ्तार, एक ने खुद को बताया बेगुनाह

मनोरंजन18 hours ago

रश्मिका मंदाना ने रिश्ते पर उठे सवालों का दिया जवाब, विजय देवरकोंडा बोले- ‘मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं’

महाराष्ट्र18 hours ago

नवी मुंबई में शहरी नियोजन और ट्रैफिक संकट पर राज ठाकरे का हमला, बोले- महाराष्ट्र में सत्ता का इंतजार

राष्ट्रीय समाचार18 hours ago

सरकार ने चालू इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए 17.73 लाख करोड़ रुपए

महाराष्ट्र18 hours ago

मुंबई महानगर क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों के लिए महाराष्ट्र सरकार की व्यापक जल योजना तैयार

मनोरंजन18 hours ago

सेट पर झगड़े वाली धारणा पर राधिका आप्टे बोलीं-‘महिलाएं नहीं पुरुष होते हैं ज्यादा असुरक्षित’

मनोरंजन18 hours ago

राजनीति से दूरी पर राज बब्बर का दो टूक जवाब, पंजाबी फिल्मों में वापसी का भी दिया संकेत

व्यापार18 hours ago

सोने की कीमतों में मामूली बदलाव, चांदी 1.95 लाख रुपए के नीचे स्थिर

अपराध19 hours ago

बंगाल: मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी, युवक गिरफ्तार

बॉलीवुड4 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

अपराध3 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

राजनीति2 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

खेल3 weeks ago

‘आपकी जीत बेहतरीन प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क की भावना का सबूत,’ गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा

मनोरंजन3 weeks ago

‘तुम झूठे हो गौतम गुलाटी’, प्रियंका चाहर चौधरी से भिड़े गौतम, ‘राइज एंड फॉल 2’ में छिड़ी तीखी जंग

राजनीति4 weeks ago

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

व्यापार4 weeks ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

मनोरंजन4 weeks ago

बर्थडे बॉय रणबीर कपूर पर बॉलीवुड ने बरसाया प्यार, मां नीतू और रवि दुबे ने भी दी बधाई

मनोरंजन3 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

रुझान