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मंत्री विजय वडेट्टीवार ने दिए संकेत, महाराष्ट्र में लग सकता है तीन सप्ताह का कड़ा लॉकडाउन!
महाराष्ट्र में कोरोना की वजह से बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य में 3 सप्ताह का कड़ा लॉकडाउन लग सकता है। कांग्रेस नेता और मंत्री विजय वडेट्टीवार ने इस बात के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता की जान बचाने के लिए यह करना बहुत जरूरी है। वडेट्टीवार ने कहा कि ऐसी मुसीबत की घड़ी में केंद्र सरकार की तरफ से कोरोना वैक्सीन भी राज्य को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। जबकि गुजरात को जरूरत से ज्यादा वैक्सीन दी गई है। ऐसे में नागरिकों की जान बचाना सबसे अहम है। लिहाजा लॉकडाउन करना जरूरी लग रहा है।
वडेट्टीवार ने कहा कि मुंबई की लोकल ट्रेनों को लेकर भी बयान देते हुए कहा है कि ट्रेनों में भी यात्रियों के ऊपर कड़े नियम लगाए जा सकते हैं। मंत्री जी के इन बयानों के बाद अब उद्धव ठाकरे क्या कुछ नए नियमों के साथ फिर जनता से संवाद साधेंगे? इस पर भी लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। आगामी 10 दिनों में महाराष्ट्र के अंदर एक्टिव मरीजों की संख्या 10 लाख तक पहुंच सकती है। ऐसे हालात में भी विपक्ष राजनीति करने पर आमादा है। जब से एमपीएससी की परीक्षा रद्द हुई है तब से बीजेपी सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रही है। अब बीजेपी व्यापारियों को भी भड़काने का काम कर रही है।
कोरोना वैक्सीन के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब सिर्फ 9 लाख डोज़ ही बचे हैं। जिन्हें पूरे राज्य में डिस्ट्रीब्यूट किया गया है। ये डोज़ सिर्फ 2 दिन तक ही चल पाएंगे। पूरे राज्य में 4हज़ार टीकाकरण केंद्र हैं। केंद्र की तरफ से जो नया आदेश आया है उसके मुताबिक नया स्टॉक 15 अप्रैल से मिलेगा। जब तक नया स्टॉक नहीं मिलता तब तक जितना डोज़ है उसे देने के बाद सेंटर बंद करना पड़ेगा। अभी 5 से 6 टीकाकरण केंद्र पूरी तरह से बंद करने पड़े हैं। 8 अप्रैल यानी गुरुवार से 15 अप्रैल तक के बीच करीब 15 जिलों में टीकाकरण बंद करना पड़ सकता है। तकरीबन 7 दिनों तक टीकाकरण अभियान रोकना पड़ेगा।
महाराष्ट्र में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटों के अंदर राज्य में 56हज़ार 286 नए मामले सामने आए हैं जबकि एक दिन में 376 लोगों की मौत हुई है। राज्य में कुल मौतों का आंकड़ा अब तक 57हज़ार 28 तक पहुंच चुका है। वहीं कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 5लाख 21हज़ार 317 है। राज्य का अब तक रिकवरी रेट 82.05 प्रतिशत है जबकि मृत्यु दर 1.77 प्रतिशत है। बीते 24 घंटों के अंदर मुंबई शहर में कोरोना के 8938 मामले सामने आए हैं जबकि 1 दिन में 25 लोगों की मौत दर्ज की गई है। मुंबई में कुल मौतों की संख्या 11हज़ार 881 आंकड़ा छू चुकी है।
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नीट पेपर लीक मामला : दिल्ली की अदालत ने आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 6 जून। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 13 मई को सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से गिरफ्तार किया था।
आरोपी शुभम खैरनार की शनिवार को न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद उसे राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई।
शुभम खैरनार, महाराष्ट्र के नासिक जिले के नंदगांव का रहने वाला है। उसने मध्य प्रदेश की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से बीएएमएस (आयुर्वेद) की पढ़ाई की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से यह पेपर 10 लाख में खरीदा और इसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख में बेच दिया।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी सामने आई कि सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को कल्याण के म्हारल क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा से भी पूछताछ की।
सूत्रों ने बताया कि जांच टीम ने म्हारल इलाके में छात्रा के घर पहुंचकर उसका बयान दर्ज किया। सूत्रों का दावा है कि संबंधित छात्रा नाशिक की एक अन्य छात्रा के संपर्क में थी, जिसकी जांच के दौरान उसका मोबाइल नंबर जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आया। इसी आधार पर सीबीआई ने उससे पूछताछ की है। हालांकि, सीबीआई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। एजेंसियों की शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे। इसी आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।
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कथित बांग्लादेशियों के जाली और फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों की जांच शुरू; किरीट सोमैया के आरोपों के बाद मुंबई पुलिस हरकत में।

मुंबई: भाजपा नेता किरीट सौम्या ने मुंबई में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच भी एक्शन में आ गई है। मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट के मामलों में कार्रवाई करने के लिए एक एसआईटी टीम बनाने को मंजूरी दे दी है और एक आदेश भी जारी किया है। किरीट सौम्या ने पहले इस मामले की जांच की मांग की थी। मुंबई पुलिस कमिश्नर ने अब एक आदेश जारी कर यह जिम्मेदारी मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी को दी है, जो इन मामलों की जांच करेगी। मुंबई शहर से अब तक एक हजार से ज्यादा बांग्लादेशी अप्रवासियों को निकाला जा चुका है, इसके बावजूद किरीट सौम्या ने आरोप लगाया है कि शहर में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी रहते हैं और यह देश की अखंडता के लिए खतरा है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में धार्मिक नफरत फैलाना भी शुरू कर दिया है। मुंबई मुंबई पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बर्थ सर्टिफिकेट और शिकायत की जांच के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी बनाई है। इस एसआईटी के बारे में डिपार्टमेंटल ऑर्डर जारी करते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि इस टीम को जॉइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम लक्ष्मी गौतम हेड करेंगी, जबकि एडिशनल कमिश्नर क्राइम मुंबई, एडिशनल कमिश्नर स्पेशल ब्रांच, डीसीपी डिटेक्शन क्राइम और असिस्टेंट कमिश्नर क्राइम इस टीम का हिस्सा हैं। ऑर्डर में कहा गया है कि यह एसआईटी टीम बड़े पैमाने पर फर्जी डॉक्यूमेंट्स और बर्थ सर्टिफिकेट में फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायतें सामने आने के बाद बनाई गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का मकसद डॉक्यूमेंट्स की जांच करके जरूरी एक्शन लेना है। यह ऑर्डर मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने जारी किया है।
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नासिक: जालसाज अशोक खराट की जांच में अहम नतीजा, कई जगहों पर छापेमारी के दौरान जानवरों के अवशेष और महिलाओं के बाल बरामद, बली देने का संदेह

मुंबई: नासिक के धोखेबाज अशोक खरात की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं और SIT ने कई जगहों पर छापेमारी की है। SIT को यहां से जानवरों के अवशेष भी मिले हैं, लेकिन SIT ने यह जांच शुरू कर दी है कि क्या ये सच में जानवरों के अवशेष हैं या फिर मानव बलि का मामला है। इस मामले में SIT ने अवशेषों को अपने कब्जे में भी ले लिया है, वहीं शक है कि अशोक खरात अघोरी करता था और इसी प्रथा के चलते उसने मानव बलि भी दी होगी। इस बारे में SIT की जांच सही दिशा में जा रही है। नासिक के धोखेबाज अशोक खरात मामले में SIT की जांच में कई अहम नतीजे भी निकले हैं। SIT टीम की हेड तेजस्वी सतपोवे पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों पर काम कर चुकी हैं और उनकी जांच कर चुकी हैं। इसी तरह अब नासिक मामले में भी जांच चल रही है। तेजस्वी सतपोवे की मां टीचर हैं जबकि उनके पिता किसान हैं। वह अहमदनगर के शेगांव की रहने वाली हैं। तेजस्वी सतपोवे ने अब खरात के पॉलिटिकल कनेक्शन की जांच शुरू कर दी है। अशोक खरात के कई बड़े नेताओं और अफसरों से भी कनेक्शन थे। महिला आयोग की हेड रूपाली चाकणकर से भी उनके कनेक्शन थे, इसी आधार पर रूपाली को इस्तीफा देना पड़ा था। SIT जांच में जानवरों के अवशेषों के साथ महिलाओं के बाल भी मिले थे। अब SIT टीमें पता लगा रही हैं कि ये बाल किसके हैं, क्या ये एक महिला के बाल हैं या कई महिलाओं के बाल हैं।
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