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माइक्रोसॉफ्ट करेगा अब तक का सबसे बड़ा एक्सबॉक्स गेमिंग सीरीज लॉन्च
गेमिंग के क्षेत्र में पहली तिमाही में सफलता हासिल करने के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि वह इस पतझड़ में एक्सबॉक्स गेमिंग सीरीज को लॉन्च करेगा। इसके साथ ही कंपनी का दावा है कि यह उनके अब तक के किसी भी कंसोल रेंज में सबसे बड़ा लॉन्च है। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला के मुताबिक, एक्सबॉक्स गेम पास ने कंसोल और पीसी दोनों में ही रिकॉर्ड सब्सक्राइबर देखे हैं और अब इसमें विषयसामग्री के तौर पर 100 से अधिक स्टूडियोज को शामिल किया गया है।
उन्होंने कंपनी के वित्तीय वर्ष 2020 में कंपनी की चौथी तिमाही के नतीजे की घोषणा करने के बाद अनिर्ंग कॉल के दौरान बताया, “यह गेमिंग के लिए एक सफल तिमाही रही है। हमने सक्रिय उपयोगकतार्ओं के साथ रिकॉर्ड इंगेजमेंट और मॉनिटाइजेशन देखा जिसका नेतृत्व ऑन एंड ऑफ कंसोल ने किया क्योंकि लोग एक-दूसरे से मेल-मिलाप करने, खेलने के लिए हर कहीं गेमिंग से जुड़ जाते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हम गेमर्स को आकर्षिक करने और उन्हें बनाए रखने के लिए कुछ अलग पेश कर रहे हैं। एक्सबॉक्स सीरीज को इस पतझड़ में लॉन्च किया जाएगा जो कंसोल के किसी भी श्रृंखला में अब तक की सबसे बड़ी पेशकश होगी और इस तिमाही के दौरान माइनक्राफ्ट ने करीबन 13.2 करोड़ मासिक सक्रिय उपयोगकतार्ओं की एक नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है।”
माइक्रोसॉफ्ट की एक्सक्लाउड गेमिंग सेवा पहले से ही 15 देशों में मौजूद है।
कंपनी ने पिछले हफ्ते ऐलान किया था कि उनकी तरफ से एक्सक्लाउड से एक्सबॉक्स गेम पास को लाया जाएगा ताकि सब्सक्राइबर्स फोन या टेबलेट में भी गेम का लुफ्त उठा सकें और दुनिया भर में करीब दस करोड़ एक्सबॉक्स लाइव प्लेयर्स के साथ खेल में हिस्सा ले सकें।
एक्सक्लाउड गेमिंग सेवा सैमसंग के गैलेक्सी नोट एस20 अल्ट्रा पर पहले आ सकती है।
व्यापार
वैश्विक अस्थिरता के बीच भी मजबूत रहेगी भारतीय अर्थव्यवस्था, जीडीपी ग्रोथ वित्त वर्ष 27 में 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान

GDP
नई दिल्ली, 6 अप्रैल : वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी रहेगी और वित्त वर्ष 27 में जीडीपी ग्रोथ 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट में बताया गया कि पश्चिम एशिया में तनाव से कुछ चुनौतियां पैदा हो सकती हैं, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था का आधार लगातार मजबूत है और ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है।
विश्लेषण में कहा गया कि पश्चिम एशिया संघर्ष का भारत पर प्रभाव मुख्य रूप से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के रूप में महसूस किया जाएगा, जो मुद्रास्फीति, राजकोषीय संतुलन और बाह्य खातों को प्रभावित करता है।
बेस केस सिनेरियो में लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल की औसत कच्चे तेल की कीमतों को मानते हुए, विकास दर पहले के 7.2 प्रतिशत के अनुमानों से थोड़ी कम हो सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया कि चालू वित्त वर्ष में महंगाई दर नियंत्रण में रह सकती है और खुदरा महंगाई दर 4.5 प्रतिशत से 4.7 प्रतिशत के बीच में रहने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के मुताबिक, केयरएज यह मानकर चला जा रहा है कि सरकार वैश्विक तेल की बढ़ती कीमतों का घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला प्रभाव सीमित रखेगी।
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि से समय के साथ महंगाई का दबाव कुछ हद तक बढ़ सकता है।
राजकोषीय मोर्चे पर, पेट्रोलियम उत्पादों पर संभावित उत्पाद शुल्क कटौती, अधिक सब्सिडी आवश्यकताओं और कर राजस्व में मामूली कमी के कारण सरकार को वित्तीय बोझ में मामूली वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है।
इस प्रभाव का अनुमान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 0.5 प्रतिशत के आसपास है, जो भारत के सार्वजनिक वित्त के व्यापक संदर्भ में प्रबंधनीय है।
महंगाई और राजकोषीय गतिशीलता के कारण सरकारी बॉन्ड यील्ड में भी मामूली वृद्धि होने की उम्मीद है।
बेस केस सिनेरियो में, वित्त वर्ष 2027 में सरकारी प्रतिभूतियों पर यील्ड औसतन 6.8 प्रतिशत और 6.9 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि तेल आयात बिलों में वृद्धि, निर्यात और प्रेषण पर कुछ दबाव के साथ, चालू खाता घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 2.1 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रुपया प्रति डॉलर औसतन 92 और 93 के बीच रहने का अनुमान है।
व्यापार
भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, फार्मा स्टॉक्स में बिकवाली

मुंबई, 6 अप्रैल : भारतीय शेयर बाजार सोमवार के सत्र में लाल निशान में खुला। सुबह 9:17 पर सेंसेक्स 241 अंक या 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,078.49 और निफ्टी 84.70 अंक या 0.37 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,628.40 पर था।
शुरुआती कारोबार में बिकवाली का नेतृत्व फार्मा स्टॉक्स कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी फार्मा करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर था। इसके अलावा, निफ्टी ऑयलएंडगैस, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी मीडिया, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी इन्फ्रा लाल निशान में थे।
दूसरी तरफ निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल और निफ्टी पीएसयू बैंक हरे निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, टाइटन, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टीसीएस, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, आईटीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप गेनर्स थे। कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, सन फार्मा, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व और एमएंडएम लूजर्स थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी लाल निशान में थे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 302.60 अंक या 0.59 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 53,384 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 96.20 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,549 पर था।
बाजार में कमजोरी की वजह ईरान-अमेरिका और इजरायल में लगातार तनाव को माना जा रहा है, जिसका पूरे वैश्विक बाजारों पर असर देखा जा रहा है।
एशियाई बाजारों में टोक्यो और सोल हरे निशान में थे, जबकि जकार्ता के बाजार लाल निशान में थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को लाल निशान में बंद थे।
कच्चे तेल में भी मिलाजुला कारोबार हो रहा है। खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 109.70 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.42 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 111.07 डॉलर प्रति बैरल पर था।
सोने और चांदी में गिरावट बनी हुई है। सोना 0.25 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,668 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72.23 डॉलर प्रति औंस पर थी।
व्यापार
मार्केट आउटलुक: आरबीआई मौद्रिक नीति, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की चाल से तय होगा शेयर बाजार का रुझान

SHARE MARKET
मुंबई, 5 अप्रैल : भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होगा। आरबीआई मौद्रिक नीति, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की चाल से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।
ब्याज दरों की समीक्षा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति (आरबीआई-एमपीसी) की बैठक 6-8 अप्रैल के बीच प्रस्तावित है। यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम उच्चतम स्तर पर बने हुए हैं, जिससे महंगाई को लेकर दुनियाभर में चिंताएं बढ़ रही हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध भी शेयर बाजार के लिए अगले हफ्ते एक अहम फैक्टर होगा, क्योंकि युद्ध का प्रभाव अब दुनिया की आपूर्ति श्रृंख्लाओं पर दिखाई देने लगा है। ऐसे में इस युद्ध से जुड़े अपटेड आने वाले हफ्ते में शेयर बाजार के लिए अहम होंगे।
मौजूदा समय में कच्चा तेल 109 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। बीते एक महीने में इसमें 34 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में आने वाले हफ्ते में कच्चे तेल की चाल पर निवेशकों की निगाहें बनी रहेंगी।
बीते हफ्ते शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ था। इस दौरान सेंसेक्स 1,953.90 अंक या 2.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,319.55 और निफ्टी 593.35 अंक या 2.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,713 पर बंद हुआ। यह लगातार छठवां हफ्ता था, जब शेयर बाजार में गिरावट देखी गई।
सूचकांकों में निफ्टी पीएसयू बैंक (5.21 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (4.06 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (4.04 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (3.87 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (3.84 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (3.27 प्रतिशत), निफ्टी इन्फ्रा (2.90 प्रतिशत) और निफ्टी रियल्टी (2.89 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ टॉप लूजर्स थे।
इस दौरान केवल निफ्टी आईटी (2.60 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (1.01 प्रतिशत) ही हरे निशान में बंद हुए।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.05 अंक या 1.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,650.50 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,654 अंक या 2.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 53,677.05 पर बंद हुआ।
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