अंतरराष्ट्रीय
मैनचेस्टर वनडे : मैक्सवेल-कैरी के दम पर आस्ट्रेलिया ने जीती सीरीज
मैन आफ द मैच ग्लैन मैक्सवेल (108) और एलेक्स कैरी (106) के बीच छठे विकेट के लिए हुई 212 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी के दम पर आस्ट्रेलिया ने तीसरे वनडे में इंग्लैंड को तीन विकेट से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीत ली। इंग्लैंड ने बुधवार को आस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब शुरुआत से उबरते हुए 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 302 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसे आस्ट्रेलिया ने दो गेंद बाकी रहते हुए सात विकेट खोकर हासिल कर लिया।
इंग्लैंड से मिले 303 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आस्ट्रेलिया की शुरूआत काफी खराब रही और उसने 73 रन के अंदर ही अपने पांच विकेट गंवा दिए।
इन पांच विकेटों में डेविड वॉर्नर(24), कप्तान एरॉन फिंच (12), मार्कस स्टोयनिस ने (4), मार्नस लाबुशैन (20) और मिशेल मार्श (2) के विकेट शामिल हैं।
हालांकि इसके बाद मैक्सवेल और कैरी ने छठे विकेट के लिए मैच जिताउ साझेदारी करके आस्ट्रेलिया को शानदार जीत दिला दी।
मैक्सवेल ने 90 गेंदों पर चार चौके और सात छक्के जबकि कैरी ने 114 गेंदों पर सात चौके और दो छक्के लगाए। मैक्सेवल के करियर का यह दूसरा और सर्वोच्च स्कोर है। वहीं, कैरी के करियर का यह पहला शतक है।
इंग्लैंड को घर में पांच साल बाद पहली बार वनडे सीरीज में हार मिली है। आस्ट्रेलिया ने ही उसे पिछली बार सितंबर 2015 में उसके घर में हराया था।
उनके अलावा पैट कमिंस ने नाबाद चार और मिशेल स्टार्क ने नाबाद 11 रन बनाए।
इंग्लैंड की ओर से क्रिस वोक्स और जोए रूट ने दो-दो जबकि जोफ्रा आर्चर और आदिल राशिद ने एक-एक विकेट लिए।
इससे पहले, जॉनी बेयरस्टो (112), सैम बिलिंग्स (57) और अंत में क्रिस वोक्स (नाबाद 53) की बेहतरीन पारियों के दम पर इंग्लैंड ने खराब शुरुआत से उबरते हुए 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 302 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी लेकिन मिशेल स्टार्क ने उसे वो शुरूआत दी जिसकी मेजबान टीम को उम्मीद नहीं थी। स्टार्क ने पहले ही ओवर की शुरूआती दो गेंदों पर दो विकेट ले इंग्लैंड को भारी दबाव में ला दिया।
उन्होंने पहले ओवर की पहली ही गेंद पर जेसन रॉय (0) आउट किया और फिर अगली गेंद पर जोए रूट को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया। स्टार्क हैट्रिक पर थे लेकिन इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन ने ऐसा नहीं होने दिया।
कप्तान ने बेयरस्टो के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े। एडम जाम्पा की गेंद को मिडऑफ के ऊपर से मारने के प्रयास में वो स्टार्क द्वारा लपके गए।
जाम्पा ने जोस बटलर (8) को भी ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। उनके बाद उतरे बिलिंग्स ने फिर बेयरस्टो का साथ दिया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 114 रनों की साझेदारी की।
अर्धशतक पूरा करने के कुछ देर बाद बिलिंग्स 210 के कुल स्कोर पर जाम्पा का तीसरा शिकार बने। 10 रन बाद बेयरस्टो, पैट कमिंस की गेंद पर बोल्ड हो गए। बेयरस्टो ने अपनी शतकीय पारी में 126 गेंदों का सामना कर 12 चौके और दो छक्के लगाए।
दो सेट बल्लेबाजों के जाने के बाद आस्ट्रेलिया के पास मौका था कि वह इंग्लैंड को कम स्कोर पर रोके, लेकिन वोक्स ने दूसरे छोर से रन गति चालू रखी। टॉम कुरैन (19), आदिल राशिद (नाबाद 11) ने उनका अच्छा साथ दिया। वोक्स ने अपनी नाबाद पारी में 39 गेंदें खेलीं और छह चौके मारे।
आस्ट्रेलिया के लिए स्टार्क और जाम्पा ने तीन-तीन विकेट लिए। कमिंस ने एक सफलता अर्जित की।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय
वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संबंधित सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं हैं। सालों के बाद अमेरिका का कोई आला अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के दौरे को लेकर गहरी चिंता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुरक्षा चिंता की वजह से वेंस को पाकिस्तान ना जाने की सलाह दी है।
फिलहाल यह कन्फर्म नहीं है कि जेडी वेंस इस बैठक में शामिल होने जाएंगे या नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाएंगे।
किसी भी अमेरिकी अधिकारी के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पहले उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों की सक्रियता की वजह से वहां पर किसी भी दूसरे देश के नेता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है।
वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, जब अमेरिका ने खुद इस देश के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की एडवाइजरी जारी की हुई है। इसकी मुख्य वजह आतंकवाद, अपराध और अशांति का खतरा है।
इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से हटा लिया गया था। यही सब कारण हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी के कोई भी नेता या अधिकारी पाकिस्तान जाने से बचते हैं।
पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों और दूतावास पर हमले की कई घटनाएं इतिहास में सामने आई हैं। ताजा मामला, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देखने को मिला था, जब उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेरा और उसमें तोड़फोड़ की। इसके बाद पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट बंद कर दिया गया और कराची और लाहौर में वीजा सेवाएं निलंबित हुईं।
आतंकवाद और सुरक्षा कारणों की वजह से अब तक केवल पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ही पाकिस्तान का दौरा किया, जिनमें ड्वाइट डी. आइजनहावर, लिंडन बी. जॉनसन, रिचर्ड निक्सन, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश शामिल हैं। 2006 के बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया।
हालांकि, इसके पीछे एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का वो हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी है। हालांकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। फिर अमेरिका ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी दूरी आई।
इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाकर रखे हुए है। वहीं 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी के किसी शीर्ष अधिकारी का पाकिस्तान का दौरा होने वाला है।
द संडे गार्जियन के अनुसार, सिक्योरिटी प्लानर्स ने आने वाले डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मोटरकेड सिस्टम तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लॉजिस्टिक्स टीम और इक्विपमेंट लेकर आने के बाद तैयारियां और तेज हो गईं। इस तरह के बड़े इंतजाम इस दौरे की सांकेतिक अहमियत और युद्ध के समय की डिप्लोमेसी से जुड़े असली सुरक्षा खतरों, दोनों को दिखाते हैं।
बीते दिन पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।
ईरानी राजदूत ने अपने पोस्ट में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान के एक डेलिगेशन के पाकिस्तान आने की घोषणा की थी। यह पोस्ट पहले रेजा अमीरी मोगादम के सोशल मीडिया हैंडल पर थी, जो अब नजर नहीं आ रही है। इसकी पीछे की वजह सुरक्षा से संबंधित हो सकती है।
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