राजनीति
उपराज्यपाल चुनी हुई सरकार को बाईपास करके नई-नई जांच बिठा रहे हैं, यह गैरसंवैधानिक: मनीष सिसोदिया
दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल पर कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस संबंध में बकायदा उपराज्यपाल को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल को लिखा है कि आप दिल्ली की चुनी हुई सरकार को बाईपास करके रोज हमारे काम काज पर नई-नई जांच बिठा रहे हैं। आपकी ये सभी जांच गैरकानूनी और गैरसंवैधानिक हैं। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार की शराब नीति समेत अन्य कई फैसलों की जांच के आदेश हाल ही में दिए गए हैं।
दिल्ली सरकार व उपमुख्यमंत्री ने अपने एक आधिकारिक पत्र में उपराज्यपाल से कहा है, ये आदेश सिर्फ राजनीति से प्रेरित हैं ये इसी बात से साबित होता है कि आपके द्वारा अभी तक जितने भी जांच के आदेश दिए गये, किसी में कुछ नहीं निकला। तथाकथित शराब घोटाला, स्कूल घोटाला, बस खरीद घोटाले और ना जाने क्या क्या इस किस्म की फर्ज़ी जांचों से किसी का भला नहीं होता। सभी विभागों का समय बर्बाद होता है और सभी अधिकारियों का मनोबल टूटता है।
उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल से कहा है, मैं आपके संज्ञान में संविधान में दिए गए आपके अधिकारों को पुन रेखांकित करना चाहता हूं। दिल्ली में जमीन, पुलिस, पब्लिक आर्डर और सर्विसेज के अलावा बाकी सभी मामलों में निर्णय लेने का अधिकार दिल्ली की चुनी हुई सरकार को दिया गया है। इन चार विषयों को छोड़कर बाकी सभी मामलों में काम करने, न करने, रोकने या जांच करने का अधिकार संविधान के अनुसार दिल्ली की चुनी हुई सरकार के पास है। माननीय उच्चतम न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली के उपराज्यपाल पुलिस, पब्लिक आर्डर, जमीन के विषयों को छोड़ कर अन्य सभी विषयों पर पर चुनी हुई सरकार की सलाह पर ही काम करेंगे।
मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल से यह भी कहा कि चुनी हुई सरकार कि सहमति बिना आप इनमे से किसी भी विषय पर न तो कोई निर्णय ले सकते हैं, न ही रोक सकते हैं या जांच करा सकते हैं। उप मुख्यमंत्री का कहना है कि उपराज्यपाल को यदि किसी विषय पर जांच करवानी है तो उनको संबंधित मंत्री या मुख्यमंत्री को लिखना होगा। इन चार विषयों को छोड़कर अन्य किसी भी विषय उपराज्यपाल किसी भी अधिकारी को सीधे आदेश नहीं दे सकते।
दिल्ली सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देखने में आ रहा है कि रोजाना चुनी हुई सरकार के निर्णयों के विषय में मुख्य सचिव को आदेश पर आदेश दिए जा रहे हैं। आपके ये आदेश राजनीति से प्रेरित, गैर-कानूनी असंवैधानिक और माननीय उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा उपराज्यपाल के लिए निर्धारित कार्य-क्षेत्र से पूरी तरह से बाहर हैं।
उपराज्यपाल को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, चुनी हुई सरकार को पूरी तरह से बाहर कर आपके द्वारा इस प्रकार मनमर्जी से लिए गए इन निर्णयों का पालन संभव नहीं है। अत मुख्य सचिव को दिये गये ये आदेश वापिस लिए जायें। मेरा आग्रह है कि भविष्य में आप कृपया संविधान के अनुरूप कार्य करें।
राजनीति
देश और मुंबई के लिए खतरा बन चुकी है भाजपा: अतुल लोंढे पाटिल

नई दिल्ली, 24 जनवरी : कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने एक बयान में भारतीय जनता पार्टी को लेकर तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा अब सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश, महाराष्ट्र और खास तौर पर मुंबई के लिए खतरा बन चुकी है।
उनका आरोप है कि पार्टी ने देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाया है और मुंबई तथा महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति को मोड़ दिया है।
लोंढे पाटिल ने मीडिया से कहा, “अगर कोई नया राजनीतिक गठबंधन बनता है, तो यह अच्छी बात हो सकती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या मोहरा राजा से पहले फैसला ले सकता है? शिंदे अपनी लोकप्रियता या काम के दम पर उपमुख्यमंत्री नहीं बने हैं, बल्कि उन्हें भाजपा ने वहां बैठाया है। ऐसे में क्या वे अपने दम पर कोई बड़ा फैसला ले पाएंगे? इसका जवाब ‘न’ है। भाजपा ने सिर्फ एक गुट बनाया है।”
मुंबई को लेकर उन्होंने कहा कि यह शहर योग्यता और गुणों से चलता है। अगर आपके पास गुण हैं, तो आपके पास सब कुछ है। मुंबई सबकी है, और संविधान हर किसी को यहां रहने और आगे बढ़ने की इजाजत देता है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह समाज को भाषा, प्रांत, धर्म, जाति, महिला और पुरुष के आधार पर बांटना चाहती है ताकि लोग असली मुद्दों पर सवाल न पूछें। भाजपा चाहती है कि लोग आपस में लड़ते रहें ताकि कोई यह न पूछे कि धारावी का भविष्य क्या होगा, मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था कब सुधरेगी, कचरा प्रबंधन में हम पीछे क्यों हैं, और सड़कों पर इतने गड्ढे क्यों हैं।
उन्होंने कहा कि जनता को इन बुनियादी सवालों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यही मुद्दे शहर और राज्य की असली तस्वीर दिखाते हैं।
बता दें कि अतुल लोंढे पाटिल वर्तमान में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता और महासचिव के रूप में कार्यरत हैं।
राजनीति
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस : पीएम मोदी ने सीएम योगी को दी शुभकामनाएं, मुख्यमंत्री ने जताया आभार

लखनऊ, 24 जनवरी : उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुभकामनाओं के साथ संदेश भेजा है। पीएम मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा उत्तर प्रदेश आज ‘विकास भी और विरासत भी’ के मंत्र का उत्तम उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संदेश को प्रदेशवासियों के साथ शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के पावन अवसर पर आत्मीय और प्रेरणादायी शुभकामनाओं के लिए आपका हृदय से आभार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी।”
सीएम योगी के नाम अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “आज 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जा रहा है। मैं सभी यूपी वासियों को ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ की हृदय से शुभकामनाएं देता हूं। मैं काशी का सांसद हूं और यूपी के लोगों ने मुझे चुनकर लोकसभा भेजा है, इसलिए यह दिन मेरे लिए और भी विशेष हो जाता है। यूपी के लोगों से मुझे जो प्रेम और आत्मीयता मिली है, वह मेरे लिए बहुत बड़ी पूंजी है। उत्तर प्रदेश की मिट्टी में कुछ खास है। उत्तर प्रदेश ने हमेशा अपने सामर्थ्य से, अपनी प्रतिभा से देश के विकास को गति दी है। मुझे खुशी है कि हमारा उत्तर प्रदेश आज ‘विकास भी और विरासत भी’ के मंत्र का उत्तम उदाहरण बन रहा है।”
पीएम मोदी ने कहा कि यूपी में प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या है, भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा-वृंदावन है और इसी भूमि पर सारनाथ से भगवान बुद्ध का ज्ञान विश्व को प्राप्त हुआ था। उत्तर प्रदेश में ही अनादि काशी भी है, और पवित्र प्रयागराज भी है। अयोध्या के राम मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा-ध्वजारोहण, काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्निर्माण, महाकुंभ का आयोजन और अभी चल रहा माघ मेला यूपी के सांस्कृतिक सामर्थ्य को दर्शाता है। यह सामर्थ्य यूपी में पर्यटन की अपार संभावनाओं को साकार कर रहा है।
उन्होंने पत्र में आगे लिखा, “उत्तर प्रदेश झांसी और मेरठ से लेकर काकोरी तक स्वतंत्रता आंदोलन की उर्वरा भूमि भी रहा है। इस प्रांत की मिट्टी को रानी लक्ष्मीबाई, झलकारीबाई, बेगम हजरत महल, मंगल पांडे, राम प्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद और अश्फाकउल्ला खान जैसी महान विभूतियों की जन्मभूमि और कर्मभूमि बनने का गौरव प्राप्त है। मध्यकाल में राजा सुहेलदेव ने आक्रमणकारियों के आतंक का अंत किया था। इतिहास राजा बिजली पासी के शौर्य का भी साक्षी रहा है।”
उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “ऐसी महान प्रेरक गाथाओं को साथ लेकर उत्तर प्रदेश के लोगों ने अपने श्रम, सामर्थ्य और निष्ठा से राज्य की एक अलग पहचान बनाई है। आज उत्तर प्रदेश तेजी से एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। एक समय ऐसा भी था जब दशकों तक प्रोजेक्ट्स के लंबित रहने के कारण आम लोगों के मन में व्यवस्था के प्रति एक अविश्वास पैदा हो गया था। लेकिन आज, भाजपा सरकार में पुराने प्रोजेक्ट्स भी पूरे हो रहे हैं, और नई परियोजनाएं भी तेजी से पूरी की जा रही हैं। इसमें केंद्रीय स्तर पर होने वाली ‘प्रगति’ की बैठकों की भी अहम भूमिका रही है।”
उन्होंने यह भी लिखा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के बाद अब गंगा एक्सप्रेसवे भी यूपी के विकास को नई रफ्तार देने जा रहा है। उत्तर प्रदेश जल्द ही 21 हवाई अड्डों वाला प्रदेश बनने की राह पर है और देश में सबसे आगे खड़ा है। लखनऊ, वाराणसी और अयोध्या जैसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट दुनिया के लिए हमारे द्वार खोल रहे हैं। जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शीघ्र ही लाखों यात्रियों की उम्मीदों को उड़ान देगा।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ में उत्तर प्रदेश के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने राज्य की मजबूत कानून व्यवस्था को लेकर भी तारीफ की। पीएम मोदी ने आगे कहा कि जनसंख्या की दृष्टि से यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है। जब हम सामूहिक शक्ति से विकास का निर्धारित लक्ष्य लेकर चलेंगे तो यूपी की प्रगति से देश के विकास को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि उन्हें विकास के हर पैरामीटर पर यूपी को नंबर वन बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी संकल्प लें कि यूपी को आत्मनिर्भर अभियान, मिशन मैन्यूफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी सहित विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी बनाएंगे।
फिर से प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अपने पत्र के आखिर में पीएम मोदी ने लिखा, “विकसित उत्तर प्रदेश का यह संकल्प दिन-प्रतिदिन विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति की ऊर्जा बनेगा।”
महाराष्ट्र
‘अगर भाजपा यह सोचती है कि वह शिवसेना को खत्म कर सकती है तो वह गलतफहमी में है,’ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा।

मुंबई: शिवसेना को महज एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक विचार बताते हुए, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा का यह मानना गलत है कि वह शिवसेना को खत्म कर सकती है। शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में शनमुखानंद सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि वे और राज ठाकरे तूफानों और चुनौतियों का सामना करने के आदी हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए ठाकरे ने कहा कि उन्हें देशभर से संदेश मिले हैं जिनमें शिवसेना के संघर्ष की सराहना की गई है।
उन्होंने कहा, “शिवसेना का नाम मिटाने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगे। आपने हाल ही में हुए बीएमसी चुनावों के दौरान इन प्रयासों को विफल कर दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं के बीच पैसे बांटे गए, और दावा किया कि मुंबई के नगर निगम चुनावों के दौरान पहली बार ऐसी प्रथा देखने को मिली।
इस अवसर पर बोलते हुए, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि दिवंगत शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे वर्तमान समय में हिंदुत्व को राजनीतिक रूप से “बेचते” देखकर बेहद दुखी होते।
राज ने कहा कि शिवसेना के संस्थापक ने आत्मसम्मान की भावना जगाकर और यह प्रदर्शित करके कि हिंदू एक सशक्त राजनीतिक शक्ति के रूप में उभर सकते हैं, पूरे देश के हिंदुओं को जागृत किया था। महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए राज ने कहा कि राज्य “गुलामों के बाज़ार” में तब्दील हो गया है। प्राचीन काल से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कभी गुलामों की नीलामी होती थी, उसी प्रकार आज राजनीति में निर्वाचित प्रतिनिधियों की “नीलामी” हो रही है।
“कल्याणडोम्बिवली हो या पूरा महाराष्ट्र, आज जो कुछ हो रहा है वह बेहद दुखद है,” उन्होंने कहा। राज ने आगे कहा कि शायद यह अच्छा ही हुआ कि बालासाहेब अब जीवित नहीं हैं और ऐसी घटनाओं को नहीं देख पा रहे हैं, क्योंकि इससे उन्हें बहुत पीड़ा होती। उन्होंने यह भी कहा कि बालासाहेब ने हिंदुओं को सिखाया कि मतदान को एक राजनीतिक शक्ति के रूप में कैसे इस्तेमाल किया जाए – यह बात भाजपा भी शुरुआत में नहीं समझ पाई थी। “आज वही हिंदुत्व राजनीतिक बाजार में बेचा जा रहा है,” राज ने कहा।
बालासाहेब की कलात्मक प्रतिभा को याद करते हुए राज ने कहा कि उनकी बराबरी कोई नहीं कर सकता था। दंगों या भीषण राजनीतिक उथल-पुथल के समय भी बालासाहेब शांत भाव से कार्टून बनाते थे। उन्होंने कहा, “बाहर उनके बारे में चाहे जो कुछ भी कहा जा रहा हो, उनकी कलम और हास्यबोध कभी कम नहीं हुए।” अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे से राजनीतिक मतभेदों और शिवसेना से अलग होने के अपने फैसले पर विचार करते हुए राज ने कहा कि 20 साल पहले पार्टी छोड़ना केवल एक राजनीतिक कदम नहीं था, बल्कि घर छोड़ने जैसा था।
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