खेल
कोहली को नेट्स में मैच जैसी परिस्थिति में गेंदबाजी करना बहुमूल्य : सैनी
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के तेज गेंदबाज नवदीप सैनी ने कहा है कि विराट कोहली को उन पर काफी भरोसा है और नेट्स में उनको मैच जैसी परिस्थिति में गेंदबाजी करने से उन्हें फायदा हुआ है।
सैनी ने कहा है कि उनकी कोशिश अब अपनी खुद की पहचान बनाने की है।
सैनी ने पिछले साल आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी को प्रभावित किया था। अपने पहले आईपीएल में इस युवा गेंदबाज ने 11 विकेट लिए थे। सैनी के प्रदर्शन से कोहली काफी ज्यादा प्रभावित हुए थे। चूंकि कोहली भारतीय टीम के कप्तान भी हैं तो इससे सैनी को राष्ट्रीय टीम में आने में भी मदद मिली।
सैनी ने दुबई आईएएनएस से कहा, “विराट भईया का मेरे करियर में बड़ा प्रभाव रहा है। मैंने बेंगलोर के साथ पहली बार विराट भईया की कप्तानी में आईपीएल खेला था। वह मेरी बात हर समय सुनते हैं। मैं मैदान पर जो भी करना चाहता हूं वो इसमें मेरा साथ देते हैं।”
हरियाणा के रहने वाले सैनी आसानी से 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार छू लेते हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ लॉडरेहिल में टी-20 पदापर्ण किया था।
उन्होंने कहा, “वह हमेशा मेरी रणनीति पर काम करने और मेरा साथ देने को तैयार रहते हैं। वह मुझमें काफी विश्वास करते हैं। नेट्स के दौरान, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं क्योंकि वह एक स्टार बल्लेबाज हैं और उनको गेंदबाजी करने के बाद आप अपने आप को परख सकते हैं। यह और अच्छी बात है कि वह भारतीय टीम में मेरे कप्तान हैं। इसलिए हम दोनों की जुगलबंदी भारतीय टीम के लिए खेलते समय में भी जाहिर होती है। वह मुझे जानते हैं और समझते हैं। उनका मुझ पर काफी विश्वास है।”
सैनी ने बताया, “वह नेट्स में भी जुझारूपन बनाए रखते हैं। वह काफी आक्रामक हैं और पूरे जुनून के साथ बल्लेबाजी करते हैं। इसलिए वो इस तरह से बल्लेबाजी करते हैं जैसे मैच में कर रहे हों। मुझ में भी वो अतिरिक्त ऊर्जा आती है और मैं अपनी योग्यता दिखाने का थोड़ा अधिक प्रयास करता हूं। इसलिए यह मैच जैसी स्थिति बन जाती है।”
भारतीय टेस्ट टीम का गेंदबाजी आक्रमण इस समय दुनिया के सबसे शानदार गेंदबाजी आक्रमणों में से एक है और सैनी ने कहा है कि वह हर सत्र के दौरान इसके लिए अपनी योग्यात में सुधार करने पर ध्यान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मैं टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए काफी मेहनत कर रहा हूं। मैंने टेस्ट पदार्पण के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की है, लेकिन मैं एक बेहतर तेज गेंदबाज बनने के लिए मेहनत कर रहा हूं। मैं हर अभ्यास सत्र में नई चीजें सीखना चाहता हूं।”
बीसीसीआई द्वारा बनाए गए कोविड-19 नियमों के मुताबिक, यूएई पहुंचने के बाद सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को अनिवार्य छह दिन के क्वारंटीन से गुजरना पड़ा था। क्वारंटीन समय में पहले, तीसरे और छठे दिन आर-टी पीसीआर टेस्ट हुए थे।
सैनी ने कहा, “बायो बबल में खेलना काफी मुश्किल है। लेकिन आईपीएल में सबसे बड़ी चुनौती पूरे विश्व के महान खिलाड़ियों के सामने अच्छा प्रदर्शन करना है। यह काबिलियत दिखाने का अच्छा मंच है। मुझे भविष्य में अच्छा करने की उम्मीद है।”
उन्होंने कहा, “आप अपने कमरे में बंद रहते हो। आप मैदान पर नहीं जा सकते, लेकिन आपको इसमें समझदार बनकर रहना चाहिए। आपको माहौल का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहिए, कमरे में ही वर्कआउट करना चाहिए और अपने आप को व्यस्त रखना चाहिए।”
सलाइवा बैन पर सैनी ने कहा, “अगर आप गेंद को चमका नहीं पाते हो तो आपको थोड़ा नुकसान होगा। लेकिन अब जबकि हम सलाइवा का इस्तेमाल नहीं कर सकते तो हमें इसके साथ जल्द से जल्द सामंजस्य बैठाना होगा। यूएई में काफी उमस है। यहां मौसम काफी गर्म है। इसलिए जब आप टीम में आते हो तो, यह मायने नहीं रखता कि आप कुछ समय से नहीं खेले हो।”
बेंगलोर ने अभी तक आईपीएल खिताब नहीं जीता है। सैनी ने कहा कि वह टीम को मैच जिताने के लिए अपनी काबिलियत पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने पहली बार आईपीएल बेंगलोर के साथ खेला और अच्छा किया। इसके बाद मैंने टी-20 और वनडे में पदार्पण किया। एक अच्छी बात यह है कि मैं तेजी से सीख रहा हूं ताकि मैं अपनी योग्यता में पैनापन ला सकूं और अपनी टीम के लिए मैच विजयी प्रदर्शन कर सकूं।”
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
राजनीति
पश्चिम बंगाल चुनाव : अमित शाह ने भाजपा का ‘भरोसा पत्र’ किया जारी, हर वर्ग को मिलेगा लाभ

amit
कोलकाता, 10 अप्रैल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने शुक्रवार को चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसे पार्टी ने ‘भरोसा पत्र’ नाम दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में इस संकल्प पत्र का अनावरण किया।
घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं और किसानों समेत सभी प्रमुख वर्गों को ध्यान में रखा गया है। इसमें कई योजनाओं और नकद सहायता के वादे भी शामिल हैं।
इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि यह संकल्प पत्र बंगाल को निराशा से बाहर निकालने का रास्ता दिखाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह दस्तावेज कानून का राज स्थापित करने, रोजगार बढ़ाने और ‘सोनार बंगला’ के निर्माण का भरोसा देता है। उन्होंने कहा, “यह संकल्प पत्र बंगाल के विकास का रोडमैप है, जो हर वर्ग के लोगों को नई दिशा देगा।”
अमित शाह ने राज्य की सत्ताधारी टीएमसी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता पहले वामपंथी सरकार से परेशान होकर ममता बनर्जी को सत्ता में लाई थी। फिर उन्हें दूसरी और तीसरी बार भी मौका दिया गया लेकिन सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासन में ‘सिंडिकेट राज, गुंडाराज और घुसपैठ’ जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। अमित शाह ने कहा कि आज वही जनता, जिसने कभी ममता बनर्जी का समर्थन किया था, अब खुद को असुरक्षित और निराश महसूस कर रही है और बदलाव चाहती है।
संकल्प पत्र को लेकर अमित शाह ने कहा कि यह किसानों को कृषि संकट से उबारने, बेरोजगार युवाओं को अवसर देने और महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने की दिशा में काम करेगा। साथ ही यह बंगाल की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने वाले हर नागरिक को नई उम्मीद और भरोसा देगा।
उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन के अनुरूप तैयार किया गया है और बंगाल के लिए विकास का स्पष्ट रोडमैप पेश करता है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि घुसपैठ के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ लागू होगी। मैं लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि हम घुसपैठियों की पहचान करेंगे, उन्हें सूची से हटाएंगे और देश से बाहर भेज देंगे। सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिलेगा और सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जाएगा। भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में कुर्माली और राजबोंगशी भाषाओं को शामिल किया जाएगा। चावल, आलू और आम की खेती के लिए सहायता दी जाएगी। पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत सभी मछुआरों का पंजीकरण किया जाएगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल को एक अग्रणी औद्योगिक और मछली-निर्यात केंद्र बनाया जाएग।
उन्होंने कहा कि भाजपा हर महिला को 3,000 रुपए देगी। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी और बेरोजगार युवाओं को 3,000 रुपए दिए जाएंगे। ‘आयुष्मान भारत योजना’ के साथ-साथ केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को लागू किया जाएगा। मुफ्त एचपीवी टीकाकरण, ब्रैस्ट कैंसर की जांच (स्क्रीनिंग), उत्तरी बंगाल में एम्स, आईआईटी और आईआईएम की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही एक ‘वंदे मातरम संग्रहालय’ की स्थापना की जाएगी और धार्मिक रीतिरिवाजों के पालन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने वाला कानून बनाया एगा।
अंतरराष्ट्रीय
वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संबंधित सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं हैं। सालों के बाद अमेरिका का कोई आला अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के दौरे को लेकर गहरी चिंता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुरक्षा चिंता की वजह से वेंस को पाकिस्तान ना जाने की सलाह दी है।
फिलहाल यह कन्फर्म नहीं है कि जेडी वेंस इस बैठक में शामिल होने जाएंगे या नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाएंगे।
किसी भी अमेरिकी अधिकारी के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पहले उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों की सक्रियता की वजह से वहां पर किसी भी दूसरे देश के नेता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है।
वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, जब अमेरिका ने खुद इस देश के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की एडवाइजरी जारी की हुई है। इसकी मुख्य वजह आतंकवाद, अपराध और अशांति का खतरा है।
इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से हटा लिया गया था। यही सब कारण हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी के कोई भी नेता या अधिकारी पाकिस्तान जाने से बचते हैं।
पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों और दूतावास पर हमले की कई घटनाएं इतिहास में सामने आई हैं। ताजा मामला, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देखने को मिला था, जब उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेरा और उसमें तोड़फोड़ की। इसके बाद पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट बंद कर दिया गया और कराची और लाहौर में वीजा सेवाएं निलंबित हुईं।
आतंकवाद और सुरक्षा कारणों की वजह से अब तक केवल पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ही पाकिस्तान का दौरा किया, जिनमें ड्वाइट डी. आइजनहावर, लिंडन बी. जॉनसन, रिचर्ड निक्सन, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश शामिल हैं। 2006 के बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया।
हालांकि, इसके पीछे एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का वो हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी है। हालांकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। फिर अमेरिका ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी दूरी आई।
इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाकर रखे हुए है। वहीं 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी के किसी शीर्ष अधिकारी का पाकिस्तान का दौरा होने वाला है।
द संडे गार्जियन के अनुसार, सिक्योरिटी प्लानर्स ने आने वाले डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मोटरकेड सिस्टम तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लॉजिस्टिक्स टीम और इक्विपमेंट लेकर आने के बाद तैयारियां और तेज हो गईं। इस तरह के बड़े इंतजाम इस दौरे की सांकेतिक अहमियत और युद्ध के समय की डिप्लोमेसी से जुड़े असली सुरक्षा खतरों, दोनों को दिखाते हैं।
बीते दिन पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।
ईरानी राजदूत ने अपने पोस्ट में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान के एक डेलिगेशन के पाकिस्तान आने की घोषणा की थी। यह पोस्ट पहले रेजा अमीरी मोगादम के सोशल मीडिया हैंडल पर थी, जो अब नजर नहीं आ रही है। इसकी पीछे की वजह सुरक्षा से संबंधित हो सकती है।
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